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आईपीएस अफसर को सौंपी जा सकती है प्रमुख सचिव गृह की कमान

अमर उजाला ब्यूरो,सैयद यासिर रज़ा, लखनऊ Updated Wed, 29 Jan 2020 10:27 PM IST
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आईपीएस अफसर।
आईपीएस अफसर। - फोटो : amar ujala
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प्रदेश में प्रमुख सचिव गृह का पद तेलंगाना और आंध्र प्रदेश की तर्ज पर आईपीएस अफसर को दिया जा सकता है। पुलिस महकमा गुपचुप तरीके से इसकी तैयारी कर रहा है। शासन में बैठे अफसरों में सहमति बनी और मुख्यमंत्री आश्वस्त हुए तो आने वाले दिनों में यूपी को पहला आईपीएस प्रमुख सचिव गृह मिल सकता है। सूत्रों के अनुसार पुलिस महकमे से जुड़ी अहम योजनाओं एवं बजट को समय से और पारदर्शी तरीके से खर्च करने के लिए आईपीएस अफसर को यह पद देने की तैयारी है। 
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वहीं सचिव के पद पर आईपीएस (आईजी स्तर का) अफसर अरसे से तैनात होता रहा है, लेकिन पहली बार एडीजी या डीजी रैंक के अफसर को प्रमुख सचिव गृह बनाए जाने की चर्चा शुरू हुई है। हालांकि इस व्यवस्था से अधिक फर्क नहीं पड़ेगा। क्योंकि अपर मुख्य सचिव गृह का पद बरकरार रहेगा, जिस पर आईएएस अफसर की ही तैनाती रहेगी। अफसरों में इस पर एक राय हुई और मुख्यमंत्री को यह आइडिया पसंद आया तो जल्द ही प्रमुख सचिव गृह के रूप में एक वरिष्ठ आईपीएस अफसर की तैनाती सचिवालय में की जाएगी। हालांकि इस पूरी कवायद को आईएएस लॉबी आईपीएस अफसरों का शिगूफा बता रही है।

सचिव गृह के पद पर नहीं आना चाहता कोई आईएएस
गृह विभाग में एक समय सचिव के चार पद थे। जिसमें तीन आईएएस और एक आईपीएस अफसर तैनात थे। लेकिन पिछले लगभग ढाई साल से गृह विभाग में केवल भगवान स्वरूप के रूप में एक सचिव ही तैनात हैं, जो आईपीएस हैं। मणि प्रसाद मिश्रा और एसके रघुवंशी के रिटायर होने के बाद से कोई भी आइएएस गृह विभाग में सचिव के रूप में तैनात नहीं हुआ है। इससे पहले गृह विभाग में दो सचिव से कम कभी नहीं रहे। 

इसकी एक बड़ी वजह यह भी बताई जा रही है कि यहां पीएसी, कानून व्यवस्था, यातायात, कारागार, प्रमुख स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था के बारे में समन्वय स्थापित करने का काम सचिव स्तर के ही अधिकारी के माध्यम से किया जाता है। इन सब मामलों में कोई अफसर पड़ना नहीं चाहता, जिसके चलते यह पद अरसे से खाली पड़े हुए है। प्रमुख सचिव गृह के पास ही कारागार और गोपन का भी चार्ज रहता है। इन दोनों विभागों का भी काम देखने के लिए भी फिलहाल कोई सचिव नहीं है। 

तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में पहले से है यह व्यवस्था
देश के दो राज्यों तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में प्रमुख सचिव गृह के पद पर आईपीएस अधिकारी की तैनाती की व्यवस्था पहले से है। दोनों राज्यों में भी शासन स्तर पर पुलिस का काम दो भागों में बंटा हुआ है। इसमें एक हिस्सा आईएएस के पास और दूसरा हिस्सा आईपीएस के पास है। आंध्र प्रदेश में 1989 बैच के आईपीएस केआरएम किशोर कुमार प्रमुख सचिव गृह के पद पर कार्यरत हैं। जबकि तेलंगाना में 1990 बैच के आईपीएस रवि गुप्ता प्रमुख सचिव गृह का काम देख रहे हैं। दोनों ही राज्यों में गृह विभाग का मुखिया अपर मुख्य सचिव स्तर का अधिकारी ही है।
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