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मेरे अल्फाज़

कितना सुंदर देश हमारा

Rakesh Kumar

7 कविताएं

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कितना सुंदर देश हमारा,प्राणों से प्यारा।
इस पर सब कुरबान करें हम,आ जाओ यारा।।

इस मिट्टी की खुशबू को हम, मिलकर फैलायें,
बने चमन ये दुनिया सारी,महके जग सारा।

बहे हृदय में प्रेम सदा ही,नदियों के जैसा,
गंगा यमुना सतलज रावी, की निर्मल धारा।

घर-घर में हो दूध मलाई,द्वार रहे गैया,
फोड़ रहा हो मटकी घर में,आँखों का तारा।

रानी लक्ष्मी सी बिटिया के,हाथ तिरंगा हो,
भारत माता की जै जै का,लगता हो नारा।।

© राकेश कुमार,डालटनगंज,झारखण्ड

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