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मेरे अल्फाज़

साहसी मां

Soni Soni

77 कविताएं

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सैनिक बेटे की लाश देख, मां बोली,
"देखो,मेरा बेटा आ गया
शहीद हो कर
तिरंगे में लिपट कर
भारत मां को बचा कर
युद्ध भूमि में हल चल मचा कर
जंग जीत कर
देखो,मेरा लाल
करके कमाल
तीन रंगों में शान से घर आ गया
बहू को मत बताना
पोते,पोती को मत बताना
छोटी बेटी को मत बताना
सब हो जायेंगे बेहोश
मैं रखी हूं धीरज,होश
मेरे जैसा जोश
जब सब में आ जाये तब ही सबको बताना
द्वार पर
रख कर
बेटे की लाश को,
दिल में रख कर
बड़े आस विश्वास को
व वतन के उल्लास को,
हमें है पहले वतन को बचाना
करके रोन धोना,कूई काई करके,शोर मत मचाना
सबसे बोलना बहुत बाद में कि शहीद हो कर
वीर बेटा मेरा
हीरा सा लाल मेरा
तिरंगे में देखो, घर आ गया।"

- सहज

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