आपका शहर Close
Home ›   Kavya ›   Mere Azeez Filmi Nagme ›   Khawahis sahil ki
Khawahis sahil ki

मेरे अज़ीज़ फिल्मी नग़मे

ख्वाहिश साहिल की

Pulkitkavya Sarovar

5 कविताएं

250 Views
तेरी ओर मैं बढ़ चला,
तू कहां रुका हुआ!!
तेरी ओर बढ़ चला ...
तु कहीं रुका हुआ ||
हुआ धैर्य का इम्तिहान....
लगे तू छिपा हुआ !!
तेरी ओर मैं बढ़ चला,
तू कहां रुका हुआ!!

तुझे पाने का एहसास
होने ही लगा है अब मुझे,
ख़्वाहिश है छायी नजरों पे
विश्वास हो गया है अब मुझे |
सुबह की सुहानी सी किरण संग...
सूर्योदय भी अब. हुआ!!!!
अन्तर्मन के सभी तिमिर का ;
निराकरण भी अब हुआ ||

तेरी ओर मैं बढ़ चला,
तू कहां रुका हुआ!!
तेरी ओर बढ़ चला ...
तु कहीं रुका हुआ ||
हुआ. धैर्य का इम्तिहान....
लगे. तू. छिपा. हुआ !!

- हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

आपकी रचनात्मकता को अमर उजाला काव्य देगा नया मुक़ाम, रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें। 
सर्वाधिक पढ़े गए
Top

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
Your Story has been saved!