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हनुमान जयंती पर नौकरी प्राप्ति, आर्थिक उन्नत्ति, राजनीतिक सफलता एवं शत्रुनाशक हनुमंत अनुष्ठान - 8 अप्रैल 2020
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किसी परिचय के मोहताज नहीं लोक गायक जगदीश

हिमाचली लोक कलाकारों में जगदीश शर्मा किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। बंजार के छोटे से गांव के जगदीश युवाओं के बीच खास जगह बना चुके हैं।

16 मार्च 2020

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शिमला

रविवार, 5 अप्रैल 2020

कोरोना वायरस: होम स्टे में मिले एक दर्जन लोग, पुलिस ने दर्ज किया मामला

हिमाचल के सोलन जिले के धर्मपुर के सिलवन विला होम स्टे के मालिक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि प्रदेश सरकार के निर्देशों के बावजूद होम स्टे में बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों को ठहराया गया था। 21 मार्च को सिलवन विला में लोगों के ठहरने की सूचना पुलिस को मिली थी।

22 मार्च को जनता कर्फ्यू  के कारण सभी होटल खाली करने के आदेश प्रशासन ने जारी किए थे लेकिन होम स्टे खाली नहीं किया गया। अब बद्दी की महिला के पीजीआई में कोरोना संक्रमण से मौत के बाद मामले के तार धर्मपुर के होम स्टे से भी जुड़ गए हैं।

पुलिस को जानकारी मिली है कि औद्योगिक घराने से जुड़े लोग ही यहां होम स्टे में रह रहे हैं। जांच की गई तो होम स्टे मालिक समेत कुल एक दर्जन लोग होम स्टे में पाए गए हैं। एएसपी सोलन डॉ. शिव कुमार ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 
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हिमाचल: रोहतांग पार कर केलांग पहुंचे पुलिस के आठ जवान

हिमाचल के जनजातीय क्षेत्र लाहौल-स्पीति के मुख्यालय केलांग में तैनात पुलिस के जवान कुल्लू से पैदल चलकर रोहतांग दर्रा पार कर लाहौल पहुंचे। कोरोना वायरस के संभावित खतरे को देखते हुए सरकार के निर्देश पर इन सभी आठ पुलिस जवानों का सिस्सू स्थित मेडिकल कैंप में स्वास्थ्य जांचा गया। इसके बाद केलांग पहुंचने पर इन जवानों की फिर से क्षेत्रीय अस्पताल में जांच की गई, जहां पर ये स्वस्थ पाए गए।

इसके बावजूद डॉक्टरों ने सभी जवानों को 14 दिन तक होम क्वारंटीन में रहने को कहा है। जिला स्वास्थ्य कार्यक्रम अधिकारी एवं निगरानी अधिकारी डॉ. रणजीत वैद्य ने कहा कि स्वास्थ्य जांच में आठों जवान स्वस्थ पाए गए हैं। लेकिन सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक इन सभी जवानों को 14 दिन गृह एकांतवास में रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि केलांग पहुंचे जवानों में छह कुल्लू और दो बंजार से आए हैं। ये सभी जवान लाहौल में तैनात है। 
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हिमाचल में पुलिस विभाग को पीपीई किट और मास्क के लिए एक करोड़ मंजूर

चीन से हिमाचल के बेटे का संदेश- घर में रहकर योग से भगाएं कोरोना

चीन के संघाई से हिमाचल के बेटे ने देशवासियों को घर में ही रहकर और योग कर कोरोना भगाने का संदेश दिया है। चंबा जिले के रवि कुमार पिछले पांच साल से चीन में लोगों को योग की शिक्षा दे रहे हैं। वह रोजाना फेसबुक लाइव के जरिये लोगों को कोरोना वायरस से बचाव के टिप्स दे रहे हैं। साथ ही अपील कर रहे हैं कि सरकार के निर्देशों का सभी पालन करें।

लोग भी उनसे चीन के ताजा हालात का अपडेट ले रहे हैं। रवि कुमार (30) ने चीन की लड़की से शादी की है।  उनका कहना है कि नवंबर 2019 से चीन के वुहान शहर से कोरोना से कितनी मौतें हुई हैं, इसका सही अनुमान अभी नहीं लगाया जा सका है। चीन में अब स्थिति सामान्य हो रही है। कुछ जगह अभी भी मामले सामने आ रहे हैं। कहा कि उन्होंने खुद को होम क्वारंटीन कर कोरोना से बचाया है। 

योग गुरु के नाम से मशहूर रवि ने देशवासियों को नारा दिया है कि ‘बाहर हमने जाना नहीं, अंदर कोरोना आना नहीं’। कहा कि इससे बचने का एकमात्र उपाय लॉकडाउन ही है। उनके अनुसार भारत में एक महीने तक लॉकडाउन के बाद हालात सामान्य हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि वह चीन में दो से ढाई महीने लॉकडाउन रहे हैं। कहा कि मास्क पहनें, सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखे, सैनिटाइजर का प्रयोग करें और बार-बार हाथ धोते रहें। रवि ने हंता वायरस पर कहा कि अफवाहों पर न जाएं। सर्दी-जुकाम होते ही अस्पताल में जांच करवाएं। 
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रवि कुमार अपनी पत्नी के साथ रवि कुमार अपनी पत्नी के साथ

चिकन-मीट की बिक्री से हट सकता है प्रतिबंध, मंत्रालय ने जारी किया पत्र

कोरोना वायरस को लेकर प्रशासन ने चिकन और मीट पर भले ही पाबंदी लगा दी है। लेकिन भारत सरकार ने इसकी बिक्री को आवश्यक चीजों की सूची में डालने की राज्य सरकारों से सिफारिश की है। कई लोगों का यह भी तर्क है कि कोरोना वायरस से लड़ने में चिकन व मीट आदमी की रोग प्रतिरोधक शक्ति (इम्युनिटी) बढ़ाता है। कोरोना वायरस को लेकर फिलहाल प्रशासन ने चिकन और मटन पर पाबंदी लगाई है।

चिकन और मीट पर पाबंदी लगाने से इस समय कई भेड़पालक और मुर्गी पालकों की आर्थिकी पर भी संकट आ गया है। चिकन और मीट पर प्रतिबंध का कारण यह है कि देश में लॉकडाउन के चलते राज्य सरकारों ने चिकन और मीट को जरूरी चीजों की सूची में डाला ही नहीं था। लिहाजा, इस सूची से चिकन और मटन की सप्लाई बंद कर दी गई। चिकित्सकों का मानना है कि मीट और चिकन को अच्छी तरह पकाकर खाएं।

अब भारत सरकार के मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय ने राज्यों सरकारों से सिफारिश की है कि वह चिकन और मीट बेचने से प्रतिबंध को हटा सकते हैं। पशु पालन विभाग के सहायक निदेशक डॉ. वीरेंद्र पटियाल ने कहा कि उनके विभाग को भी भारत सरकार का एक पत्र मिला है। इसमें चिकन और मीट को जरूरी चीजों की सूची में शामिल करने को कहा गया है। 
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मंदिर ट्रस्ट चिंतपूर्णी ने पहली बार चैत्र नवरात्रों पर नहीं खोले दानपात्र

कोरोना वायरस को लेकर 14 अप्रैल तक लॉकडाउन से मंदिर भी अछूते नहीं रहे हैं। हिमाचल के विश्वविख्यात चिंतपूर्णी मंदिर में करोड़ों का नकद चढ़ावा मंदिर न्यास को मिलता था, उसमें इस बार बेहद कमी दर्ज की गई है। इसकी पुष्टि मंदिर कार्यालय के सुपरिंटेंडेंट जीवन कुमार ने की है। इतिहास में पहली बार सरकार के आदेशों के बाद चिंतपूर्णी मंदिर के कपाट 17 मार्च को श्रद्धालुओं व स्थानीय लोगों के लिए बंद कर दिए गए थे। 

देश में 14 अप्रैल तक लॉकडाउन लगाया गया है। चिंतपूर्णी मंदिर के कपाट बंद हुए 19 दिन हो गए हैं। इस कारण चढ़ावे में भारी कमी आई है। 25 मार्च से 3 अप्रैल तक चैत्र नवरात्र बिना श्रद्धालुओं के हुए। नवरात्रों के बाद मंदिर में रखे दानपात्र नहीं खोले गए। इससे पहले दानपात्रों को खोलने की एक नियमित प्रक्रिया अपनाई जाती थी। मंदिर ट्रस्ट के गणना कक्ष में मंदिर अधिकारी की देखरेख में चढ़ावा नियमित रूप से गिना जाता था, लेकिन इस बार चढ़ावे को नहीं गिना गया। मंदिर में श्रद्धालुओं के आने पर पाबंदी है। लॉकडाउन के चलते पंजाब के सारे बॉर्डर सील हैं। 

पिछले साल चढ़े थे 95 लाख 63 हजार
पिछले साल चैत्र नवरात्रों में मां चिंतपूर्णी के दरबार में श्रद्धालुओं ने 95 लाख 63 हजार 761 रुपये नकद, 101.20 ग्राम सोना, 5.245 किलो चांदी अर्पित की थी। इस बार कोई भी श्रद्धालु मंदिर नहीं आया। दानपात्र में जो दान डाला, वह पुजारियों ने ही डाला। चैत्र नवरात्रों में न के बराबर ही नकद चढ़ावा चढ़ा।

इस कारण मंदिर न्यास ने चढ़ावे की गणना पर रोक लगा दी है। कार्यकारी मंदिर अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि लॉकडाउन के बाद कुछ दिन तक गणना नियमित रूप से की, पर दान पात्र से अपेक्षित राशि नहीं मिली। अब गिनती करने पर रोक लगा दी है। मंदिर के कपाट खुलने के बाद फिर चढ़ावे की गणना होगी।
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हिमाचल में एक दिन में कोरोना वायरस के सात नए मामले, 10 पहुंची मरीजों की संख्या

कोरोना वायरस को लेकर हिमाचल में शनिवार को बुरी खबर आई। बद्दी और नालागढ़ के सात लोगों की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है। अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य आरडी धीमान ने इसकी पुष्टि की है। एक दिन में इतने मामले आने से हड़कंप मच गया है। रिपोर्ट के अनुसार सात पॉजिटिव लोगों में तीन जमाती हैं, जो दिल्ली से वापस आए थे। इसके अलावा चार लोग वे हैं जो एक हेलमेट कंपनी के निदेशक की पत्नी के संपर्क में आए बताए जा रहे हैं। महिला की पीजीआई में इलाज के दौरान कोरोना से मौत हो गई थी। तीन पॉजिटिव मरीजों को आईजीएमसी शिमला लाया जा रहा है, जबकि महिला के संपर्क में आने से पॉजिटिव हुए चार मरीजों को दूसरे राज्य में शिफ्ट कर दिया गया है।

वहीं, सरकार के निर्देश पर इसके बाद इस क्षेत्र में सैंपल लेने का व्यापक अभियान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने चलाया। 40 से ज्यादा लोगों के सैंपल लेकर उन्हें क्वारंटीन किया गया। आईजीएमसी में 54, जबकि टांडा में 33 संदिग्धों के एक दिन में सैंपल लिए गए। साथ ही इन पांचों के सबसे नजदीकी संपर्क में रहने वाले अन्य जमातियों को चिह्नित कर उन पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। अब हिमाचल में पॉजिटिव मरीजों की संख्या 10 हो गई है, जबकि टांडा में पॉजिटिव से निगेटिव महिला की अंतिम रिपोर्ट आना बाकी है। धीमान ने बताया कि टांडा में भेजे गए 33 सैंपलों को तकनीकी दिक्कत के चलते दोबारा लिया जाएगा। 

प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद उनके संपर्क में आए लोगों की तलाश शुरू
दिल्ली की तब्लीगी जमात से निकले लोगों की कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आने के साथ ही उनकी कांटेक्ट ट्रेसिंग शुरू कर दी गई है। रिपोर्ट आने से पहले ही पुलिस व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इस बात की पड़ताल में जुट गए कि दिल्ली से हिमाचल आने के दौरान उन्होंने कहां और किससे मुलाकात की। पिछले चार दिन के दौरान मिले हर व्यक्ति का खाका तैयार किया जा रहा है और जिस जगह पर उन चारों को रखा गया था, उसे सील कर दिया गया। सूत्रों के अनुसार प्रारंभिक रिपोर्ट पॉजिटिव आने और सभी में कोरोना के लक्षण मिलने के बाद सरकार ने सक्रिय तरीके से पहले ही तैयारियों को लेकर कवायद शुरू कर दी। 
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हिमाचल: बोर्ड परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन घरों में करवाने की तैयारी

आईजीएमसी शिमला(फाइल फोटो)
हिमाचल में 10वीं  और 12वीं कक्षा की परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच शिक्षकों से घरों में ही करवाने की तैयारी शुरू हो गई है। शिक्षा विभाग ने प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड से इस बाबत प्रस्ताव देने को कहा है। बोर्ड से प्रस्ताव आने के बाद सरकार अंतिम फैसला लेगी। शुक्रवार को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में गैर बोर्ड कक्षाओं पहली से चौथी, छठी-सातवीं और नवीं-जमा एक के विद्यार्थियों को बिना परीक्षा परिणाम घोषित किए ही अगली कक्षाओं में प्रमोट करने को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है। शिक्षा विभाग से इस बाबत प्रस्ताव देने को कहा गया है। विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी मिलते ही गैर बोर्ड कक्षाओं के विद्यार्थी अगली कक्षा में दाखिल माने जाएंगे।

पांचवीं और आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों को भी बिना परीक्षा परिणाम निकाले अगली कक्षा में भेजने की संभावना है, लेकिन पांचवीं कक्षा का हिंदी का पेपर रद्द होने के चलते अभी अंतिम फैसला नहीं हो सका है। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने बताया कि जमा दो कक्षा के कुछ ऑप्शनल और वोकेशनल विषयों के पेपर शेष हैं, जबकि अनिवार्य विषयों की परीक्षाएं हो चुकी हैं। ऐसे में परिणाम निकालने के लिए स्पॉट मूल्यांकन की जगह सीधे शिक्षकों के घरों में पेपर पहुंचाने का विचार है। ग्रेड बाद में दे दिए जाएंगे। नौवीं और जमा एक कक्षा के विद्यार्थियों को बेशक बिना परीक्षा परिणाम घोषित किए अगली कक्षा में प्रमोट किया जाएगा, लेकिन स्कूल खुलने पर इनका परीक्षा परिणाम जारी होगा।
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हिमाचल में बैंक कर्मचारियों को वित्त विभाग ने दी बड़ी राहत

प्रदेश के विभिन्न बैंकों में नियुक्त कर्मचारी और अधिकारी अब अपने निजी वाहनों का कर्फ्यू के दौरान इस्तेमाल कर सकेंगे। बैंक आने और घर जाने के लिए इनके कर्फ्यू पास न बनने पर वित्त महकमे ने कड़ा संज्ञान लेते हुए इन्हें बड़ी राहत दी है। वित्त विभाग के विशेष सचिव ने सभी जिला उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को जारी पत्र में स्पष्ट किया है कि बैंक कर्मचारी अपना आईकार्ड दिखाकर दफ्तर आने और घर जाने के लिए वर्किंग आवर्स के दौरान निजी वाहनों का इस्तेमाल कर सकते हैं। इन्हें इस मामले में रोककर तंग न किया जाए।

प्रदेश में बीते दिनों से जारी कर्फ्यू के दौरान बैंक कर्मचारियों को आने-जाने में काफी परेशानियां पेश आ रही हैं। राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति और कई बैंक प्रबंधनों की ओर से इस मामले को वित्त विभाग के समक्ष उठाया गया था। वित्त महकमे ने सरकार से चर्चा के बाद जिला उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को पत्र जारी कर वित्तीय सेवाएं देने वाले बैंक कर्मचारियों को उनके निजी वाहनों से आने-जाने की मंजूरी दे दी है। वित्त विभाग ने सभी बैंक कर्मचारियों को भी अपने आईकार्ड साथ रखने और सिर्फ बैंक आने-जाने के लिए ही निजी वाहनों को प्रयोग करने की हिदायत दी है। वित्त विभाग ने सुबह दस से शाम चार बजे तक बैंक खुले रखने के आदेश दिए हैं। 

बता दें कि केंद्र सरकार ने महिलाओं के जनधन खातों में 500 रुपये डालने का काम शुरू कर दिया है। इसके अलावा सरकारी कर्मचारियों का वेतन और सेवानिवृत्त कर्मियों की पेंशन भी बैंक खातों में डाली जा रही है। ऐसे में बैंक कर्मचारियों का बैंकों में समय पर पहुंचना जरूरी है। इसके अलावा वित्त विभाग ने एटीएम में भी नकदी की कमी न होने के निर्देश दिए हैं।
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हिमाचल में च्यूंगम पर रोक, आदेश न मानने पर होगा दो लाख जुर्माना

प्रदेश सरकार ने कोरोना की आशंका को खत्म करने के उद्देश्य से मार्केट में बिकने वाली च्यूंगम, पान जैसे उत्पादों की बिक्री पर 30 जून तक रोक लगा दी है। खाद्य सुरक्षा आयुक्त आरडी धीमान ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि चूंकि कोविड-19 ड्रापलेट्स से फैलता है, इसलिए इस बात की आशंका है कि च्यूंगम जैसे उत्पादों के थूकने से भी संक्रमण फैल सकता है।

सभी विभागाध्यक्ष से लेकर डीसी और एसपी तक को आदेश सख्ती से लागू करवाने को कहा है। विभाग के निदेशक डॉक्टर एनके लठ ने बताया कि पान, च्यूंगम पर लगाई रोक के आदेश का पालन न करने वाले दुकानदारों को सेक्शन 55 के तहत दो लाख रुपये तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है।
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हिमाचल में इस दिन से फिर बारिश-बर्फबारी के आसार, ऊना में 30 डिग्री पार हुआ तापमान

हिमाचल के सभी क्षेत्रों में रविवार और सोमवार को मौसम साफ रहेगा। सात अप्रैल को मध्य पर्वतीय छह जिलों शिमला, सोलन, सिरमौर, मंडी, कुल्लू और चंबा के कुछ क्षेत्रों में अंधड़-ओलावृष्टि और गर्जन की चेतावनी जारी हुई है। मैदानी जिलों ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर और कांगड़ा के कुछ क्षेत्रों में भी सात और आठ अप्रैल को बारिश होने की संभावना है।

उच्च पर्वतीय जिलों किन्नौर व लाहौल-स्पीति में सात से 10 अप्रैल तक बारिश व बर्फबारी होने के आसार हैं। मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में भी दस अप्रैल तक मौसम खराब बना रहने का पूर्वानुमान है। मौसम में आए बदलाव के साथ ठंडक कम होना शुरू हो गई है।  शनिवार को प्रदेश में धूप खिलने से अधिकतम तापमान में दो डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज हुई। शनिवार को ऊना में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।

शिमला में अधिकतम तापमान 19.8, सुंदरनगर में 27.5, भुंतर में 26.8, धर्मशाला में 20.6, नाहन में 26.2, सोलन में 25.5, कांगड़ा में 27.6, बिलासपुर में 28.5, हमीरपुर में 28.4, चंबा में 26.4, डलहौजी में 13.8, कल्पा में 15.8 और केलांग में 7.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। उधर, केलांग में शुक्रवार रात को न्यूनतम तापमान माइनस 4.4, कल्पा में 1.2, मनाली में 2.6 और शिमला में 7.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
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रात नौ बजे सिर्फ रोशनी बंद करें, अन्य बिजली उपकरण रहने दें चालू: जयराम

सीएम जयराम ठाकुर ने हिमाचल के लोगों से रविवार को रात 9 बजे से 9:09 बजे तक घरों की लाइटें बंद करने के साथ अपनी बालकनियों में दीपक व टॉर्च जलाने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का अनुसरण करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इस दौरान सामाजिक दूरी बनाए रखें। इससे कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ने में हमें नई ऊर्जा मिलेगी।

उन्होंने कहा कि यह अपील अस्पतालों, सार्वजनिक सेवाओं, नगर निगम सेवाओं, कार्यालयों, स्ट्रीट लाइटों, पुलिस स्टेशन, उत्पादन सुविधाओं जैसे अन्य आवश्यक क्षेत्रों पर लागू नहीं होगी। स्ट्रीट लाइट, कंप्यूटर, टीवी, पंखे, फ्रिज और एयरकंडीशनर बंद करने को नहीं कहा है। सीएम ने कहा कि हिमाचल ने लाइट आउट इवेंट के दौरान वोल्टेज में बढ़ोतरी व मांग में कमी की आशंका से निपटने के दृष्टिगत ग्रिड सुरक्षा के लिए प्रोटोकॉल संबंधी सभी मामलों पर कदम उठाए गए हैं।

वहीं, बिजली की ओवरलोडिंग से बचने के लिए राज्य बिजली बोर्ड ने लोगों से यह अपील की है। अतिरिक्त मुख्य सचिव ऊर्जा और बोर्ड के अध्यक्ष रामसुभग सिंह ने बताया कि ग्रिड में बिजली बंद होने के कारण उत्पन्न होने वाली भिन्नता से निपटने के लिए पूरी तैयारी की गई है। उन्होंने कहा कि पीएम ने सिर्फ लाइटें बंद करने की अपील की है। 
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इस साल पिंदड़ी का स्वाद चखने मायके नहीं जा पाएंगी बेटियां

सूही माता मेले के समापन के बाद 14 अप्रैल को इस बार बेटियां अपने मायके पिंदड़ी का स्वाद चखने नहीं जा पाएंगी। कोरोना वायरस से मरीजों की बढ़ती संख्या और देश भर में 14 अप्रैल तक लॉकडाउन से ऐसा नहीं हो पाएगा। जिले में हर साल सूही मेले का आयोजन किया जाता है। तीन दिन तक चलने वाला यह मेला बच्चों और महिलाओं के लिए होता है।

रानी सुनैना के बलिदान को चंबा शहर के लोग याद करते हैं। इसके बाद 14 अप्रैल को बसोआ का आयोजन किया जाता है। इसके लिए मायका पक्ष से विवाहित बेटियों को सादा (निमंत्रण) भेजा जाता है। बेटियां 14 अप्रैल को अपने मायके आती हैं और त्योहार का प्रमुख व्यंजन पिंदड़ी का स्वाद चखती हैं। बेटी के मायके आने पर परिजन कई प्रकार के व्यंजन बनाते हैं और बेटियों को परोसते हैं।

इस बार कोराना के चलते इस आयोजन पर संकट आ गया है। सूही माता मेले को लेकर भी अभी स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। प्रशासन आने वाले दिनों में इस पर तस्वीर साफ करने की बात कह रहा है। उधर, एसडीएम चंबा शिवम प्रताप सिंह ने बताया कि यह मामला उनके ध्यान में है। कहा कि कोरोना वायरस के चलते मेले के आयोजन को लेकर विचार-विमर्श किया जा रहा है। जल्द ही स्थिति स्पष्ट होगी।

इसलिए मनाया जाता है मेला
मान्यता है कि रानी सुनैना ने शहर में पानी की किल्लत को दूर करने के लिए समाधि ली थी। रानी को एक स्वप्न आया था, जिसके बाद रानी ने समाधि ली और उसके बाद पानी की किल्लत चंबा में दूर हुई।
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