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मेरे अल्फाज़

गुरु की महिमा अपरम्पार

MOHD TASVIRUL ISLAM

69 कविताएं

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गुरु की महिमा अपरम्पार
शिक्षा के हैं ये भंडार
करते हैं उपकार सभी का
ज्ञान से करते बुद्धि श्रृंगार

बच्चों में ऊर्जा भर देते
अपने ज्ञान के कौशल से
शिक्षण से विद्वान बनाते
बुद्धि का करते विस्तार

बच्चों की प्रतिभा पहचान
करते रहते उसपर काम
खूब तपा कर भट्ठी में
बना ही देते हैं गुणवान

मात-पिता के तुल्य गुरु
ईश्वर के समकक्ष गुरु
गुरु ज्ञान के हैं भंडार
हृदय से उनको नमन हजार


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