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अयोध्या: समाजसेवी बने कोतवाल ने तिहुरा मांझा गांव लिया गोद, शिक्षा, स्वास्थ्य सहित इन मुद्दों पर होगा काम

कोरोना काल में अभाव की जिंदगी जी रहे ग्रामीणों की मदद करने के लिए अयोध्या कोतवाल अशोक सिंह आगे आए हैं। उन्होंने मानवता का फर्ज निभाते हुए कोतवाली क्षे...

12 जून 2021

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Digital Edition

कसता शिकंजा: यूपी एटीएस ने चार और रोहिंग्या को किया गिरफ्तार, मानव और सोना तस्करी में शामिल होने के मिले सुबूत

यूपी एटीएस ने चार और रोहिंग्या को अलग-अलग जिलों से गिरफ्तार किया है। यह रोहिंग्या मानव तस्करी के साथ-साथ सोना तस्करी के कारोबार में शामिल थे। दो दिनों में अब तक छह लोगों को यूपी एटीएस गिरफ्तार कर चुकी है। इसमें अलीगढ़ से तीन, मेरठ से एक और बुलंदशहर के खुर्जा से दो लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने बताया कि सूचना मिली थी कि कुछ लोग म्यांमार के रोहिंग्यों को बांग्लादेश और भारत की अंतरराष्ट्रीय सीमा से अवैध तरीके से भारत की सीमा में प्रवेश करा रहे हैं और बांग्लादेश में रिफ्यूजी कैंप में रहने वाले लोगों को प्रेरित कर उन्हें भारत में अवैध रूप से स्थापित करा रहे हैं।

इतना ही नहीं यह लोग उनके यूएनएचसीआर कार्ड बनवाते हैं जिसके एवज में भारी रकम वसूलते हैं। इसके बाद इन रोहिंग्या को भारत के फर्जी दस्तावेज बनाकर अवैध तरीके से यहां की नागरिकता दिलाने के साथ विभिन्न प्रतिष्ठानों पर काम भी दिला देते हैं। रोहिंग्या को वेतन के रूप में मिलने वाली रकम का मोटा हिस्सा ये लोग खुद वसूल लेते हैं। इसी सूचना पर कार्रवाई करते हुए मेरठ के खरखौन्दा से हाफिज शफीक उर्फ शबीउल्लाह, अलीगढ़ से अजीजुर्रह्मान, बुलंदशहर के खुर्जा से एक मुफिजुर्रह्मान व मोहम्मद इस्माइल को गिरफ्तार किया गया है। 

शफीक बनवाता था फर्जी आईडी
प्रशांत कुमार ने बताया कि हाफिज शफीक इन सब का सरगना है। वही लोगों के फर्जी दस्तावेज बनवाने में मदद करता था। शफीक खुद रोहिंग्या है और उसने भारत के पते पर पासपोर्ट बनवा कर विदेश की यात्रा भी कर चुका है। इसके अलावा अन्य कई रोहिंग्या के फ़र्जी दस्तावेज के जरिए भारतीय पासपोर्ट बनवा कर उन्हें विदेश भेजा गया है। एटीएस इसकी विस्तृत जांच कर रही है।
 
शफीक महिलाओं की तस्करी में भी है शामिल
प्रशांत कुमार ने बताया कि शफीक म्यांमार की रोहिंग्या महिलाओं की तस्करी भी करता है। कई महिलाओं के फ़र्जी दस्तावेज के जरिए पासपोर्ट बनवाये गए और इन महिलाओं को विदेश भी भेजा गया है।

हवाला के जरिए आता था पैसा
सूत्रों का कहना है कि शुरुआती जांच में एटीएस को हवाला के जरिए कारोबार करने के भी सुबूत मिले हैं, जिसका असर देश की अर्थ व्यवस्था पर भी पड़ रहा है। एटीएस इस मामले में गहन छानबीन कर रही है। पकड़े गए आरोपियों को जल्द ही अदालत में पेश किया जाएगा और कस्टडी रिमांड लेकर आगे की पूछ ताछ की जाएगी।
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ats ats

यूपी : शुक्रवार को 291 नए मरीज मिले, 53 संक्रमितों की मौत, लखनऊ छोड़कर अन्य जिलों में 200 से कम केस

प्रदेश में कोरोना संक्रमण में लगातार गिरावट हो रही है। लखनऊ छोड़ अन्य जिलों में एक्टिव केस 200 से कम हो गई है। शुक्रवार को 291 नए मरीज मिले हैं। जबकि 774 लोगों को स्वस्थ होने पर डिस्चार्ज किया गया है। वहीं, प्रदेश भर में 2,91,123 कोविड सैंपल की जांच की गई। इनमें से एक लाख 30 हजार आरटीपीसीआर व अन्य एंटीजन टेस्ट किए गए हैं। इस तरह अब तक 5,47,27,119 कोविड टेस्ट किए जा चुके हैं। 

प्रदेश में कोरोना के कुल 5,343 एक्टिव केस हैं। इनमें से 3,350 मरीज होम आइसोलेशन में हैं। प्रदेश में प्रतिदिन की पॉजिविटी दर 0.1 प्रतिशत है। वहीं रिकवरी रेट 98.4 प्रतिशत है। शुक्रवार को लखनऊ में 30, प्रयागराज में 22, मेरठ में 13, मथुरा में 12, मुजफ्फरनगर व लखीमपुर खीरी में 11-11 और गौतमबुद्ध नगर में 10 मरीज मिले हैं। जबकि अन्य जिलों में 10 से कम मरीज मिले हैं। प्रदेश में बीते 24 घंटे में 53 संक्रमितों की मौत हो गई। इनमें से लखनऊ में नौ, शाहजहांपुर में सात, अयोध्या में पांच, लखीमपुर में चार और मेरठ में तीन लोगों की मौत हुई है। जबकि अन्य जिलों में कहीं एक तो कहीं दो संक्रमितों की मौत हुई है। 

कोरोना के लक्षण हों तो आरटीपीसीआर जांच जरूरी
अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि प्रदेश में कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग अभी जारी रहेगा। निगरानी समितियां घर-घर जाकर संक्रमितों को चिह्नित कर रही है। लक्षण होने पर संबंधित व्यक्तियों को एंटीजन टेस्ट कराया जाएगा। यही नहीं अगर एंटीजन टेस्ट निगेटिव आ रहा है और लक्षण हैं तो उनका आरटीपीसीआर टेस्ट जरूर किया जाएगा। संबंधित को मेडिकल किट भी दी जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 2,06,67,368 लोगों को वैक्सीन की पहली डोज और 39,47,686 लोगों को दूसरी डोज दी जा चुकी है। 18 प्लस आयु वर्ग में 51,81,481 लोगों को वैक्सीन की पहली डोज लगाई जा चुकी है। जून में एक करोड़ टीकाकरण करने का लक्ष्य रखा गया है। 
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यूपी बोर्ड : 12वीं के रिजल्ट का फॉर्मूला तय, हाईस्कूल में 50-50 के आधार पर जारी होगा परिणाम

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाई स्कूल बोर्ड परीक्षा के परीक्षार्थियों को कक्षा 9वीं के 50 प्रतिशत और कक्षा 10वीं प्री-बोर्ड के प्राप्तांक के 10 प्रतिशत अंक देकर परीक्षा परिणाम जारी किया जाएगा। वहीं इंटरमीडिएट के परीक्षार्थियों को 10वीं कक्षा के 50 प्रतिशत, 11वीं कक्षा के 40 प्रतिशत और 12वीं प्री-बोर्ड के प्राप्तांक के दस प्रतिशत अंक देकर परीक्षा परिणाम घोषित किया जाएगा। परीक्षा परिणाम का फॉर्मूला तय करने के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग की अपर मुख्य सचिव आराधना शुक्ला की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने विभिन्न स्तर से रायशुमारी के बाद ड्राफ्ट तैयार किया है।

प्रदेश में कोरोना संक्रमण के चलते हाई स्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा को रद्द किया गया है। प्रदेश सरकार ने हाई स्कूल के 29,94,312 और इंटरमीडिएट के 26,10.316 परीक्षार्थियों को बिना परीक्षा के उत्तीर्ण करने का निर्णय किया है। हाई स्कूल और इंटरमीडिए बोर्ड परीक्षा परिणाम का फॉर्मूला तय करने के लिए एसीएस आराधना शुक्ला की अध्यक्षता में गठित कमेटीृ को 3910 सुझाव मिले हैं। प्रदेश के विधायकों, शिक्षा विदें, अभिभावकों, शिक्षकों ने इसमें सुझाव दिए हैं। सभी सुझावों का अध्ययन कर समिति ने विद्यार्थियों के हित में समिति रिपोर्ट तैयार की है।

इसलिए अलग है यूपी का फॉर्मूला
सीबीएसई में पठन पाठन की प्रक्रिया अलग है। यूपी बोर्ड में पठन-पाठन अलग है। यूपी बोर्ड में पहली बार प्री-बोर्ड परीक्षा हुई है जबकि सीबीएसई में पिछले लंबे समय से प्री-बोर्ड हो रहा है। कृषि, शारीरिक शिक्षा के लिए अलग-अलग फार्मूला होगा। समिति की ओर से तैयार ड्राफ्ट का 20 जून तक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने प्रस्तुतीकरण किया जाएगा। मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद उसे लागू किया जाएगा।

फीस वापस नहीं होगी
बताया जाता है कि हाई स्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड में बिना परीक्षा के उत्तीर्ण होने वाले परीक्षार्थियों को आगामी समय में होने वाली बोर्ड परीक्षा में अंक सुधार का मौका दिया जाएगा। परीक्षार्थी एक विषय या सभी विषय में परीक्षा देकर अपना परिणाम सुधार सकेंगे। उस समय उनसे परीक्षा शुल्क नहीं लिया जाएगा। इसलिए परीक्षार्थियों से लिया गया परीक्षा शुल्क वापस नहीं किया जाएगा।
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यूपी : बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा 18 जुलाई को, परिणाम 5 अगस्त को जारी होगा

बीएड की संयुक्त प्रवेश परीक्षा 18 जुलाई को होगी। परिणाम 5 अगस्त को जारी किया जाएगा। उच्च शिक्षा विभाग ने बृहस्पतिवार को परीक्षा का कार्यक्रम जारी किया है। विभाग के विशेष सचिव मनोज कुमार ने लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति को परीक्षा की तैयारी करने के निर्देश दिए गए हैं। 

मनोज कुमार के अनुसार बीएड प्रवेश परीक्षा में उतीर्ण अभ्यर्थियों की ऑनलाइन काउंसिलिंग 10 अगस्त से होगी। बीएड का सत्र 30 अगस्त से शुरू होगा। उल्लेखनीय है कि पहले 19 मई को परीक्षा प्रस्तावित की गई थी। लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते परीक्षा को स्थगित किया गया था। विभाग ने बीएड प्रवेश परीक्षा की काउंसलिंग में शामिल होने वाले महाविद्यालयों की संबद्धता की अवधि भी 31 जुलाई तक बढ़ाने के आदेश जारी किए है।
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मुख्यमंत्री योगी ने दिए निर्देश, संचारी रोग नियंत्रण अभियान में दिखाएं तत्परता

बीएड
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संचारी रोग नियंत्रण में तत्परता दिखाएं। इसमें किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। बच्चों में संचारी रोगों की  स्क्रीनिंग एवं सर्विलांस का कार्य अभियान वरीयता केअधार पर किया जाए। कोविड नियंत्रण के लिए टेस्ट, ट्रेस और ट्रीट के साथ ही प्रोटोकाल का पालन कराया जाए। पुलिस पेट्रोलिंग करती रहे ताकि कहीं भीड़ इकट्ठी ना होने पाए। वह गुरुवार को टीम 9 की बैठक को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कोरोना संक्रमण नियंत्रित स्थिति में है लेकिन कोरोना वायरस समाप्त नहीं हुआ है। इसलिए संक्रमण की रोकथाम के पूरी सतर्कता एवं सावधानी बरती जाए। इस दौरान अधिकारियों ने बताया कि संदिग्ध संक्रमित व्यक्तियों को मेडिसिन किट उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रदेश के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में 75 कोविड बेड बढाए गए हैं। इसमें 50 बेड आइसोलेशन एवं 25 आईसीयू बेड हैं। इसी तरह पीआईसीयू व एनआईसीयू भी तैयार किए जा रहे हैं।

पांच दिन का आक्सीजन बैकअप
समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में ऑक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता है। विगत 24 घण्टों में 338 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति की गई। अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों तथा रीफिलर्स के पास पांच दिन से अधिक के बैकअप हैं। राज्य में कार्यशील, निर्माणाधीन एवं स्वीकृत कुल ऑक्सीजन प्लांट की संख्या 441 हो गई है। इनमें से 100 ऑक्सीजन संयंत्र क्त्रिस्याशील हो गए हैं।

दो करोड़ को मिली पहली डोज
प्रदेश में अब तक दो करोड़ से अधिक लोगों को कोरोना वैक्सीन की प्रथम डोज दी जा चुकी है। जबकि 39 लाख 11 हजार लोगों को दोनों डोज मिल चुकी है। इसी प्रकार 18 से 44 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को भी अब तक कोरोना वैक्सीन की 50 लाख से अधिक प्रथम डोज दी जा चुकी है। 24 घंटों में 03 लाख 64 हजार 723 लोगों का ट ीकाकरण किया गया है। इस तरह अब तक दो करोड़ 42 लाख 57 हजार से अधिक वैक्सीन लगाई जा चुकी है।
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यूपी : दरोगा बनने के लिए 15 लाख अभ्यर्थियों ने किया आवेदन

पुलिस में दरोगा बनने के लिए पंद्रह लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। अब तक की सबसे लंबी चली आवेदन प्रक्रिया मंगलवार को समाप्त हो गई। कोरोना काल के कारण आवेदन भरने की तिथि उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड ने दो बार बढ़ाई। एक अप्रैल से शुरू हुई आवेदन की प्रक्रिया 15 जून तक चली। 

 प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के अध्यक्ष राज कुमार विश्वकर्मा ने बताया कि प्रदेश में उप निरीक्षक नागरिक पुलिस के 9027 पद, प्लाटून कमांडर के 484 पद और अग्निशमन अधिकारी द्वितीय के 23 पदों के लिए अब तक 15 लाख से अधिक आवेदन आ चुके हैं। उन्होंने बताया उप निरीक्षक के पदों के लिए भर्ती का विज्ञापन 25 फरवरी को निकला था। पहले एक अप्रैल से 30 अप्रैल तक आवेदन मांगे गए थे। लेकिन इसी अवधि में कोरोना की दूसरी लहर शुरू हो गई, जिसके कारण आवेदन की अवधि बढ़ाकर 30 मई तक कर दी गई।

इसके बाद भी अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए 16 दिनों का अतिरिक्त समय दिया गया और 15 जून तक आवेदन की तिथि बढ़ा दी गई। आवेदन की प्रक्रिया को इससे आगे ले जाना संभव नहीं है क्योंकि अभी परीक्षाएं करानी है, दौड़ करानी है और अभिलेखों का सत्यापन कराना है। भर्ती बोर्ड का प्रयास है कि दिसंबर से पहले यह सारी प्रक्रिया पूरी कर ली जाए।
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राममंदिर ट्रस्ट: एक और रजिस्ट्री से साख दांव पर, संघ-सरकार नाराज, अब काशी मॉडल से खरीदेंगे जमीन

श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट राम मंदिर के लिए जमीन की खरीद फरोख्त में अपने ही कारनामों से घिरता जा रहा है। 18 मार्च 2021 को दो करोड़ की जमीन को 18.50 करोड़ रुपये में एग्रीमेंट कराने वाले ट्रस्ट ने उसी दिन लगभग इतनी ही भूमि की रजिस्ट्री मात्र आठ करोड़ में कराई थी। यह रिकॉर्ड सामने आने के बाद ट्रस्ट की ओर से कोई भी कुछ बोलने को तैयार नहीं है।

श्रीरामजन्मभूमि ट्रस्ट ने कुसुम पाठक व हरीश कुमार पाठक उर्फ बाबा हरिदास से गाटा संख्या 242/1, 242/2 में से रकबा 10370 वर्गमीटर की एक रजिस्ट्री 18 मार्च 2021 को आठ करोड़ में कराई है। इसमें भी गवाह के रूप में महापौर ऋषिकेश उपाध्याय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा का नाम दर्ज है। इस भूमि की लोकेशन मुख्य मार्ग से सटी हुई दिखाई गई है। इसके बारे में ट्रस्ट ने अब तक कोई जानकारी नहीं दी थी, जबकि इस भूखंड के पीछे बगैर सड़क मार्ग से जुड़े गाटा संख्या 243, 244 व 246 से 12080 वर्गमीटर भूमि श्रीरामजन्मभूमि ट्रस्ट ने 18.50 करोड़ में एग्रीमेंट कराया। इसी भूमि को महज दस मिनट पहले सुल्तान अंसारी और रवि मोहन तिवारी ने दो करोड़ में रजिस्ट्री कराई थी।

इस नए खुलासे के बाद विरोधियों को ट्रस्ट पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाने की नई संजीवनी मिल जाएगी। हालांकि ट्रस्ट इस मामले में किसी भी तरह की सफाई नहीं देना चाहता है, लेकिन संघ से लेकर सरकार तक यह मुद्दा सामने आने के बाद जिन जिम्मेदारों को भूमि की खरीद फरोख्त का कार्य सौंपा गया था, उनकी विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं।
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यूपी : एक्सपायर ड्राइविंग लाइसेंस 30 सितंबर तक मान्य, परिवहन दस्तावेजों का नवीनीकरण कराने पर नहीं भरना होगा जुर्माना 

आपका ड्राइविंग लाइसेंस एक्सापायर हो गया था, जिसका 30 जून तक नवीनीकरण कराना अनिवार्य था। मगर लगभग डेढ़ माह तक ड्राइविंग लाइसेंस एवं वाहन संबंधी कार्य न होने के कारण आप परेशान थे। तो अब परेशान होने की जरूरत नहीं है। परिवहन मंत्रालय ने उन एक्सपायर परिवहन दस्तावेजों की मान्यता 30 सितंबर तक कर दी, जो 30 जून तक मान्य थे। यानी आप एक्सपायर ड्राइविंग लाइसेंस का 30 सितंबर तक नवीनीकरण करा सकते हैं। 

इस संबंध में परिवहन मंत्रालय के निदेशक डॉ. पीयूष जैन ने 17 जून को पुलिस महानिदेशक, प्रमुख सचिव (परिवहन) और परिवहन आयुक्त को सरकुलर भेज करके आदेश पर अमल करने का कहा है। इन परिवहन दस्तावेजों में प्रमुख रूप से ड्राइविंग लाइसेंस, पंजीयन प्रमाण पत्र, फिटनेस प्रमाण पत्र एवं वाहन परमिट शामिल हैं।
 
मंत्रालय ने परिवहन आयुक्त से यह कहा कि इस संबंध में प्रदेश की सभी प्रवर्तन इकाइयों को निर्देशित किया जाए, कि जांच के दौरान एक्सपायर ड्राइविंग लाइसेंस एवं परमिट पाए जाने पर कोई कार्रवाई नहीं की जाए, जिससे उनको परेशानी का सामना करना पड़े। 

उधर, परिवहन आयुक्त धीरज साहू ने बीते बुधवार को लोगों से अनुरोध किया वह आरटीओ में ड्राइविंग लाइसेंस सहित सभी काम करा सकते हैं। जिसमें ड्राइविंग लाइसेंस, परमिट, फिटनेस प्रमाण पत्र नवीनीकरण आदि के काम शामिल हैं। 
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यूपी में नियंत्रण में कोरोना: 24 घंटे में सिर्फ 336 नए केस मिले, योगी बोले- प्रोटोकॉल का पालन सबकी जिम्मेदारी

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में कोरोना के मामले हर रोज कम होते जा रहे हैं जो कि संतोषजनक है लेकिन हमें यह समझना होगा कि वायरस कमजोर पड़ा है, समाप्त नहीं हुआ। थोड़ी सी लापरवाही बहुत भारी पड़ सकती है। उन्होंने कहा कि कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करना सभी की जिम्मेदारी है। अब तक कुल 16 लाख 75 हजार 685 लोग कोविड संक्रमण से मुक्त होकर स्वस्थ हो चुके हैं।

बता दें कि उत्तर प्रदेश में बीते 24 घंटे में एक ओर जहां 02 लाख 90 हजार 234 सैम्पल टेस्ट हुए, वहीं मात्र 336 नए पॉजिटिव केस आये और 685 लोग स्वस्थ होकर डिस्चार्ज भी हुए। बीते 24 घंटे में पॉजिटिविटी दर 0.1 फीसदी रही, जबकि रिकवरी दर 98.4% हो चुकी है। उत्तर प्रदेश में अब तक 05 करोड़ 44 लाख 36 हज़ार 119 कोविड टेस्ट हो चुके हैं।

वहीं, प्रदेश में कोविड टीकाकरण की पहली डोज प्राप्त कर चुके लोगों की संख्या दो करोड़ से अधिक हो चुकी है, जबकि 39 लाख 11 हजार लोगों को दोनों डोज मिल चुकी हैं। 18 से 44 आयु वर्ग के 50 लाख 81 हजार युवाओं को वैक्सीन कवर मिल चुका है। विगत 24 घंटों में 03 लाख 64 हजार 723 लोगों ने टीका-कवर प्राप्त किया। इस तरह अब तक 02 करोड़ 42 लाख 57 हजार से अधिक वैक्सीन लगाई जा चुकी है। 

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सभी तरह की परिस्थितियों का सामना करने के लिए तैयार है। प्रदेश ऑक्सीजन जेनेरेशन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर हो रहा है। कल 5 और प्लांट की स्वीकृति दी गई है। प्रदेश में 441 ऑक्सीजन प्लांट स्थापित की स्थापना की जा रही है। इनमें से लगातार प्रयासों से अब 100 ऑक्सीजन प्लांट क्रियाशील हो चुके हैं। प्लांट स्थापना से जुड़े कार्यों की सतत समीक्षा की जाए। इस संबंध में भारत सरकार से समन्वय बनाए रखा जाए। 50 बेड से अधिक सभी अस्पताल ऑक्सीजन की आवश्यकता के लिहाज से आत्मनिर्भर होंगी।
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