आपका शहर Close
Home ›   Kavya ›   Mere Alfaz ›   Mohabbat bhut zaroori hoti hai.

मेरे अल्फाज़

मोहब्बत बहुत ज़रूरी होती है

Milan sharma

1 कविता

631 Views
अधूरी होके भी पूरी होती है
यार मोहब्बत बहुत जरूरी होती है।

दो अनजाने से गुमराही,जब ऐसे मिल जाते है
आंखों से आंखें मिलती हैं,चेहरे यूं खिल जाते हैं।
नम आंखों में प्यारे प्यारे, सपने पलने लगते हैं
फिर इक दूजे का दर्द लिए, वो साथ में चलने लगते हैं।
तब लगता है एक अधूरी चाहत पूरी होती है,
यार मोहब्बत बहुत ज़रूरी होती है।।

छोटी छोटी बातों पे जब ,वो गुमसुम हो जाते हैं
सीने से लगाकर तकिया, फिर वो चुपके से सो जाते हैं।
सिसक सिसक कर जब वो लडका, रोते रोते सोता है,
वो लड़की चैन नहीं पाती, दर्द उसे भी होता है।
जाने अनजाने में गलती, फिर दोनों से होती है,
यार मोहब्बत बहुत ज़रूरी होती है।।

वक़्त करवटें लेता है, मजबूरी सामने आती है
मां बाप नहीं अब मानेंगे, ये बात उसे बतलाती है।
इतना सुनके वो लड़का, सदमे से भर जाता है,
बाहर से ज़िंदा रहता है, वो अंदर से मर जाता है।
माफ़ करना यार मुझे, वो लड़की उसको कहती है
जल जाती है अंदर से, जब दर्द वो इतना सहती है।

बातों ही बातों में जाने, कब दोनों खो जाते हैं
आपस में आंखों में डूबके, चुपके से रो जाते हैं।
जितने पास वो होते हैं, अब उतनी ही दूरी होती है,
यार मोहब्बत क्युं ज़रूरी होती है।।

फिर अधूरी होके भी पूरी होती है,
यार मोहब्बत बहुत जरूरी होती है।।


- हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

आपकी रचनात्मकता को अमर उजाला काव्य देगा नया मुक़ाम, रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें
सर्वाधिक पढ़े गए
Top
Your Story has been saved!