हत्यारोपियों की वॉयस रिकार्डिंग की जांच

chitrakoot Updated Sat, 02 Mar 2019 12:06 AM IST
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जानकीकुंड अस्पताल गेट पर सुरक्षाकर्मी की मौजूदगी में अंदर बाहर जाते मरीज व तीमारदार।
जानकीकुंड अस्पताल गेट पर सुरक्षाकर्मी की मौजूदगी में अंदर बाहर जाते मरीज व तीमारदार। - फोटो : amarujala

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चित्रकूट। मासूम जुड़वा भाइयों के हत्यारों की वायस रिकार्डिंग की जांच पुलिस ने शुरू कर दी है। पूछताछ के दौरान आरोपियों के कई अहम जानकारियां भी मिलीं है। आरोपियों ने अपहरण से लेकर मासूमों की हत्या तक का घटनाक्रम पुलिस को बयां किया है। हत्यारोपियों की माने तो उन्होंने दो दिन तक मासूमों को अलग-अलग स्थान पर रखा। फिरौती की रकम के बटवारे को लेकर वह सतर्क थे। लेकिन पुलिस के हत्थे चढ़ गए।
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एमपी पुलिस ने रिमांड पर लिए गए आरोपियों से शुक्रवार को जानकीकुंड से लेकर अन्य स्थानों पर जांच पड़ताल की। इस दौरान हत्यारोपियों ने पुलिस को बताया कि अपहरण के बाद दो दिन तक मासूमों को चित्रकूट क्षेत्र में रखा था। रात को ही अड्डा बदलते थे। इसके बाद रात को वह दोनों को  बाइक से अतर्रा ले गए थे।
सतना एसपी संतोष गौर ने बताया कि आरोपी एक दूसरे से परिजनों को फोन करते थे। चार से पांच बार फोन किया गया। उनकी वॉयस रिकार्डिंग का नमूना लेकर जांच कराई जा रही है। फिरौती की रकम में 20 लाख में 11 लाख 50 हजार रुपये मास्टर माइंड पद्म शुक्ला ने गुप्त स्थान पर रखे थे। जिन्हें बाद में बरामद कर लिया गया था। उन्होंने बताया कि अपहरणकर्ताओं ने दो करोड़ मांगे थे। उन्हें 1.75 करोड़ रुपये मिलने का पूरा भरोसा था। एसपी ने बताया कि आज रिमांड पूरी हो गई है। शनिवार को सतना अदालत में पेश किया जाएगा।
 
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