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मेरे अल्फाज़

भारत फिर से मुस्कुराए

Paras birla

1 कविता

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बढ़ती हुई इन मौतों पर आओ हम रोक लगाएं,
कोरोना से लड़ना सीखे ऐसा हम अलख जगाएं।।

पहनो मास्क मुंह पर, हाथों को धोकर साबुन से,
घर में ही रह कर इस महामारी को अपनो से दूर भगाएं।।

इस विकट परिस्थिति में हम सरकार का साथ निभाएं,
देकर जरूरतमंदो को निवाला आगे अपने हाथ बढाएं,

कोरोना योद्धाओं को मिलकर हम सम्मान दिलाएं,
हराकर कोरोना को इस दुनिया से, भारत फिर से मुस्कुराएं।।

~ पारस बिर्ला


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