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हिंदी सीखना चाहते हैं चीन के विद्यार्थी, केंद्रीय हिंदी संस्थान में दाखिले के लिए किया आवदेन

शादी के बाद ससुराल आई दुल्हन को पति ने प्रेमी के साथ किया विदा, चौंकाने वाला है मामला

उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में प्रेम प्रसंग का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां शादी के बाद ससुराल आई दुल्हन अपने पति को छोड़कर प्रेमी के साथ जाने की जिद पर अड़ गई। दुल्हन की जिद से घर में शादी की खुशियां काफूर हो गईं।

पति दुल्हन को मानने में जुट गया। ससुराल और मायके पक्ष के लोगों ने उसे खूब समझाया, लेकिन वो नहीं मानी। मामला थाने तक पहुंच गया। बाद में दोनों पक्षों ने थाने में उसके प्रेमी को बुलाया और दुल्हन को उसके प्रेमी के साथ भेज दिया। 


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सुरीर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव के युवक की शादी 29 जून को आगरा के रामबाग निवासी युवती से हुई थी। शादी की रस्में पूरी होने के बाद दुल्हन विदा होकर ससुराल तो आ गई, लेकिन उसने युवक को अपना पति मानने से इनकार कर दिया। 
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ताजमहल बंद रहने से सरकारी खजाने को नुकसान, 18 करोड़ के विकास कार्य अटके

ताजमहल के टिकट पर आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) पथकर के रूप में 55 करोड़ रुपये सालाना वसूलता है। ताज बंदी से 18 करोड़ रुपये के वो विकास कार्य रुक गए जो आगरा विकास प्राधिकरण को पथकर से मिलने वाली रकम से किए जाते।

ताज के प्रवेश टिकट पर विदेशी पर्यटकों से 500 रुपये पथकर निधि और भारतीय पर्यटकों से 10 रुपये प्रति टिकट पथकर वसूला जाता है। सालाना 55 से 60 करोड़ की आय इससे अकेले आगरा विकास प्राधिकरण को होती है।


स्ट्रीट लाइटें लगतीं, सड़कें बनतीं

पथकर की रकम पर्यटन सुविधाओं पर खर्च होनी थी। ताजमहल के पास स्ट्रीट लाइट, पौधरोपण, बुनियादी सुविधाएं, सड़क, नाली, खड़ंजा, बेंच, पार्किंग, बैटरी बस, पेयजल सुविधा, शू कवर समेत कई ऐसी चीजें थीं जो 18 करोड़ रुपये की आय कम होने के बाद नहीं हो पाएंगी। 
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कानपुर मुठभेड़ः 'जिसकी शादी की सोच रहे थे वह दुनिया से चला गया', पिता का छलका दर्द

कानपुर में हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे को पकड़ने गई पुलिस टीम में फतेहाबाद के पोखर पांडेय गांव का सिपाही बबलू कुमार भी शामिल थे, जो इस मुठभेड़ में शहीद हुए। बबलू दिसंबर 2018 में पुलिस कांस्टेबल के तौर पर भर्ती हुए थे। शुक्रवार सुबह बेटे की शहादत की जानकारी होते ही पिता व परिवार के अन्य सदस्य कानपुर चले गए। गांव के लोग और रिश्तेदार उनके घर पर पार्थिव शरीर आने का इंतजार करते दिखे। गांव वालों को बेटे को खोने का गम है तो अपराधियों की करतूत पर गुस्सा भी है। उनका कहना है कि अब इस कुख्यात और उसके गैंग का खात्मा किया जाना चाहिए।

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कानपुर मुठभेड़ में शहीद बबलू कुमार की फाइल फोटो कानपुर मुठभेड़ में शहीद बबलू कुमार की फाइल फोटो

कानपुर मुठभेड़ः शहीद जितेंद्र के कंधों पर थी परिवार की बड़ी जिम्मेदारी, वर्दी के लिए दिया बलिदान

कानपुर मुठभेड़ः डेढ़ साल में बिखरे परिवार के सपने, अभाव में पढ़कर बने सिपाही, राजमिस्त्री पिता का बढ़ाया मान

कानपुर के कमरू गांव में हुई पुलिस मुठभेड़ में बदमाशों की गोली से शहीद हुए फतेहाबाद के सिपाही बबलू कुमार की मौत से परिवार के साथ गांव और रिश्तेदार भी सदमे में है। उसके सिपाही बनने परिवार को गरीबी बनने की उम्मीद जगी थी लेकिन डेढ़ साल की नौकरी के बाद ही वह दुनिया से चला गया।

बबलू के परिवार की आर्थिक स्थित अच्छी नहीं है। उनके पिता छोटे लाल के पास खेत नहीं हैं। चार भाइयों में बबलू तीसरे नंबर का था। पिता राजमिस्त्री का काम करते हैं। बबलू के बड़े भाई दिनेश भी उनके साथ ही काम करते हैं।

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छोटे भाई उमेश ने इस वर्ष 12वीं की परीक्षा पास की है। बबलू के पांच बहनें हैं। बबलू की पुलिस में नौकरी लगने के बाद परिवार को उम्मीद की किरण जागी थी। बबलू दिसंबर 2018 में पुलिस कांस्टेबल के तौर पर भर्ती हुआ था। कानपुर में ही ट्रेनिंग की। वहीं तैनाती भी मिली। वर्तमान में वह बिठूर थाने में तैनात था।
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कानपुर मुठभेड़ः जवाहरबाग कांड में शहीद हुए थे एसपी सिटी और प्रभारी, पढ़िये 27 मौतों की दिल दहला देने वाली घटना

कानपुर में हुई मुठभेड़ में क्षेत्राधिकारी समेत आठ पुलिसकर्मियों के शहीद होने की घटना ने मथुरा में दो जून 2016 को जवाहरबाग को खाली कराने के लिए हुई हिंसा की याद ताजा कर दी। उस घटना में मथुरा के एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी व फरह थाने के प्रभारी संतोष यादव शहीद हो गए थे और रामवृक्ष यादव के 27 समर्थक मारे गए थे। कानपुर में हुई घटना के शहीदों में मथुरा निवासी सिपाही जितेंद्र भी शामिल हैं। जितेंद्र के परिवार और गांव वाले इस तरह की घटना करने वाले असामाजिक तत्वों को कोस रहे हैं। 

बता दें फरवरी 2014 में रामवृक्ष यादव तीन दिन की अनुमति के साथ मथुरा के जवाहरबाग में अपने हजारों साथियों के साथ आया था। इसके बाद वह जवाहरबाग में ही जम गया और उसने बाग को खाली नहीं किया।

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जवाहरबाग को खाली कराने का जिला प्रशासन ने भी कोई प्रयास नहीं किया। जवाहरबाग के कर्मचारियों द्वारा आलू की खोदाई करने के दौरान मजदूरों को रामवृक्ष यादव के लोगों ने पीटकर भगा दिया। इसके बाद रामवृक्ष यादव के खिलाफ सदर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था। 
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तूफान संग हुई झमाझम बारिश, पेड़-खंभे टावर टूटकर गिरे, सुहागनगरी में दिखा तबाही का मंजर

एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी और एसओ संतोष यादव की फाइल फोटो

कानपुर मुठभेड़: आगरा मंडल के दो सिपाहियों ने भी गंवाई जान, परिवार में गम-गुस्से का माहौल

मां-बाप के बाद बेटी ने भी तोड़ा दम, 15 दिन में चार की मौत, पड़ोसी ने रंजिशन खेला था खूनी खेल

मैनपुरी जिले के गांव माधौनगर में रंजिश के चलते एक परिवार को जलाने की कोशिश की गई थी। आगजनी में दो साल का मासूम जिंदा जल गया था। जबकि गंभीर रूप से झुलसे दंपती ने सैफई मेडिकल कॉलेज में दम तोड़ दिया था। गुरुवार की रात उनकी बेटी की मौत हो गई। अब तक इस परिवार के चार लोगों की मौत हो चुकी है। अभी एक युवती का इलाज चल रहा है। 

कोतवाली क्षेत्र के माधौनगर (खरपरी) निवासी 45 वर्षीय रामबहादुर 17 जून की रात पत्नी सरला देवी (42), पुत्री रोली (18) व शिखा (16) और दो वर्षीय नाती ऋषि के साथ घर के एक कमरे में सो रहे थे। 


रंजिशन घर में लगाई आग, तीन की मौत प्रकरणः मौत से पहले महिला ने दिया था ये बयान

रात को पड़ोस के रहने वाले मुरारी कश्यप ने पूर्व में हुए झगड़े की रंजिश के चलते घर में मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी थी। आग में जलने से दो वर्षीय ऋषि की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी।  ... और पढ़ें

मथुराः कोरोना पॉजिटिव बुजुर्ग महिला की मौत, 13 पहुंचा संक्रमितों की मौत का आंकड़ा

मथुरा में लगातार कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या के साथ मृतकों की संख्या में इजाफा हो रहा है। शुक्रवार की शाम कोरोना पॉजिटिव वृद्ध की उपचार के दौरान वृंदावन के अस्पताल में मौत हो गई। जनपद में अब तक कोरोना से 13 मौत हो चुकी हैं। 

बताया जाता है कि मथुरा के कोतवाली रोड स्थित गुजराना निवासी 58 वर्षीय वृद्ध को हाइपर टेंशन की समस्या के कारण 30 जून को वृंदावन के रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम में भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान ही एक जुलाई को उनका कोविड सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया।

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शुक्रवार की सुबह उनकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसके बाद शाम को उनकी मृत्यु हो गई। अस्पताल प्रबंधन ने कोविड 19 के मानकों का अनुपालन करते हुए परिवार को शव सौंप दिया है।
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वृंदावनः डेढ़ सौ प्राचीन श्री बांकेबिहारी मंदिर के आंगन का फर्श धंसा, सेवायतों में मची खलबली

श्री बांकेबिहारी मंदिर के आंगन का फर्श अचानक धंस गया। इससे सेवायतों में खलबली मच गई। सूचना प्रबंधन को दी गई। सिविल इंजीनियरों की मदद से फर्श की खोदाई शुरू करा दी गई है, जिससे प्रभावित क्षेत्र की मरम्मत के साथ इसके कारण की जांच की जा सके।

कोरोना संक्रमण के चलते श्रीबांकेबिहारी मंदिर के पट आम भक्तों के लिए बंद हैं। सेवायत ही विधिवत पूजा सेवा कर रहे हैं। इस दौरान सेवायतों को प्रतीत हुआ कि मंदिर के मुख्य आंगन का फर्श कुछ स्थानों पर धंस रहा है। इसकी जानकारी तत्काल ही मंदिर प्रबंधन को दी गई।

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अनुमति की निर्धारित प्रक्रिया के बाद शुक्रवार को मंदिर आंगन में संबंधित क्षेत्र की खोदाई का काम शुरू किया गया। गर्भगृह के सामने वाले क्षेत्र में करीब दो से तीन फीट खोदाई में जमीन में पोल और गीलापन पाया गया है। इस कार्य में मंदिर प्रबंधन ने सिविल इंजीनियरों की मदद ली है। साथ ही निर्माण विशेषज्ञों को दिल्ली से बुलाया है। जिससे फर्श धंसने के कारण की जांच की जा सके। ... और पढ़ें
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