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पटियाला

बुधवार, 1 अप्रैल 2020

कोरोना वायरस: पंजाब में ग्रामीणों ने कई गांवों को किया आइसोलेट, नाका लगा आने-जाने पर लगाई पाबंदी

इस समय लोग कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे को देखकर भी अनजान बनकर कर्फ्यू का भी उल्लंघन करने से गुरेज नहीं कर रहे हैं, वहीं पटियाला जिले के नाभा के कुछ गांव ऐसे भी हैं, जिनमें लोगों ने अपने स्तर पर चंदा इकट्ठा करके जहां गांवों को सैनिटाइज किया है। वहीं लोगों में मास्क बांटे हैं। इसके साथ ही गांवों में आने-जाने पर भी पाबंदी लगा दी गई है। नाके लगाकर गांवों के नौजवानों ठीकरी पहरे दे रहे हैं।

नाभा के गांव अगेता के ग्रामीणों ने बाहर के लोगों से दूरी बना ली है। 750 लोगों की आबादी वाले इस गांव में पढ़े-लिखे तो गिनती के हैं लेकिन यहां के लोगों ने कोरोना से निपटने के लिए खुद गांव को बचाने की ठानी है। गांव के किसान हरविंदर सिंह ने बताया कि सभी लोगों ने अपने स्तर पर चंदा इकट्ठा किया और फिर उससे बाजार से सैनिटाइजर लाए और गांव की हर गली, मंदिर, गुरुद्वारे आदि में छिड़काव किया।

लोगों में मास्क भी बांटे गए हैं। साथ ही बताया कि पूरे गांव की सहमति के बाद गांव को नाभा शहर से जोड़ती सभी सड़के खुद ही बैरीकेड लगाकर बंद कर दी हैं। आने-जाने वाले लोगों पर नजर रखी जा रही है। इसके लिए बारी-बारी ठीकरी पहरे दिए जा रहे हैं। 

ऐसा ही कुछ गांव अजनौदा, मांगेवाल और भादसों में भी किया गया है। अगेती की तरह इन गांवों में भी नियम बनाए गए हैं कि इमरजेंसी में दवा लेने गांव से बाहर जा सकते हैं, बशर्ते उन्हें कोरोना वायरस संबंधी रजिस्टर में जाने की वजह, समय और वापसी आने की समय सीमा दर्ज करनी होगी। अगर किसी को कोई जरूरी सामान, नकदी व अन्य कोई दूसरी सेवा चाहिए, तो वह गांव के अंदर मुहैया कराई जाएगी।
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पंजाब: थाली बजाते हुए निकाला मार्च, 40 पर केस, विदेश से लौटे लोगों के घरों पर लगाए पोस्टर

सीएम सिटी में प्रशासन की ओर से इकट्ठ करने पर लगी रोक के बावजूद रविवार रात करीब 40 लोग इकट्ठा होकर तालियां पीट-पीट कर मार्च निकाल रहे थे। इस मामले में कार्रवाई करते हुए कोतवाली थाना पुलिस ने सभी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।

थाना इंचार्ज सुखदेव सिंह के मुताबिक रविवार को जनता कर्फ्यू लगा था। रात करीब सवा आठ बजे ए टैंक पटियाला के पास करीब 40 लोग इकट्ठा होकर थालियां पीट पीट कर मार्च निकालने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही पुलिस पार्टी मौके पर पहुंची और इस मार्च को तितर-बितर करके लोगों को घरों को भेज दिया गया। इस मामले में सभी के खिलाफ धारा 188 आईपीसी तहत केस दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की पहचान की जा रही है, जिसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। 

इस तरह जनता कर्फ्यू के बावजूद इकट्ठा होकर शराब पीने के आरोप में अनाज मंडी थाना पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज करके गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पार्टी जनता कर्फ्यू के दौरान गांव अलीपुर पास मौजूद थी। सूचना मिलने पर फोकल प्वाइंट झुग्गियों पास रेड करके मौके से इंद्रपाल निवासी पटियाला, खत्री राम निवासी अलीपुर अराइयां बाजीगर बस्ती, बचन सिंह निवासी गांव मीरांपुर को काबू किया गया, जो प्रशासन के आदेशों के बावजूद इकट्ठे होकर शराब पी रहे थे। मौके से 650 एमएल शराब व शराब पीने के बर्तन बरामद किए गए।

संगरूर: मैरिज पैलेस के मैनेजर के खिलाफ केस दर्ज
कोरोना वायरस को रोकने के लिएपंजाब सरकार की हिदायतों का उल्लंघन करने पर मालेरकोटला के नजदीकी गांवकुप खुर्द के समीप स्थित एक मैरिज पैलेस में विवाह समागम करने वाले पैलेस के मैनेजर खिलाफ पुलिस थाना अहमदगढ़ में मामला दर्ज किया गया है। वहीं बच्चों की परीक्षा कराने वाले स्कूल के खिलाफ की मान्यता रद्द करने की सिफारिश की गई है। 
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अफवाह फैलाने के आरोप में दो नामजद

गांव साहल के रहने वाले एक 70 साल के बुजुर्ग की मौत हार्ट अटैक से हो गई, लेकिन इस मौत का कारण कोरोना वायरस बताकर लोगों में झूठी अफवाह फैलाने के आरोप में थाना खेड़ी गंड़ियां की पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया है। हालांकि अभी तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
जसपाल सिंह निवासी गांव साहल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसके घर पर रहने वाले राज सिंह (70) निवासी फतेहपुर वेहड़ा की मौत 21 मार्च की सुबह हार्ट अटैक से हो गई थी। लेकिन आरोपी मंगत सिंह निवासी गांव चलहेड़ी ने बुजुर्ग राज सिंह की मौत कोरोना वायरस से होने का एक गलत वीडियो वायरल कर दिया। इस वीडियो की वजह से झूठी अफवाह फैल गई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है।
इसी तरह से एक अन्य केस में राजपुरा के सरकारी अस्पताल में कोरोना वायरस का एक संदिग्ध केस आने की झूठी अफवाह फैलाने के आरोप में सिटी राजपुरा पुलिस ने एक व्यक्ति खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक अभी तक राजपुरा के एपी जैन सिविल अस्पताल में कोरोना वायरस का एक भी संदिग्ध केस नहीं आया है।
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राजिंदरा अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ को नहीं मिल रहे पीपी किट, दस्ताने

मालवा के बड़े अस्पतालों में शुमार सरकारी राजिंदरा अस्पताल में कोरोना वायरस के मरीजों के लिए बनाए आइसोलेशन वार्ड के नर्सिंग स्टाफ को पीपी किटें, दस्ताने और मास्क मुहैया नहीं करवाए गए हैं। ऊपर से बड़ी लापरवाही यह कि कोरोना संदिग्धों को ही नहीं, बल्कि पॉजिटिव मरीजों को भी आइसोलेशन वार्ड में ले जाने के बजाय पहले इमरजेंसी वार्ड में भेज दिया जा रहा है। भड़के नर्सिंग स्टाफ ने मंगलवार को राजिंदरा अस्पताल के एमएस दफ्तर के आगे नारेबाजी की और नर्सिंग स्टाफ की सुरक्षा को किटें वगैरह उपलब्ध कराई जाएं।
नर्स मनप्रीत कौर ने बताया कि वह आइसोलेशन वार्ड में ड्यूटी कर रही हैं लेकिन न तो उन्हें मास्क मिला, न दस्ताने और न ही पीपी किट। एक साधारण गाउन दिया गया है।
कोरोना पॉजिटिव महिला को सीधा इमरजेंसी लाया गया
स्टाफ नर्स कुलविंदर कौर ने बताया कि लुधियाना की पूजा नाम की महिला की कोरोना वायरस से मौत हुई। उसे पहले इमरजेंसी में लाया गया था, जहां स्टाफ ने बिना किसी सुरक्षा किट के उसे देखा। बाद में जब उसमें कोरोना के लक्षण पाए, तो आइसोलेशन वार्ड में ले जाया गया। करीब आधा घंटा वह इमरजेंसी में रही।
डाक्टरों को मिलती हैं किट, तो नर्सों को क्यों नहीं
नर्स संदीप कौर ने कहा कि नर्सें भी आइसोलेशन वार्ड, आईसीयू में अपनी सेवाएं दे रही हैं, तो फिर केवल डाक्टरों को ही क्यों पीपी किटें दी जा रही हैं। नर्सों को इससे वंचित क्यों रखा गया है।
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मंगलवार को पटियाला के सरकारी राजिंदरा अस्पताल के परिसर में सरकार के खिलाफ नारेबाजी करतीं नर्सें मंगलवार को पटियाला के सरकारी राजिंदरा अस्पताल के परिसर में सरकार के खिलाफ नारेबाजी करतीं नर्सें

पंजाब में कोरोना से तीसरी मौत, तीन नए केस आए सामने, पीड़ितों की कुल संख्या पहुंची 41

पंजाब में सोमवार तक कोरोना वायरस के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर तीन हो गई। अमृतसर में रविवार देर रात एक व्यक्ति की मौत के बाद सोमवार शाम छह बजे पटियाला के अस्पताल में भर्ती महिला ने भी दम तोड़ दिया। वह लुधियाना की रहने वाली थी। इसके साथ ही, सोमवार को प्रदेश में कोरोना के पॉजिटिव केसों की संख्या भी 38 से बढ़कर 41 पर पहुंच गई। वहीं फिरोजपुर में कोरोना के एक संदिग्ध 31 वर्षीय युवक की मौत हो गई है। उसके सैंपल जांच के लिए अमृतसर भेजे गए हैं। पंजाब में कर्फ्यू की अवधि भी 14 अप्रैल तक बढ़ा दी गई। 

मोहाली के नया गांव में सोमवार को एक 65 वर्षीय बुजुर्ग कोरोना पॉजिटिव पाया गया। उसे पीजीआई में भर्ती किया गया है। वहीं, दुबई से लौटा एक पटियाला निवासी भी पाजिटिव पाए जाने के बाद अस्पताल में दाखिल किया गया है। सेहत विभाग इन मरीजों के संपर्क में रहे लोगों की तलाश कर रहा है। उधर, हरियाणा में अंबाला के सिविल अस्पताल और जालंधर से सामने आए मामले में मरीज के पारिवारिक सदस्यों की जांच कर ली गई है। उनकी जांच रिपोर्ट निगेटिव पाई गई है। 

राज्य सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार सेहत विभाग द्वारा अब तक 1051 संदिग्धों की जांच के लिए सैंपल लिए गए जिनमें से 881 की रिपोर्ट निगेटिव पाई गई है। फिलहाल 129 लोगों की जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। फिलहाल राज्य सरकार और सेहत विभाग के लिए विदेश से लौटे ऐसे एनआरआई बड़ा सिरदर्द बने हुए हैं, जिन्होंने सरकार के आदेश के बावजूद अब तक अपनी स्वास्थ्य जांच नहीं कराई है और राज्य में इधर-उधर छिप रहे हैं। सरकार ने इनकी तलाश का काम राज्य पुलिस को सौंपा है।
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पटियाला: बुखार, खांसी-जुकाम के बाद अस्पताल पहुंचा दुबई से लौटा युवक, जांच में निकला कोरोना पॉजिटिव

दुबई से लौटा पटियाला का एक युवक कोरोना पॉजीटिव पाया गया है। फिलहाल युवक सरकारी राजिंदरा अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में दाखिल है। उधर सेहत विभाग की टीम उसके घर पहुंची। उसके संपर्क में आए पारिवारिक मेंबरों की स्क्रीनिंग की जा रही है। सेहत विभाग के डॉ. सुमित ने बताया कि गुरप्रीत सपरा (37) पटियाला के देसी मेहमानदारी एरिया का रहने वाला है। हाल ही में वह दुबई से लौटा था। 

बुखार, खांसी व जुकाम की शिकायत के चलते परिवार के लोग उसे सरकारी राजिंदरा अस्पताल लाए थे। जांच के बाद कोरोना के संदिग्ध केस के तौर पर उसे आइसोलेशन वार्ड में दाखिल किया गया था। सोमवार को उसकी रिपोर्ट कोरोना पॉजीटिव आई। इसके बाद विभाग की टीम ने युवक के परिवार वालों की स्क्रीनिंग शुरू कर दी थी। डा. सुमित ने बताया कि सभी परिवार वालों के सैंपल लेकर जांच को भेजे जाएंगे। तब तक परिवार के सभी मेंबरों को क्वारंटीन किया जाएगा। 

गांव के आरएमपी डॉक्टर और एक दुकानदार से भी मिला था कोरोना पॉजिटिव
गांव रामनगर सैनियां में कोरोना पॉजिटिव गुरप्रीत सिंह अपने परिजनों के अलावा गांव के ही एक आरएमपी डॉक्टर और एक दुकानदार के संपर्क में भी आया था। इसका पता लगते ही सेहत विभाग ने इन दोनों को क्वारंटीन करके निगरानी शुरू कर दी है। सेहत विभाग के मुताबिक अभी दोनों में कोरोना के कोई लक्षण नहीं मिले हैं।

जानकारी के मुताबिक 26 मार्च को अंबाला के सिविल अस्पताल में जाने से पहले जब गुरप्रीत को हल्का बुखार व दस्त की शिकायत हुई थी, तो उसने गांव के ही एक आरएमपी डॉक्टर से दवा ली थी। वहीं गांव के ही एक दुकानदार से कुछ सामान खरीदा था। गुरप्रीत के सभी 14 परिजनों की रिपोर्ट पहले ही निगेटिव आ चुकी है। 

जिले में 2080 विदेशों से लौटे लोगों की स्क्रीनिंग  
सेहत विभाग की टीमों की ओर से पटियाला के विभिन्न इलाकों में विदेशों से आए यात्रियों की भी निगरानी की जा रही है। सिविल सर्जन डॉ. हरीश मल्होत्रा ने बताया कि अब तक जिले में 2080 विदेश से लौटे यात्रियों के घरों तक विभाग की टीमों द्वारा पहुंच की गई है। जिसमें 1659 यात्री अपना 14 दिनों का क्वारंटीन पूरा कर चुके हैं और बाकी सेहत विभाग की निगरानी में हैं।
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पटियाला के छह मेडिकल अफसरों को कारण बताओ नोटिस जारी

गांव रामनगर सैनियां में युवक के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद गांव में सर्वे के दौरान छह मेडिकल अफसरों की ओर से ड्यूटी में कोताही करने का मामला सामने आया है। इसका गंभीर नोटिस लेते हुए सिविल सर्जन डॉ. हरीश मल्होत्रा ने उन सभी को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। तय तारीख तक जवाब न मिलने पर इन मेडिकल अफसरों की सस्पेंशन के लिए उच्चाधिकारियों को लिखा जाएगा। सिविल सर्जन ने कहा कि यह विभाग का अंदरूनी मामला है। सभी का जवाब आ गया है।
गौरतलब है कि रविवार को गांव रामनगर सैनियां का 21 साल का गुरप्रीत सिंह कोरोना पॉजिटिव पाया गया था। इसके बाद विभाग ने तुरंत टीमों का गठन करके गांव में सर्वे शुरू किया था। जारी नोटिस में सीएमओ ने लिखा है कि रविवार को जब गांव में सेहत विभाग की टीम मौजूद थी, तो वहां कुछ डाक्टरों ने ड्यूटी में लापरवाही बरती। इनमें जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. सुधा ग्रोवर, सीएचसी (कम्यूनिटी हेल्थ सेंटर) घन्नौर की इंचार्ज एसएमओ डॉ. सतिंदर कौर, सीएचसी घन्नौर के एमओ (मेडिकल अफसर) डॉ. बलजिंदर काहलों, पीएचसी (प्राइमरी हेल्थ सेंटर) हरपालपुर के एमओ डॉ. प्रदीप, मिनी पीएचसी मर्दांपुर की एमओ डॉ. नीरू चावला और डा. मनदीप कौर शामिल हैं।
नोटिस में लिखा है कि इन मेडिकल अफसरों ने इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च की गाइडलाइन की धज्जियां उड़ाईं और इनके विपरीत जाकर सर्जिकल गाउन और पीपी किटें इस्तेमाल कीं। जबकि इस दौरान इनके इस्तेमाल की जरूरत नहीं थी। वहीं यह मेडिकल अफसर गाड़ी से भी नीचे नहीं उतरे। जबकि पैरा मेडिकल स्टाफ ने घर-घर जाकर सर्वे किया। नोटिस में लिखा है कि जिस समय इन्हें ट्रेनिंग दी गई थी, उस समय इन्होंने या तो ध्यान नहीं दिया या फिर जानबूझ कर ऐसा किया है।
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कोरोना और कर्फ्यूः पंजाब सरकार ने उद्योगों व ईंट भट्ठों को दी उत्पादन शुरू करने की सशर्त छूट

प्रवासी मजदूरों की समस्या हल करने और राज्य में कोविड-19 के दौरान उन्हें राज्य से बाहर जाने से रोकने के लिए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने राज्य में सभी औद्योगिक यूनिटों और ईंट भट्टे को अपना उत्पादन शुरू करने को कहा है, बशर्ते वे अपने पास मजदूरों को सुरक्षित रखने के सभी प्रबंध करें।

कैप्टन ने कहा कि उनकी सरकार ने राधा स्वामी सत्संग ब्यास, जिन्होंने पहले ही अपने भवनों को एकांतवास की सुविधा के लिए ऑफर किया है, के साथ भी प्रवासी मजदूरों के ठहरने के प्रबंध के लिए बातचीत की है, क्योंकि अगले दो सप्ताह में शुरू होने वाली गेहूं की कटाई के लिए मजदूरों की जरूरत होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर औद्योगिक इकाइयां और भट्टा मालिकों के पास प्रवासी मजदूरों को रखने के लिए अपेक्षित जगह और भोजन देने का सामर्थ्य है, तो वह अपना उत्पादन शुरू कर सकते हैं। साथ ही उन्होंने इन इकाइयों के मालिकों को इस समय के दौरान सामाजिक दूरी कायम रखने को भी यकीनी बनाने को कहा।

कैप्टन ने कहा कि सभी औद्योगिक इकाइयों में कामगारों के लिए साफ-सफाई के सभी एहतियाती कदम पूरी तरह उठाये जाएं। उन्होंने कहा कि इकाइयों को साझी सहूलतों वाले स्थानों की सफाई और वर्करों के लिए साबुन और खुले पानी के पुख्ता प्रबंध करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रमुख स्थानों पर हाथ धोने की सहूलतें और सैनिटाइजर भी उपलब्ध होने चाहिए।

सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि देश में लाखों की संख्या में प्रवासी मजदूरों के फंसे होने की रिपोर्टों के मद्देनजर यह फैसला लिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह फैसला उद्योग व भट्ठा मालिकों और रोजगार और मकान गंवा चुके मजदूरों दोनों के लिए लाभकारी होगा।

नौकरी से न हटाने और वेतन न काटने संबंधी एडवाइजरी जारी
इस बीच मुख्यमंत्री के निर्देश पर पंजाब के श्रम विभाग ने निजी संस्थानों के मालिकों, जिसमें उद्योग, फैक्ट्रियाें, दुकानों और व्यापारिक प्रतिष्ठान शामिल हैं, को अपने कर्मचारियों /कामगारों और ठेकेदारी कामगारों को नौकरी से न हटाने और उनके वेतन में कटौती न करने की एडवाइजरी जारी की है।
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कोरोना और कर्फ्यूः पंजाब में किसानों की मदद के लिए कंट्रोल रूम, हालात से निपटने को चार कमेटियां

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के आदेश पर कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने किसानों की सुविधा के लिए राज्य स्तरीय कंट्रोल स्थापित किया है ताकि कर्फ्यू के मद्देनजर किसानों को किसी किस्म की मुश्किल पेश न आए। मुख्यमंत्री ने बताया कि रबी की कटाई का सीजन शुरू हो रहा है। इस दौरान किसानों की फसलों की निर्विघ्न कटाई और मंडीकरण के पुख्ता प्रबंध सरकार द्वारा किये गए हैं।

उन्होंने बताया कि खरीफ की फसल के लिए भी बीजों, खादों और कीटनाशकों का बंदोबस्त किया गया है। अतिरिक्त मुख्य सचिव (विकास) विश्वजीत खन्ना ने बताया कि राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम स्थापित करके कृषि अधिकारियों की तैनाती कर दी गई है और किसानों की सुविधा के लिए इन अधिकारियों के संपर्क नंबर भी जारी कर दिए गए हैं। यह अधिकारी सुबह 8 बजे से शाम 8 बजे तक किसानों की काल सुनेंगे और उन्हें पेश आ रही दिक्कतों का हल बताऐंगे।

कंट्रोल रूम में इनसे करें संपर्क
- बीजों की उपलब्धता के लिए कृषि विकास अफ़सर विक्रम सिंह (9815520190, 7973082185)
- खाद की उपलब्धता के लिए एडीओ (इनपुट्स) गिरिश (9478271833) व मुख्य खाद इंस्पेक्टर गुरजीत सिंह बराड़ (8054600004)
- कीटनाशकों की उपलब्धता के लिए कृषि विकास अफ़सर पंकज सिंह (9463073047)
- सिंचाई पानी के लिए हाइड्रोलोजिस्ट जसवंत सिंह (8725827072)
- मशीनरी सबंधी दिक्कतों के लिए इंजीनियर राजन कुमार ढल (9855102604)
- फसलों की बीजाई व तकनीकी जानकारी के लिए कृषि विकास अफ़सर (सूचना) सुरिंदर सिंह (9814665016)
- किसान पूछताछ के लिए किसान कॉल सैंटर 1800 -180 -1551 पर भी संपर्क कर सकते हैं।
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जम्मू-कश्मीर के 121 लोगों को स्पेशल बसों से भेजा घर

जम्मू-कश्मीर से पटियाला आए 121 लोगों को उनके घर तक पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के आदेशों पर मेयर संजीव शर्मा बिट्टू ने डीसी कुमार अमित के माध्यम से चार स्पेशल बसें पटियाला से जम्मू-कश्मीर के लिए रवाना की। इन बसों को रवाना करने के लिए लक्कड़ मंडी पहुंचे मेयर बिट्टू ने बताया कि जम्मू-कश्मीर से आए 121 लोगों की एक सूची तैयार की गई थी। इन सभी को तय दूरी पर बिठाकर जरूरी सामान के साथ शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर के लिए रवाना कर दिया गया है। इसके बाद उत्तरप्रदेश और बिहार से आए लोगों के लिए भी इसी प्रकार का प्रयास पंजाब सरकार की ओर से किया जाएगा। इसके लिए घर लौटने के इच्छुक लोगों की सूची तैयार की जा रही है।
मेयर ने कहा कि बेशक जम्मू-कश्मीर से काम के लिए पटियाला आए लोगों को खाने और रहने की कोई दिक्कत नहीं हो रही थी, लेकिन लॉक डाउन के बाद वहां के लोगों को अपने परिजनों की फिक्र हो रही थी। लोगों की भावनाओं को समझते हुए उन्हें उनके घर तक पहुंचाने के लिए पंजाब सरकार ने चार स्पेशल बसें जम्मू के लिए रवाना करने का आदेश दिया।
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हरियाणा: अंबाला पहुंचा पटियाला का युवक निकला कोरोना पॉजिटिव, नेपाल की यात्रा कर लौटा था गांव

पंजाब से अंबाला पहुंचा 21 वर्षीय गुरप्रीत कोरोना पीड़ित निकला। गुरप्रीत को शुक्रवार दोपहर को जिला नागरिक अस्पताल अंबाला शहर में भर्ती किया गया था। जैसे ही शनिवार शाम करीब साढ़े 7 बजे उसकी रिपोर्ट अंबाला पहुंची वैसे ही स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। क्योंकि यह अंबाला का पहला कोरोना पीड़ित मरीज निकला है।

गुरप्रीत पंजाब के पटियाला के बनूड के गांव रामनगर का रहने वाला है। वह 19 मार्च को नेपाल से पंजाब स्थित अपने गांव रामनगर पहुंचा था। जिस बस में वह आया था उसमें कौन-कौन थे अब इस बात की जांच भी शुरू हो गई है। लेकिन इस सब के बीच बड़ी लापरवाही उजागर हुई है।

आखिर लॉकडाउन में भी पंजाब बोर्डर पार कर गुरप्रीत इलाज के लिए अंबाला जिला नागरिक अस्पताल तक कैसे पहुंचा? बता दें कि अंबाला में अब 29 केस नेगेटिव पाए गए हैं जबकि 3 की रिपोर्ट आनी बाकी है। हालात यह हैं कि धड़ल्ले से पंजाब बार्डर पार कर लोग अंबाला में प्रवेश कर रहे हैं। यदि ऐसे ही हाल रहे तो अंबाला में स्थिति संभलाना असंभव हो जाएगा।
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पटियाला: 14 दिन क्वारंटीन में रहने के बाद युवती को बुखार और गले में दर्द, मलेशिया से लौटी थी

पटियाला में कोरोना वायरस मरीजों के इलाज के लिए दी जा रही चिकित्सा सेवाओं का जायजा लेने के लिए शनिवार को सेहत विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी अनुराग अग्रवाल ने जिले का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने कोरोना से निपटने के लिए बनाई गई आइसोलेशन सुविधाओं का दौरा किया और प्रबंधों का जायजा लिया।

उन्होंने सरकारी राजिंदरा अस्पताल में डायरेक्टर शोध एवं चिकित्सा शिक्षा, प्रिंसिपल मेडिकल कालेज और मेडिकल सुपरिंटेंडेंट साथ बैठक करके भरोसा दिलाया कि कोरोना वायरस के मरीजों के इलाज के लिए अस्पताल में सुविधाओं को और बढ़ाने के सारे प्रबंध किए जाएंगे। मास्क और पीपीटी किटों की जरूरी सप्लाई बरकरार रखी जाएगी।

उन्होंने कहा कि डॉक्टरों की सुरक्षा और मरीजों के इलाज में किसी तरह की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने डीसी व सिविल सर्जन साथ बातचीत करते हुए जिले की कोरोना वायरस की स्थिति व इससे निपटने को एक्शन प्लान का जायजा लिया और अब तक के कार्यों पर तसल्ली जताई।

सिविल सर्जन डॉ. हरीश मल्होत्रा ने बताया कि शनिवार को सरकारी राजिंदरा अस्पताल में कोरोना के टेस्ट के लिए एक मरीज दाखिल हुआ। यह पटियाला की रहने वाली 22 साल की एक युवती है, जो पिछले दिनों मलेशिया से वापस आई थी और उसका घर में अलग रहने का 14 दिनों का समय पूरा हो गया है। शनिवार सुबह गले में दर्द, बुखार और फ्लू जैसे लक्षण होने पर उसे राजिंदरा अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में दाखिल कराया गया। सैंपल लेकर जांच को लैब में भेज दिया गया है। जिसकी रिपोर्ट रविवार तक आने की संभावना है।
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