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मेरे अल्फाज़

जय भारत की पावन भूमि

MOHD TASVIRUL ISLAM

69 कविताएं

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जय भारत की पावन भूमि तेरी यश गायें
अपनी है पहचान तिरंगा का परचम फहरायें
हे मातृ भूमि तेरे वैभव की गुंजे अमृत वाणी
मानवता के मन मंदिर मे धर्म ध्वजा लहरायें
जय भारत की पावन भूमि.... ................

ममता की धारा बहे यहाँ से शांति पताका फहरे
मिट जाये सब रोग धरा के ख़ुशी के अंकुर निकले
हरी भरी सुन्दर धरती शमशान ना बन्ने पाये
सदभावों का दीपक दिल से कभी ना बुझने पाये
जय भारत की पावन भूमि.....................

उत्पीडन का नाम ना हो ,मन की भ्रांति दूर भगायें
शोसित जन मानस के मन मे आशा की ज्योती जगायें
मिट जाये द्वेष, कटुता, सब वर्ग भेद की खाई
मिलकर रहें सारे मानुस बन कर भाई भाई
जय भारत की पावन भूमि...................

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