दादी-नानी की नहीं रही जरूरत, बच्चों की परवरिश के लिए महिलाएं ले रही हैं ऐप की मदद

टेक डेस्क, अमर उजाला Updated Wed, 15 May 2019 05:21 PM IST
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एक समय था जब बच्चों का लालन-पालन के लिए महिलाएं अपने बड़े-बुजुर्गों, नानी-दादी या फिर रिश्तेदारों से सलाह लेती थीं, लेकिन अब ऐसा नहीं है। एक ओर जहां यूट्यूब पर वीडियो देखकर महिलाएं रसोई के गुर सीख रही हैं, वहीं दूसरी ओर महिलाएं अब बच्चों के पालन-पोषण के लिए मोबाइल ऐप की मदद ले रही हैं। इसके लिए हमें टेक्नोलॉजी का शुक्रिया भी अदा करनी चाहिए जिसने बच्चों की परवरिश के लिए मांओं को आत्मनिर्भर बना दिया है। 
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हाल ही में हुए एक नए सर्वे में यह बात सामने आयी है कि अपने बच्चों का सही तरीके से पालन-पोषण करने के लिए भारत की करीब 70 प्रतिशत मांएं स्मार्टफोन का इस्तेमाल करती हैं। साथ ही भारत की 10 में से 8 मांओं ने इस बात को भी स्वीकार किया कि टेक्नोलॉजी ने पैरेंटिंग को काफी आसान बना दिया है। 
इस सर्वे में शामिल मांओं का कहना है कि तकनीक के आ जाने के कारण अब उन्हें बच्चों की परवरिश के लिए किसी का मुंह नहीं देखना पड़ता है और किसी का इंतजार नहीं करना पड़ता है। इस सर्वे को डाटा ऐनालिटक्स फर्म यूगोव (YouGov) ने किया है। सर्वे में यह सामने आया है कि आजकल की मांएं मॉडर्न तरीके से बच्चों की परवरिश के लिए स्मार्टफोन पर निर्भर हैं और इसके लिए वे गूगल प्ले-स्टोर पर मौजूद पैरेंटिंग ऐप्स की मदद ले रही हैं।
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