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मेरे अल्फाज़

जीवन का सफर और तपती धूप

MOHD TASVIRUL ISLAM

69 कविताएं

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जीवन का सफर और तपती धूप
चला जा रहा बन मतवाला
खूब पसीना निकल रहा है
मेहनत करता बन दिल वाला
आओ तुम भी कदम बढ़ाओ
अपने मन में अलख जगाओ
काम करो तुम हिम्मत वाला
सेवा जीवन की मधुशाला
दोस्त बनो तुम सच्चा वाला
मदद कर लोगों की बन यार निराला
फिक्र ना कर दौड़ लगा बस
जीवन तेरा भाग दौड़ का जीवन है
उफ ना कर तकलीफ ना देख
जीवन में आगे आगे बढ़ता जा
तुझे सफलता मिल जायेगी
मेहनत से मेहनत करता जा


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