मध्यप्रदेश : कांग्रेसियों ने लगाए सिंधिया के लापता होने के पोस्टर, एक गिरफ्तार

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर Updated Sun, 24 May 2020 08:21 PM IST
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ज्योतिरादित्य सिंधिया के लापता होने का पोस्टर
ज्योतिरादित्य सिंधिया के लापता होने का पोस्टर - फोटो : सोशल मीडिया

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कोरोना वायरस संकट के चलते जारी लॉकडाउन के बीच मध्यप्रदेश में राजनीतिक पोस्टर वार फिर शुरू हो गया है। कांग्रेस नेताओं ने रविवार को भाजपा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के लापता होने के पोस्टर उन्हीं के जयविलास पैलेस के बाहर लगाए हैं। पोस्टर में सिंधिया की जानकारी देने वाले को 5100 रुपये का इनाम देने का एलान भी किया गया है। इससे पहले छिंदवाड़ा में राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और उनके बेटे नकुलनाथ के लापता होने के पोस्टर लगाए गए थे। 
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इस पोस्टर में लिखा है 'तलाश है गुमशुदा जन सेवक की'। पोस्टर लगाने की घटना का पता चलते ही भारतीय जनता पार्टी के नेता पुलिस के पास पहुंच गए। भाजपा नेताओं ने झांसी रोड पुलिस थाने में इसकी शिकायत दर्ज कराई, जिस पर पुलिस ने पोस्टर लगाने वाले कांग्रेस नेताओं व कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया और कुछ घंटों बाद ही स्थानीय कांग्रेस नेता सिद्धार्थ सिंह राजावत को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने कहा कि बाकी लोगों की तलाश की जा रही है। 
झांसी रोड पुलिस थाना इलाके के नगर पुलिस अधीक्षक एम राजौरिया ने कहा, 'सिंधिया की गुमशुदगी के पोस्टर लगाने के मामले में भाजपा नेताओं की शिकायत पर कांग्रेस के स्थानीय नेता सिद्धार्थ सिंह राजावत और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ भादंवि की 188 और 505(1—सी) के तहत झांसी रोड पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।'

क्या है पूरा मामला

दरअसल, रविवार को कांग्रेस नेता सिद्धार्थ सिंह राजावत अपने कुछ साथियों के साथ जयविलास पैलेस स्थित सिंधिया के महल के पास पहुंचे और उन्होंने वहां दीवार और बोर्ड पर सिंधिया के लापता होने के पोस्टर लगाने शुरू कर दिए। पोस्टर लगाते हुए राजावत ने कहा, 'अपने को जनसेवक बताने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया पिछले तीन महीनों से गायब हैं और ग्वालियर भी नहीं आए हैं।'
उन्होंने कहा, 'पहले तो उन्होंने अतिथि शिक्षकों के मानदेय के मामले में सड़क पर आकर संघर्ष करने की चेतावनी उस समय की कांग्रेस सरकार को दी थी, लेकिन अब वह लापता हो गए हैं। इस समय कोरोना संकट में प्रवासी मजदूर पैदल घर जा रहे हैं और उनकी सेवा करने की बजाय वह गायब हैं। इसलिए ये पोस्टर लगाए गए हैं और जो उनको खोजकर लाएगा, उसे 5100 रुपये का इनाम दिया जाएगा।'

ऐसे पोस्टर लगाए जाने के बाद राजनीति गर्म होने लगी और भाजपा कार्यकर्ताओं ने इसका विरोध किया। ग्वालियर के भाजपा जिलाध्यक्ष कमल माखीजानी तुरंत पुलिस के पास पहुंच गए। माखीजानी ने कहा, 'सिंधिया भाजपा के प्रमुख नेता हैं और उनके साथ इस प्रकार की बदतमीजी सहन नहीं होगी। यदि उनकी पार्टी के नेताओं के साथ ऐसा व्यवहार किया गया तो भाजपा कार्यकर्ता इसका जबाव देंगे।'

कमलनाथ और प्रज्ञा सिंह ठाकुर की गुमशुदगी के भी लग चुके हैं पोस्टर

बता दें कि 18—19 मई की मध्यरात्रि में मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में वरिष्ठ कांग्रेस नेता कमलनाथ और उनके सांसद बेटे नकुलनाथ के लापता होने के पोस्टर लगे थे और उनके इस गढ़ में इन दोनों नेताओं को लाने वाले व्यक्ति को 21,000 रुपये का इनाम देने का ऐलान किया गया था। 

वहीं, इससे पहले कुछ कांग्रेस नेताओं ने भोपाल की सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर के उनके निर्वाचन क्षेत्र से गायब होने के बारे में फेसबुक पर एक पोस्टर ‘गुमशुदा की तलाश’ लगाया था और कहा था कि जो लोग सांसद को भोपाल लेकर आएंगे और उन्हें जनता के काम में लगाएंगे, उन्हें जनता दिल से शुभकामनाएं देगी।
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