मुझे लोगों की बातों को अनसुना करना आता है

Dinesh ShrinetDinesh Shrinet Updated Wed, 17 Oct 2012 10:27 AM IST
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आज मेरी कैब मिस हो गई, मुझे ऑटो से ही ऑफिस जाना पड़ा। ऑटो वाला मुझे नए रास्ते से लेकर गया। रास्ते में मैंने तमन्ना को एक बस स्टॉप पर खड़े देखा। मुझे नहीं पता था कि तमन्ना बस से आती-जाती है। मुझे तो यही लगता था कि वो कैब से या फिर अपनी गाड़ी से आती होगी। उसे बस स्टॉप पर देखकर मुझे बहुत हैरानी हुई। पहले तो सोचा कि चुपचाप आगे निकल जाऊं, लेकिन पता नहीं मन में क्या आया मैंने ऑटो वाले को तमन्ना के पास रोकने के लिए कहा।
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तमन्ना ने जैसे ही मुझे देखा थोड़ी सी सकपका गई फिर अचानक बोली, अरे! पिंकी तुम यहां, क्या हुआ आज तुम अकेले? मैंने बताया कि मेरी कैब मिस हो गई है, फिर मैंने उसे साथ चलने के लिए कहा... लेकिन उसने कहां कि मैं चली जाउंगी। मेरे बहुत जिद करने पर वो साथ चलने को तैयार हो गई। पहली बार ऐसा हुआ था कि जब मैं और तमन्ना एक साथ अकेले थे, वरना कोई ना कोई साथ होता ही था। मुझे विश्वास नहीं हुआ मैं जिस लड़की से बात कर रही थी, वो ऑफिस की वहीं नखरीली, नकचढ़ी लड़की थी। मैंने उससे पूछा, क्या तुम्हारी गाड़ी खराब हो गई है, तो उसने बताया, नहीं तो, मैं तो हमेशा बस से ही सफर करती हूं। मुझे ये जानकर हैरानी हुई। मैंने पूछा- तुम्हें बस में आने में कोई दिक्कत नहीं होती क्या? उसने बोला- नहीं, इसमें दिक्कत वाली क्या बात है। मैंने कहा कि तुम ऑफिस से कैब के लिए एप्लीकेशन क्यों नहीं डाल देती, तो उसने बताया कि उसके एरिया की कैब उसे बहुत दूर छोड़ती है, वहां से उसे रूम तक जाने में दिक्कत होती है, इसीलिए वो अपनी मर्जी से आती-जाती है।


थोड़ी देर तक हम दोनों चुपचाप रहे, फिर मैने बहाने से पूछा तुम्हारे कपड़ों पर कोई कमेंट करता है तो तुम्हें बुरा नहीं लगता। उसने कहा- मैं कपड़ों के मामले में बहुत ज्यादा नहीं सोचती। मुझे जब जो अच्छा लगता है, वही पहन लेती हूं। मैं घर में भी ऐसे ही कपड़े पहनती हूं और मेरे घरवालों को कोई दिक्कत नहीं। मैंने कहा, तुम्हें नहीं पता कि ऑफिस में तुम्हारे बारे में क्या-क्या बातें होती हैं? तो तमन्ना बोली, मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता, कोई मेरे बारे में क्या सोचता है। मुझे लोगों की बातों को अनसुना करना आता है। बात करते-करते ही ऑफिस भी आ गया और फिर वो मुझे प्यार से थैंक्स बोलकर चली गई। मैं दिनभर ऑफिस में उसे ही नोट करती रही, आज मुझे वो एकदम अलग लग रही थी।

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