एलडीए को तोड़ने थे 24000 अवैध निर्माण, दो माह में तोड़ा सिर्फ एक

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Mon, 18 Nov 2019 12:50 PM IST
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एलडीए अवैध निर्माण के खिलाफ कितनी तेजी से कार्रवाई करता है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्हें 24 हजार अवैध निर्माण तोड़ने थे, लेकिन दो माह में सिर्फ एक अवैध निर्माण के खिलाफ ही कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई भी हाईकोर्ट के आदेश पर हुई। एलडीए के खुद के रिकॉर्ड में 24 हजार आदेश अवैध निर्माण तोड़ने के लिए फाइलों में बंद हैं। आरोप है कि एलडीए इंजीनियरों की साठगांठ के चलते कार्रवाई न के बराबर होती है।
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एलडीए के रिकॉर्ड के मुताबिक, हर माह 100 से अधिक आदेश अवैध निर्माण तोड़ने और सील करने के लिए होते हैं। ऐसे में पिछले दो महीने में 200 से अधिक आदेश तोड़ने के लिए हो चुके हैं। इसके उलट सिर्फ एक कार्रवाई तोड़ने के लिए हुई। बाकी आदेश पूर्व की तरफ फाइलों में बंद हैं। अकेली कार्रवाई विजयंतखंड में भूखंड 4/11 पर होटल के अवैध निर्माण पर की गई है। इस अवैध निर्माण को एलडीए पिछले दो महीने से लगातार तोड़ रहा है।
इंजीनियर बोले- मशीन ही नहीं, कैसे तोड़ें अवैध निर्माण
डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह का कहना है कि चार मंजिला या अधिक ऊंचे भवनों को तोड़ने के लिए विशेष मशीनें चाहिए। यह एलडीए में है ही नहीं। प्रशिक्षित टीम भी होनी चाहिए। अधिकारियों को भी इसकी जानकारी है। ऐसे हालात में कार्रवाई करने में परेशानी आती है।

बुरा हाल : वीसी को नहीं मिल रहे ईमानदार जेई
गोमतीनगर के पत्रकारपुरम इलाके में आवासीय में व्यावसायिक गतिविधियां होने से रोकने के लिए पिछले दिनों एलडीए वीसी प्रभु एन सिंह ने खुद एक ईमानदार अवर अभियंता (जेई) की तलाश शुरू की। करीब 100 जेई की तैनाती वाले एलडीए में खुद वीसी को कोई ऐसा ईमानदार जेई नहीं मिला, जिसे वह तैनात कर पाते। खुद मुख्य अभियंता ने किसी तरह एक जेई अंबरीश शर्मा का नाम उन्हें दिया जिन्हें पत्रकारपुरम चौराहा के आसपास के चार खंड का प्रवर्तन का काम दिया गया है।
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तो प्रमुख इलाकों में कोई अवैध निर्माण नहीं

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