आपका शहर Close
Home ›   Kavya ›   Mere Alfaz ›   Samman Chahiye

मेरे अल्फाज़

सम्मान चाहिए

दीपक मेवाती

4 कविताएं

210 Views
वो भी देश के लिये
मैं भी देश के लिए
हथियार उसके पास भी
हथियार मेरे पास भी
उसके पास बंदूक
मेरे पास झाड़ू।

लड़ता वो भी है
लड़ता मैं भी हूं
वो देश के दुश्मनों से
मैं देश के अंदर गंदगी से
तैनाती उसकी भी होती है
तैनाती मेरी भी होती है
उसकी सीमा पर
मेरी गंदी जगहों पर

उसके जैसा भी कोई नहीं
मेरे जैसा भी कोई नहीं
सीमा पर डटे रहना मुश्किल
गटरों में उतरना भी मुश्किल
विशेष वेशभूषा उसकी भी
विशेष वेशभूषा मेरी भी
विपरीत परिस्थितियों में वो रहता है।
विपरीत परिस्थितियों में ही मैं रहता हूं ।
विशेष काम के लिए ही वो जाना जाता है ।
विशेष काम के लिए ही मैं जाना जाता हूँ ।
मरता वो भी देश के लिए है
मरता मैं भी देश के लिए हूं ।
फिर भी अंतर है ।
बहुत अंतर है ।
उसके जीवन में
मेरे जीवन में
उसके प्रति नजरिये में
मेरे प्रति नजरिये में
उसे सम्मान मिलता है ।
मुझे अपमान मिलता है आगे पढ़ें

सर्वाधिक पढ़े गए
Top
Your Story has been saved!