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मेरे अल्फाज़

कवि ह्रदय वेदना .....

Yogesh Kumar

26 कविताएं

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कवि ह्रदय वेदना .....

आज के हालात पर
कुछ लिखना चाहता हूँ
कलम उठाता हूूूं, मगर
अल्फ़ाज़ों को लिख
सफा मैं फाड़ देता हूँ

सोचता हूँ लिखा
कुछ अगर मैंने तो
कुछ का कुछ
समझाया जाऊँगा
किसी के पक्ष में तो
विपक्ष में किसी के
ठहराया जाऊँगा
सोशल मीडिया, टी वी पर
सिक्के की तरह
उछाला जाऊँगा
किसी भी पार्टी का
होने से मैं
कैसे बच पाउँगा
किस तरह
निष्पक्ष अपने को
मैं रख पाउँगा

सोचता रहा यही सब
भावनाओं को अपनी मैं
कैसे व्यक्त कर पाउँगा
क्या कुछ मैं लिख पाउँगा ?

योगेश कुमार अग्रवाल


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