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मेरे अल्फाज़

सच्ची बात सच्चे इंसान

Munna Kumar

62 कविताएं

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पहले सहा
बाद में कहा
सच्ची बात की माया
सच्चे इंसान की काया।

उसने चाहा
तुमने न चाहा
पहले सहा
बाद कहा
सच्ची बात की माया
सच्चे इंसान की काया।

कलम दोस्त वहां
आज दुश्मन यहां
सच्ची बात की माया
सच्चे इंसान की काया

टूटा प्रेम दोष कहा
उसने बहुत निबाह
बाद मुख कहा
सच्ची बात की माया
सच्चे इंसान की काया।

अनमोल मुन्ना एकलव्य
ग्राम कटेया छपरा सारण बिहार

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