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स्वर्ण जयंती नगर में दिनदहाड़े डांस टीचर की हत्या

क्वार्सी थाना क्षेत्र की पॉश कालोनी स्वर्ण जयंती नगर में शिवालिक गंगा अपार्टमेंट के सामने सोमवार को दिनदहाड़े एक डांस टीचर की गोली मारकर हत्या कर दी गई। डांस टीचर अपनी प्रेमिका के दबाव डालने पर उससे मिलने वहां आया था। हत्या के बाद हमलावर फरार हो गए। घटनास्थल के पास लगे एक सीसीटीवी में तीन हमलावर कैद हुए हैं। पुलिस ने एक नामजद व दो अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस की शुरुआती छानबीन और परिवार के आरोपों के मुताबिक मामला लव ट्राई एंगल का निकलकर सामने आया है।
महावीर उर्फ माही (24) पुत्र शंकर लाल निवासी नगल डालचंद, क्वार्सी पेशे से डांस टीचर था। पहले वह मुंबई में डांस क्लास चलाता था। कुछ साल पहले अलीगढ़ लौटा और यहां रामघाट रोड पर डांस क्लास चलाने लगा। यहां उससे नौरंगाबाद इलाके की रहने वाली युवती डांस सीखने आने लगी। दोनों का आपस में प्रेम प्रसंग हो गया। पिता शंकर लाल के मुताबिक वाकया सुबह 11. 45 बजे का है। मिली जानकारी के मुताबिक बेटा डांस क्लास से घर की ओर लौट रहा था। तभी उसकी प्रेमिका का फोन आया। मना करने पर उसने दबाव डाला। इस पर वह उससे मिलने वह स्वर्ण जयंती नगर स्थित एक रेस्टोरेंट में गया था। वहां से मुलाकात के कुछ देर बाद वह 100 फुटा रोड पर शिवगंगा अपार्टमेंट के पास से निकल रहा था। तभी उक्त युवती का एक अन्य प्रेमी विनय कटियार उर्फ बिन्नी पुत्र नरोत्तम दास निवासी नगला मानसिंह, गांधी पार्क अपने दो साथियों संग आ धमका।
विनय से अब युवती की शादी तय हो चुकी है। उसने बेटे के साथ मारपीट की और फिर गोली मार दी। गोली बेटे के पेट में जा लगी। इधर, दिनदहाड़े पॉश कालोनी में गोली चलने की घटना से सनसनी फैल गई। लोगों ने मौके पर जाकर देखा तो माही खून में लथपथ पड़ा था। सूचना पर थाना पुलिस पहुंची। पुलिस ने उसे जेएन मेडिकल कालेज भेजा, वहां डाक्टरों नेे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को मोर्चरी पर रखवा दिया है। इंस्पेक्टर थाना क्वार्सी छोटेलाल के मुताबिक मृतक के भाई गजेंद्र सिंह बघेल की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर विनय कटियार व उसके दो अज्ञात साथियों पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की तलाश को दबिश जारी है। युवती से भी पूछताछ की जा रही है। मामला लव ट्राई एंगल का निकलकर सामने आ रहा है।
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गश्त कर रहे पुलिसकर्मियों से हाथापाई, चौकी में तोड़ी कुर्सियां

अतरौली थाना क्षेत्र के गांव तेवथू पुलिस चौकी के एक सिपाही व होमगार्ड से गश्त के दौरान दो शराबियों ने हाथापाई की। इसके बाद पुलिस वालों की पकड़ से छूटकर चौकी पहुंच गए और वहां रखी कुर्सियां तोड़ दीं। पुलिस कर्मियों के डॉक्टरी परीक्षण के बाद तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। आरोपी घरों से फरार हैं, पुलिस तलाश में जुटी है।
अतरौली-छर्रा मार्ग पर राजगांव चौराहे पर तेवथू पुलिस चौकी है। इसमें साबिर अली के साथ हेड कांस्टेबिल हरनारायण व होमगार्ड भगवान सहाय की तैनाती है। रविवार की रात हरनारायण और भगवान सहाय पुलिस चौकी से थोड़ी दूर गांव औरेनी दलपतपुर की तरफ गश्त पर थे। गांव राजगांव निवासी श्यामू पुत्र बिन्नामी अपने दो साथियों के साथ बाइक से अतरौली की ओर से अपने गांव जा रहे थे। गश्त पर मौजूद हेडकांस्टेबिल और होमगार्ड को देख वह तीनों पुलिस को गाली देने लगे। इस पर पुलिस कर्मियों ने तीनों को पकड़ने का प्रयास किया तो हेड कांस्टेबल व होमगार्ड से हाथापाई करते हुए तीनों भाग निकले।
इसके बाद तीनों बाइक सवार तेवथू पुलिस चौकी पहुंचे और वहां रखीं कुर्सियां तोड़ दीं। उधर पुलिस कर्मियों ने थाने पहुंचकर घटना की जानकारी दी। इस पर कोतवाली प्रभारी धर्मेंद्र पंवार, चौकी इंचार्ज साबिर अली फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। आरोपियों की शिनाख्त कर पुलिस ने उनकी धरपकड़ के लिए दबिश दी लेकिन तीनों हाथ नहीं आ सके हैं।
- तीनों आरोपियों ने शराब के नशे में पुलिस कर्मियों से अभद्रता की है। उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपी जल्द ही गिरफ्तार कर जेल भेजे जाएंगे। गुंडई करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
-धर्मेंद्र पंवार, कोतवाल।
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आठ माह की गर्भवती पत्नी की कुल्हाड़ी से काट डाला

चंडौस कोतवाली क्षेत्र के गांव ऊमरी में सोमवार की सुबह करीब दस बजे एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी से रुपये मांगे। आठ माह की गर्भवती पत्नी ने रुपये न होने की बात कहते हुए रुपये देने से इनकार दिया इस पर गुस्साए पति ने पास ही रखी कुल्हाड़ी उठाकर दो वार सिर और एक गर्दन पर कर दिया। लहूलुहान गर्भवती को लेकर परिवार वाले अस्पताल पहुंचे जहां डॉक्टर ने गर्भवती को मृत घोषित कर दिया।
करीब छह साल पहले चंडौस के गांव ऊमरी निवासी ओमप्रकाश चौहान पुत्र रविंद्र के साथ कासगंज जनपद के थाना पटियाली के गांव रुस्तमपुर निवासी जयसिंह की बेटी कुंती की शादी हुई थी। कुंती के दो बेटी और एक बेटा है। वर्तमान समय में वह आठ माह की गर्भवती थी। सोमवार की सुबह करीब दस बजे पति ओमप्रकाश शराब पीकर घर पहुंचा। उस समय कुंती नहा रही थी। उसने पत्नी से कुछ रुपये मांगे। घर पर रुपये न होने की बात कहते हुए पत्नी ने रुपये देने से मना कर दिया।
इसी पर गुस्से में लाल, पीले हुए ओमप्रकाश ने कुल्हाड़ी से पत्नी के सिर पर दो वार किए जिससे वह मौके पर गिर गई। इसके बाद कुंती की गर्दन पर वार किया। परिवार वाले उसे खैैर के निजी हास्पिटल में ले गए जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पर चंडौस कोतवाल समय सिंह मौके पर पहुंच गए और आरोपी पति को हिरासत में ले लिया। मृतका के भाई ब्रजेश ने बहनोई ओमप्रकाश और देवर देवेश के खिलाफ दहेज के लिए हत्या करने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। भाई के अनुसार ओमप्रकाश आए दिन उसकी बहन को मारपीट कर परेशान कर रहा था।
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अलीगढ़ : फर्जी आईपीएस बन कर ठगी करने वाले पिता-पुत्र गिरफ्तार

फर्जी आईपीएस अफसर बनकर लोगों को ठगने वाले पिता-पुत्र को पुलिस ने मंगलवार को थाना बन्नादेवी क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से डीआईजी रैंक के अधिकारी की प्लेट, उत्तर प्रदेश शासन का मोनोग्राम, गृह मंत्रालय नई दिल्ली के विभिन्न स्टीकर व वाहन पास तथा एनआईए की तरफ से अनुचित तरीके से तैयार की गई जांच आख्या व वॉकी टॉकी, लैपटॉप, टैबलेट आदि गाड़ी से बरामद हुए। पिता-पुत्र की ये जोड़ी नौकरी लगवाने के नाम पर व मुकदमे से नाम निकलवाने के नाम पर ठगी करते थे। बीएचईएल से रिटायर पिता अपने बेटे के डीआईजी होने का हवाला देकर उसकी शादी के नाम पर ठगी को अंजाम देता था।
मंगलवार को एसपी क्राइम डॉ. अरविंद कुमार ने पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता में बताया कि मंगलवार को बन्नादेवी क्षेत्र के भीकमपुर मोड़ पर पुलिस चेकिंग कर रही थी। तभी वहां से आईपीएस अधिकारी के स्टीकर और बत्ती लगी सफेद रंग की इनोवा क्रिस्टा कार संख्या यूपी 32 एचएस 5291 निकली। आमतौर पर किसी अफसर के मूवमेंट की पहले से पुलिस को सूचना रहती है। इस तरह गाड़ी गुजरने पर शक हुआ। गाड़ी को रोका गया। उसमें ड्राइवर के अलावा अनुज चावला और उसका पिता राजेंद्र चावला निवासी 84-समर विहार, थाना मानक नगर जनपद लखनऊ थे। शुरू में तो इन्होंने आईपीएस अफसर होने का रौब झाड़ा। लेकिन जब अलग-अलग पूछताछ की गई तो असलियत उगल दी और माफी मांगने लगे।
पूछताछ में सामने आया कि अनुज चावला ने देहरादून से एलएलबी की पढ़ाई की थी। अनुज खुद को गृह मंत्रालय, दिल्ली में डीआईजी होने का हवाला देता था, जबकि राजेंद्र चावला बीएचईएल से रिटायर है। वह लोगों से कहता था कि उसका बेटा आईपीएस अफसर है। अनुज चावला के कई लड़कियों से संपर्क होने तथा उनसे शादी तय होने के बाद संबंध बनाने और रिश्ता टूटने की बात भी सामने आई है। पुलिस ने दोनों पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
फर्जी आईपीएस अधिकारी बनकर लोगों के साथ ठगी करने वाले व लड़कियों की जिंदगी बर्बाद करने वाले शातिर पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया गया है। इन दोनों के खिलाफ थाना बन्नादेवी में मुकदमा अपराध संख्या 352/2020 धारा 170/420/466/468/474 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। इनको अदालत में रिमांड के लिए प्रस्तुत किया जा रहा है। जिससे और अधिक गहराई से इनसे छानबीन की जा सके और पता लगाया जा सके कि उन्होंने कितने लोगों की जिंदगियां बर्बाद की हैं। कितनी रकम अब तक ठग चुके हैं।
- डॉ अरविंद कुमार एसपी क्राइम
नीली बत्ती लगाकर घूमने वालों के खिलाफ पुलिस चलाएगी अभियान
डीआईजी व आईपीएस अधिकारी के स्टीकर और नीली बत्ती लगाकर घूमने वाले लोगों के खिलाफ अब पुलिस अभियान चलाने वाली है। एसपी क्राइम डॉ. अरविंद कुमार ने बताया कि इस घटना के सामने आने के बाद अब यह सही समय है कि फर्जी तरीके से अपनी पहचान जाहिर करने वाले लोगों के खिलाफ अभियान चलाया जाए। क्योंकि जिले में देखा जा रहा है कि कुछ लोग नीली बत्ती और पुलिस स्टीकर शादी के खुलकर दुरुपयोग कर रहे हैं।
सत्संग में जाकर पिता फंसाता था
राजेंद्र चावला सत्संग में जाया करता था और वहीं अपने बेटे को आईपीएस अधिकारी बताता था। वह सत्संग में इसीलिए जाया करता था क्योंकि वहां पर धार्मिक मत के लोग आसानी से विश्वास करने वाले मिल जाते थे। यहीं से वह अपने बेटे के लिए शादी संबंध की बात चलाता और उनसे पैसा ठगता। इसके अलावा जहां जरूरत होती थी तो बेटा अपने पिता को डीआईजी कहकर प्रस्तुत कर दिया करता था।
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आरोपी पिता-पुत्र को लेकर जानकारी देते एसपी क्राइम अरविंद कुमार, सीओ पंकज श्रीवास्तव। आरोपी पिता-पुत्र को लेकर जानकारी देते एसपी क्राइम अरविंद कुमार, सीओ पंकज श्रीवास्तव।

फर्जी आईपीएस : ठगी का शिकार होने से बच गया बन्नादेवी क्षेत्र का बड़ा परिवार

फर्जी आईपीएस अधिकारी बनकर लोगों के साथ ठगी करने वाले पिता-पुत्र को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस की पूछताछ में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। जांच में पता चला है कि ये लोग बन्नादेवी क्षेत्र के एक बड़े आदमी की लड़की से शादी का रिश्ता करने के लिए आए थे। दो दिन से बन्नादेवी स्थित लग्जरी होटल में ठहरे हुए थे।
पिता राजेंद्र चावला अपने बेटे अमित चावला को गृह मंत्रालय में बतौर डीआईजी के रूप में तैनात बताकर उसकी शादी बन्नादेवी क्षेत्र के एक बड़े आदमी की बेटी के साथ करने की तैयारी कर रहा था। लगातार बात भी चल रही थी। लड़की वालों की मुलाकात राजेंद्र चावला से रूहानी सत्संग कृपाल आश्रम में हुई थी। राजेंद्र चावला ने अपने बेटे को आईपीएस अधिकारी (एनआईए कोलकाता में तैनात) बताकर झांसा दिया था। इसके बाद कई और मुलाकातें हुईं। लड़की पक्ष ने जब राजेंद्र चावला से यह कहा कि अनुज चावला के संबंध में गूगल या सरकारी वेबसाइटों पर कोई जिक्र नहीं मिलता है। इस पर राजेंद्र चावला ने कहा कि वह एक सीक्रेट मिशन पर है। जिसको गृह मंत्रालय के निर्देश से अंजाम दिया जाना है। इसी के चलते गूगल से उनके संबंध में सारा डाटा मिटा दिया गया है। यह भी बताया कि अलीगढ़ में कोविड-19 की गोपनीय जांच करने यहां आए हैं। अभी दो दिन पहले राजेंद्र चावला लड़की पक्ष से रिश्ते की बात को आगे बढ़ाने के लिए अलीगढ़ आया था। इस रिश्ते के लिए बहुत मोटी डील होने वाली थी। लेकिन इन दोनों की गिरफ्तारी होने से बन्नादेवी क्षेत्र का यह बड़ा व्यक्ति अपनी बेटी के रिश्ते के नाम पर मोटी ठगी का शिकार होने से बच गया।
किराए की गाड़ी पर लगा रखी थी नीली बत्ती
जिस गाड़ी पर राजेंद्र चावला और अनुज चावला ने नीली बत्ती लगा रखी थी, वह गाड़ी लखनऊ के यादव ट्रैवल्स से किराए पर ली गई थी। ट्रेवल एजेंसी वाले को बताया था कि वह कोविड-19 की एक गोपनीय जांच के सिलसिले में जा रहे हैं। यह बात बाप और बेटे ने लड़की वालों को भी बताई। लड़की वालों को यह बताया गया कि गृह मंत्रालय की ओर से वह यहां पर महामारी के दौरान जिला प्रशासन द्वारा किए गए उपायों की गोपनीय समीक्षा रिपोर्ट तैयार करने आए हैं।
गृह मंत्रालय में नौकरी के नाम पर हरदोई के युवक से ठगे दो लाख
पुलिस जांच में सामने आया है कि दोनों ने हरदोई के रहने वाले एक संजीव नाम के युवक से गृह मंत्रालय में नौकरी लगवाने के नाम पर दो लाख रुपए ठग लिए। संजीव नाम का यह युवक सोशल मीडिया पर लगातार इनको कोस रहा है। उसका कहना है कि भगवान तुमको इसकी सजा देगा। मैंने ब्याज पर रुपये लेकर तुम लोगों को दिए थे और तुमने मेरे साथ विश्वासघात किया। दिलचस्प बात यह है कि इस संजीव नाम के युवक की मुलाकात भी राजेंद्र चावला से कृपाल रुहानी मिशन सत्संग में हुई थी।
लखनऊ में आलीशान कोठी और आधा दर्जन लग्जरी गाड़ियां
बाप बेटे की ठग जोड़ी के पकड़ में आने के बाद अलीगढ़ पुलिस ने लखनऊ पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी। इसके बाद लखनऊ पुलिस राजेंद्र चावला के घर पर पहुंची तो पुलिस की आंखें फटी की फटी रह गईं। लखनऊ में राजेंद्र चावला का बेहद आलीशान मकान है और आधा दर्जन लग्जरी गाड़ियां खड़ी थीं। सभी गाड़ियों पर एयरपोर्ट के स्टीकर लगे हुए हैं। यही नहीं घर में फाइव स्टार होटल जैसी सुविधाएं हैं। लखनऊ पुलिस ने पूरे घर को अपनी निगरानी में ले लिया है और इस मामले की गहराई से जांच करी जा रही है।
पांच साल में पहली बार पुलिस की गिरफ्त में आए दोनों
जांच में सामने आया कि ये लोग पिछले 5 साल से इस काम में लगे हैं। लेकिन आज तक यह पकड़ में नहीं आए। इसलिए अभी यह भी तय नहीं हो पा रहा है कि इनके द्वारा शिकार लोगों की संख्या कितनी है। अब पहली बार पकड़ में आने के बाद जब इनकी गिरफ्तारी सार्वजनिक होगी तब इनके सताए लोग सामने आएंगे।
पूछताछ में बताया कि अमित चावला बीए एलएलबी हैं और राजेंद्र चावला भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स से रिटायर्ड एग्जीक्यूटिव अधिकारी है। पुलिस ने इसकी जांच के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस का मानना है कि हो सकता है कि ये लोग झूठ बोल रहे हों। पुलिस के मुताबिक बाप बहुत ही शातिर है। वह अपनी आयु का पूरा फायदा पुलिस से बचने के लिए उठाता रहा है।
पूछताछ के बाद ठग बाप बेटे को जेल भेजा गया
गिरफ्तार किए गए ठग बाप और बेटे अनुज चावला और राजेंद्र चावला को पुलिस ने मंगलवार की देर शाम जेल भेज दिया। अब पुलिस अदालत से इनका रिमांड हासिल करने की तैयारी करेगी। जिससे और गहनता से पूछताछ की जा सके। इस तरह इन लोगों ने पहली बार जेल के अंदर का माहौल देखा है।
गिरफ्तार पिता-पुत्र को ले जाते पुलिस कर्मी।
गिरफ्तार पिता-पुत्र को ले जाते पुलिस कर्मी। - फोटो : CITY OFFICE
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नौकरी करने कुवैत गए युवक से साफ करवाया जा रहा टॉयलेट

कुवैत में भारतीयों के रोजगार पर चल रही कैंची का असर दिखाई देने लगा है। शहर के अमीर निशा निवासी वहीद हुसैन के साथ रहने वाले उनके रिश्तेदार कलीम (मूल निवासी रायबरेली) नौकरी के सिलसिले में कुवैत गए थे, लेकिन वे वहां पर फंस गए। एएमयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष वहीद हुसैन के मुताबिक कलीम ने ऑडियो मैसेज भेजकर उनसे मदद मांगी है। कलीम का कहना है कि उनका मालिक उनसे टॉयलेट साफ करवाता है। विरोध करने पर मारपीट करता है।
गौरतलब हो कि कुवैत नेशनल असेंबली की कानून और विधायी समिति ने अप्रवासी कोटा बिल के मसौदे को मंजूरी दे दी है। इसके चलते वहां काम कर रहे लाखों विदेशियों की नौकरी पर संकट आ गया है। कुवैत की कुल आबादी 43 लाख है, जिसमें 11 लाख भारतीय हैं। इस बिल के हिसाब से भविष्य में सिर्फ 15 प्रतिशत भारतीय ही कुवैत में नौकरी कर पाएंगे। एएमयू के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष सैयद वहीद हुसैन ने बताया कि फरवरी 2020 में कुवैत में ड्राइवर की नौकरी के लिए गए कलीम पुत्र जियाउल ने भेजे ऑडियो में कहा है कि उनको जल्द कुवैत से हिंदुस्तान लाया जाए। उनका कफील यानी मालिक (कुवैत पुलिस में कार्यरत) द्वारा टॉयलेट सफाई व अन्य कार्य करने के लिए बाध्य किया जा रहा है। काम न करने पर बुरी तरह मारपीट की जाती है। इसके बाद हेल्पडेस्क संस्था से संपर्क किया, जो विदेश में फंसे लोगों की मदद के लिए काम करती है।
हेल्पडेस्क के संस्थापक सचिव रूपेश पाठक ने बताया कि कुवैत स्थित भारतीय दूतावास के मुख्य सूचना अधिकारी जलाधि मुखर्जी एवं अपीलीय प्राधिकरण अधिकारी राज गोपाल सिंह से संपर्क साधा है, जिसमें कलीम को वंदे भारत मिशन के तहत हिंदुस्तान वापस भेजने की गुजारिश की है। उनके मुताबिक, भारतीय दूतावास की ओर से इस मामले का संज्ञान ले लिया गया है।
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भाजपा के बूथ अध्यक्ष की हत्या में बेटे समेत पूर्व चेयरमैन नामजद

पिसावा थाना क्षेत्र के गांव दमुंआका निवासी भाजपा के बूथ अध्यक्ष सचिन की हत्या में जट्टारी के पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष चौ. मनवीर सिंह, उनके बेटे आकाश समेत छह के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है। उधर पोस्टमार्टम के बाद मंगलवार को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में गांव में शव का अंतिम संस्कार किया गया। पांच साल के बड़े बेटे समर ने पिता के शव को मुखाग्नि दी।
मंगलवार की सुबह से दमुंआका गांव में शोक व्यक्त करने वालों के पहुंचने का तांता लगा रहा। भीड़ को देखते हुए सीओ संजीव दीक्षित व एसओ पिसावा भारी फोर्स के साथ गांव में मौजूद रहे। उधर वारदात के विरोध में नगलिया बिजना व पिसावा का पूरा बाजार मंगलवार को बंद रहा। सचिन की पत्नी सीमा देवी की ओर से पति की हत्या में जट्टारी नगर पंचायत के पूर्व चेयरमैन चौ. मनवीर सिंह, उनके पुत्र आकाश, राजू व गजेंद्र पुत्र भागचंद्र निवासी दमुंआका के अलावा दो अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। सीमा देवी के अनुसार दो दिन पहले सचिन ने उन्हें बताया था कि जट्टारी चेयरमैन चौ. मनवीर सिंह मेरी हत्या की योजना बना रहा है। उसके यहां बदमाश बैठे हैं। पत्नी के अनुसार मनवीर सिंह के साथ उनके परिवार की पुरानी रंजिश है। मनवीर सिंह इससे पहले भी पति सचिन व चचेरे देवर प्रशांत की हत्या की कोशिश कर चुका था। सचिन के चाचा दिनेश वकील भाजपा पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के बृज प्रांत के मंत्री हैं।
पत्नी को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा
हजियापुर (अलीगढ़)। सचिन की हत्या के बाद पत्नी सीमा देवी का हालत बिगड़ गई। मंगलवार की सुबह उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां से दोपहर के बाद आराम मिलने पर घर भेज दिया गया। घर पर ही डॉक्टर उनकी देखभाल कर रहे हैं। सीमा ने बताया कि वारदात से कुछ देर पहले ही उनकी सचिन से बात हुई तो दो मिनट में गांव लौटने की बात सचिन ने कही थी। इसके बाद हत्या की खबर आई। सचिन की हत्या से पिता वीरपाल सिंह व मां राजेश देवी का भी रोकर बुरा हाल है।
दोषी पाया जाऊं तो जनता बीच चौराहे लगा दे फांसी
भाजपा के बूथ अध्यक्ष सचिन की हत्या में आरोपी पूर्व नगर पंचायत चेयरमैन चौ. मनवीर सिंह ने कहा कि भाजपा नेता दिनेश वकील ने जट्टारी के व्यापारियों से चौथ वसूली कराकर अपने भतीजों को बदमाश बनाया। जो जैसा करेगा उसको वैसा ही फल मिलेगा। हत्या में मेरा और मेरे पुत्र का नाम राजनैतिक रंजिश के कारण घसीटा जा रहा है। पुलिस-प्रशासन की जांच में पूरा सहयोग करेंगे। यदि जांच में दोषी पाया जाता हूं तो जनता मुझे बीच चौराहे फांसी लगा सकती है।
पिता के सामने ही ले ली बेटे की जान
सोमवार की शाम नकाबपोश हमलावरों ने पिता वीरपाल सिंह के सामने ही उनके बेटे सचिन की गोलियाें से छलनी कर जान ले ली। भगदड़ के बीच पिता पास पहुंचे तो शव देखते ही दहाड़ मारकर बिलख पड़े। बेटे की जान बचाने के लिए लोगों से मदद की गुहार लगाने लगे।
सचिन खाद-बीज की दुकान पर गए थे इसी बीच उनके पिता वीरपाल सिंह पिसावा में अपना क्लीनिक बंद कर गांव लौट रहे थे। गांव नगलिया बिजना के तिराहे पर पहुंचते ही उन्होंने देखा कि कुछ बदमाशों ने एक युवक पर हमला किया है। वह युवक दमुंआका गांव की ओर भागा तो गांव के रास्ते के कोने पर खडे़ अन्य बदमाशों ने उस युवक पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं। इसके बाद हमलावर फायरिंग करते हुए भाग निकले। आसपास के दुकानदार दुकानें बंद कर भाग निकले। इसी बीच वीरपाल सिंह कुछ लोगों के साथ मृतक को पहचानने के लिए पास पहुंचे तो अपने बेटे सचिन चौधरी को देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।
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अलीगढ़ : दो गोली सीने में और एक गोली गर्दन में लगी थी सचिन के

चौधरी मनवीर सिंह, पूर्व चेयरमैन, जट्टारी
पिसावा में सोमवार को जिला पंचायत सदस्य दिनेश कुमार एडवोकेट के भतीजे सचिन की हत्या के बाद मंगलवार को शव का पोस्टमार्टम किया गया। पोस्टमार्टम में सचिन के शरीर में तीन गोलियां पाई गई हैं। दो गोली सचिन के सीने में लगी हैं, एक गोली गर्दन में लगी है। गोलियां 12 बोर और 15 बोर के तमंचे से मारी गई हैं। पुलिस अंदाजा लगा रही है कि सचिन के ऊपर एक साथ दो लोगों ने गोलियां चलाई। जो गोली गर्दन में लगी है वह 15 बोर की है। सीने में 12 बोर की गोलियां लगी हैं। एक गोली सीने में ऐसी जगह लगी है, जिससे उसका हॉर्ट बर्स्ट हो गया।
पूर्व चेयरमैन सहित चार नामजद
हत्याकांड में मृतक सचिन की पत्नी सीमा की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इसमें चार लोग नामजद हैं, जबकि दो अज्ञात में दर्ज हैं। जिन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है, उनमें पिसावा के दमुआका निवासी राजू पुत्र भागचंद, गजेंद्र पुत्र भागचंद, आकाश पुत्र मनवीर निवासी जट्टारी टप्पल और मनवीर पुत्र किशन सिंह निवासी जट्टारी टप्पल शामिल हैं। इसके अलावा दो अज्ञात हैं। मनवीर पूर्व चेयरमैन हैं। एफआईआर में कहा गया है कि 2 दिन पहले उसके पति ने बताया था कि पूर्व चेयरमैन मनवीर उसकी हत्या की योजना बना रहा है। मनवीर के गनर के यहां कुछ बदमाश भी आकर रुके हैं ।
सीओ के नेतृत्व में एसआईटी जांच करेगी: एसएसपी
सचिन हत्याकांड में एसएसपी मुनिराज जी ने बताया पिसावा के गांव बिजलियां में सोमवार को दमुआका का रहने वाला सचिन कुछ दवाएं खरीदने आया था। यहीं पर हमलावरों ने उसकी गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात के बाद सीसीटीवी फुटेज चेक किए हैं। मृतक पक्ष की ओर से चार लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। जबकि दो अज्ञात हैं। जिन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है उसमें एक पूर्व चेयरमैन भी हैं। मृतक के ऊपर भी आठ मुकदमे दर्ज हैं। पूर्व में दोनों पक्ष एक दूसरे के ऊपर मुकदमे दर्ज कराते रहें हैं। सीओ के नेतृत्व में इस मामले में एसआईटी गठित कर दी है। वह इस मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई करेगी।
मनवीर के बेटे का पर्चा निरस्त करवाने पर शुरू हुई दुश्मनी
मारे गए सचिन और पूर्व चेयरमैन मनवीर के परिवार के बीच जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में एक पर्चा निरस्त कराने को लेकर दुश्मनी शुरू हुई थी। सचिन के पिता वीरपाल सिंह ने मंगलवार को पोस्टमार्टम हाउस पर बताया कि मनवीर का बेटा एक बार जिला पंचायत का चुनाव लड़ रहा था और उनका छोटे भाई भी चुनाव लड़ रहा था। मनवीर के बेटे ने चुनाव कार्यालय में जो दस्तावेज दाखिल किए, उनमें गड़बड़ी थी। उनके छोटे भाई ने गड़बड़ी प्रशासन में जाहिर कर दी। इसके बाद से ही मनवीर पक्ष उनके परिवार से दुश्मनी मानने लगा था।
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अलीगढ़ : इगलास अपहरणकांड में पुलिस ने एक बदमाश दबोचा

कोतवाली पुलिस ने अलीगढ़ निवासी कारोबारी सुरेंद्र जिंदल के अपहरण के बाद फिरौती लेकर छोडऩे के मामले का 15 दिन बाद पर्दाफाश किया है। पुलिस ने अपहरण करके फिरौती वसूल करने वाले एक बदमाश को दबोचा है। इससे एक तमंचा व 10 हजार रुपये बरामद किए हैं। वहीं पांच आरोपी अभी फरार हैं। एसपी ग्रामीण अतुल शर्मा ने प्रेस वार्ता में बताया कि मंगलवार को इंस्पेक्टर मानवेंद्र त्यागी के नेतृत्व में एसआई चरन सिंह ने हाथरस रोड पर तोछीगढ़ मोड से आरोपी संतोष पुत्र रामबिहारी निवासी गांव महामौनी थाना मुरसान (हाथरस) को पकड़ा था। इसके कब्जे से एक तमंचा व 10 हजार रुपये बरामद करने का दावा किया गया है।
 
कारोबारी से वसूली गई फिरौती की धनराशि में से इसके हिस्से में 80 हजार रु पये आए थे। 70 हजार इसने खर्च कर लिए। आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जेल भेजा गया है। घटना के मुख्य सरगना जयपाल पुत्र परसादीलाल निवासी नगला हरिकन्ना थाना इगलास, विनोद जाट पुत्र राजवीर सिंह निवासी महामौनी थाना मुरसान (हाथरस), विनोद निवासी पथैना, भरतपुर (राजस्थान), पिंटू निवासी राया (मथुरा), राकेश निवासी लालपुर थाना इगलास फरार है। इनकी गिरफतारी के लिए दबिश दी जा रही है।
 
एसपी ने बताया कि अपहरण की योजना राकेश व जयपाल ने मिलकर वर्ष 2017 में बनाई थी। इसके बाद जयपाल जेल चला गया। लॉकडाउन से पहले जेल से छूटकर आने पर उसने पिंटू को योजना बताई। इसके बाद संतोष के घर पर सभी आरोपितों ने फैक्ट्री मालिक के अपहरण के बाद मोटी रकम वसूलने की योजना बनाई थी। विनोद जाट पुलिस में सिपाही था,जो बर्खास्त चल रहा है। फरार आरोपित विनोद जाट, जयपाल, विनोद के ऊपर एसएसपी ने 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है।
 
पकड़े गए आरोपी संतोष पर हाथरस, आगरा, अलीगढ़ जनपद में अपहरण, लूट, धोखाधड़ी, हत्या का प्रयास, गुंडा एक्ट के संबंध में 20 मुकदमे दर्ज है। विदित रहे कि थाना गांधी पार्क के मुहल्ला शीशिया पाडा निवासी स्क्रैप व्यवसायी सुरेन्द्र जिंदल 16 जून को अपनी भौंरा गौरवा स्थित हरी लक्ष्मी एलॉयल स्क्रैप फैक्टरी जाने के लिये अलीगढ़ से अपनी गाड़ी से आ रहे थे। रास्ते में भौंरा मोड़ के समीप स्थित एक कोल्ड स्टोर के समीप पीछे से स्कार्पियो गाड़ी लगाकर रोक लिया था।
 
व्यवसायी को बदमाशों ने खुद को एसओजी टीम से बताते हुए कहा था कि तुमहारे खिलाफ कोतवाली इगलास में वांरट है। व्यवसायी के विरोध करने के बाद भी पुलिस वर्दीधारी गैंग ने फैक्टरी जाते समय भौरा गौरवा मोड़़ से कार सहित अपहरण कर लिया था। व्यवसायी से उसके ही फोन से घर पर फोन कराकर उसकी पत्नी लक्ष्मी देवी बात कराकर फिरौती में छह लाख रुपए की रकम वसूलने के बाद छोड़ा था।
 
 पुलिस से बर्खास्त सिपाही है विनोद जाट मास्टरमाइंड, जो फरार चल रहा है
अलीगढ़। व्यापारी के अपहरण में फरार बदमाश विनोद जाट पुलिस का बर्खास्त सिपाही है और पिछले कुछ वर्षों में कई जघन्य वारदातों को अंजाम दे चुका है। मूल रूप से हाथरस के मुरसान के आसपास के क्षेत्र का रहने वाला विनोद जाट सन 2016 में पुलिस से बर्खास्त कर दिया गया था। उस पर आरोप था कि वह अपराधियों को मदद पहुंचाता है । इस अपहरण कांड में वह अभी भी फरार चल रहा है और वही इस कांड का मास्टरमाइंड है। पुलिस उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही है। माना जा रहा है कि उसके पुलिस में कुछ कनेक्शन अभी भी काम कर रहे हैं।
 
व्यापारी के पूर्व कर्मचारी राकेश ने विनोद जाट को पूरा मामला सौंप दिया था
अलीगढ़। व्यापारी के अपहरण कांड में विनोद जाट को सुराग देने में व्यापारी के ही यहां काम करने वाले राकेश नाम की एक कर्मचारी की एवं भूमिका है राकेश नाम के इस कर्मचारी को व्यापारी की प्रत्येक गतिविधि मालूम थी और वह उसके कारोबार के बारे में भली-भांति परिचित था राकेश नहीं यह पूरा मामला विनोद जाट को सौंपा इसके बाद विनोद जाट ने इस अपहरण कांड की स्क्रिप्ट तैयार कर डाली पूरी प्लानिंग विनोद जाट ने राकेश के सहयोग से की और घटना को अंजाम भी विनोद जाट ने दीया
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भाजपाइयों ने फूंका महापौर एवं नगर आयुक्त का पुतला

भाजपा विष्णुपुरी मंडल के अध्यक्ष जगदीश महाजन के नेतृत्व में एटा चुंगी चौराहा एवं भाजपा गांधीनगर मंडल के अध्यक्ष मुकेश मदन वार्ष्णेय के नेतृत्व में हाथरस अड्डे तिराहे पर महापौर मो. फुरकान एवं नगर आयुक्त
सत्य प्रकाश पटेल का कार्यकर्ताओं ने पुतला फूंका।
मंडल अध्यक्ष जगदीश महाजन ने आरोप लगाया कि बसपा के महापौर मौ. फुरकान अली और अलीगढ़ के नगर आयुक्त सत्य प्रकाश पटेल की मिली भगत से महानगर भ्रष्टाचार के दल-दल में समाता जा रहा है। स्मार्ट सिटी के नाम पर अधिकारी से लेकर महापौर तक स्मार्ट बन गए और शहर नरक बन गया। उन्होनें कहा कि अधिकारी एवं महापौर केवल खुद को स्मार्ट बनाने में लगे हुए हैं। जनता की परेशानियों से उनको कोई सरोकार नहीं। समस्याओं के निदान में नगर निगम बहुत पीछे है।
जगदीश महाजन ने कहा कि नगर निगम द्वारा जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र के नाम पर हजारों रुपये का खेल चल रहा है। नगर निगम ने इस कार्य के लिए केवल एक ही लोकवाणी केंद्र को अनुमति दे रखी है। आरोप है कि इस तरह नगर निगम के अधिकारी मिलीभगत कर फर्जी प्रमाण पत्र का कार्य करा कर भ्रष्टाचार को जन्म दे रहे हैं। नगर आयुक्त व महापौर जनता के चुने हुए पार्षद को भी महत्व नहीं दें रहे। शहर के विकास के लिए आए हुए फंड को फर्जी विकास के नाम पर ठिकाने लगाया जा रहा है। प्रदर्शन में वेद प्रकाश सिसोदिया, मुकेश प्रजापति, सुरेन्द्र शर्मा, बबलू शर्मा आदि मौजूद थे।
भाजपा के सह मीडिया प्रभारी अजय गुप्ता व गांधीनगर मंडल के अध्यक्ष मुकेश मदन वार्ष्णेय के नेतृत्व में हाथरस अड्डे तिराहे पर पुतना दहन किया गया। अजय गुप्ता ने कहा की नगर निगम में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर पहुंच गया है। मंडल अध्यक्ष मुकेश मदन वार्ष्णेय ने कहा कि नगर आयुक्त द्वारा प्राइवेट कॉलोनी में अपने चहेतों को खुश करने के लिए कार्य किया जा रहा है, जबकि महानगर में भीषण गर्मी मे लोग पीने के पानी के लिए परेशान हैं। यहां आदर्श भारद्वाज, राहुल उपाध्याय, सुरेश कुमार, अनिल कुमार आदि मौजूद थे।
भाजपा नेताओं द्वारा लगाए जा रहे आरोप आधारहीन व तथ्यों से परे है। नगर निगम एवं अलीगढ़ स्मार्ट सिटी महानगर के विकास के लिए प्रयत्नशील है। जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए पहले की व्यवस्था सेंट्रलाइज्ड थी। अब इसे जोन वाइज बांट दिया गया है। सभी जोनल अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र पर विशेष ध्यान दें ताकि किसी भी नगरवासी को परेशानी न हो। जनता से आग्रह है कि जन्म मृत्यु प्रमाणपत्र के लिए ऑनलाइन स्वयं आवेदन करें या जोनल अधिकारी से मिलें। किसी बिचौलिये के चक्कर में नहीं पड़े।
- सत्य प्रकाश पटेल, नगर आयुक्त
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अलीगढ़ : अप्रैल-मई-जून की जमा करानी होगी फीस

पब्लिक स्कूल डेवलपमेंट सोसाइटी ने मंगलवार को जिले की पहली आनलाइन प्रेसवार्ता आयोजित कर अपनी समस्याएं रखीं। पदाधिकारियों ने कहा कि कई अभिभावक फीस जमा नहीं कर रहे हैं। ऐसे में सक्षम लोगों को फीस जमा कर स्कूलों का सहयोग करना चाहिए। स्कूल फीस माफ नहीं होगी। साथ ही कहा, जो अभिभावक कोरोना काल की वजह से परेशान हैं। वह लिखित प्रार्थनापत्र लेकर प्रधानाचार्य से मिलें। उनका सहयोग करने के लिए तैयार हैं। ऐसे अभिभावकों से किस्त समायोजित करवाकर फीस ली जाएगी। वहीं, बच्चों को आनलाइन कक्षा में बैठाएं ताकि वह निरंतर पढ़ते रहें।
ब्रिलिएंट पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्रधानाचार्य श्याम कुंतैल ने कहा कि कुछ लोग भ्रांति फैला रहे हैं कि तीन महीने की फीस जमा नहीं करनी है। जबकि शासनादेशों के अनुसार सक्षम अभिभावकों को फीस जमा करनी है। जिनकी तनख्वाह आ रही है, जिनका काम धंधा शुरू हो गया है। उनको फीस जमा करानी चाहिए। अगर फीस जमा कराने में दिक्कत है तो प्रधानाचार्य से मिले। इससे किश्तों के रूप में फीस जमा की जा सकेगी। सोसाइटी के सचिव और हेरीटेज इंटरनेशनल स्कूल के संचालक राकेश नंदन ने कहा कि अभिभावकों का सहयोग हमेशा मिला है। इस समय परेशानी उस समाज को है, जिनका धंधा बंद है। तनख्वाह नहीं मिल रही। ऐसे पांच या दस प्रतिशत लोग हैं। बाकी सक्षम लोग हैं, उनको आगे आना चाहिए और फीस जमा करनी चाहिए। हम अच्छी से अच्छी शिक्षा देंगे। लेकिन अभिभावकों को भी विद्यालय के आर्थिक संकट पर ध्यान देना होगा।
सोसाइटी के अध्यक्ष प्रवीन अग्रवाल ने कहा कि जो माहौल खराब कर रहे हैं। वह अपने बच्चों की फीस खुद जमा कर चुके हैं। हम लोग सभी का सहयोग करेंगे। हम ऐसा वादा भी कर रहे हैं। 95 प्रतिशत अभिभावक बच्चों के लिए अच्छा स्कूल चुनते हैं। वह जानते हैं, हम बच्चों को क्या भविष्य दे रहे हैं। अभिभावक फीस जमा करने की स्थिति में हैं तो फीस जमा कराएं।
अलबरकात पब्लिक स्कूल के ज्वाइंट सेक्रेटरी अहमद मुज्तबा ने कहा कि स्कूल के निजी खर्चे हैं। शिक्षकों, अभिभावकों को तनख्वाह देनी है। बिजली बिल बन रहा है। साथ ही अब सैनिटाइजेशन, मास्क पर भी खर्च हो रहा है। ऐसे में सक्षम अभिभावक स्कूलों का सहयोग करें।
मेरठ से सीआईएस से जुड़े विशाल ने कहा कि बच्चों को आनलाइन पढ़ाई के लिए पंजीकृत किया जाए। जिससे उनका डाटा भी रहे, जो अभिभावक परेशान हैं, उनके लिए स्कूल हर संभव मदद करेंगे। वहीं कुछ ऐसे विद्यार्थी भी हैं, जिनके पास आनलाइन सुविधा नहीं है। उनके लिए नोट्स कॉपी कराए जा रहे हैं।
संत फिदेलिस सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्रिंसिपल फादर सन्नी कोट्टूर ने कहा कि स्कूल प्रबंधन ने आनलाइन के लिए विभिन्न माध्यमों को चुना है। इन माध्यमों पर खर्च होने वाली राशि को अभिभावकों के ऊपर नहीं डाला गया है। ऐसे में अगर अभिभावक समय से फीस जमा करेंगे तो विद्यालय प्रबंधन भी बच्चों को आनलाइन बेहतर शिक्षा देने के लिए हर संभव प्रयास करता रहेगा।
रेगुलर से ज्यादा बच्चे पढ़ रहे हैं आनलाइन
अमर उजाला ने जब सवाल किया कि आनलाइन कितने प्रतिशत बच्चे पढ़ रहे हैं। इस पर आईआईएमटी के सचिव पंकज महलवार ने कहा कि स्कूली कक्षाओं की अपेक्षा आनलाइन बच्चों की उपस्थिति ज्यादा दर्ज हो रही है। अगर कुछ बच्चे घर में गैजेट्स की वजह से उपस्थित नहीं हो पा रहे हैं तो वह वीडियो को देखकर भी पढ़ाई कर सकते हैं।
ये रहे मौजूद
अंजू राठी, एमके शेरवानी, सिस्टर ज्योत्सना, आरती मितल, स्वप्निल जैन, कल्पलता चंद्रह्रास, अनूप गुप्ता, अनिल शर्मा आदि मौजूद रहे।
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साहब, नकली किन्नर देते हैं जान से मारने की धमकी

किन्नरों का एक प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को एसएसपी से मिलने उनके कार्यालय पहुंचा। उन्होंने एसएसपी को बताया कि साहब, कुछ नकली किन्नर उनके क्षेत्र में घूम कर यजमानों को गुमराह कर रहे हैं। उनसे पैसा ऐंठते हैं । जब उनको रोका जाता है तो वह जान से मारने, झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देते हैं।
किन्नर आरती ने बताया कि शहर में किन्नरों के छह गद्दी धारी समूह हैं। इनमें एक गुरु होता है और बाकी नीचे सभी शागिर्द होते हैं। इन छह समूह में पूरा शहर कवर होता है। कुछ नकली किन्नर गली-गली घूम कर वसूली करते हैं । यही नहीं यह लोग बसों, ट्रेनों में भी वसूली करते हैं। असली किन्नर कभी भी ट्रेन और बसों में वसूली नहीं करते। हमारे क्षेत्र बंटे हुए हैं। गलियां बंटी हुई हैं। हमारे अपने यजमान हैं। उन्हीं से नेग और शगुन लेते हैं। लेकिन नकली किन्नरों ने हमारी समस्या बढ़ा दी है।
किन्नर सुनीता ने बताया के नकली किन्नरों ने उनके यजमान से यह कहकर उन्हें गुमराह किया कि सुनीता की मौत हो चुकी है। अब वही यहां से नेग लेंगे। बताया जाता है कि एसएसपी ने नकली किन्नरों के खिलाफ जल्द ही अभियान छेड़ने की बात कही है। किन्नर समुदाय को भरोसा दिलाया है कि वह पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे।
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निगरानी समितियों की हुई निगरानी तो खुली लापरवाही की कहानी

घर-घर सर्वे कर कोरोना के लक्षण वाले मरीजों, 50 वर्ष से अधिक उम्र वाले लोगों और अस्थमा, बीपी या शुगर जैसी बीमारियों से ग्रस्त लोगों की निगरानी और उनका डाटा एकत्रित करने में लगाई गईं टीमें अपनी ही निगरानी में फेल हो गईं। डीएम के निर्देश पर जिला कोरोना कंट्रोल रूम की टीम ने इनसे फोन पर फॉलोअप लिया तो किसी आंगनबाड़ी को अपनी टीम के बारे में नहीं पता था तो किसी आशा को उनकी ड्यूटी के बारे में। कंट्रोल रूम प्रभारी स्मृति गौतम ने समीक्षा बैठक में जब यह बात रखी तो डीएम का पारा चढ् गया। उन्होंने सभी एसडीएम और सीएमओ सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारियों की क्लास ले ली।
जिले में तीन हजार टीमें हैं। इसमें गांव में आशा-आंगनबाड़ी, ग्राम चौकीदार, ग्राम प्रधान, राशन डीलर हैं। शहर में प्रधान के स्थान पर वार्ड मेंबर और ग्राम चौकीदार के स्थान पर नगर निगम के सफाई कर्मचारी हैं। जिला कोरोना कंट्रोल रूम द्वारा इनका फोन पर फॉलोअप लिया जा रहा है। स्मृित गौतम ने बताया कि खैर के गांव ऊटवारा की आंगनबाड़ी का नंबर बंद था। आशा का नंबर गलत था। तेहरा गांव में प्रधान, आशा आंगनबाड़ी के मोबाइल बंद थे। बिरौला की आशा ने बताया कि उसको नहीं पता की उसकी निगरानी समिति में ड्यूटी है। हालांकि बामनी, बलीपुर, मंगौला, नएला की निगरानी समितियों का काम अच्छा पाया गया है। लापरवाही पर डीएम ने नाराजगी जताई तथा निर्देश दिए कि घर-घर सर्वे का कार्य सही प्रकार से कराया जाए। दैनिक रिपोर्ट कंट्रोल रूम में उपलब्ध कराई जाए। कोविड-19 के समरूप लक्षण वाले जो लोग मिल रहे हैं, उनकी शासन द्वारा निर्धारित गाइड लाइन के अनुसार सैंपलिंग कराई जाए।
इधर, सीडीओ ने निर्देश दिए कि सोमवार को कोविड-19 से पॉजिटिव आए लोगों के संपर्क वालों की तलाश कर उनकी भी सैंपलिंग कराई जाए। साथ ही दीनदयाल चिकित्सालय में केवल हाई रिस्क मरीज ही भर्ती किए जाएं। अन्य को एल-1 अस्पताल जीवन ज्योति अस्पताल अथवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अतरौली में भर्ती किया जाए। डीएम चंद्रभूषण सिंह ने बताया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही सहन नहीं की जाएगी।
महाजन होटल क्वारंटीन सेंटर में तब्दील
कोरोना के हल्के लक्षण वाले मरीजों को अब स्वास्थ्य विभाग के कोविड एल-1 के साथ ही क्वारंटीन सेंटर में तब्दील किए गए होटल में रहने का विकल्प भी मिलेगा। अपर नगर मजिस्ट्रेट द्वितीय रंजीत सिंह ने बताया कि महाजन होटल मालिक ने कोविड-19 के हल्के लक्षण वाले मरीजों को भर्ती करने की अनुमति दे दी है। यहां 24 कमरे हैं। होटल में भर्ती मरीजों के लिए सरकारी डॉक्टर्स को केवल विजिट करना होगा। डाक्टर्स की स्थाई तैनाती नहीं की जाएगी। होटल में खुद को क्वारंटीन करने वाले मरीज को अपनी जेब से रहने और खाने का खर्च उठाना होगा। जिला प्रशासन स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से सिर्फ उनको चिकित्सकीय सेवा निशुल्क देगा।
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