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मेरे अल्फाज़

सबसे बड़ा

Munna Kumar

89 कविताएं

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न कर बड़ा
न पद बड़ा
मुसीबत में
जो साथ खड़ा
वो सबसे बड़ा

न वज़ह बड़ा
न लागत बड़ा
हकीकत में
जो साथ खड़ा
वो सबसे बड़ा

न मान बड़ा
न सम्मान बड़ा
इज्ज़त मेें
जो साथ खड़ा
वो सबसे बड़ा

न जात बड़ा
न धर्म बड़ा
आस्था में
जो साथ खड़ा
वो सबसे बड़ा

न दोस्त बड़ा
न दुश्मन बड़ा
दोष में
जो साथ खड़ा
वो सबसे बड़ा

न कर्म बड़ा
न पैसा बड़ा
ज़रूरत में
जो साथ खड़ा
वो सबसे बड़ा

न जीत बड़ा
न हार बड़ा
रणभूमि में
जो साथ खड़ा
वो सबसे बड़ा

न दुःख बड़ा
न सुख बड़ा
उभय में
जो साथ खड़ा
वो सबसे बड़ा

अनमोल मुन्ना(एकलव्य)
ग्राम कटेया छपरा सारण बिहार

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