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मेरे अल्फाज़

मैंने लिखना चाहा था ख़त में

Tanuja Jha

1 कविता

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मैंने लिखना चाहा था ख़त में,
पर लिख नहीं पाई।
वो बात ज़ुबां पर आई
पर कह नहीं पाई।

वो साथ हुए अर्से छूटे,
तुम्हें याद ना आई।
वो बात हुए बरसों बीते,
मुझे नींद ना आई।

हर पल आए तुम ख्वाबों में,
तुम ना आए।
हरदम आए तुम यादों में,
यादें ना जाएं।

मैंने लिखना चाहा था ख़त में,
पर लिख नहीं पाई।
वो बात ज़ुबां पर आई
पर कह नहीं पाई।


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