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मेरे अल्फाज़

निराले कृष्ण

Om prakash

31 कविताएं

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दुनिया के सब भगवानों में
कृष्ण की बात निराली है,
चरायी गाय ग्वालों संग
गेंद जमुना से निकाली है |

गोपियों के वस्त्र चुराये
ग्वालिनों के माखन खाये,
किया जब इन्द्र ने कोप
उंगली पर गोवर्धन उठाये |

सब भांति से भगवान को
मानव का सहकर्मी बनाया,
निज कर्म व आचरण से
पशुपालन का मान बढ़ाया |

धरती ने अभी तक ऐसा
न एक भगवान पाया,
मानव के जीवन में घुल-मिल
जो इतना निकट आया |

श्रम की महत्ता को कृष्ण ने
एक पहचान दिलाई है,
सरलता सहजता से सबको
अपनी लीला दिखलाई है |

--- ओम प्रकाश वर्मा
नया बैरहना प्रयागराज


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