Imarti Devi: कमलनाथ के आइटम वाले बयान पर बवाल, शिवराज ने सोनिया से पूछा- क्या यह सही है

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Updated Mon, 19 Oct 2020 06:05 PM IST
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मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान - फोटो : ANI

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Imarti Devi: मध्यप्रदेश में 25 से ज्यादा सीटों पर उपचुनाव होने हैं। इन सीटों पर जीत तय करेगी की सत्ता किसके हाथ में रहेगी। उपचुनाव के लिए चुनाव प्रचार शुरू हो गया है। प्रचार के दौरान नेताओं की जुबान भी फिसल रही है। इसी क्रम में सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भाजपा उम्मीदवार इमरती देवी को आइटम कह दिया। इसे लेकर तलवारें खिंच गई हैं। सोमवार को कमलनाथ के बयान के विरोध में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मौन धरने पर बैठे।  मुख्यमंत्री के अलावा इंदौर में ज्योतिरादित्य सिंधिया धरने पर बैठे। वहीं भाजपा के अन्य नेता अलग-अलग हिस्सों में मौन प्रदर्शन किया।
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मौन धरना खत्म करने के बाद शिवराज ने कहा, 'मुझे स्पष्टीकरण की उम्मीद थी, लेकिन बयान को बेशर्मी से जायज ठहराया जा रहा है। आप मुझे गाली दे सकते हैं, आप मेरे नाम रख सकते हैं, लेकिन एक महिला के बारे में ऐसी टिप्पणी करना हर बेटी और मां के खिलाफ है। महिलाओं का नवरात्रि के दौरान अपमान किया गया है। उन्होंने (कमलनाथ) बेशर्मी की हदें पार कर दी हैं। मैडम सोनिया गांधी आपकी पार्टी के एक नेता, एक पूर्व सीएम ने ऐसी टिप्पणी की है। क्या यह सही है? क्या गरीब महिलाओं का कोई सम्मान नहीं है? महोदया, अगर आपको लगता है कि टिप्पणी गलत थी, तो आप क्या कार्रवाई करेंगी? मैं आपको पत्र लिख रहा हूं, आप निर्णय लीजिए।'
 
वहीं धरने पर बैठने से पहले शिवराज चौहान ने कांग्रेस पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि इस तरह के बयानों को बिलकुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, देश में मां, बहन और बेटियों का सम्मान रखा जाएगा, हम महिलाओं का अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे।



शिवराज सिंह चौहान ने कहा, 'यह केवल इमरती देवी का ही नहीं बल्कि मध्यप्रदेश की बेटियों/ बहनों का भी अपमान है। कमलनाथ एक बेटी के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिसने इतने लंबे समय तक कांग्रेस की सेवा की। यह वही देश है जहां द्रौपदी का अनादर करने पर महाभारत हुआ था। लोग इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्हें शर्म आनी चाहिए।'

शिवराज ने कहा, 'सालों तक जिस बेटी ने कांग्रेस की सेवा की उसके विरुद्ध अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं। क्या गरीब बेटी का अपमान किया जाएगा। क्या बहन-बेटियों का कोई सम्मान नहीं है। क्या उनके सम्मान को पैरों तले कुचला जाएगा। धिक्कार है कमलनाथ जी पर, जो इतने घटिया स्तर की राजनीति कर रहे हैं।'

यह भी पढ़ें- मध्यप्रदेश: कमलनाथ के अभद्र टिप्पणी पर इमरती देवी का छलका दर्द, बोलीं- ऐसे लोगों को अपनी पार्टी में न रखें

विवादित टिप्पणी पर भड़के सिंधिया
वहीं राज्यसभा के सदस्य ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि ऐसे बयान महिलाओं और अनुसूचित जाति के खिलाफ कांग्रेस नेताओं की सोच दर्शाते हैं। सिंधिया ने इंदौर शहर से करीब 30 किलोमीटर दूर कंपेल कस्बे में एक चुनावी सभा में कहा, 'दलित समाज की नेता और सरपंच पद से शुरूआत कर अपनी अथक मेहनत से मंत्री बनीं इमरती देवी के लिए कमलनाथ कहते हैं कि वह आइटम हैं। (कांग्रेस नेता) अजय सिंह कहते हैं कि वह जलेबी हैं। महिलाओं और अनुसूचित जाति के विरुद्ध इनकी (कांग्रेस नेताओं) यही सोच और विचारधारा है, जबकि हमारे शास्त्रों में बताया गया है कि जहां नारियों का मान-सम्मान होता है, देवता वहीं विराजते हैं।'

कांग्रेस आलाकमान को सार्वजनिक तौर पर मांगनी चाहिए माफी
मायावती ने कमलनाथ के बयान की निंदा की। उन्होंने कहा, 'मध्यप्रदेश में ग्वालियर की डबरा रिजर्व विधानसभा सीट पर उपचुनाव लड़ रहीं दलित महिला के बारे में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व सीएम द्वारा की गई घोर महिला-विरोधी अभद्र टिप्पणी अति-शर्मनाक व अति-निंदनीय है। इसका संज्ञान लेकर कांग्रेस आलाकमान को सार्वजनिक तौर पर माफी मांगनी चाहिए। साथ ही, कांग्रेस पार्टी को इसका सबक सिखाने व आगे महिला अपमान करने से रोकने आदि के लिए भी खासकर दलित समाज के लोगों से अपील है कि वे एमपी में विधानसभा की सभी 28 सीटों पर हो रहे उपचुनाव में अपना वोट एकतरफा तौर पर केवल बसपा उम्मीदवारों को ही दें तो यह बेहतर होगा।'

बयान पर पूर्व मुख्यमंत्री ने दी सफाई
इमरती देवी को लेकर दिए गए बयान से कमलनाथ बैकफुट पर आ गए हैं। अब उन्होंने सफाई देते हुए कहा, 'शिवराज जी आप कह रहे हैं कमलनाथ ने आइटम कहा। हां, मैंने आइटम कहा है क्योंकि यह कोई असम्मानजनक शब्द नहीं है। मैं भी आइटम हूं आप भी आइटम हैं और इस अर्थ में हम सभी आइटम हैं। लोकसभा और विधानसभा में कार्यसूची को आइटम नंबर लिखा जाता है, क्या यह असम्मानजनक है? सामने आइए और मुकाबला कीजिए। सहानुभूति और दया बटोरने की कोशिश वही लोग करते हैं जिन्होंने जनता को धोखा दिया हो।'
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