विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

From nearby cities

किसी परिचय के मोहताज नहीं लोक गायक जगदीश

हिमाचली लोक कलाकारों में जगदीश शर्मा किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। बंजार के छोटे से गांव के जगदीश युवाओं के बीच खास जगह बना चुके हैं।

16 मार्च 2020

विज्ञापन
विज्ञापन

शिमला

बुधवार, 8 अप्रैल 2020

Coronavirus: घर-घर जाकर प्राप्त की 41 लाख लोगों के स्वास्थ्य की जानकारी

हिमाचल सरकार ने राज्य की आधे से ज्यादा आबादी का स्वास्थ्य विवरण जुटाने का दावा किया है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि राज्य में शुरू सक्रिय मामला खोज अभियान के तहत स्वास्थ्य कार्यकर्ता की ओर से घर-घर जाकर 41 लाख व्यक्तियों की स्वास्थ्य जानकारी प्राप्त की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को सर्जिकल मास्क, हैंड सैनिटाइजर देने के पर्याप्त प्रबंध किए जाने चाहिए। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कोरोना वायरस के दृष्टिगत मंगलवार को शिमला से प्रदेश के सभी उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक की।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने तब्लीगी जमात के कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्तियों के नजदीकी लोगों का पता लगाने के लिए बड़ा अभियान आरंभ करने के निर्देश दिए, जिससे यह वायरस आगे न फैल सके। उन्होंने कहा कि इन व्यक्तियों को चिकित्सा जांच करवाने तक क्वारंटीन में रखा जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने लोगों से आग्रह किया कि कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए अपने क्षेत्रों में ऐसे व्यक्तियों को चिन्हित करने के लिए आगे आएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार यात्रा का ब्योरा छिपाने वाले व्यक्तियों व उन्हें आश्रय देने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी। जयराम ठाकुर ने कहा कि जिला सोलन के बद्दी क्षेत्र में स्थित ईएसआई अस्पताल को कोविड-19 के पॉजीटिव रोगियों की चिकित्सा के लिए अधिसूचित किया है। इस अस्पताल में सोलन और सिरमौर जिलों के रोगियों को चिकित्सा प्रदान की जाएगी। 

कर्फ्यू के दौरान कोई कोताही नहीं बरती जाएगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्फ्यू के दौरान कोई कोताही नहीं बरती जाएगी। वाहनों की आवाजाही को भी सीमित किया जाना चाहिए। यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि लोग कर्फ्यू में दी ढील के दौरान जरूरी घरों से बाहर न निकलें। जयराम ठाकुर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जरूरी वस्तुओं को कर्फ्यू में ढील के दौरान उपलब्ध करवाया जाए, जिससे लोगों को असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि होम डिलीवरी सिस्टम को सुदृढ़ दिया जाएगा, जिससे लोगों को जरूरी वस्तुओं के लिए घरों से बाहर न आना पड़े। उन्होंने कहा कि जमाखोरी और मुनाफाखोरी को रोकने और दोषी व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने पर बल दिया।
... और पढ़ें

हेलमेट निर्माता कंपनी के कर्मचारियों की सैंपल रिपोर्ट निगेटिव

नालागढ़ (सोलन)। औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन के झाड़माजरी स्थित हेलमेट निर्माण उद्योग के 20 कामगारों के सैंपल की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। इस उद्योग के गेस्ट हाउस में ठहरी एक 70 साल की महिला की पीजीआई में मौत और चार लोगों के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद संपर्क में आए 20 कामगारों के सैंपल जांच के लिए सीआरआई कसौली भेजे गए थे।
नालागढ़ में तब्लीगी जमात में आए 46 लोगों और बद्दी के झाड़माजरी की हेलमेट बनाने वाले उद्योग से 7 सैंपल लिए गए थे, जिनकी जांच आईजीएमसी शिमला में हुई। इनमें नालागढ़ में 3 और झाड़माजरी में चार लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। उद्योग के गेस्ट हाउस में ठहरे लोगों के संपर्क में आने वाले अन्य लोगों के सैंपल स्वास्थ्य विभाग द्वारा जांच के लिए सीआरआई कसौली भेजे गए थे। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एनके गुप्ता ने बताया कि सभी 20 सैंपलों की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन के दिशा-निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग नियमित रूप से कोरोना वायरस की जांच एवं पुष्टि की दिशा में अग्रसर है।
... और पढ़ें

निजी स्कूलों ने जारी कर दिया फीस जमा करवाने का फरमान

शिक्षा मंत्री ने दे रखे हैं लॉकडाउन तक फीस न वसूलने के निर्देश, कुछ स्कूल कर रहे मनमानी
विभाग ने ई-मेल कर उल्लंघन करने वालों को दी चेतावनी
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। कोरोना संक्रमण से लोगों को सुरक्षित रखने के सरकार के 21 दिन के लॉक डॉउन में भी कुछ निजी स्कूल मनमानी कर रहे हैं। वह अभी भी अभिभावकों को लॉकडॉउन के बावजूद फीस जमा करवाने के मैसेज और ई मेल कर रहे हैं। शिक्षा मंत्री ने अभिभावकों को इस मुश्किल की घड़ी में 30 अप्रैल तक फीस न वसूलने की हिदायत दे रखी है। कॉन्वेंट स्कूलों को साफ निर्देश दिए थे कि वह लॉकडॉउन समाप्त होने तक कोई फीस नहीं लेंगे। इसके बावजूद कुछ निजी स्कूल अभिभावकों को मैसेज कर ऑनलाइन या बैंक के माध्यम से फीस जमा करवाने को कह रहे हैं।
ऐसे में अभिभावक परेशान हैं, घर से वह बाहर नहीं निकल सकते। कुछ ऐसे भी हैं जो लॉकडॉउन के कारण आर्थिक तंगी से भी जूझ रहे हैं। ऐसे में स्कूलों का उन्हें फीस जमा करवाने का मैसेज परेशान कर है। उच्च शिक्षा निदेशालय ने इसे फीस वसूलने वाले स्कूलों के खिलाफ संकट के समय में सरकार के आदेशों की उल्लंघन करने पर करवाई करने की अंतिम चेतावनी भी दी है। वहीं बाकायदा ई मेल कर फीस न लेने के सरकारी आदेशों से अवगत भी करवाया है। विभाग ने चेताया है कि आदेश न मानने वाले स्कूलों को संबद्धता लेने के समय में दिक्कतें पेश आ सकती हैं।
प्रदेश सरकार करे सख्त कार्रवाई : शर्मा
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के उपनगर इकाई मंत्री मंत्री राहुल शर्मा ने जुब्बड़हट्टी के एक निजी स्कूल का हवाला देते हुए कहा कि प्रदेश के कई स्कूल शिक्षा मंत्री और शिक्षा विभाग के आदेशों को दरकिनार कर लॉकडाउन के बावजूद फीस जमा करवाने को कह रहे हैं। उनका कहना है आज जहां पूरा देश कोरोना वायरस की समस्या से जूझ रहा है जिस कारण हिमाचल में तालाबंदी की स्थिति बनी हुई है। इसके बावजूद कुछ निजी स्कूल फीस वसूल रहे हैं। इससे पहले से परेशान अभिभावकों को और परेशान किया जा रहा है। एबीवीपी के उपनगर इकाई अध्यक्ष मनीष महेंद्रु ने कहा कि यह बहुत ही निंदनीय घटना है जिसका विद्यार्थी परिषद कड़ा विरोध करती है। परिषद सरकार से मांग करती है कि इस तरह की घटनाओं पर सख्त कार्यवाही की जाए।
बचाव का संदेश देकर दिए हैं फीस जमा करने के निर्देश
निजी स्कूलों के अभिभावकों को मिले मैसेज में कोरोना से बचाव के लिए उचित दूरी बनाए रखने के संदेश के साथ फीस की डिमांड की है। इसमें कहा है कि फीस जमा करवाने को अकाउंट नंबर की जरूरत नहीं। प्ले स्टोर से यूको एम एप्लिकेशन डॉउनलोड करने का रास्ता बता भुगतान करने को कहा है। इसके लिए स्कूल का अकाउंट नंबर आईइफ एससी कोड भी दिया गया है।
... और पढ़ें

कुल्लू का जवान शहीद, बिलख रही पत्नी और छह माह की मासूम बेटी

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले का सेना में तैनात जवान शहीद हो गया है। बेटे की शहादत की सूचना मिलते ही परिजन बेसुध हो गए हैं। शहीद जवान अपने पीछे पत्नी और छह माह की मासूम बेटी को छोड़ गया है। जवान की मौत के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। शहीद लग्न चंद 2011 में सेना में भर्ती हुआ था और इन दिनों राजस्थान में आर्टिलरी-94 मध्यम रेजिमेंट में सेवाएं दे रहा था। 

शहीद जवान की पत्नी भी राजस्थान में थी। वह कुछ दिन पहले ही बच्ची के साथ घर लौटी है। एसडीएम बंजार एमआर भारद्वाज ने कहा कि सूचना मिली है पर कोई भी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है । शहीद का गुरुवार को सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। जवान के माता पिता और भाई भाभी का रो-रोकर बुरा हाल है।

शिल्ली पंचायत के उप प्रधान मोहर सिंह ने जवान के शहीद होने की पुष्टि की है। शहीद की पहचान लग्न चंद सुपुत्र झुड़ू राम गांव गरौली पंचायत शिल्ली डाकघर तुंग तहसील बंजार के रूप में हुइ है। तीन दिन के भीतर कुल्लू जिले में दो जवान देश के लिए शहीद हुए हैं। इससे पहले जम्मू के केरन सेक्टर में आतंकियों से मुठभेड़ में कुल्लू के बालकृष्ण शहीद हो गए थे।
... और पढ़ें
शहीद लग्न चंद शहीद लग्न चंद

कोरोना वायरस: चंबा की खजुआ पंचायत में बाहरी लोगों के प्रवेश पर पाबंदी

कोरोना वायरस के तेजी से फैलते संक्रमण की रोकथाम के लिए हिमाचल में अब लोग खुद कदम उठा रहे हैं। प्रदेश के चंबा जिले की खजुआ पंचायत के लोगों ने क्षेत्र के सारे रास्ते बंद कर दिए हैं। लोग दिन-रात पहरा देने में जुटे हुए हैं। पत्थरों पर लिख दिया है कि खजुआ पंचायत में बाहरी व्यक्ति का प्रवेश बंद है। पंचायत के लोगों ने क्षेत्र की ओर जाने वाले सभी रास्तों पर लकडिय़ां और पत्थर रखकर बंद कर दिया है।

लोगों ने कहा कि संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए पंचायत ने यह फैसला लिया है। स्थानीय प्रशासन की ओर से शिकारी मोड़ के पास रास्ता बंद कर दिया गया है। एसडीएम हेम चंद वर्मा ने कहा कि लोगों का जागरूक होना बहुत जरूरी है। पंचायत प्रतिनिधि और गांवों के लोग भी इसमें सहयोग कर रहे हैं।

गौरतलब है कि इससे पहले बीते दिनों कुल्लू जिले की उझी घाटी की सोयल पंचायत के सोयल गांव में स्थानीय ग्रामीणों ने स्वयं पहल करते हुए पड़ोसी पंचायतों सहित बाहरी लोगों के गांव में प्रवेश पर पाबंदी लगा दी थी।  गांव की महिलाएं और पुरुष हाथ में डंडा लेकर पहरा दे रहे हैं। सुबह से शाम तक महिलाएं चरणबद्ध तरीके से पहरा देने में डटी हैं।
... और पढ़ें

कोरोना संक्रमित जमातियों के संपर्क में आए दंपती को आईसोलेशन सेंटर में भेजा

हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के कुठेड़ा खैरला में कोरोना पॉजिटिव पाए गए तब्लीगी जमात के सदस्यों के संपर्क में आए दंपती को आईसोलेशन सेंटर में भेज दिया गया है। पति-पत्नी को आईसोलेशन सेंटर खड्ड में शिफ्ट किया गया है। कुठेड़ा खैरला मस्जिद में ठहरे तब्लीगी जमात के नौ लोग क्वारंटीन कर पेखूवेला भेजे गए थे।

बीते दिन इन सबकी रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया। पुलिस टीम मंगलवार रात को ही कुठेड़ा खैरला पहुंची और सारे क्षेत्र को सील कर दिया। जमात के नौ लोगों के संपर्क में आए दंपती के बारे में बताया जा रहा है कि जमाती उनसे मिले थे। उन्होंने संभवत: जमातियों को भोजन भी करवाया था। उन्हें मंगलवार रात को ही पुलिस ने आईसोलेशन सेंटर खड्ड भेज दिया।

जबकि जमातियों के संपर्क में आए अन्य लोगों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। अंब के डीएसपी मनोज जम्वाल ने बताया कि क्षेत्र में परिस्थितियों को देखते हुए पूरी एहतियात बरती जा रही है। तब्लीगी जमात के संपर्क में आए कुठेड़ा खैरला के दंपती को आईसोलेशन सेंटर भेजा गया है।
... और पढ़ें

हिमाचल: साढ़े 18 लाख राशन कार्ड धारकों को डिपुओं में महंगा मिलेगा सरसों तेल

सांकेतिक तस्वीर
हिमाचल के साढ़े 18 लाख राशन कार्ड उपभोक्ताओं को मई महीने से सरसों तेल छह रुपये प्रतिलीटर महंगा मिलेगा। पहले सप्लाई दे रही कंपनी के इनकार के बाद अब गोकुल कंपनी ने सरसों तेल देने की हामी भरी है। सरकार को सरसों तेल 96 रुपये प्रति लीटर मिलेगा। इसे उपभोक्ताओं को 88 रुपये प्रति लीटर दिया जाएगा। अभी राशन कार्ड उपभोक्ताओं को 82 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है।

खाद्य आपूर्ति निगम एमडी मानसी सहाय ने इसकी पुष्टि की है। कंपनी ने 20 अप्रैल से हिमाचल में तेल की सप्लाई करने की बात कही है। हिमाचल में अदानी रिफाइंड तेल की सप्लाई कर रहा है। रिफाइंड तेल महंगा होने के कारण अदानी ने सप्लाई देने से मना किया है। इसलिए डिपो में अगले 3 महीने तक रिफाइंड तेल नहीं, बल्कि दो लीटर सरसों तेल ही मिलेगा। 

अब राज्यस्थान और एमपी से आएंगी दालें
हिमाचल सरकार केंद्र की सरकारी एजेंसी से दालें लेती है। तेलगांना से भी सरकार ने दालें मांगी थीं, लेकिन वहां से इंकार के बाद अब राज्यस्थान और एमपी से दालों की सप्लाई होगी। खाद्य आपूर्ति निगम का मानना है कि दालों के रेट में कमी आई है। इसलिए डिपो में दालें सस्ती मिल सकती हैं।
... और पढ़ें

हिमाचल: शिक्षकों के घर पर चेक होंगे 10वीं और 12वीं के पेपर

सामाजिक दूरी का पालन करने के लिए हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड अब एसओएस (स्टेट ओपन स्कूल), 10वीं और 12वीं कक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं को मूल्यांकन के लिए शिक्षकों के घर पर ही भेजेगा। बोर्ड ने इसकी पूरी व्यवस्था कर ली है। इसके अलावा 12वीं और एसओएस के तहत बची शेष विषयों की परीक्षाएं लॉकडाउन खत्म होने के बाद होंगी।

स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सुरेश कुमार सोनी ने बताया कि मंगलवार को बोर्ड ने इस संबंध में कुछ अहम फैसले लिए, जिन्हें अब प्रदेश सरकार को स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। जिन शेष विषयों की बोर्ड परीक्षाएं बची हैं, उनमें छात्रों की संख्या बहुत कम है। इनमें से हर परीक्षा केंद्र पर छात्रों की संख्या भी सात से आठ के करीब है।
... और पढ़ें

यह कैसा कर्फ्यू: हिमाचल के सोलन से घोड़ों समेत पांवटा पहुंच गए सात लोग

लॉकडाउन और कर्फ्यू के बीच बिना अनुमति पत्र के सात लोग हिमाचल के सोलन से पांवटा साहिब पहुंच गए लेकिन, किसी ने उन्हें रास्ते में रोका नहीं। सिरमौर और सोलन जिले में जगह-जगह नाकेबंदी के बावजूद सात लोग अपने घोड़ों के साथ कैसे पांवटा साहिब तक पहुंच गए, इस पर सवाल उठ रहे हैं। पांवटा साहिब बैरियर से भी ये लोग आगे बढ़ गए। लेकिन, उत्तराखंड पुलिस ने अनुमति पत्र नहीं होने का हवाला देकर वापस हिमाचल भेज दिया। अब ये सभी लोग सिरमौर प्रशासन से अनुमति पत्र लेने की गुहार लगा रहे हैं। 

प्रदेश में कर्फ्यू के बावजूद सोलन से बिना अनुमति के सात प्रवासी मजदूर अपने 21 घोड़ों के साथ पांवटा साहिब तक पहुंच गए। हैरानी इस बात की है कि गोविंदघाट बैरियर से भी अनुमति नहीं होने के बावजूद उन्हें उत्तराखंड के बहराल बैरियर की तरफ रवाना होने दिया गया। लेकिन, उत्तराखंड पुलिस ने इन्हें वापस भेज दिया। मंगलवार को दोपहर करीब 11 बजकर 56 मिनट पर एनएच-07 पर दर्जनों घोड़ों-खच्चरों के चलने की आवाज सुनी तो लोग हैरान रह गए। सात कामगार 21 घोड़ों के साथ पैदल चल रहे थे। हिमाचल-उत्तराखंड बैरियर गोविंदघाट पर इन्हें रोका गया।

इनको अनुमति पत्र दिखाने को कहा गया। मजदूर मोहम्मद साजिद, नौशाद, बासिद, अफजल, राकिब, शहबाज व शमशाद का कहना था कि किसी ने कोई अनुमति नहीं दी है। इनका कहना था कि पिछले जनवरी माह से हिमाचल में विभिन्न जगहों पर काम कर रहे हैं। ढाई माह से सोलन के निगम में लकड़ी ढ़ोने का काम कर रहे थे। पहले लॉकडाउन फिर कर्फ्यू लगने के बाद से सोलन में ही फंसे हुए थे। आसपास के लोग 21 घोड़े होने पर बाहर नहीं जाने देते, जिसके चलते चारा लाना व घोड़ों को पालना कठिन हो रहा था। मजबूरन रविवार को पैदल ही घोड़ों सहित सोलन से नजीबाबाद के लिए निकल पड़े। सोलन से उत्तर प्रदेश के नजीबाबाद की दूरी लगभग 296 किमी है।

सोलन से पांवटा साहिब तक 128 किलोमीटर दूरी तय कर ली। अब स्थानीय प्रशासन व पुलिस से मजदूर अनुमति देने की गुहार लगा रहे हैं, जिससे घोड़ों सहित पैदल चलकर 296 किमी दूर अपने घर यूपी के नजीबाबाद पहुंच सकें।  डीएसपी पांवटा सोमदत्त ने कहा कि इस संदर्भ में फिलहाल उनके पास कोई जानकारी नहीं है। बिना अनुमति पत्र के उन्हें घोड़ों सहित नहीं आना चाहिए था। एसडीएम पांवटा साहिब लायक राम वर्मा ने बताया कि इस तरह की सूचना मिली है। सोलन जिला प्रशासन से अनुमति पत्र लेकर मजदूरों को घोड़ों सहित रवाना होना चाहिए था। इस बारे में जिलाधीश सिरमौर डॉ. आरके परुथी से इस संदर्भ में बातचीत की जाएगी। 
... और पढ़ें

कोरोना का असर: निजी अस्पतालों पर सख्ती, निमोनिया के हर मरीज की देनी होगी जानकारी

कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते हिमाचल सरकार ने सभी निजी अस्पतालों और क्लीनिकों पर सख्ती कर दी है। दो लोगों की मौत हो जाने के बाद प्रदेश सरकार ने यह सख्ती की है। ये मरीज भी पहले निजी अस्पतालों में इलाज के लिए गए थे। प्रदेश सरकार के निर्देश के अनुसार इन अस्पतालों को निमोनिया के हर मरीज की जानकारी जिला निगरानी अधिकारी को देनी होगी। कोरोना प्रभावित क्षेत्रों से जो लोग आए हैं, उनकी भी जानकारी देनी होगी।

संदिग्ध मरीजों के लिए भी अलग ओपीडी बनानी होगी। इसके अलावा क्लीनिकों में भीड़भाड़ न रखने के आदेश भी दिए गए हैं। अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य आरडी धीमान ने आदेश जारी किए हैं कि कोरोना प्रभावित क्षेत्रों से आने वाले तमाम मरीजों की सूचना देनी होगी। अगर उनमें बुखार, कफ या सांस लेने में दिक्कत जैसी परेशानी हो या ऐसे लोगों में अगर इस महामारी से संबंधित कोई लक्षण भी हो तो उस स्थिति में भी ऐसे मरीजों को अधिसूचित किया जाए। इसके अलावा सभी लक्षण वाले स्वास्थ्य कर्मियों के परीक्षण की भी जरूरत है। 
... और पढ़ें

कोरोना वायरस: कुल्लू में महिलाएं उतरीं पहरा देने, रिश्तेदारों को बुलाने पर भी रोक

कोरोना वायरस के तेजी से फैलते संक्रमण की रोकथाम को जिले की हिमाचल के कुल्लू जिले की उझी घाटी में ग्रामीण खुद भी आगे आ रहे हैं। घाटी की सोयल पंचायत के सोयल गांव में स्थानीय ग्रामीणों ने स्वयं पहल करते हुए पड़ोसी पंचायतों सहित बाहरी लोगों के गांव में प्रवेश पर पांबदी लगा दी है।  गांव की महिलाएं और पुरुष हाथ में डंडा लेकर पहरा दे रहे हैं। सुबह से शाम तक महिलाएं चरणबद्ध तरीके से पहरा देने में डटी हैं।

ग्रामीणों ने निर्णय लिया है कि कोरोना संकट के बने रहने तक न तो गांव का कोई व्यक्ति साथ लगती पंचायत व अन्य जगहों पर जाएगा। न ही अपने रिश्तेदारों को बुलाएगा। गांव में अगर कोई ऐसा करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जा सकती है। सोयल गांव की मुहिम को देखते हुए अब पूरी पंचायत में यह मुहिम शुरू हो सकती है। हालांकि, जिला कुल्लू में अभी तक कोरोना का एक भी मामला सामने नहीं आया है। इसके बावजूद ग्रामीण पूरी जागरूकता के साथ किसी प्रकार का खतरा मोल नहीं लेना चाहते।

सोयल पंचायत के वार्ड नंबर तीन के वार्ड सदस्य रामदास, वार्ड चार के सदस्य चूड़ामणि ने कहा कि  गांववासियों ने एक आपात बैठक की है। बैठक में कोरोना संकट से निपटने को लेकर कार्ययोजना  तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि गांव में बाहरी लोगों के साथ पड़ोसी पंचायत के लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। गांव से हर दिन 4 लोग चरणबद्ध तरीके से प्रवेश मार्ग पर पहरा देंगे। मंगलवार को वार्ड सदस्य रामदास, लता, पुष्पा, सुलक्षणा ने गांव के प्रवेश द्वार पहरा दिया। उन्होंने कहा कि कोरोना का खतरा बड़ा है। ऐसे में लापरवाही ग्रामीणों की जान पर भारी पड़ सकती है।
... और पढ़ें

कुल्लू की पार्वती घाटी में फंसे विदेशियों समेत 60 सैलानी

कोरोना वायरस के खौफ से बने विकट हालातों में धार्मिक नगरी पार्वती घाटी में फंसे पर्यटकों की मुश्किलें बढ़ा रखी हैं। करीब तीन हफ्तों से दो दर्जन से अधिक विदेशियों सहित 60 सैलानी घाटी में फंसे हुए हैं। सबसे अधिक विदेशी सैलानी इजरायल के बताए जा रहे हैं। इसके अलावा इटली, रूस, जर्मनी, स्पेन तथा फ्रांस के सैलानी भी शामिल हैं। सभी पर्यटक देश में लगे लॉकडाउन से पहले आए थे। लेकिन, अब मणिकर्ण घाटी के विभिन्न स्थानों पर फंस गए हैं। बताया जा रहा है कि विभिन्न देशों से ये पर्यटक काफी पहले सैर सपाटे के लिए भारत आए थे।

वापस लौटने से पहले ही कोरोना लॉकडाउन लागू हो गया। ऐसे में फंसे हुए दर्जनों पर्यटक घाटी के विभिन्न होटलों के अलावा होम स्टे में रुके हैं। होटल एसोसिएशन मणिकर्ण वैली ने इस बाबत  रिपोर्ट जिला प्रशासन व पुलिस को दी है। एसोसिएशन के प्रधान किशन ठाकुर ने कहा कि घाटी में विदेशी सैलानियों समेत करीब 100 लोग यहां फंसे हैं। इसमें कश्मीर और अन्य राज्यों के मजदूर भी हैं। फंसे सैलानियों को एहतियात के तौर पर होम क्वारंटीन किया गया है। पुलिस, जिला प्रशासन व पर्यटन विभाग इन सभी पर नजर रखे हुए हैं। पुलिस अधीक्षक कुल्लू गौरव सिंह ने कहा कि पार्वती घाटी में जो भी विदेशी है उन पर पुलिस निगरानी रख रही है। 
... और पढ़ें
अपने शहर की सभी खबर पढ़ने के लिए amarujala.com पर जाएं

Disclaimer


हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।
Agree
Election
  • Downloads

Follow Us