चोर काम में व्यस्त, पुलिस पकड़ने में पस्त

Shimla Updated Tue, 24 Jul 2012 12:00 PM IST
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शिमला। हैलो... जनाब कहां तक पहुंची चोरियों की तफ्तीश ? दूसरी तरफ से संबंधित थाने के जिम्मेदार अफसर का जवाब मिला ...कहीं नहीं अभी छानबीन करनी है जांच एजेटिज है। यह है हमारी राजधानी की स्मार्ट पुलिस? पुलिस कितनी संवेदनशील है, यह जब जानने का प्रयास किया गया तो संबंधित थाने से टका सा जवाब मिला। मामले में होना क्या है, जांच एजेटिज है। एक जिम्मेदार पुलिस अफसर का यह बयान उन पीड़ितों की संभावनाओं को छलनी करने के लिए काफी है जो पुलिस से अपना चोरी हुए सामान के बरामदगी की उम्मीद लगाए हुए हैं। पुलिस की इसी कार्यप्रणाली के कारण आज तक चोरी और सेंधमारी के मामले में रिकवरी राम भरोसे ही रहती है। खाकी के इस रवैये से कैसे आम जनता पुलिस पर अपना भरोसा कायम कर पाए? यह सवाल आम जनता कर रही है।
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संजौली में एक दिन में चोरी की चार घटनाएं हुई हैं। चोरों ने अलग अलग जगह से घरों में घुसकर लाखों की कीमत के सामान पर हाथ साफ किया। पुलिस प्रशासन के बड़े बड़े दावे इन दिनों शहर में बढ़ रही आपराधिक घटनाओं के सामने घुटने टेकते नजर आ रहे हैं। कहीं चोर दिन में ही घरों के ताले तोड़ रहे हैं। कहीं कारोबारी लुट रहा है तो कहीं युवती के साथ सरे बाजार बदमाश छेड़खानी करने से नहीं हिचक रहे। सोती पुलिस को देख अब जनता के भी सब्र का बांध टूट गया है। इसी का नतीजा है कि बाजार में भीड़ ने छेड़खानी करने वाले बदमाश की पिटाई कर दी। राजधानी शिमला में ही अगर कानून व्यवस्था के इस तरह पैर उखड़ गए हैं तो दूसरे जिलों की हालत क्या होगी?

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मामलों को लेकर गंभीर है पुलिस : पंडित
शिमला। पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर पंडित कहते हैं कि चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं। संदिग्धों की पहचान की जा रही है। बाहर से आने वाले लोगों पर कड़ी नजर है। नाके लगाए जा रहे हैं। हाल ही में गाड़ियों से सामान चुराने वाले गिरोह को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस हर मामले को गंभीरता से ले रही है।
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बिगड़ती कानून व्यवस्था पर बिफरी कांग्रेस
शिमला। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव कुलदीप सिंह राठौर ने बिगड़ती कानून व्यवस्था पर गहरी चिंता व्यक्त की है। राठौर ने कहा कि तीन दिन में शिमला में आधा दर्जन से ज्यादा चोरी की घटनाएं हुई हैं। बिगड़ती कानून व्यवस्था का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दिनदिहाडे़ लूटपाट, छीना छपटी की घटनाएं हो रही हैं। राठौर ने राज्य सरकार से आग्रह किया है कि अपनी झूठी उपलब्धियां गिनाने के बजाय कानून व्यवस्था को पुख्ता करे।

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