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विवाह संबंधी दोषों को दूर करने के लिए शिवरात्रि पर मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग में कराएं रुद्राभिषेक : 21-फरवरी-2020
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विवाह संबंधी दोषों को दूर करने के लिए शिवरात्रि पर मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग में कराएं रुद्राभिषेक : 21-फरवरी-2020

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उत्तर प्रदेश

बुधवार, 19 फरवरी 2020

तालाब में डूब रहा था छोटा भाई, बचाने के चक्कर बड़ा भाई भी डूबा, दोनों की मौत

मछली का शिकार करते वक्त तालाब में डूब रहे भाई को बचाने की कोशिश में बड़ा भाई भी डूब गया। इससे पहले कि आसपास मौजूद लोग निकालते दोनों भाइयों की जान जा चुकी थी। एक ही घर में दो जवान मौत होने से पोखरा काजी इलाके में गम का माहौल है।

हल्लौर के अब्बास हुसैन रिजवी उर्फ दुलारे वर्तमान में परिवार के साथ पोखरा काजी में रहते हैं। बुधवार को उनका छोटा बेटा रेहान (18) मछली का शिकार करने के लिए घर से जाल लेकर अब्दुल कलाम आजाद डिग्री कॉलेज के पास स्थित तालाब गया था। तालाब में जाल डाल कर रेहान मछली फंसने का इंतजार कर रहा था। पानी में हलचल होने पर रेहान ने जाल खींचा तो उसका पांव फिसल गया।

रेहान को डूबते देख पास ही मौजूद बड़ा भाई फरहान (20) उसे बचाने दौड़ पड़ा। रेहान का हाथ पकड़ कर ऊपर खींचने के प्रयास में फरहान भी फिसल कर तालाब में समा गया। आसपास मौजूद गांव वालों ने देखा तो दोनों भाइयों को बचाने के प्रयास में जुट गए। काफी प्रयास के बाद दोनों को बाहर निकाला गया तो फरहान की सांसें चलती महसूस हुईं।

आनन फानन दोनों को सीएचसी बेवा पहुंचाया गया। यहां डॉक्टर ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। हादसे की सूचना पाकर एसओ इटवा और एसओ के साथ ही डुमरियागंज थाने की पुलिस पहुंच गई। परिजनों की मांग पर पंचनामा करने के बाद दोनों शव घर वालों को सौंप दिए गए।
      
‘अब हम तुम्हें कहां ढूंढें फरहान, रेहान’
थोड़ी देर पहले घर से निकले बेटों की मौत होने की खबर मिलते ही घर में मातम छा गया। जवान बेटों की मौत से मां बेसुध गमजदां थीं। बेटों के गम में रोते-रोते बोलीं अरे बेटा रेहान, फरहान तुम तो जल्दी घर लौटने की बात कह कर गए थे अब हम तुम्हें कहां ढूंढें। घर के सभी सदस्यों का रो- रोकर बुरा हाल था। परिजनों का रोना देख कर वहां मौजूद गांव के हर व्यक्ति की आंखें नम थीं। रेहान, फरहान के दोस्तों का भी रो रोकर बुरा हाल था।
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सरकारी नौकरी में एससी, एसटी और ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर हंगामा, विपक्ष ने लगाए गंभीर आरोप

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा सरकारी नौकरियों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण को लेकर जारी ताजा आदेश के खिलाफ बुधवार को विधानसभा में जमकर हंगामा हुआ।

सपा और बसपा के सदस्यों ने भाजपा सरकार पर एससी, एसटी और ओबीसी के बच्चों का गला घोंटने और उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। कहा कि एससी, एसटी और ओबीसी के वोट के बूते ही भाजपा सत्ता में आई थी और अब उन्हीं के आरक्षण और छात्रवृत्ति पर डाका डाल रही है। सपा ने आयोग और सरकार की नीति के खिलाफ बहिर्गमन किया।

उधर, संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि सरकार आरक्षित वर्ग की सभी जातियों का सम्मान करती है, इस संबंध में लोक सेवा आयोग से रिपोर्ट मांगी गई है।
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जालौन: बेटी की शादी के कार्ड बांटने निकले पिता को ट्रक ने कुचला, मौके पर ही मौत

जानें कौन हैं श्री रामजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपालदास

कान्हा की नगरी मथुरा से बाल्यकाल में रामनगरी आए नृत्यगोपाल दास कृष्ण व रामभक्ति के अनुपम उदाहरण हैं। वे दोनों नगरी भक्तित्व अनुराग के प्रमुख संत के साथ जहां श्रीरामजन्मभूमि के साथ श्रीकृष्ण जन्मभूमि न्यास के भी अध्यक्ष हैं। राममंदिर आंदोलन में परमहंस के बाद सर्वेसर्वा हैं, छह दिसंबर की घटना से लेकर इसके पहले व बाद के तमाम संघर्षों में कांग्रेस, सपा-बसपा सरकारों में तरह-तरह के उत्पीडन भी झेलने पड़े। लेकिन भक्ति व समर्पण का प्रतिफल रहा कि अब सुप्रीम कोर्ट से रामलला के पक्ष में आए फैसले के बाद राममंदिर निर्माण के लिए गठित श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के ट्रस्टियों ने उन्हें बुधवार को सर्वसम्मति से अध्यक्ष मनोनीत किया है। वे रामलला के भव्य व दिव्य मंदिर का अब सपना साकार करने वाले प्रमुख शिल्पी बन गए हैं। 

राममंदिर आंदोलन में जिन प्रमुख संतों ने अयोध्या में कोर्ट से लेकर सड़क तक संघर्ष किया था, उनमें दिगंबर अखाड़ा के महंत परमहंस रामचंद्र दास के बाद मणिरामदास छावनी के महंत नृत्यगोपाल दास हैं। जन्मभूमि को मुक्त कराने हेतु जन-जागरण के लिए सीतामढ़ी से अयोध्या पहुंची राम-जानकी रथ यात्रा मणिरामदास छावनी में ही रूकी थी। परमहंस कोर्ट में सक्रिय थे तो नृत्यगोपाल आंदोलन के संतों-महंतों व कारसवेकों के लिए साधन-सुविधाएं रात दिन एक उपलब्ध कराते।  

जगद्गुरु रामानन्दाचार्य स्वामी शिवरामाचार्य जी महाराज के द्वारा श्रीराम जन्मभूमि न्यास की स्थापना हुई। दिसंबर 1985 की द्वितीय धर्म संसद उडुपी (कर्नाटक) में परमहंस की अध्यक्षता में निर्णय हुआ, 'यदि 8 मार्च 1986 को महाशिवरात्रि तक रामजन्मभूमि पर लगा ताला नहीं खुला तो महाशिवरात्रि के बाद ताला खोलो आन्दोलन, ताला तोड़ो में बदल जाएगा। 8 मार्च के बाद प्रतिदिन देश के प्रमुख धर्माचार्य इसका नेतृत्व करेंगे। इसी दौरान जब परमहंस रामचन्द्र दास ने 8 मार्च 1986 तक श्रीराम जन्मभूमि का ताला नहीं खुला तो मैं आत्मदाह करूंगा' की घोषणा करके सनसनी फैला दी तो नृत्यगोपाल आंदोलन के प्रमुख कर्ता-धर्ता थे। 

परिणाम यह हुआ कि 1 फरवरी 1986 को ही ताला खुल गया। जनवरी, 1989 में प्रयाग महाकुम्भ के अवसर पर आयोजित तृतीय धर्मसंसद में शिला पूजन एवं शिलान्यास में अहम भूमिका निभाई। इस अभिनव शिलापूजन कार्यक्रम ने सम्पूर्ण विश्व के रामभक्तों को जन्मभूमि के साथ प्रत्यक्ष जोड़ दिया। श्रीराम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष जगद्गुरु रामानन्दाचार्य पूज्य स्वामी शिवरामाचार्य जी महाराज का साकेतवास हो जाने के पश्चात् अप्रैल, 1989 में परमहंस को श्रीराम जन्मभूमि न्यास का कार्याध्यक्ष घोषित किया गया। तब नृत्यगोपाल दास उपाध्यक्ष बने। 

परमहंस की दृढ़ संकल्प शक्ति के परिणामस्वरूप ही निश्चित तिथि, स्थान एवं पूर्व निर्धारित शुभ मुहूर्त 9 नवम्बर 1989 को शिलान्यास कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। 30 अक्टूबर 1990 की कारसेवा के समय अनेक बाधाओं को पार करते हुए अयोध्या में आए हजारों कारसेवकों का नेतृत्व व मार्गदर्शन देने में नृत्यगोपाल दास की अहम भूमिका रही। 2 नवम्बर 1990 को आशीर्वाद लेकर कारसेवकों ने जन्मभूमि के लिए कूच किया। उस दिन हुए बलिदान के वे स्वयं साक्षी थे। 

अक्टूबर 1982 में दिल्ली की धर्म संसद में 6 दिसम्बर की कारसेवा के निर्णय में मुख्य भूमिका निभाई। स्वयं अपनी आंखों से उस ढांचे को बिखरते हुए देखा था, जिसका स्वप्न वह अनेक वर्षों से अपने मन में संजोए थे। अक्टूबर 2000 में गोवा में केन्द्रीय मार्गदर्शक मण्डल की बैठक, जनवरी, 2002 में अयोध्या से दिल्ली तक की चेतावनी सन्त यात्रा, 27 जनवरी 2002 को प्रधानमंत्री से मिलने गए सन्तों के प्रतिनिधि मण्डल में अहम किरदार थे। 

मार्च 2002 के पूर्णाहुति यज्ञ के समय शिलादान को लेकर भी संघर्ष किया। सितंबर, 2002 को केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल की लखनऊ बैठक में गोरक्ष पीठाधीश्वर महन्त अवैद्यनाथ जी महाराज की अध्यक्षता में श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर निर्माण आन्दोलन उच्चाधिकार समिति का निर्माण हुआ। 26 मार्च 2003 को दिल्ली में आयोजित सत्याग्रह के प्रथम जत्थे का नेतृत्व कर पूज्य परमहंस रामचन्द्र दास के साथ गिरफ्तारी देने वालों में नृत्यगोपाल दास भी थे। 29-30 अप्रैल 2003 को अयोध्या में आयोजित उच्चाधिकार समिति की बैठक में श्रीराम संकल्पसूत्र संकीर्तन कार्यक्रम की योजना का निर्णय हुआ। इसके द्वारा दो लाख गांवों के दो करोड़ रामभक्त प्रत्यक्ष रूप से मन्दिर के साथ सहभागी बनाए गए। 

इसके बाद परमहंस के गोलोकवाली होने पर 2003 में नृत्यगोपाल दास न्यास के अध्यक्ष बने। नृत्यगोपाल दास की अगुवाई में ही राममंदिर के लिए पत्थर तराशी तेज हुई, मंदिर मॉडल में लगने वाले दो लाख घनफुट पत्थर में सवा लाख घनफुट पत्थर तराशे जा चुके हैं। न्यास के पास करोड़ों की भूमि समेत नकदी भी है।  
 
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महंत नृत्यगोपाल दास महंत नृत्यगोपाल दास

यूपी: भाजपा विधायक के बेटे की दबंगई, तहसील में घुसकर कानूनगो को पीटा

बलिया जिले के बैरिया के भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह के पुत्र हजारी सिंह और रजिस्ट्रार कानूनगो निर्वाचन के साथ बुधवार दोपहर को जमकर मारपीट हुई। इस मामले में रजिस्ट्रार कानूनगो निर्वाचन की तहरीर पर बैरिया पुलिस ने विधायक पुत्र सहित तीन नामजद व सात अज्ञात के खिलाफ मारपीट, सरकारी काम में बाधा व एससी-एसटी का मुकदमा पंजीकृत किया है। वहीं अपने साथी कर्मचारी के साथ हुई मारपीट के बाद कर्मचारी अपने कार्यालय में ताला बंद कर हड़ताल पर चले गए।

जानकारी के अनुसार रेवती विकास खंड के जमधरवा (झरकटहां) ग्राम पंचायत में तैनात बीएलओ संगीता यादव पत्नी संजय यादव को वहां से हटाने के लिए विधायक के पुत्र हजारी सिंह रजिस्ट्रार कानूनगो निर्वाचन राधेश्याम से आग्रह करने गए थे। जहां इस प्रकरण को लेकर रजिस्ट्रार कानूनगो के साथ कहासुनी और मारपीट हो गई।

घटना की जनकारी मिलते ही एसडीएम ने इसकी सूचना बैरिया थाने को दी, जहां से कोतवाल सहित भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंच गई। एसडीएम अशोक चौधरी का कहना है कि प्रकरण की जानकारी जिलाधिकारी को दे दी है। जिलाधिकारी के निर्देशानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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69000 शिक्षक भर्ती मामले में अगली सुनवाई 25 फरवरी को, जारी है फाइनल सुनवाई

हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में प्रदेश के प्राथमिक स्कूलों में 69000 सहायक शिक्षकों की भर्ती मामले में राज्य सरकार समेत अन्य अभ्यर्थियों की विशेष अपीलों पर सुनवाई मंगलवार को भी पूरी नहीं हो सकी। कोर्ट ने अब अगली सुनवाई 25 फरवरी को नियत की है।

न्यायमूर्ति पंकज कुमार जायसवाल और न्यायमूर्ति करुणेश सिंह पवार की खंडपीठ के समक्ष इन अपीलों पर फाइनल सुनवाई जारी है।

इनमें एकल न्यायाधीश के उस फैसले व आदेश को चुनौती दी गई है जिसमें भर्ती परीक्षा में न्यूनतम अर्हता अंक सामान्य वर्ग के लिये 45 और आरक्षित वर्ग के लिये 40 फीसदी रखे जाने के निर्देश सरकार को दिए गए थे। पक्षकारों के अधिवक्ताओं की बहस चल रही है।
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राम मंदिर की तरह मस्जिद के लिए भी ट्रस्ट बनाकर आर्थिक मदद करे केंद्र व राज्य सरकार: शरद पवार

जिन लोगों ने रामभक्तों पर गोली चलवाई थी, उपद्रवियों पर केस करने पर वही जवाब मांग रहे हैं: सीएम

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर जवाब देते हुए अपने संबोधन में विपक्ष पर निशाना साधा और सख्त लहजे में कहा कि नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ हिंसा फैलाने वाले उपद्रवियों को बख्शा नहीं जाएगा उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। अगर कोई शांतिपूर्वक प्रदर्शन करता है तो वह कर सकता है लेकिन उपद्रव करने पर कठोर कार्रवाई होगी।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया में हुई हिंसा के बाद मैंने अलीगढ़ प्रशासन को अलर्ट किया। प्रशासन ने मुझे बताया था कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के करीब 15 हजार छात्र सड़कों पर उतरकर पूरा अलीगढ़ जला देना चाहते थे लेकिन पुलिस की सक्रियता से वो कामयाब नहीं हो सके। योगी ने कहा कि प्रदेश की पुलिस को इसका श्रेय देना चाहिए कि प्रदेश में कोई दंगा नहीं हुआ।

उन्होंने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन लोगों ने अयोध्या में राम भक्तों पर गोलियां चलवाकर अयोध्या की मान्यता को दूषित करने का प्रयास किया वो आज हमसे उपद्रवियों पर होने वाली कार्रवाई का जवाब मांग रहे हैं।
 

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सीएए का विरोध करने वालों को राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है। मैं तो सुनता था कि एक अपराधी भी अपने बच्चों को अपराधी नहीं बनाना चाहता है पर मैं देख रहा हूं कि बड़े-बड़े लोग अपने बच्चों को सीएए का विरोध करने वालों के समर्थन में नारेबाजी करने के लिए भेज रहे हैं।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रदेश में सीएए के विरोध में हुई हिंसा में देशविरोधियों के षडयंत्र का पर्दाफाश हुआ है। हिंसा फैलाने वाले पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के लोग हैं। पीएफआई सिमी (स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया) का नया वर्जन है। उन्होंने कहा कि 19 व 20 दिसंबर को लखनऊ में हुई हिंसा में पुलिस की गोली से एक भी उपद्रवी की मौत नहीं हुई। उपद्रवियों की मौत उपद्रवियों की गोली से ही हुई।
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यूपी: गरम होने लगा दिन, सामान्य से बढ़ा पारा, रात में बरकरार रहेगी ठंड, मौसम विभाग ने दी ये जानकारी

महोबा: सराफा व्यापारी की दुकान का ताला तोड़कर 15 किलो चांदी, 40 ग्राम सोना और 10 हजार की नकदी चोरी

लखनऊ: रिहायशी इलाके में प्लाइवुड फैक्टरी में आग से हाहाकार, 50 लाख रुपये का नुकसान

राजधानी लखनऊ के बाजारखाला में ऐशबाग पानी की टंकी के पास स्थित प्लाइवुड फैक्टरी में बुधवार दोपहर आग लगने से हाहाकार मच गया। अग्निकांड के वक्त फैक्टरी में काम कर रहे 20 से 25 मजदूरों में चीख-पुकार व भगदड़ मच गई। आसपास के इलाके के लोग घर छोड़कर भाग खड़े हुए। सूचना पाकर कई फायर स्टेशन से दमकल दस्ते ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया। लपटों से तीन मजदूर झुलस गए हैं। मुख्य अग्निशमन अधिकारी का कहना है कि जेनरेटर रूम में शॉर्ट-सर्किट से हादसे की आशंका जताई जा रही है। आग से करीब 50 लाख रुपये के नुकसान की बात सामने आई है।

मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने बताया कि प्लाइवुड फैक्टरी मोतीनगर निवासी धर्मवीर गुलाटी की है। फैक्टरी में 20 से 25 महिला-पुरुष मजदूरी करते हैं। बुधवार को फैक्टरी में बिजली नहीं आ रही थी, जिसके चलते जेनरेटर से काम किया जा रहा था। दोपहर करीब डेढ़ बजे लपटों ने फैक्टरी को घेरे में ले लिया। लपटें देखकर चीखते हुए मजदूर बाहर की तरफ भागने लगे। चंद सेकंड में ही लपटों ने विकराल रूप ले लिया।

फैक्टरी के भीतरी हिस्से में काम कर रहे कुछ मजदूर आग में फंस गए। धुआं फैलने से आसपास के इलाके में दहशत फैल गई। लोग घरों से बाहर निकलकर चीख-पुकार मचाने लगे। किसी ने अग्निशमन विभाग को सूचना दी। चौक, हजरतगंज, आलमबाग समेत पांच फायर स्टेशन से नौ दमकल और कई थानों की पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया। इस बीच फैक्टरी के पिछले हिस्से में मजदूरों के फंसे होने की जानकारी से पुलिस अधिकारियों के होश उड़ गए।

अपर पुलिस उपायुक्त पश्चिम विकास चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि फैक्टरी के पीछे ऐशबाग जलकल विभाग का तालाब है। पुलिस ने जलकल विभाग के कर्मचारियों की मदद से फैक्टरी के पीछे की दीवार तोड़कर भीतर फंसे उन्नाव के मौरावां निवासी 30 वर्षीय मजदूर सोनू व मिथिलेश और सीतापुर के बिसवां में रहने वाले वीरेंद्र की जान बचाई। तीनों काफी झुलस गए थे। उन्हें सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फैक्टरी के कर्मचारियों व आसपास के लोगों ने अग्निकांड में लगभग 50 लाख रुपये कीमत का माल व मशीनें स्वाहा होने की जानकारी दी है। मुख्य अग्निमशन अधिकारी का कहना है कि शुरुआती छानबीन में जेनरेटर रूम में हुए शार्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जताते हुए जांच की जा रही है।
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