आपका शहर Close
Home ›   Kavya ›   Viral Kavya ›   Patriotic poem penned by martyr captain kapil
Patriotic poem penned by martyr captain kapil

वायरल

कमी नहीं है मेरे मुल्क में उस पर मर मिटने वालों की... शहीद कैप्टन कपिल कुंडू की देशभक्ति कविता

अमर उजाला काव्य डेस्क, नई दिल्ली

802 Views
एक सैनिक में देशभक्ति का जज़्बा इस कदर होता है कि वह सदैव अपने प्राणों की आहुति देने के लिए तैयार रहता है। जब पूरा देश चैन से सोता है तो हमारे सैनिक रात भर जागकर देश की रक्षा करते हैं। अभी हाल ही में हुए पुलवामा हमलों के बाद से ही देश दहला हुआ है। इस हमले में देश ने अपने कई जाबाज़ सिपाहियों को खो दिया। इससे पहले भी पड़ोसी देश के नापाक मंसूबों की वजह से कई सिपाही शहीद हुए। उन्हीं शहीदों में से एक हैं  कैप्टन कपिल कुंडू, उन्होंने देशभक्ति से ओत-प्रोत इस कविता के ज़रिए सैनिकों के जज़्बे के व्यक्त किया था।


अपने लहू से सिंचा है उन परवानों ने,
यूं ही नहीं ये वादियां जन्नत कहलाती हैं
 
आज भी खड़ी है रुह-ए-आशिक़ इन सरहदों पे,
आज़माना है किसी को अपना ज़ोर तो आए
 
पूछा खुदा ने काफी कत्ल किए हैं उस जहां ने,
बोला, आशिक-ए-वतन हूं गुनाहों की हर सज़ा मंजूर है
 
करके नम अपने चशम, बोले निज़ाम ए आलम,
ऐसे दलेर आशिक से पहली दफा पाला पड़ा है
 
बोला, खुदा कतार बहुत लंबी है अभी आने वालों की,
कमी नहीं है मेरे मुल्क में उस पर मर मिटने वालों की
सर्वाधिक पढ़े गए
Top
Your Story has been saved!