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मेरे अल्फाज़

नमन है तुम्हें भारत

Rita Tiwari

15 कविताएं

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जिस देश की हवा में बहे धर्म की बयार|
दुनिया में है मिसाल जिसकी बोली संस्कार|
मां के लिए सपूत जहां मरने को तैयार|
नमन है तुम्हें भारत, नमन है तुम्हें भारत|
नमन है तुम्हें भारत, नमन है तुम्हें भारत|
हर रंग है यहां पर हर रंग है अनूठा|
सोने की खान भारत जिसे काफिरों ने लूटा|
सब कुछ लुटा के इसका फिर भी है ऊंचा भाल|
नमन है तुम्हें भारत, नमन है तुम्हें भारत|
नमन है तुम्हें भारत, नमन है तुम्हें भारत|
रंगीन है दिवाली रंगीन इसकी होली|
भाषा अनेक जिसकी, जिसकी अनेक बोली|
जिसके है मंदिरों की सारे जहां में शान|
नमन है तुम्हें भारत, नमन है तुम्हें भारत|
नमन है तुम्हें भारत, नमन है तुम्हें भारत|
लेके जन्म यहां पर हम धन्य हो गए|
इस ,रीत, संस्कार से संपन्न हो गए|
हे देव जन्म देकर तूने किया उपकार|
नमन है तुम्हें भारत, नमन है तुम्हें भारत|
नमन है तुम्हें भारत, नमन है तुम्हें भारत|

रीता तिवारी {अध्यापिका},


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