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कोरोना से बचाएगा तुलसी-लहसुन का अर्क

Amarujala Local Bureauअमर उजाला लोकल ब्यूरो Updated Fri, 27 Mar 2020 06:22 PM IST
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बीबीएयू के प्रो. देवेश कुमार।
बीबीएयू के प्रो. देवेश कुमार। - फोटो : AMAR UJALA
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माई सिटी रिपोर्टर लखनऊ। तेजी से पैर फैला रहे कोरोना वायरस से बचाव के लिए देश-विदेश में शोध चल रहे हैं, ताकि लोगों की जान बचाई जा सके। एक तरफ इसके लिए दवा इजाद की जा रही है तो दूसरी तरफ लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने पर भी काफी काम हो रहा है। इसी क्रम में बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय (बीबीएयू) के भौतिक विज्ञान विभाग के प्रो. देवेश कुमार व उनके शोध छात्रों नरेंद्र कुमार और अनामिका शुक्ला ने आणविक प्रतिरूपण (मॉलिक्यूलर मॉडलिंग) तकनीक के माध्यम से कोरोना से बचाव पर काम किया है। इसमें इन्होंने यह पाया है कि लहसुन व तुलसी के तत्व आपस में मिलकर एक कंपोजिट पदार्थ बनाते हैं। जो कोरोना वायरस के प्रजनन प्रोटीन से परिबद्ध कॉम्पलेक्स बनाकर उसे निष्क्रिय कर सकता है। जिसके परिणामस्वरूप कोरोना वायरस का पुनरुत्पादन बाधित हो सकता है। तुलसी के स्थान पर दालचीनी, अदरक, लौंग का प्रयोग किया जा सकता है क्योंकि तुलसी में प्राप्त तत्व दालचीनी, अदरक और लौंग में भी पाए जाते हैं। दालचीनी, अदरक, तुलसी, लहसुन और लौंग शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में बेहद उपयोगी हैं। प्रो. देवेश कुमार ने कहा है कि यह ऐसी चीज है जो हर आम व्यक्ति की उपलब्धता में है। हमें इन दिनों इन चीजों का सेवन करना चाहिए और अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने का प्रयास करना चाहिए।
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