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ढाई साल बाद शनि बदलेंगे अपनी राशि , कुदृष्टि से बचने के लिए शनि शिंगणापुर मंदिर में कराएं तेल अभिषेक : 14-दिसंबर-2019
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इन आईपीएस ने मुश्किल वक्त में बेहतर रणनीति बनाकर खुद को किया साबित, साथियों का रखते थे खास ध्यान

आईपीएस गुरुदर्शन सिंह की अलग पहचान थी। संवेदनशील हालात से निपटने के लिए उनके पास हमेशा बेहतर रणनीति रहती थी।

2 दिसंबर 2019

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लखनऊ

शनिवार, 7 दिसंबर 2019

केवल दृष्टिहीन ही नहीं अब सभी दिव्यांग अभ्यर्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में मिलेगीं ये सहूलियतें

प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार की तरह राज्य के समस्त दिव्यांग अभ्यर्थियों के प्रति संवेदनशील रुख दिखाते हुए उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं में स्क्राइब, रीडर, प्रयोगशाला सहायक , अतिरिक्त समयव उनके अनुकूल माहौल उपलब्ध कराने का फैसला किया है। अपर मुख्य सचिव कार्मिक मुकुल सिंघल ने इससे संबंधित विस्तृत दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं।

वर्तमान में राज्य लोक सेवा आयोग व अन्य भर्ती आयोगों में लिखित परीक्षाओं में केवल दृष्टिहीन अभ्यर्थियों को कुछ शर्तों व प्रतिबंधों के साथ श्रुत लेखक (लेखन सहायक) की सुविधा व अतिरिक्त समय दिया जा रहा है। लेकिन केंद्र सरकार ने 40 प्रतिशत या इससे अधिक दिव्यांग समस्त अभ्यर्थियों को लेखन सहायक सहित तमाम सुविधाएं देने की व्यवस्था लागू की है। राज्यों को भी इसे लागू करने का निर्देश दिया गया था।

प्रदेश सरकार ने राज्य के सभी तरह के दिव्यांगों को आगे बढ़ने का अवसर देने के लिए केंद्र की व्यवस्था प्रदेश में पूरी तरह से लागू करने की मंजूरी दे दी है। इसके अंतर्गत राज्य लोक सेवा आयोग, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग व अन्य संस्थाओं द्वारा आयोजित प्रतियोगी परीक्षाओं में 40 प्रतिशत अथवा इससे अधिक सीमा के दिव्यांग समस्त अभ्यर्थियों को स्क्राइब, रीडर, प्रयोगशाला सहायक आदि की सुविधा देने का आदेश जारी कर दिया है।

दिव्यांगों के लिए उच्च मानक की कई अतिरिक्त सुविधाओं का भी किया एलान किया गया है।
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सिंचाई विभाग के कर्मचारियों ने कब्जा करा दी शारदा नहर की करोड़ों की जमीन 

सिंचाई विभाग के कर्मचारियों ने पीजीआई के कल्ली पश्चिम में स्थित शारदा नहर की करोड़ों की 2.558 हेक्टेयर जमीन बिल्डर को कब्जा करा दी। अधिकारियों ने जांच शुरू की तो हकीकत सामने आई। मामले में शुक्रवार को सिंचाई विभाग के जिलेदार की तहरीर पर विभाग के छह कर्मचारियों व बिल्डर के निदेशक के खिलाफ पीजीआई थाने में जालसाजी, सरकारी संपत्ति हड़पने का मुकदमा दर्ज किया गया। शासन के निर्देश पर छह में से चार कर्मचारियों को निलंबित कर दो के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की गई है।

सिंचाई विभाग के तृतीय उपखंड के जिलेदार अनिल कुमार शुक्ला के मुताबिक कल्ली पश्चिम में शारदा नहर गुजरती है। इसके पास ही ओमेक्स लि. ने अपार्टमेंट बनवाया है। कर्मचारियों ने जालसाजी करते हुए नहर की 2.558 हेक्टेयर जमीन सड़क बनाने के लिए बिल्डर को कब्जा करा दी। जांच में पता चला कि इसमें तत्कालीन अधीक्षण अभियंता विद्यासागर सिंह, अधिशासी अभियंता योगेश रावल, सहायक अभियंता एसएन मौर्य, उप राजस्व अधिकारी कृष्ण गोपाल, जिलेदार देवी प्रसाद सिंह, सींचपाल केशव मणि त्रिपाठी ने अहम भूमिका निभाई। जिलेदार ने शासन के निर्देश पर सभी अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ ही ओमेक्स लि. के निदेशक के खिलाफ तहरीर दी, जिस पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
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यूपीपीसीएल के पीएफ घोटाले में बड़ी कार्रवाई, सात और लोगों को किया गया गिरफ्तार

यूपी पावर कॉर्पोरेशन कर्मियों की भविष्य निधि (पीएफ) के अनियमित निवेश के मामले में ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा) ने शुक्रवार को सात और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें एक चार्टर्ड अकाउंटेंट, डीएचएफएल के तत्कालीन क्षेत्रीय सेल्स मैनेजर व फर्जी ब्रोकर फर्मों के संचालक शामिल हैं।

इस मामले में जांच एजेंसी पूर्व में यूपीपीसीएल के पूर्व प्रबंध निदेशक एपी मिश्र, वित्त निदेशक सुधांशु त्रिवेदी, सचिव पीके गुप्ता, गुप्ता के बेटे अभिनव व उसके मित्र फर्जी ब्रोकर कंपनी के संचालक आशीष चौधरी को गिरफ्तार कर चुकी है। ईओडब्ल्यू के महानिदेशक आरपी सिंह ने बताया कि इस मामले में पावर कॉर्पोरेशन के कई अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों से पूछताछ की थी।

इसके अलावा डीएचएफएल कंपनी, जिसमें पीएफ का निवेश किया गया, से जुड़े लोगों, जिन फर्मों के जरिए निवेश हुआ और जिन्हें कमीशन मिला, उनके संचालकों व कुछ चार्टर्ड अकाउंटेंटों से पूछताछ कर चुकी है।
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मायावती ने की राज्यपाल से मुलाकात, बोलीं - महिला अपराध रोकने के लिए उठाएं सख्त कदम

उन्नाव कांड को लेकर कांग्रेस और पूर्व सीएम अखिलेश यादव के धरना प्रदर्शन के बाद बसपा सुप्रीमो मायावती राज्यपाल से मुलाकात करने राजभवन पहुंचीं। उन्होंने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। और प्रदेश में महिला सुरक्षा पर कड़े कदम उठाने की अपील की।
 
मायावती ने कहा कि उन्नाव की घटना से बहुजन समाज पार्टी काफी दुखी है। एक महिला होने के नाते मैंने इस घटना को गंभीरता से लिया है। पूरे देश में इस प्रकार की घटनाएं हो रही हैं। यूपी में अति हो गई है। उन्होंने कहा उत्तर प्रदेश में महिलाओं का उत्पीड़न बढ़ा है। गंभीरता से लेते हुए मैंने यह महसूस किया है कि प्रदेश की गवर्नर यदि महिला हैं तो महिला होने के नाते वह इस मामले को गंभीरता से लेंगी।
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बसपा सुप्रीमो ने राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन। बसपा सुप्रीमो ने राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन।

उन्नाव केस: पीड़िता के परिजनों से मिलीं प्रियंका गांधी, कहा- एक साल से परिवार को धमाकाया जा रहा था

उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता की मौत के बाद शनिवार दोपहर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने उनकी परियनों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने परिवारवालों को आश्वासन देते हुए कहा कि वो उनके साथ खड़ी हैं और उन्हें न्याय दिलाने में हर संभव सहायता करेंगी।

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि कोई और मुख्यमंत्री होता हो खुद ही घटना की जिम्मेदारी लेता और इस्तीफा दे देता। मुख्यमंत्री योगी को पूरी घटना की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछले एक साल से पीड़िता का परिवार को परेशान किया जा रहा था। मैंने सुना है कि आरोपियों के भाजपा के साथ संबंध हैं, इसीलिए उन्हें अबतक सुरक्षा मिलती रही है। राज्य में अपराधियों के बीच कोई डर ही नहीं है।
 



वहीं पीड़िता की भाभी ने बताया कि प्रियंका गांधी ने उन्हें न्याय की लड़ाई में साथ देने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि हमारी एक ही मांग है कि दोषियों को सजा-ए-मौत की जाए। इसके बाद ही पीड़िता की आत्मा को शांति मिलेगी। प्रियंका दो दिवसीय प्रवास पर लखनऊ आई हुईं थीं, प्रियंका गांधी ने आज के अपने सभी कार्यक्रम निरस्त कर दिए और उन्नाव पहुंचीं।
 


इससे पहले प्रियंका गांधी ने उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता की मौत पर दुख जताया था। उन्होंने ट्वीट करते हुए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पर हमला भी बोला। उन्होंने कई तीखे सवाल किए हैं। 

प्रियंका गांधी ने ट्वीट कर लिखा कि 'मैं ईश्वर से प्रार्थना करती हूं कि उन्नाव पीड़िता के परिवार को इस दुख की घड़ी में हिम्मत दे' उन्होंने आगे लिखा कि 'यह हम सबकी नाकामयाबी है कि हम उसे न्याय नहीं दे पाए। सामाजिक तौर पर हम सब दोषी हैं लेकिन ये उत्तर प्रदेश में खोखली हो चुकी कानून व्यवस्था को भी दिखाता है।'

उन्नाव की पिछली घटना को ध्यान में रखते हुए सरकार को तत्काल पीड़िता को सुरक्षा क्यों नहीं दी गई? जिस अधिकारी ने उसका FIR दर्ज करने से मना किया उस पर क्या कार्रवाई हुई? उप्र में रोज रोज महिलाओं पर जो अत्याचार हो रहा है, उसको रोकने के लिए सरकार क्या कर रही है ?
 

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अंडरपास काम के चलते 10 ट्रेनों का संचालन प्रभावित, इन गाड़ियों को किया गया डायवर्ट

सिंचाई विभाग के ही कर्मचारियों ने बिल्डर को कब्जा करा दी शारदा नहर की करोड़ों की जमीन, छह पर केस

प्रतीकात्मक तस्वीर
सिंचाई विभाग के कर्मचारियों ने पीजीआई के कल्ली पश्चिम में स्थित शारदा नहर की करोड़ों की 2.558 हेक्टेयर जमीन बिल्डर को कब्जा करा दी। अधिकारियों ने जांच शुरू की तो हकीकत सामने आई। मामले में शुक्रवार को सिंचाई विभाग के जिलेदार की तहरीर पर विभाग के छह कर्मचारियों व बिल्डर के निदेशक के खिलाफ पीजीआई थाने में जालसाजी, सरकारी संपत्ति हड़पने का मुकदमा दर्ज किया गया।

शासन के निर्देश पर छह में से चार कर्मचारियों को निलंबित कर दो के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की गई है। सिंचाई विभाग के तृतीय उपखंड के जिलेदार अनिल कुमार शुक्ला के मुताबिक कल्ली पश्चिम में शारदा नहर गुजरती है। इसके पास ही ओमेक्स लि. ने अपार्टमेंट बनवाया है। कर्मचारियों ने जालसाजी करते हुए नहर की 2.558 हेक्टेयर जमीन सड़क बनाने के लिए बिल्डर को कब्जा करा दी।

जांच में पता चला कि इसमें तत्कालीन अधीक्षण अभियंता विद्यासागर सिंह, अधिशासी अभियंता योगेश रावल, सहायक अभियंता एसएन मौर्य, उप राजस्व अधिकारी कृष्ण गोपाल, जिलेदार देवी प्रसाद सिंह, सींचपाल केशव मणि त्रिपाठी ने अहम भूमिका निभाई। जिलेदार ने शासन के निर्देश पर सभी अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ ही ओमेक्स लि. के निदेशक के खिलाफ तहरीर दी, जिस पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
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लखनऊ विश्वविद्यालय में एक साल तक नहीं होगा कोई नया निर्माण

लखनऊ विश्वविद्यालय अगले एक साल तक किसी प्रकार का नया निर्माण शुरू नहीं करेगा। इसके बजाय विवि पुराने भवनों की मरम्मत तथा रखरखाव पर ध्यान देगा। विवि की वित्त समिति में शुक्रवार को इस पर सहमति बनी। वित्त समिति में इसके अलावा कई अन्य मुद्दों पर भी सहमति बनी। विवि के बैंक खाते से 1.39 करोड़ रुपये की निकासी के मामले में बनी जांच समिति की अंतरिम रिपोर्ट भी वित्त समिति के सामने रखी गई।

रिपोर्ट में लेखा विभाग के कामकाज पर टिप्पणी मांगी गई थी। विवि के कार्यवाहक कुलपति शैलेश शुक्ला की अध्यक्षता में हुई वित्त समिति में कहा गया कि कोई नया निर्माण करने के बजाय छात्रावासों, कक्षाओं, शैक्षणिक भवनों की मरम्मत के साथ-साथ विद्यार्थियों की सुविधाओं पर खर्च किया जाएगा। समिति में एक अन्य फैसले के अनुसार कोई भी नया बैंक खाता वित्त समिति या फिर कार्य-परिषद की अनुमति के बगैर न खोलने पर सहमति बनी।

विशेष परिस्थितियों में अगर ऐसा होता है तो फिर एक सप्ताह के भीतर वित्त समिति की बैठक बुलाकर इसकी सूचना दी जाएगी। विवि के शताब्दी वर्ष समारोह के आयोजन के लिए  31 मार्च, 2020 तक होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों के लिए 20 लाख रुपये का प्रावधान करने पर सहमति बनी है। इसके साथ ही 20 दिसंबर तक शताब्दी समारोह के आयोजन की कार्य योजना और उस पर होने वाले अनुमानित व्यय का खाका तैयार करने का निर्देश भी समिति की ओर से दिया गया है।

विधि पुस्तकालय में लिया जाएगा 100 रुपये सदस्यता शुल्क
लखनऊ विश्वविद्यालय के नवीन परिसर स्थित डॉ.आरयू सिंह विधि पुस्तकालय सुबह आठ बजे से खोलने का फैसला किया गया है। इसकी व्यवस्था के लिए प्रति छात्र-छात्रा 100 रुपये सदस्यता शुल्क लेने का फैसला भी वित्त समिति से पास किया गया।
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उन्नाव कांडः सीएम ने दिए निर्देश, दो मंत्री समेत डिप्टी सीएम केशव प्रसाद परिवार से मिलने रवाना

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता की मौत पर दुख जताया है। सीएम योगी ने कहा है कि सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, इस मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में ले जाया जाएगा। 
 

उन्नाव पीड़िता की मौत के बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य और कमल रानी वरुण उन्नाव में पीड़ित परिवार से मिलने के लिए रवाना हो गए हैं। वहीं डिप्टी सीएम केशव मौर्य भी पीड़ित परिवार से मिलने उन्नाव जा रहे हैं।

उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता ने शुक्रवार की रात 11.40 बजे सफदरजंग अस्पताल में दम तोड़ दिया। 44 घंटे तक जिंदगी की जंग लड़ने वाली पीड़िता अपने आखिरी समय में भी आरोपियों को सजा दिलाने की ही बात करती रही।

बता दें कि पीड़िता को गुरुवार देर रात लखनऊ के सिविल अस्पताल से एयरलिफ्ट करके सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पीड़िता ने इलाज के दौरान अपने भाई से  आखिरी बार कहा था कि जिन्होंने मेरी ऐसी हालत की है, उन्हें छोड़ना मत। साथ ही उसने यह भी कहा था कि अभी वह मरना नहीं चाहती है।

गौरतलब है कि उन्नाव में गुरुवार को दुष्कर्म पीड़िता पर आरोपियों ने पेट्रोल डालकर उसे जलाकर मारने की कोशिश की। इसमें पीड़िता 90 फीसदी जल गई थी। चश्मीदीदों के मुताबिक पीड़िता आग लगने के बाद करीब एक किमी तक मदद की गुहार लगाते हुए दौड़ती रही थी। यहां तक की उसने खुद ही 112 पर फोन कर पुलिस को घटना की जानकारी दी थी, जिसके बाद वहां पुलिस की टीम और एंबुलेंस पहुंची थी।
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लखनऊः भ्रष्टों को बचाने व फर्जी भुगतान करने के आरोप में पराग के महाप्रबंधक निलंबित

प्रादेशिक कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन (पीसीडीएफ) के लखनऊ दुग्ध संघ (पराग) के महाप्रबंधक (प्रशासन)  हंस वीर वर्मा को भ्रष्ट अधिकारियों-कर्मचारियों को बचाने व फर्जी भुगतान करने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। पीसीडीएफ के प्रबंध निदेशक एवं प्रशासनिक समिति के अध्यक्ष बीएल मीना ने उन्हें निलंबित करते हुए गोंडा में संबद्ध कर दिया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चार दिसंबर को पीसीडीएफ की समीक्षा के दौरान भ्रष्ट अधिकारियों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। महाप्रबंधक को विभिन्न कार्य मदों में मानकों से अधिक खर्च करने, उत्तरदायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतने का प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया है।

इन आरोपों की नए सिरे से जांच के लिए जल्द ही अलग से अधिकारी की नियुक्ति होगी। निलंबन आदेश में कहा गया है कि महाप्रबंधक हंस वीर वर्मा पर गंभीर आरोप हैं। जांच में आरोप सिद्ध होने पर उनको बर्खास्त/पदावनत भी किया जा सकता है।
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लखनऊः जाम में फंसे मरीज, अस्पताल पहुंचते-पहुंचते थम गईं सांसें

केस 1
हरदोई के संडीला निवासी तेज प्रकाश (65) को दिल का दौरा पड़ा। परिवारीजन उन्हें लेकर केजीएमयू के लारी कार्डियोलॉजी आ रहे थे। बेटे विक्रम ने आरोप लगाया कि सुबह 11 बजे चौक चौराहे से केजीएमयू के गेट तक जाम लगा था। वहां से दंत संकाय होते हुए लारी कार्डियोलॉजी पहुंचने में आधे घंटे से ज्यादा समय लग गया। लारी पहुंचे तो डॉक्टरों ने तेज प्रकाश को मृत घोषित कर दिया।

केस 2-
पैरालिसिस के मरीज बाराबंकी के इस्लामुद्दीन (70) को परिवारीजन निजी अस्पताल ले गए। वहां से केजीएमयू रेफर कर दिया गया। कमिश्नर कार्यालय होते हुए केजीएमयू आते वक्त सूरजकुंड पार्क के पास स्थित चौराहे और लिंब सेंटर के सामने जाम में एंबुलेंस करीब 40 मिनट फंसी रही। यहां से कि सी तरह आगे बढ़े तो शताब्दी अस्पताल के आगे एंबुलेंस एक बार फिर जाम में 20 मिनट फंसी रही। ट्रॉमा सेंटर की कैजुल्टी पहुंचे तो चिकित्सक ने मरीज को मृत घोषित कर दिया।

केजीएमयू परिसर के आस-पास मुख्य मार्ग पर दुकानें और बेतरतीब वाहन खड़े होने से लग रहा जाम किस तरह मरीजों की जान ले रहा है, इसकी बानगी ये मामले हैं। कई बार ग्रामीण इलाकों से मरीज केजीएमयू परिसर के पास तक तो समय से पहुंच जाते हैं, लेकिन ट्रॉमा सेंटर के अंदर दाखिल होने में आधे से एक घंटे का वक्त लग जाता है। परिसर से सटी बाउंड्री के आसपास सजी दुकानें तो दूसरी ओर गेट के बाहर खड़ी रहने वाली निजी एंबुलेंस समस्या बढ़ा रही हैं।
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आर्म्स एक्ट में संशोधन लागू होने के बाद बढ़ेगा सजा का प्रावधान, देखें क्या होंगे नए नियम

अवैध असलहे बनाने, बेचने या रखने के आरोपियों को अब सात साल की जेल से लेकर उम्रकैद तक की सजा होगी। वहीं, हर्ष फायरिंग में कई बार निर्दोष की जान तक चली जाती है और कई पीड़ित आजीवन दिव्यांगता का दंश झेलते हैं। इसे देखते हुए हर्ष फायरिंग के आरोपी का शस्त्र लाइसेंस निरस्त किए जाने के साथ ही उस पर एक लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जाएगा व दो साल तक जेल की सजा भुगतनी होगी।  

गृह मंत्रालय की ओर से आर्म्स एक्ट 1959 में संशोधन के लिए संसद में प्रस्तुत होने वाले बिल में ये प्रावधान किए गए हैं। बिल पर सभी राज्यों की राय जानने के बाद इसे संसद में प्रस्तुत किया जाएगा। इसमें शस्त्रों की ऑनलाइन ट्रैकिंग को अनिवार्यता के साथ लागू करने का भी प्रावधान किया गया है। इससे हथियार बनाने वालों से लेकर बेचने वालों तक की पहचान आसानी से हो सकेगी।

नए नियमों के तहत कुछ विशेष परिस्थितियों को छोड़कर एक व्यक्ति अपनी सुरक्षा के लिए सिर्फ एक लाइसेंसी शस्त्र ही रख सकेगा। जिनके पास एक से अधिक असलहे और लाइसेंस हैं, उन्हें बाकी लाइसेंस व शस्त्र जमा कराने होंगे। शस्त्र जमा कराने के 90 दिन में लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई तय होगी।

आर्म्स एक्ट में संशोधन के लिए सार्वजनिक ड्राफ्ट पर प्रदेश सरकार ने जिला प्रशासन से भी सुझाव मांगे हैं। शस्त्र अनुभाग प्रभारी व एडीएम सिटी पश्चिम संतोष कुमार वैश्य ने बताया कि प्रस्तावित संशोधन में शस्त्र लाइसेंस की अवधि तीन साल से बढ़ाकर पांच साल करने का प्रावधान भी शामिल है। वहीं, सभी लाइसेंसधारियों के लिए सरकार की ओर से प्रमाणित किसी राइफल क्लब का सदस्य होना भी अनिवार्य होगा।
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