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मेरे अल्फाज़

ख़ुदा बदलकर देखे

Nathuram Kaswan

1282 कविताएं

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घर बदल के देखे मुल्क बदल के देखे
काम बदल के देखे नाम बदल के देखे

मुरादें करने को मन की अपनी पूरी
लोगों ने अपने ख़ुदा भी बदल के देखे

एन आर कस्वां


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