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मेरे अल्फाज़

सवाल किया है तो जवाब भी सुनिए

Salil Saroj

610 कविताएं

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सवाल किया है तो जवाब भी सुनिए
दबी आवाज़ों का इंक़लाब भी सुनिए

सिर्फ़ सिखाते ही मत रहिए बच्चों को
उन की निगाहों का ख़्वाब भी सुनिए

कितना रोक सकेंगे नदी को बांधों में
बलखाती पानी का रूबाब भी सुनिए

सब कुछ लिख डाला अमीरों के नाम
एक दिन ग़रीब का अभाव भी सुनिए

मर्द होके हर बात पे परेशां हो जाते हैं
सहमी हुई औरत का दबाव भी सुनिए

किस तरह से तुमको अच्छा ही सुनाए
हम से कभी तो कुछ खराब भी सुनिए

-- सलिल सरोज


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