पुरुषों के आत्महत्या करने की खबर कभी नहीं सुनी : मेनका 

एजेंसी/ नई दिल्ली  Updated Fri, 30 Jun 2017 04:25 AM IST
विज्ञापन
मेनका गांधी
मेनका गांधी - फोटो : अमर उजाला

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें
केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी का मानना है कि पुरुष कभी भी आत्महत्या नहीं करते हैं। मेनका ने यहां तक कह दिया कि उन्होंने आज तक पुरुषों के आत्महत्या की खबर नहीं सुनी।
विज्ञापन

एक फेसबुक लाइव कार्यक्रम के दौरान वह पुरुषों में आत्महत्या की दर को कम करने के लिए सरकारी पहल ना किए जाने पर सवालों का जवाब दे रही थीं। इस पर उनके जवाब ने लोगों को नाराज कर दिया। इस दौरान केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री ने कहा कि कौन से पुरुष आत्महत्या करते हैं? आखिर वे आत्महत्या करने की जगह समस्या को सुलझाने का प्रयास क्यों नहीं करते हैं? मैंने तो पुरुषों की आत्महत्या का एक भी मामला नहीं सुना। 
हालांकि आंकड़ों ने उन्हें पसोपेश में डाल दिया। राष्ट्रीय अपराध शाखा ब्यूरो के अनुसार, साल 2015 में देशभर से कम से कम 1,33,623 आत्महत्या की घटनाएं सामने आईं। इनमें से 91,528 (60 फीसदी) आत्महत्या की खबरें पुरुषों की थीं जबकि 42,088 महिलाओं के आत्महत्या की खबरें सामने आई थीं। 
राज्यों की एनसीआरबी आंकड़ों के मुताबिक साल 2015 में 86,808 शादीशुदा लोगों ने आत्महत्या की थी। इनमें से 64,534 (74 फीसदी) पुरुष थे। सोशल मीडिया साइट पर तीन घंटे लंबे चले इस चैट में उनके पुरुष विरोधी होने की निंदा की गई और चैट का अधिकतर हिस्सा इसी मुद्दे पर सवालों और जवाबों को लेकर केंद्रित रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us