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मध्य प्रदेश

बुधवार, 8 अप्रैल 2020

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिया जलाने वाले संदेश का कांग्रेस विधायक ने किया समर्थन

मध्य प्रदेश में कांग्रेस के एक विधायक ने प्रधानमंत्री मोदी के आज रात नौ बजे नौ मिनट के लिए 'दिया जलाने' के आह्वान का समर्थन किया है। ग्वालियर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के प्रतिनिधि प्रवीण पाठक ने सोशल मीडिया पर पूर्व प्रधानंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की कविता के जरिए कहा है कि यही एकता प्रदर्शित करने का समय है।

नवंबर 2018 में विधानसभा चुनाव में भाजपा के तीन बार के विधायक और मंत्री रहे नारायण सिंह कुशवाह को हराकर पहली बार विधायक बने पाठक ने रविवार को ट्विटर पर एक वीडियो संदेश अपलोड करके कहा, 'लोकतांत्रिक देश के नागरिक होने नाते देश के मुखिया की अपील के सम्मान में दलगत राजनीति से ऊपर उठकर रविवार की रात 9 बजे 9 मिनट के लिए एक दीप जरूर जलाएं। राष्ट्र प्रथम होना चाहिए, जीवन में उसके उपरांत, कुछ और उसके बाद।' 

इसके साथ उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की कविता की एक पंक्ति, आओ फिर से दिया जलाएं लिखी है। इस बारे में पूछे जाने पर कांग्रेस विधायक प्रवीण पाठक ने कहा, 'यह देश की एकता की बात है और हर मामले को राजनीति की दृष्टि से नहीं देखना चाहिए।.... (मैंने) देश के मुखिया यानि प्रधानमंत्री का समर्थन किया है, किसी व्यक्ति विशेष का नहीं और इसका गलत अर्थ नहीं निकाला जाना चाहिए।'
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मध्यप्रदेश में नहीं होगा कोई कार्यक्रम, आदेश ना मानने पर होगी जेल

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तेजी से फैल रहे कोरोना वायरस को लेकर शनिवार को कहा कि राज्य में कोई भी छोटा या बड़ा कार्यक्रम नहीं होना चाहिए। अगर ऐसा होगा तो आयोजकों को जेल भेजा जाएगा।

मध्यप्रदेश सीएम ने कहा कि मैं एक बार फिर दोहरा रहा हूं कि कोई भी समारोह, बड़ा या छोटा, आयोजित नहीं होना चाहिए। यदि कोई इस तरह के कार्यों का आयोजन करता है या चिकित्सा प्रक्रिया में बाधा डालता है तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी और उन्हें जेल भेजा जाएगा। 

सीएम चौहान ने कहा कि लोगों को अपनी जानकारी का खुलासा करने के लिए खुद से आगे आना चाहिए लेकिन वे हिचकिचा रहे हैं, इसलिए कोरोना वायरस फैलता जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोगों की तरफ से सहयोग की कमी थी। आप इंदौर में कुछ विशिष्ट क्षेत्रों में इस मुद्दे को देखेंगे। लोग यह जांच के लिए भी समस्याएं पैदा कर रहे हैं ताकि स्वास्थ्य कर्मचारी वहां न पहुंच सकें।

लोग जान से खिलवाड़ ना करें
मुख्यमंत्री ने कहा कि जान बचाना महत्वपूर्ण है इसलिए स्वास्थ्य कर्मचारी उन इलाकों में हमला होने के बाद भी जांच के लिए वापस चले गए। मैं लोगों से अपील करना चाहता हूं कि वे अपनी जान से खिलवाड़ ना करें। उन्होंने कहा कि यदि कोई एक वायरस वाहक बन जाता है, तो वह कई अन्य लोगों को प्रभावित करेगा। हमने ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की। हमने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) लागू किया।

57 विदेशी जामातियों का पासपोर्ट जब्त
सीएम ने कहा कि हम किसी को भी मानव जीवन के साथ खिलवाड़ नहीं करने देंगे। हमने 57 विदेशी जामातियों की पहचान की। वे टूरिस्ट वीजा पर आए और वाहक होते हुए किसी को बिना बताए इधर-उधर चले गए। इसलिए उनके पासपोर्ट जब्त कर लिए गए हैं और उन्हें ब्लैकलिस्ट किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि हम उन सभी के खिलाफ कार्रवाई करेंगे जो कोरोना वायरस को रोकने में बाधा बनते हैं। हम किसी को भी नहीं बख्शेंगे। हम राज्य में लॉकडाउन को लेकर ड्रोन का उपयोग करके भी निगरानी रखेंगे।
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एंबुलेंस में तड़प रही थी महिला, नहीं खुला आईसीयू का ताला, अस्पताल में मौत

मध्यप्रदेश में कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही। प्रदेश में इंदौर में सबसे ज्यादा मरीज हैं। वहीं, उज्जैन में भी सात मामले सामने आ चुके हैं। राज्य सरकार की कोरोना से जंग लड़ने की तैयारियों को उस वक्त बड़ा झटका लगा जब एक महिला को आईसीयू में सही समय से भर्ती न किए जाने पर उसने दम तोड़ दिया।

एक कोरोना संदिग्ध बुजुर्ग महिला को सरकारी अस्पताल में वेंटिलेटर नहीं मिला तो उसे एक निजी अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में आईसीयू के कमरे में ताला लगा हुआ था और महिला एंबुलेंस में थी और उसकी हालत बिगड़ती जा रही थी। कमरे की चाबी किसी स्टाफ के पास नहीं थी। बाद में कमरे का ताला तोड़ा गया लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। सही समय पर आईसीयू में भर्ती नहीं होने से महिला की मौत हो गई। 

बता दें कि 55 वर्षीय महिला को गुरुवार देर रात जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्हें सांस लेने में तकलीफ थी और हाई ब्लड प्रेशर था। हालत बिगड़ती देख डॉक्टरों ने कोरोना वायरस टेस्ट के सैंपल्स लेकर यहां से उसे माधवनगर अस्पताल शिफ्ट कर दिया गया जहां उसकी मौत हो गई।

महिला की मौत का मामला सामने आने के बाद माधवनगर अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ आर पी परमार और इंचार्ज डॉ महेश मरमाट को हटा दिया गया है। दोनों डॉक्टरों पर इस महिला और एक अन्य महिला को वेंटिलेटर न देने का आरोप हैं। दोनों ही महिलाओं की मौत हो चुकी है। 
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कोरोना वायरस: मध्यप्रदेश में एस्मा लागू, 16 नए मामले, कांग्रेस विधायक के खिलाफ केस

मध्यप्रदेश में कोरोना संक्रमितों मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी रही है। मंगलवार को मध्यप्रदेश के खरगोन में एक ही परिवार के आठ और भोपाल में आठ नए कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले हैं। इसी के साथ राज्य में संक्रमित मरीजों की कुल संख्या 327 हो गई है। वहीं, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्य में आवश्यक सेवा अनुरक्षण कानून (एस्मा) लागू कर दिया है।

लॉकडाउन तोड़ने वाले कांग्रेस विधायक के खिलाफ केस दर्ज 
मध्य प्रदेश पुलिस ने लॉकडाउन और धारा 144 के तहत लागू निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने के आरोप में कांग्रेस विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा सहित आठ लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। कांग्रेस विधायक ने सतना के नई बस्ती इलाके में विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया। फिलहाल विरोध प्रदर्शन का कारण नहीं मालूम हो सका है। पुलिस ने बताया कि कुशवाहा सहित विरोध प्रदर्शन में शामिल आठ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

एक परिवार के आठ संक्रमित
खरगोन में एक व्यापारी के परिवार के आठ सदस्य कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं। यह 49 वर्षीय व्यापारी दक्षिण अफ्रीका से लौटकर कर दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज में जमात के कार्यक्रम में भी शामिल हुआ था। अधिकारियों ने बताया कि कोरोना के इन आठ नए मरीजों में व्यापारी की मां भी शामिल है, जिनका चार अप्रैल को निधन हो गया। मंगलवार शाम को आई उसकी जांच रिपोर्ट भी कोरोना पॉजिटिव है। व्यापारी दक्षिण अफ्रीका से दिल्ली आकर जमात के कार्यक्रम में शामिल हुआ था। इसके बाद वह 19 मार्च को खरगोन वापस आया।

भोपाल में एक पत्रकार सहित आठ नए मरीज, शहर में कुल 91
भोपाल में बुधवार दोपहर तक एक टीवी न्यूज चैनल के एक पत्रकार सहित कोरोना वायरस संक्रमण के आठ नए मामले सामने आने के बाद शहर में अब तक इस महामारी की चपेट में आए मरीजों की संख्या बढ़कर 91 हो गई है।

भोपाल के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉक्टर सुधीर डेहरिया ने बताया कि भोपाल में कोरोना वायरस के आठ और लोग संक्रमित पाए गए हैं। उन्होंने कहा कि इसी के साथ भोपाल में अब तक 91 लोग इस बीमारी से संक्रमित पाये गये हैं। इनमें 45 स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी एवं 12 पुलिसकर्मी शामिल हैं। डेहरिया ने बताया कि इनमें से एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है, जबकि दो मरीज अब तक ठीक हो चुके हैं, जिन्हें एम्स भोपाल से डिस्चार्ज किया जा चुका है।

इसी बीच, मध्य प्रदेश जनसंपर्क विभाग के एक अधिकारी ने बताया, जो आठ मरीज बुधवार को संक्रमित पाए गए हैं, उनमें एक स्थानीय टीवी न्यूज चैनल का पत्रकार भी शामिल है। उन्होंने कहा कि संभवत: यह पत्रकार एक दिन पहले संक्रमित पाए गए एक पुलिस अधिकारी के संपर्क में आने से इस बीमारी के चपेट में आया है।

मुख्यमंत्री ने भोपाल और इंदौर शहर की सीमाओं के पूरी तरह सील करने के दिए निर्देश
भोपाल पुलिस के उप महानिरीक्षक इरशाद वली ने बताया कि कोरोना वायरस की चपेट में एक नगर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी), एक उप निरीक्षक और शेष आरक्षक हैं। इस बीच, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंत्रालय में प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण की स्थिति एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए कल देर रात निर्देश दिए हैं कि भोपाल और इंदौर शहरों में कोरोना वायरस के अधिक मामले मिले हैं। इसलिए इनकी सीमाओं को और कड़ाई से सील किया जाए तथा आवागमन पर पूर्ण प्रतिबंध हो। उन्होंने कहा कि संक्रमण रोकने के लिए सर्वे कार्य तथा कोरोना वायरस जांच का कार्य गहनता से किया जाए।
 
आवश्यक सेवा अनुरक्षण कानून (एस्मा) लागू
कोरोना वायरस के तेजी से फैलने के चलते इसके बेहतर प्रबंधन के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने नागरिकों के हित को देखते हुए बुधवार से अत्यावश्यक सेवा अनुरक्षण कानून (एस्मा) लागू कर दिया है।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्विटर पर लिखा कि नागरिकों के हित को देखते हुए बेहतर प्रबंधन के लिए आज से सरकार ने मध्य प्रदेश में एसेंशियल सर्विसेज मैनेजमेंट एक्ट जिसे एस्मा या हिंदी में ‘अत्यावश्यक सेवा अनुरक्षण कानून’ कहा जाता है, तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है।

इससे सरकारी महकमे में हड़ताल को रोकने में भी मदद मिलेगी। एस्मा लागू करने से पूर्व इससे प्रभावित होने वाले कर्मचारियों को किसी समाचार पत्र या अन्य माध्यम से सूचित किया जाता है। एस्मा का नियम अधिकतम छह माह के लिए लगाया जा सकता है।  दंड प्रक्रिया संहिता के अन्तर्गत एस्मा लागू होने के उपरान्त इस आदेश से सम्बन्धि किसी भी कर्मचारी को बिना किसी वारन्ट के गिरफ्तार किया जा सकता है।

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Shivraj Singh Chouhan (File photo) Shivraj Singh Chouhan (File photo)

भोपाल: कोरोना पीड़ित आईटी एक्सपर्ट की पत्नी के आरोपों का एम्स ने किया खंडन

भोपाल के एम्स अस्पताल ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में काम करने वाले एक आईटी एक्सपर्ट की पत्नी प्रीति पांडे के उन आरोपों का खंडन किया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि उनके पति का सही तरीके इलाज नहीं हो रहा है।

भोपाल एम्स की पीआरओ डॉ.लक्ष्मी प्रसाद ने एक बयान में कहा- वायरल वीडियो में हम पर आरोप लगाया जा रहा है अस्पताल उनके कोविड-19 से संक्रमित पति को उचित इलाज नहीं दे रहा है। हम पर लगाए गए ये आरोप आधारहीन हैं। ये आरोप मुख्य रूप से एम्स और हमारे डॉक्टरों की छवि खराब करने के लिए लगाए गए हैं। राजकुमार पांडे का इलाज बेहतर तरीके से चल रहा है। सभी प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा है।

उन्होंने कहा, हालांकि मरीज के परिवार के चिंताओं को लेकर हमारी सहानुभूति है, लेकिन इस वीडियो में जो आधारहीन बातें कही गई हैं, हम उसकी आलोचना करते हैं। राजकुमार का रेगुलर बेसिस पर चेकअप किया जा रहा है। आज सुबह के राउंड पर भी उनको देखा गया है। उनकी चिंताएं सुनी जा रही हैं।

बता दें कि प्रीति पांडे का आरोप है कि एम्स के ज्यादातर डॉक्टर छुट्टी पर हैं। दो दिन में उनके पति को देखने कोई नहीं आया सिर्फ आइसोलेशन के नाम पर अस्पताल में रखा गया है। उनके पति को खाना-पीना भी नहीं मिल रहा है, उनका कोई उपचार भी नहीं किया जा रहा है।

बुधवार दोपहर तक भोपाल में छह नए मामले सामने आने के बाद शहर में अब तक इस महामारी की चपेट में आए मरीजों की संख्या बढ़कर 91 हो गई है।


 
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मध्यप्रदेश: नरसिंहपुर के सात डॉक्टर और तीन नर्सों के खिलाफ एफआईआर दर्ज

मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले के सात डॉक्टर और तीन नर्सों के खिलाफ बिना किसी सूचना के ड्यूटी से नदारद रहने के आरोप में पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है।

नरसिंहपुर के कलेक्टर दीपक सक्सेना ने बताया कि कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव कार्य में जानबूझकर नदारद रहने वाले डॉक्टरों और अन्य स्टाफ के खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए पुलिस को निर्देश दिए गए हैं।

नरसिंहपुर के एसपी डॉ. गुरु करण सिंह ने बताया कि नदारद चिकित्सकों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं। अपराध सिद्ध होने पर छह माह से तीन साल तक की सजा हो सकती है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सिविल सर्जन ने कलेक्टर को अवगत कराया था कि कुछ डॉक्टर और स्टाफ बिना अनुमति के ही अनुपस्थित हैं। उनके मोबाइल भी बंद आ रहे हैं, जिससे आपातकालीन चिकित्सा प्रभावित हो रही है।

इसी आधार पर कलेक्टर ने इन चिकित्सकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। इसी बीच कलेक्टर ने आठ डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए जबलपुर के कमिश्नर रविंद्र कुमार मिश्रा को भी पत्र लिखा है।
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इंदौर में फिर लोगों ने किया पुलिस कर्मी पर पथराव, शहर में एक और मरीज की मौत

मध्यप्रदेश के इंदौर में स्वास्थ्य कर्मियों के दल पर पथराव का हफ्ते भर पुराना मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि एक पुलिस कर्मी पर पत्थर चलाए जाने की घटना सामने आई है। हालांकि, पुलिस कर्मी पर हमले के मामले में पांच आरोपियों को बुधवार को धर दबोचा गया। इनमें से दो मुख्य बलवाइयों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) लगाने की तैयारी की जा रही है।

पुलिस अधीक्षक (पश्चिम) महेशचंद्र जैन ने बताया कि चंदन नगर इलाके में मंगलवार शाम कर्फ्यू का उल्लंघन कर बाहर घूम रहे लोगों को एक पुलिस आरक्षक ने अपने घर जाने को कहा था। इस बात को लेकर इन लोगों ने पुलिस कर्मी से बहस की और अचानक उस पर पथराव शुरू कर दिया। पुलिस कर्मी ने जैसे-तैसे मौके से निकलकर खुद को सुरक्षित बचाया।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही चंदन नगर क्षेत्र में बड़ी संख्या में पुलिस बल भेजकर आरोपियों की तलाश की गई। जावेद (25), इमरान खान (24), नासिर खां (58), सलीम खान (50) और समीर अनवर (22) को गिरफ्तार किया। मामले के एक फरार आरोपी की तलाश की जा रही है।

पुलिस अधीक्षक ने कहा कि हम जिला प्रशासन से सिफारिश करने जा रहे हैं कि मामले के दो मुख्य आरोपियों-जावेद और इमरान पर रासुका के तहत मामला दर्ज किया जाए।

कोरोना वायरस : इंदौर में एक और मरीज की मौत, मृतक संख्या हुई 16
वहीं इंदौर में एक और मरीज की मौत का मामला बुधवार को सामने आया। इसके बाद शहर में कोरोना वायरस के कारण दम तोड़ने वाले मरीजों की तादाद बढ़कर 16 पर पहुंच गई है।

शासकीय महात्मा गांधी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि 49 वर्षीय पुरुष ने शहर के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मंगलवार शाम आखिरी सांस ली। वह 24 मार्च को कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया था।

तब्लीगी जमात: छुपे हुए सदस्य 24 घंटे में सामने नहीं आए तो कार्रवाई की जाएगी : चौहान
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि दिल्ली के निजामुद्दीन में तब्लीगी जमात के कार्यक्रम में शामिल लोगों ने अगले 24 घंटे के अंदर स्वयं प्रशासन को अपनी जानकारी नहीं दी तो प्रदेश सरकार उनके खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कर उचित कानूनी कार्रवाई करेगी। 



चौहान ने ट्वीट किया, 'मध्यप्रदेश से निजामुद्दीन मरकज में गए सभी नागरिकों और विदेश से आ कर मस्जिदों में छुपे लोगों की पहचान कर सबको प्रशासन ने पृथक कर दिया है। इसके बाद भी अगर कोई कहीं छुपा हुआ है, तो मेरा उनसे आग्रह है कि अगले 24 घंटे के अंदर वे स्वयं प्रशासन को इसकी जानकारी दें।' 
 
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मध्यप्रदेश: इंदौर में कोरोना मरीजों की संख्या 173 तक पहुंची, भोपाल भी बना हॉटस्पॉट

लॉकडाउन का उल्लंघन
भोपाल में मंगलवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 12 नए मामले सामने आए और इसके साथ ही मध्यप्रदेश में संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 268 पर पहुंच गई। भोपाल में मंगलवार को पाए गए संक्रमण के 12 मामलों में सात पुलिसकर्मी व उनके परिवार के सदस्य और स्वास्थ्य विभाग के पांच कर्मचारी शामिल हैं। वहीं, इंदौर में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 173 हो गई है। अबतक का अपडेट- 

पल्लवी जैन गोविल को हटाया
पल्लवी जैन गोविल को प्रमुख सचिव स्वास्थ्य पद से हटाया गया। सुलेमान को अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य और सुदाम खाडे को स्वास्थ्य निदेशक नियुक्त किया गया। 

इंदौर में 173 मरीज  
इंदौर में कोरोना वायरस मरीजों की संख्या 173 तक पहुंची। आज ताजा आंकड़ों के अनुसार 22 नए पॉजिटिव केस इंदौर में और एक उज्जैन में पाया गया है। अब तक इंदौर में कोरोना से 15 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 139 स्थिर हैं व आठ गंभीर स्थिति में हैं जिनका इलाज जारी है। इसके साथ ही उज्जैन में अब तक छह, खरगोन में चार और बड़वानी में तीन कोरोना पॉजिटिव मरीज पाए गए ।

इंदौर संभागायुक्त ने किया अस्पतालों का दौरा 
इंदौर संभागायुक्त आकाश त्रिपाठी ने कहा है कि निजी चिकित्सालयों में आने वाले मरीजों को चिकित्सा सेवा मुहैया कराना कानूनन अनिवार्य हैं। अगर अस्पताल संचालनकर्ता इस संबंध में कोई आनाकानी करते हैं तो उन पर कार्रवाई होगी। प्रशासन द्वारा इंदौर के विभिन्न अस्पतालों का बीमारियों के अनुसार श्रेणीकरण कर दिया गया है। त्रिपाठी ने आज क्योरवेल अस्पताल और ग्रेटर कैलाश अस्पताल का निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन और मरीजों से चर्चा कर वस्तुस्थिति का जायजा लिया। संभागायुक्त की सख्ती के बाद निगम ने अस्पताल संचालकों पर सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। नगर निगम इंदौर कमिश्नर आशीष सिंह के निर्देश पर आज निगम का दल ग्रेटर कैलाश अस्पताल की नपती करने पहुंचा जहां भारी मात्रा में अनियमितता पाई गई। संभाग आयुक्त के निर्देश के बाद नगर निगम बड़ी कार्रवाई कर सकता है। 

संभागायुक्त त्रिपाठी और आई जी विवेक शर्मा ने आज टाटपट्टी बाखल और रानीपुरा का फिर भ्रमण कर व्यवस्थाएं देखीं। क्षेत्र में तैनात अधिकारी व कर्मचारियों से भी मिले। संभागायुक्त त्रिपाठी ने एएनएम कार्यकर्ताओं से मुलाकात की जहां कार्यकर्ता ने उन्हें पीपीपी किट की कमी से अवगत कराया। त्रिपाठी ने तत्काल स्वास्थ विभाग को निर्देश दिए कि फील्ड में कार्य करने वाली कार्यकर्ताओं को तत्काल पीपी किट उपलब्ध कराए जाएं।

लोगों का जीवन ज्यादा महत्वपूर्ण: शिवराज चौहान
मध्यप्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि लोगों का जीवन ज्यादा महत्वपूर्ण है, अर्थव्यवस्था दोबारा खड़ी की जा सकती है, लेकिन अगर लोगों की मौत हुई तो उन्हें कैसे वापस लाएंगे? इसीलिए अगर जरूरी हुआ तो हम लॉकडाउन बढ़ाएंगे, हालात को देखकर फैसला लिया जाएगा। 
  
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कोरोना वायरस महामारी को फैलने से रोकने में मदद कर रहे पुलिसकर्मियों सहित प्रदेश सरकार के अन्य विभागों के कर्मचारियों को 50-50 लाख रुपये की बीमा सुरक्षा देने की मंगलवार को घोषणा की।
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कोरोना: अधिकारी ने संक्रमित होने पर अस्पताल में भर्ती होने से किया इनकार, लेनी पड़ी प्रशासन की मदद

मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य विभाग की उपसंचालक डॉक्टर रूबी खान को भी कोरोना संक्रमण हो गया है। शुरुआत में उन्होंने अस्पताल में भर्ती होने से बचने के लिए काफी ना-नुकुर की, लेकिन बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती करा दिया गया।

संक्रमण का पता लगने के बाद भी डॉ. रूबी अस्पताल जाने के बजाय भोपाल में नौकरशाहों के प्रशिक्षण के लिए बनी प्रशासन अकादमी के अतिथि गृह में रुकी रहीं। बाद में अकादमी के अधिकारियों ने भोपाल जिला कलेक्टर की मदद से डॉ. रूबी को अस्पताल में भर्ती कराया। अकादमी ने सोमवार को जिला प्रशासन को पत्र लिखकर रूबी को अतिथि गृह से निकालकर अस्पताल में भर्ती कराने का आग्रह किया था।

अन्य अधिकारी भी पाए गए कोरोना पॉजिटिव

डॉ. रूबी को सोमवार को चिरायु अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। डॉक्टर रूबी के अलावा स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख सचिव पल्लवी जैन गोविल के साथ ही कई बड़े अधिकारी भी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। सूत्रों के मुताबिक डॉ. रूबी को अकादमी के अतिथि गृह में प्रमुख सचिव गोविल के मौखिक आदेश पर रुकने की अनुमति दी गई थी।

संयुक्त कलेक्टर राजेश गुप्ता ने कहा कि वह सोमवार को चिरायु अस्पताल में भर्ती हुईं, तब उन्होंने अकादमी के गेस्ट हाउस में अपना सामान पैक करने के लिए समय मांगा। वह सामान पैक करने गेस्ट हाउस पहुंचीं और आने से इनकार कर दिया। इसके बाद हमें पत्र मिला और पत्र मिलने के दो घंटे के भीतर उन्हें वहां से अस्पताल भेज दिया गया। 

'अकादमी गेस्ट हाउस का हो रहा अनाधिकृत उपयोग'

वहीं, सामाजिक कार्यकर्ता अजय दुबे ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस को लेकर किए अपने ट्वीट में दावा किया कि कुछ सिविल सेवकों द्वारा पृथकता केंद्र के उद्देश्य से बनाए गए अकादमी गेस्ट हाउस का अनाधिकृत उपयोग किया जा रहा है। 

दुबे ने कहा कि कुछ अधिकारी अकादमी में स्वयं-पृथकता के लिए दी गई सुविधाओं का दुरुपयोग कर रहे हैं, इस प्रकार वह वहां काम करने वाले कर्मचारियों की जान के लिए खतरा पैदा कर रहे है। सरकार ने अकादमी के गेस्ट हाउस और उसके छात्रावास को पृथकता केंद्र सुविधा के रूप में घोषित नहीं किया है।
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अर्थव्यवस्था बाद में भी खड़ी कर लेंगे, लेकिन लोगों की जिंदगी वापस कैसे लाएंगे: शिवराज

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संकेत दिए हैं कि कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए 14 अप्रैल तक राज्य में लगे 21 दिन के लॉकडाउन की अवधि को और आगे भी बढ़ाया जा सकता है। चौहान ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो मध्य प्रदेश में लॉकडाउन को आगे भी बढ़ाएंगे।

चौहान ने कोरोना वायरस के कारण लागू लॉकडाउन पर मंगलवार को वीडियो जारी करके कहा, परिस्थिति देख कर फैसला करेंगे। जनता की जिंदगी ज्यादा जरूरी है। लॉकडाउन सह लेंगे, अर्थव्यवस्था बाद में भी खड़ी कर लेंगे, लेकिन लोगों की जिंदगी चली गई तो वापस कैसे लाएंगे?



चौहान ने कहा, अभी जो परिस्थिति मैं भोपाल में देख रहा हूं, इंदौर में देख रहा हूं, उसमें हमें सावधानी बहुत रखने की जरूरत है। इसलिए अगर जरूरत पड़ी तो इसको आगे भी बढ़ाएंगे। जनता की जिंदगी हमारे लिए सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है। परिस्थितियां देख कर फैसला करेंगे।   

कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर 24 मार्च की मध्यरात्रि 12 बजे से 21 दिन का देशव्यापी लॉकडाउन लागू है, ताकि लोगों में दूरी बना कर इस महामारी को देश में खत्म किया जा सके। लॉकडाउन की अवधि 14 अप्रैल को पूरी होनी है। लेकिन मध्य प्रदेश के भोपाल व इंदौर शहरों में इस महामारी के मरीजों की संख्या में पिछले कुछ दिनों से बड़ी तेजी से बढ़ोतरी हुई है।

भोपाल में मंगलवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 12 नए मामले सामने आए। इसके साथ ही मध्यप्रदेश में कोरोना वायरस मरीजों की तादाद बढ़कर 268 पर पहुंच गई है। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि भोपाल में मंगलवार को सामने आये 12 नए कोरोना मरीजों में से सात पुलिसकर्मी व उनके परिवार से और पांच स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी हैं।

उन्होंने बताया कि इन 12 नए कोरोना संक्रमित मरीजों को मिलाकर भोपाल में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 74 हो गई है। इनमें से दो कोरोना संक्रमित मरीजों स्वस्थ होने के बाद अस्पताल से छुट्टी दी जा चुकी है तथा एक मरीज की मौत हो गई थी।

प्रदेश में कुल 268 कोरोना संक्रमित मरीजों में से इन्दौर में सबसे अधिक 151 मरीज पाए गए हैं।
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इंदौर : हिंदू महिला के अंतिम संस्कार में मुस्लिमों ने की मदद, कमलनाथ ने की तारीफ

इंदौर में कुछ मुस्लिम युवकों ने एक बुजुर्ग महिला की अर्थी को कंधा देकर और उसके अंतिम संस्कार में मदद करके एक मिसाल कायम की है। लॉकडाउन के कारण महिला के अन्य रिश्तेदार अंतिम संस्कार में पहुंचने में असफल रहे थे। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी इसकी प्रशंसा की। 

कमलनाथ ने ट्वीट किया, ‘इंदौर के नार्थ तोड़ा क्षेत्र में एक बुजुर्ग हिंदू महिला द्रोपदी बाई की मृत्यु होने पर क्षेत्र के मुस्लिम समाज के लोगों ने उनके दो बेटों का साथ देकर उनकी शवयात्रा में कंधा देकर व उनके अंतिम संस्कार में मदद कर जो आपसी सदभाव की व मानवता की जो मिसाल पेश की, वो काबिले तारीफ है।’ उन्होंने कहा, ‘यही हमारी गंगा-जमुनी संस्कृति है। ऐसे दृश्य हमारे आपसी प्रेम-सद्भाव व भाईचारे को प्रदर्शित करते हैं।’



प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने बताया कि 65 वर्षीय द्रोपदी बाई का सोमवार को इंदौर में निधन हो गया। वह पक्षघात से पीड़ित थीं और बड़े बेटे के साथ रहती थीं। वे बहुत गरीब हैं। क्षेत्रीय निवासियों ने बताया कि दिवंगत महिला लंबे समय से लकवे की मरीज थी। हिंदू रीति-रिवाज के मुताबिक उसके पार्थिव देह को उसके बेटे ने जूनी इंदौर मुक्तिधाम में मुखाग्नि दी।

उन्होंने बताया कि असलम, अकील, सिराज, इब्राहिम और आरिफ सहित कुछ मुस्लिम समुदाय के सदस्यों को इसका पता चला तो वे आगे आए और न केवल बुजुर्ग महिला की अर्थी को कंधा दिया बल्कि अंतिम संस्कार में सहायता भी की। लॉकडाउन होने के कारण कोई शव वाहन भी नहीं मिल रहा था, इसलिए वे लगभग 2.5 किलोमीटर तक अर्थी को कंधा देकर श्मशान गृह तक ले गए।

इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ जिसमें मुस्लिम समुदाय के युवा इस महिला की अर्थी को कंधा देते नजर आ रहे हैं। ये लोग मुस्लिम टोपी के साथ कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के लिये मास्क भी पहने नजर आ रहे हैं। सलूजा ने कहा कि इन मुस्लिम युवकों का कहना है कि यह उनका कर्तव्य है क्योंकि उनका बचपन यहीं बीता है।
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मध्यप्रदेश: कोरोना से निपटने में सहयोग कर रहे कर्मियों को मिलेगा 50 लाख रुपये का बीमा

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कोरोना वायरस महामारी को फैलने से रोकने में मदद कर रहे पुलिसकर्मियों सहित प्रदेश सरकार के अन्य विभागों के कर्मचारियों को 50-50 लाख रुपये की बीमा सुरक्षा देने की मंगलवार को घोषणा की।

मुख्यमंत्री चौहान ने आधिकारिक सरकारी ट्विटर हैंडल पर मंगलवार को ट्वीट किया कि कोरोना वायरस के योद्धाओं को प्रणाम! भारत सरकार द्वारा कोविड-19 से लड़ने वाले सभी स्वास्थ्य कर्मियों का 50 लाख रुपये का बीमा किया गया। मप्र शासन द्वारा कोरोना वायरस से लड़ रहे स्वास्थ्य विभाग के अलावा राजस्व, पुलिस, नगरीय विकास आदि विभागों के जांबाजों को भी 50 लाख रुपये की सुरक्षा। 

पिछले कुछ दिनों से प्रदेश में कोरोना वायरस से निपटने में मदद कर रहे कई पुलिस कर्मियों, स्वास्थ्य कर्मियों और उनके परिजन संक्रमित पाए गए हैं। मंगलवार को भोपाल में सात पुलिस कर्मियों और उनके परिवार वालों में तथा स्वास्थ्य विभाग के पांच कर्मियों में संक्रमण की पुष्टि हुई।

इससे पहले मुख्यमंत्री चौहान ने इंदौर में तैनात पुलिस कर्मियों, नर्स, सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं और चिकित्सकों से फोन पर बात कर उनके कार्य की सराहना की थी।

इस बीच, प्रदेश के राज्यपाल लाल जी टंडन ने कोरोना वायरस से उत्पन्न संकट से निपटने में सरकार के प्रयासों में सहयोग की पहल करते हुए यह संकट समाप्त होने तक हर माह अपने वेतन की 30 प्रतिशत राशि (लगभग एक लाख रूपये) प्रधानमंत्री कोष में देने की घोषणा की है।

मुख्यमंत्री चौहान ने भी कोरोना वायरस संकट से निपटने में सहयोगस्वरूप एक साल तक अपने वेतन की 30 फीसदी राशि सहायता कोष में देने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा है कि उनकी विधायक निधि भी इस संक्रमण से निपटने में व्यय की जाएगी।
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महंगाई भत्ते पर रार : खफा कमलनाथ ने लिखा पत्र, पूछा- सरकार कर्मचारियों से बदला क्यों ले रही

मध्यप्रदेश में महंगाई भत्ते पर रोक के फैसले का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अब इस मामले में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को एक पत्र लिखा है। बता दें कि प्रदेश में जारी कोरोना संकट के बीच राज्य सरकार ने अपने कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़ाए जाने के पूर्ववर्ती सरकार के फैसले पर दो दिन पहले रोक लगा दी है।

राज्य में कोरोना के बढ़ते मरीजों को देखते हुए कांग्रेस पार्टी फिलहाल सरकार के खिलाफ मौखिक और पत्राचार के माध्यम से विरोध जता रही है। इसी कड़ी में कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सोशल मीडिया के जरिए विरोध जताने के बाद यह पत्र लिखा है। 

कमलनाथ ने अपने पत्र में लिखा है कि प्रदेश के कर्मचारियों एवं स्थाई कर्मियों को मेरी सरकार द्वारा 16 मार्च 2020 को छठवें एवं सातवें वेतनमान के प्रकाश में क्रमश: 164 फीसदी और 17 फीसदी महंगाई भत्ता स्वीकृत किया गया था। आपकी सरकार द्वारा इस कर्मचारी हितैषी फैसले को रद्द करने का निर्णय एकतरफा और दुराग्रहपूर्ण है।

पत्र में कमलनाथ ने आगे लिखते हुए सवाल किया है कि क्या प्रदेश के छोटे कर्मचारियों को न्याय देने का निर्णय एक गलत निर्णय है? एक चुनी हुई सरकार के फैसले को पलटकर क्या आपकी सरकार कर्मचारियों से बदला ले रही है? मैं और मेरी पार्टी ऐसे फैसलों का सड़क से लेकर सदन तक पुरजोर विरोध करेंगे। 

पत्र में कमलनाथ ने प्रदेश सरकार से इस फैसले को वापस लेने और कोरोना महामारी के कारण उपजी विषम परिस्थितियों के बीच कर्मचारियों को राहत दिए जाने की भी मांग की है। बता दें कि कमलनाथ की अगुवाई वाली कांग्रेस पार्टी की सरकार ने उसकी सरकार गिरने से पहले 16 मार्च को ये फैसला लिया था। जबकि इसके बाद 20 मार्च को कमलनाथ ने सीएम पद से इस्तीफा दे दिया था।

महंगाई भत्ता बढ़ाने का ये फैसला एक जुलाई से लागू होना था, लेकिन शिवराज सरकार ने इसे रोकने का फैसला किया है। इससे पहले कमलनाथ ने एक ट्वीट करके भी इस फैसले को तानाशाहीपूर्ण बताया था। हालांकि तब भाजपा प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने इस फैसले को उचित ठहराते हुए कहा था कि शिवराज सरकार की प्राथमिकता कोरोना वायरस से लड़ने की है।
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