इंटरनेट-कंप्यूटर की कमी से अशिक्षित रह सकते हैं एक तिहाई बच्चे, भारत में केवल आठ फीसदी घरों में सुविधा

अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 03 Sep 2020 06:24 PM IST
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लॉकडाउन में कैरम खेलते बच्चे
लॉकडाउन में कैरम खेलते बच्चे - फोटो : Amar Ujala

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सार

  • कोरोना से 100 करोड़ बच्चों की शिक्षा हुई प्रभावित
  • इंटरनेट-कंप्यूटर ने ली किताबों की जगह, इनकी कमी से शिक्षा कार्यक्रम में बड़ी बाधा पैदा होनेे की आशंका
  • यूनेस्को ने सरकारों के साथ मिलकर डिजिटल गैप को पाटने का अभियान चलाया

विस्तार

कोविड-19 काल में स्कूलों के बंद होने से पूरी दुनिया में बच्चों की शिक्षा प्रभावित हुई है। इस दौरान केवल उन्हीं बच्चों को कुछ शिक्षा मिल पा रही है, जो इंटरनेट सेवाओं से जुड़े हुए हैं और ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई कर रहे हैं। लेकिन यूनिसेफ के आंकड़ों के मुताबिक पूरी दुनिया के लगभग एक तिहाई बच्चे इंटरनेट, कंप्यूटर या लैपटॉप जैसे संसाधनों के अभाव के कारण ऑनलाइन शिक्षा से पूरी तरह वंचित हैं।
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अकेले भारत में पांच वर्ष से 24 वर्ष आयु के बीच पढ़ने वाले बच्चों के केवल आठ फीसदी घरों में इंटरनेट और कंप्यूटर की उपलब्धता है। इससे भारी संख्या में बच्चों की शिक्षा पर असर पड़ने की संभावना है। यूनिसेफ ने विभिन्न देशों की सरकारों और अन्य संगठनों से मिलकर इस डिजिटल गैप को 2030 तक कम करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

 

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