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पहली बार 5 नई आपदाओं के शिकार 522 लोगों को मिला सरकार का साथ, सांप कांटने पर भी मुआवजा

अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: Vikas Kumar Updated Wed, 29 Jan 2020 09:53 PM IST
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सीएम योगी।
सीएम योगी। - फोटो : अमर उजाला

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प्रदेश सरकार का पांच तरह की अन्य दुर्घटनाओं को राज्य आपदा में शामिल करने का निर्णय बड़ा कल्याणकारी साबित हुआ है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस फैसले का तत्काल फायदा सामने आया है। 
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बीते मानसून सीजन में विभिन्न तरह की आपदाओं से 1368 लोगों को जान गंवानी पड़ी। इसमें नई घोषित आपदाओं से जान गंवाने वाले 522 लोग शामिल हैं। इस फैसले से इन आपदाओं से प्रभावित परिवारों को भी चार-चार लाख रुपये की सहायता मिल सकी।


प्रदेश में आंधी-तूफान, अग्निकांड, आकाशीय बिजली गिरने, अतिवृष्टि व बाढ़ के अलावा शीतलहर पूर्व से राज्य आपदा घोषित है। इनमें मौत पर मृतक के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती रही है। लेकिन, बरसात के दौरान सांप काटने से सबसे ज्यादा मौतें होती रही हैं। बाढ़ के दौरान नाव दुर्घटना घट जाती हैं। सीवर सफाई व बोरवेल में गिरने से मौत भी होती रही है। ऐसे मामलों में किसी तरह की निश्चित सहायता की व्यवस्था नहीं थी। 

हाल के वर्षों में वन्य जीवों का मानव क्षेत्र में दखल बढ़ा है और जंगली पशु तमाम लोगों को अपना शिकार बनाते रहे हैं। वन विभाग में 5 लाख रुपये की सहायता की व्यवस्था रही है लेकिन पैसे की कमी से सभी पीड़ित परिवारों को लाभ नहीं मिल पाता था। मौजूदा सरकार ने वर्ष-2018 में अगस्त व अक्तूबर में दो अलग-अलग अधिसूचनाओं के जरिए इन सभी तरह की दुर्घटनाओं को राज्य आपदा घोषित कर दिया। इससे इन दुर्घटनाओं के पीड़ित परिवारों को चार-चार लाख रुपये मुआवजा मिलने का रास्ता साफ हो गया।

इन अधिसूचनाओं के बाद पहला मानसून पिछले साल सितंबर में खत्म हुआ। मई-2019 से सितंबर-2019 के बीच आपदा का दंश झेलने व सरकार की ओर से की गई सहायता की सूचना तैयार कराई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक इस दौरान विभिन्न तरह की आपदाओं से कुल 1368 लोगों की जान गई। अपनों को खोने वाले पीड़ित परिवारों को 4-4 लाख रुपये की सहायता दी गई। लेकिन, खास बात ये है कि जिन 11 तरह की आपदाओं में सरकार ने सहायता दी उनमें सबसे ज्यादा 476 मौतें सांप काटने से हुई। यह पहली बार आपदा के रूप में शामिल की गई थी। 

इसके बाद 337-337 मौतें आकाशीय बिजली गिरने व अतिवष्टि-बाढ़ से हुई। नई आपदाओं को शामिल करने का निर्णय कितना कल्याणकारी रहा, इसका अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि हर आपदा से किसी न किसी को जान गंवानी पड़ी है, लेकिन उसे सरकार का राहत का हाथ मिल सका।

आपदा में नई शामिल 5 दुर्घटनाओं के लाभार्थी
सर्पदंश                            476
नाव दुर्घटना                     10
सीवर एवं गैस रिसाव        10
बोरवेल                            01
मानव वन्य जीव द्वंद्व          25

आपदा में पूर्व से घोषित दुर्घटना के लाभार्थी
अतिवृष्टि                          337
आकाशीय विद्युत            337
आंधी-तूफान                    56
अग्निकांड                        41
अन्य आपदाओं से            74
शीतलहर                        01

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