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ढाई साल बाद शनि बदलेंगे अपनी राशि , कुदृष्टि से बचने के लिए शनि शिंगणापुर मंदिर में कराएं तेल अभिषेक : 14-दिसंबर-2019
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उन्नाव कांडः कांग्रेसियों का बीजेपी कार्यालय के सामने प्रदर्शन, पुलिस ने बरसाई लाठियां, तस्वीरें

उन्नाव कांड की पीड़िता की बीती रात दिल्ली में मौत के बाद परिवार को इंसाफ दिलाने की मांग पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी लखनऊ में बीजेपी कार्यालय के सामने एकत्र होकर प्रदर्शन किया।

7 दिसंबर 2019

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प्रयागराज

शनिवार, 7 दिसंबर 2019

दिल्ली पुलिस एवं सीएपीएफ एसआई के 2534 पदों पर होगी भर्ती

तख्त उजाड़ने के विरोध में पुरोहितों के साथ आए सामाजिक संगठन

संगम क्षेत्र मठ-मंदिर बचाओ संघर्ष समिति की बैठक में आंदोलन तेज करने का एलान
प्रयागराज। संगम क्षेत्र को सेना से मुक्त कराने के लिए तीर्थपुरोहितों व धर्माचार्यों ने मुहिम छेड़ दी है। शुक्रवार को शंकराचार्य निकेतन ब्रम्हचर्य आश्रम में त्रिवेणी मठ- मंदिर बचाओ समिति की बैठक में आंदोलन को तेज करने का निर्णय लिया गया। सेना की ओर से तीर्थ पुरोहितों के तख्त उजाड़ने के मुद्दे पर एकजुट होकर संघर्ष करने पर जोर दिया गया। इस आंदोलन को र्कई सामाजिक-आध्यात्मिक संस्थाओं ने समर्थन भी दिया।
त्रिवेणी बांध स्थित शंकराचार्य निकेतन में सामाजिक -धार्मिक संस्थाओं के पदाधिकारियों ने संगम क्षेत्र को सेना से मुक्त कराने की एक स्वर से आवाज उठाई। मातृ स्नेह फाउंडेशन के अध्यक्ष नागेंद्र सिंह, नैतिक विकास शोध संस्थान के अध्यक्ष श्याम सूरत पांडेय, गोपाल गऊ सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष डीके सिंह ने तीर्थ पुरोहितों के संघर्ष को पूरा सहयोग देने का वादा किया। मठ-मंदिर बचाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष फूलचंद्र दुबे व व तीर्थपुरोहित सभा के राजेंद्र पालीवाल ने संयुक्त रूप आंदोलन को तेज करने का एलान किया। कहा कि इस घटना के बाद प्रयागराज के नागरिकों का धैर्य जवाब देने लगा है।
इस दौरान सामाजिक संगठनों ने पदाधिकारियों और तीर्थपुरोहितों ने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र की पहल को भी सराहा। परिषद के अध्यक्ष ने इस मुद्दे पर तीर्थपुरोहितों का साथ देने का एलान किया है। इस मौके पर भारतीय किसान यूनियन (भानु) के डॉ वीके सिंह, स्वामी विश्वेश्वरा नंद सरस्वती, स्वामी ओमानंद सरस्वती, स्वामी रामेश्वर प्रपन्नाचार्य, स्वामी बृज भूषण दास, स्वामी घनश्याम दास, महंत राधा माधव दास, स्वामी रामदास, महंत राम तीरथ दास, अजय पांडेय, राजेश तिवारी, संतोष भारद्वाज, अनुज तिवारी, दिनकर पांडेय, वीरेंद्र तिवारी, आशुतोष पालीवाल, गौरव पांडेय सहित तमाम लोग उपस्थित थे।
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कॉल्विन में आरोपी डॉक्टर सर्जरी से हटाए गए

गंभीर हरिकेश एसआरएन अस्पताल रेफर,बर्न वार्ड में भर्ती
डॉक्टरों ने किया परीक्षण, मेडिकल बोर्ड कराएगा सीटी स्कैन समेत अन्य जांच
प्रयागराज। पथरी के ऑपरेशन के दौरान किडनी निकाले जाने के सनसनीखेज आरोप के बाद आरोपी डॉ. प्रेम मोहन गुप्ता को सर्जरी कार्य से हटाकर रिजर्व कर दिया गया है। कॉल्विन अस्पताल के एसआईसी डॉ. वीके सिंह ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। वहीं कॉल्विन अस्पताल में भर्ती मरीज हरिकेश अहिरवार शुक्रवार को एसआरएन अस्पताल रेफर कर दिया गया। उसे बर्न वार्ड में भर्ती किया गया है। डॉक्टरों ने हरिकेश का परीक्षण कर इलाज शुरू किया।
एसआरएन अस्पताल के एसआईसी डॉ. एके श्रीवास्तव के मुताबिक मामले की सच्चाई जानने के लिए किडनी निकालने का आरोप लगाने वाले मरीज हरिकेश का मेडिकल बोर्ड सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड समेत अन्य जांचें कराएगा। फिलहाल सर्जरी विभाग के डॉ. दीपक गुप्ता उसका इलाज कर रहे हैं। बताते हैं कि सर्जरी विभाग के इमरजेंसी वार्ड में बेड खाली न होने के कारण हरिकेश को बर्न वार्ड में भर्ती किया गया है। शनिवार को मामले की जांच शुरू होने की उम्मीद है क्योंकि सर्जरी विभाग के अध्यक्ष डॉ. शबी अहमद शहर से बाहर हैं।
एसआरएन अस्पताल प्रशासन ने उससे ऑपरेशन के पहले और बाद में कराई गई सीटी स्कैन समेत अन्य रिपोर्टों की प्रति ली है। डॉक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि मरीज का बेहतर इलाज किया जाए, लेकिन सर्जिकल ट्रीटमेंट से फिलहाल बचा जाए। हालांकि इसकी जरूरत अभी नहीं है। डॉक्टरों के सामने हरिकेश के घाव से आ रहे पस को निकालने और उसे संक्रमण से उबारने की चुनौती है। प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह ने हैदराबाद से दोपहर बाद किडनी प्रकरण में आरोप लगाने वाले मरीज के बारे में जानकारी ली। वहीं सीएमओ मेजर डॉ. जीएस बाजपेयी ने भी मरीज के स्वास्थ्य के बारे में एसआईसी से पूछताछ की।
डॉक्टर बोले, सब कुछ दुरुस्त
हरिकेश का इलाज कर रहे डॉ. अमित गुप्ता ने एसआईसी को बताया है कि मरीज हरिकेश खतरे के बाहर है। उन्होंने उसकी सभी रिपोर्टों को बारीकी से देखा और बोले, सब कुछ दुरु स्त है। मेडिकल बोर्ड की जांच में सच्चाई सामने आ जाएगी।
मरीज के साथ रहे नेता और वकील
डॉक्टर पर किडनी निकालने का आरोप लगाने वाले हरिकेश के साथ आल इंडिया मजलिसे इत्तेहादुल मुस्लिमीन के महानगर संयोजक अफसर महमूद समेत अन्य लोग और कुछ वकील कॉल्विन से एसआरएन अस्पताल तक साथ रहे। भर्ती और डॉक्टर से परीक्षण कराने के बाद ही लोग वहां से हटे। बृहस्पतिवार को भी हरिकेश को एसआरएन भेजने का प्रयास किया था, लेकिन उसके परिजनों से उसे वहां ले जाने से इनकार कर दिया था।
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सांसद अतुल राय पर दुष्कर्म का आरोप तय, दी थी जान से मारने की धमकी

स्पेशल कोर्ट (एमपीएमएलए) ने घोसी के बसपा सांसद अतुल राय के खिलाफ दुष्कर्म, धोखाधड़ी, अपमानित करने, जान से मारने की धमकी देने और आईटी एक्ट की धाराओं में आरोप तय कर दिया है। 

कोर्ट ने बृहस्पतिवार को अतुल राय की ओर से दी गई आरोप से उन्मोचित किए जाने की अर्जी खारिज कर दी थी। मामले की सुनवाई स्पेशल कोर्ट के जज डॉ. बालमुकुंद कर रहे हैं।

प्रकरण वाराणसी के लंका थाने का है। आरोप है कि सांसद अतुल राय ने सात मार्च 2018 को अपनी पत्नी से मिलवाने के बहाने चितईपुर स्थित अपने फ्लैट में पीड़िता को बुलाया और उसके साथ दुष्कर्म किया। 

यह भी आरोप है कि अतुल राय ने अश्लील वीडियो भी बनाई और इसे सार्वजनिक करने की धमकी देकर पीड़िता को ब्लैक मेल किया था। सांसद ने पीड़िता को जान से मारने की धमकी भी दी थी।

शपथ लेने के मामले की सुनवाई पूरी आदेश सुरक्षित
स्पेशल कोर्ट ने  सांसद अतुल राय की अर्जी पर सुनवाई पूरी कर ली और निर्णय के लिए शनिवार की तारीख नियत की है । अतुल राय ने कोर्ट में अर्जी देकर मांग की थी कि उन्हें पुलिस अभिरक्षा में पेरोल पर संसद शपथ लेने के लिए भेजा जाए। विशेष लोक अभियोजक वीरेन्द्र सिंह और एडीजीसी राजेश गुप्ता और पीड़िता के अधिवक्ता प्रमोद सिंह नीरज ने आदि ने अर्जी का विरोध किया है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर

कड़ी निगरानी के बीच होगी पीसीएस प्री की परीक्षा, लगाए जाएंगे जैमर

पीसीएस 2019 और एसीएफ/आरएफओ 2019 की प्रारंभिक परीक्षा 15 दिसंबर को प्रस्तावित है। इस बार परीक्षा केंद्रों में जैमर लगाए जाने की तैयारी है। गुरुवार को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) में उन सभी जिलों के नोडल अफसरों के साथ आयोग के अध्यक्ष, सचिव और अन्य अफसरों ने परीक्षा की तैयारियों को लेकर बैठक की।

परीक्षा के लिए प्रयागराज समेत 19 जिलों में 1,166 केंद्र बनाएं गए हैं। जिन जिलों में परीक्षा होनी है, वहां एडीएम स्तर के अधिकारी को नोडल अफसर नामित किया गया है। जिले में परीक्षा के सकुशल आयोजन की जिम्मेदारी इन्हीं नोडल अधिकारियों पर होगी।

बता दें कि परीक्षा दो पालियों सुबह 9.30 से 11.30 और दोपहर 2.30 से शाम 4.30 बजे तक आयोजित की जानी है। इसमें पांच लाख 423 हजार 644 अभ्यर्थियों को शामिल होना है।
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चयन तो हो गया, पर नियुक्ति के लिए फंस गई काउंसलिंग

सॉफ्टेवयर में फिर आई तकनीकी अड़चन, किया जा रहा संशोधन
एक सप्ताह में असिस्टेंट प्रोफेसर की काउंसलिंग तिथि घोषित होने की उम्मीद


प्रयागराज। उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग ने विज्ञापन संख्या 47 के तत 31 विषयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के चयन की प्रक्रिया तो पूरी कर ली, लेकिन नियुक्ति के लिए काउंसलिंग की प्रक्रिया फंसी हुई है। काउंसलिंग उच्च शिक्षा निदेशालय को करानी है। इसके लिए निदेशालय ने अपने सॉफ्टवेयर में कुछ संशोधन कराए थे लेकिन, फिर से तकनीकी पेच फंस गया है। संशोधन दोबारा हो रहा है। हालांकि, सप्ताह भर में काउंसलिंग की तिथि घोषित होने की उम्मीद है।


विज्ञापन संख्या 47 के तहत 35 विषयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 1150 पदों पर चयन होना है। इनमें से 31 विषयों में चयन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और ज्यादातर विषयों में चयनितों की नियुक्ति के लिए फाइलें उच्च शिक्षा निदेशालय को काफी पहले भेजी जा चुकी हैं। नियुक्ति के लिए काउंसलिंग निदेशालय को ही करानी है। चयनित अभ्यर्थी काउंसलिंग शुरू कराए जाने की मांग को लेकर उच्च शिक्षा निदेशक से मिले थे और उन्होंने अभ्यर्थियों को अश्वासन दिया था कि काउंसलिंग की तिथि जल्द ही घोषित कर दी जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।


इस बारे में उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. वंदना शर्मा का कहना है कि सॉफ्टवेयर में संशोधन कराए जाने के बाद फिर से कुछ तकनीकी अड़चन आ गई थी, जिसे लगभग दूर कर लिया गया है। इसके बाद एनआईसी की ओर से लगातार तीन दिनों तक सॉफ्टवेयर की मॉनीटरिंग की जाएगी, ताकि भविष्य में कोई अड़चन न आए। पूरी उम्मीद है कि एक सप्ताह के भीतर विज्ञापन संख्या 47 के तहत चयनितों की नियुक्ति के लिए काउंसलिंग की तिथि घोषित कर दी जाए। निदेशालय ने अपने स्तर से पूरी तैयारी कर ली है।
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हाईकोर्ट का फरमान, सख्ती से खाली कराए जाएं सरकारी आवास

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने तबादले या सेवानिवृत्ति के बाद भी कर्मचारियों, अधिकारियों द्वारा सरकारी आवास खाली न करने पर सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने ऐसे लोगों से सख्ती से आवास खाली कराने का निर्देश दिया है। साथ ही कोर्ट ने कहा कि तय समय में आवास खाली न करने वालों पर कार्रवाई की जाए। इस बात का पता भी लगाया जाए कि सरकारी आवासों में कितने कर्मचारी अनाधिकृत रूप से कब्जा जमाए हुए हैं। स्थानांतरण या रिटायरमेंट के बाद एक निश्चित समय में आवास खाली होना चाहिए।

कोर्ट ने कहा कि सरकारी आवासों को लेकर एक यूनीफार्म पॉलिसी (समान नीति) बनाई जाए, ताकि कर्मचारियों के आवास न छोड़ने पर प्रभावी कार्रवाई की जा सके। कोर्ट ने आवास खाली कराने के जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। राजकीय इंटर मीडिएट कॉलेज प्रयागराज के सहायक अध्यापक राकेश कुमार की याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्र्ति एसपी केसरवानी ने कहा कि इस आदेश के पालन हेतु आदेश की प्रति मुख्य सचिव को भेजी जाए। याचिका पर अधिवक्ता आदर्श सिंह ने बहस की।


कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार दो माह में सभी जिला प्राधिकारियों से अवधि बीत जाने के बाद भी सरकारी आवास खाली न करने वाले कर्मचारियों की जानकारी लेकर अगले एक माह में आवास खाली करा लिए जाएं। जीआईसी प्रयागराज में सहायक अध्यापक छोटे लाल यादव की प्रोन्नति के साथ तबादला कर दिया गया। यह आवास याची राकेश कुमार को आवंटित कर दिया गया। मगर, छोटे लाल ने कब्जा नहीं छोड़ा और उनका परिवार सरकारी आवास में रह रहा था। एक साल तक आवास खाली न होने पर याचिका दाखिल की गई। कोर्ट को बताया गया कि आवास लंबे समय तक खाली न करने पर छोटे लाल का वेतन रोक दिया गया है।


कोर्ट ने कहा कि आवास खाली न करने वाले कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई भी नहीं की गई, सिर्फ वेतन रोका गया। कोर्ट की सख्ती के बाद आवास खाली हुआ और याची को दिया गया। कोर्ट ने कहा है कि ऐसे लोगों से मुआवजा वसूल किया जाना चाहिए। हाईकोर्ट ने सुप्रीमकोर्ट के लोक प्रहरी केस में दिए गए निर्देशों के अनुपालन में सरकारी आवासों को लेकर नीति बनाने का आदेश दिया है।
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प्याज की बढती मांग से दाम नहीं हो रहा कम

विदा हों पुराने सरकारी मेहमान...
लगन बाद ही प्याज के दाम में कमी आने की उम्मीद
बाजार में आ गई लोकल प्याज, लेकिन दाम अब भी 100 से 120 रुपये किलो
प्रयागराज। प्याज के बढ़ते दाम जाड़े के इस सीजन में भी आंसू निकाल रहे हैं। अधिकांश लोगों की जुबां पर यही सवाल है कि आखिर प्याज के दाम कम कब होंगे। बाजार के जानकारों की मानें तो प्याज की बढ़ती मांग की वजह से ही उसके दाम कम नहीं हो रहे हैं। सहालग तक दाम कम होने की उम्मीद भी नहीं है। हालांकि, इस बीच बाजार में आई लोकल प्याज ने मंडी में प्याज का स्टाक तो बढ़ाया है लेकिन, फुटकर बाजार में अब भी प्याज 100 से 120 रुपये किलो के बीच ही मिल रही है।
बारिश और बाढ़ की वजह से इस बार प्याज की काफी फसल बर्बाद हो गई। इस वजह से पिछले तीन माह से प्याज के दाम सौ रुपये किलो के आसपास ही टिके हुए हैं। बीच में प्याज के दाम कुछ दिन कम भी हुए लेकिन, उस अवधि में भी प्याज 70 से 80 रुपये किलो तक फुटकर बाजार में बिकी। इस बीच कानपुर, फतेहपुर, खागा से आ रही प्याज से मुंडेरा मंडी में लोकल प्याज की आवक बढ़ी है। नासिक, सतना से भी प्याज आ रही है लेकिन, सहालग की वजह से मांग ज्यादा होने की वजह से प्याज के दाम कम नहीं हो पा रहे हैं। मुंडेरा मंडी फल सब्जी व्यापार मंडल महासंघ के अध्यक्ष सतीश कुशवाहा का कहना है कि सर्दी के इस मौसम में अन्य सब्जियों के दाम गिरे हैं लेकिन प्याज का दाम अभी कम नहीं हो रहा है। नौ दिसंबर तक सहालग है। इसके बाद ही इसका दाम गिर सकता है।
मंडी समिति उपलब्ध करवा रही है 40 रुपये किलो में प्याज
मंडी समिति ने प्याज की बढ़ती कीमतों के बीच लोगों को सस्ती प्याज उपलब्ध कराने के लिए मुंडेरा मंडी में एक स्टाल खोला है। मंडी सचिव रेनू वर्मा के मुताबिक मंडी में प्याज 40 रुपये किलो उपलब्ध करवाई जा रही है। इसमें एक किलो से ज्यादा प्याज किसी को नहीं दी जा रही है। विशेष परिस्थितियों में दो किलो तक प्याज दी जा सकती है।
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केंद्रीय कानून मंत्री की वकीलों ने की सराहना

मंत्री ने कहा है, बिना हाईकोर्ट की अनुमति नही बन सकती खंडपीठ
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट में केंद्र सरकार के सहायक सॉलिसिटर जनरल वरिष्ठ अधिवक्ता ज्ञान प्रकाश की अध्यक्षता में हुई बैठक में केंद्र सरकार के अधिवक्ताओं ने केंद्र्रीय कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद के उस बयान की प्रशंसा की है, जिसमें उन्होंने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के वकीलों से कहा है कि बिना हाईकोर्ट की अनुमति के खंडपीठ नहीं बन सकती है। केंद्र सरकार के पास ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं आया है।
अधिवक्ताओं का मानना है कि राष्ट्रीय राजधानी परिक्षेत्र की परिकल्पना के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट की खंडपीठ स्थापित करने की मांग का औचित्य नहीं है। बैठक का संचालन नरेंद्र कुमार चटर्जी ने किया।बैठक में ज्योत्सना श्रीवास्तव, कृष्ण जी शुक्ल, सीबी सिंह, राजेश त्रिपाठी, सभाजीत सिंह, अरविंद गोस्वामी, संजय यादव, मृत्युंजय तिवारी, आरसी शुक्ल,आराधना चौहान एससी मिश्र, ए एन राय, के डी मालवीय, अशोक सिंह, अखिलेश मिश्र गाँधी, मिथिलेश तिवारी, बीके रघुवंशी, ईशान शिशु आदि शामिल थे।
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राजूपाल हत्याकांडः सीबाआई के विवेचक कोर्ट में तलब

चर्चित राजूपाल हत्याकांड के गवाह उमेश पाल के अपहरण और धमकाने के मामले में चल रहे मुकदमे में कोर्ट ने सीबीआई के विवेचक डिप्टी एसपी अमित कुमार गुप्ता को तलब किया है। अमित घटना के दो अभियुक्तों आशिक उर्फ मल्ली और दिनेश पासी की मांग पर बुलाए गए हैं। दोनों ने बचाव पक्ष के गवाह के तौर पर सीबीआई विवेचक को तलब करने के लिए स्पेशल कोर्ट एमपीएमएलए में अर्जी दी है। अर्जी पर सुनवाई के बाद स्पेशल कोर्ट जज डॉ. बालमुकुंद ने विवेचक को गवाही के लिए समन जारी किया है। उनको 18 दिसंबर को हाजिर होने का निर्देश दिया गया है।

अदालत ने कहा कि सीबीआई के डिप्टी एसपी अमित कुमार स्पेशल क्राइम नई दिल्ली को बचाव पक्ष के साक्षी के रूप में तलब किए जाने का पर्याप्त आधार है। बसपा विधायक राजूपाल की हत्या 25 जनवरी 2005 को धूमनगंज थाना क्षेत्र में हुई थी। इस मुकदमे में तत्कालीन सांसद अतीक अहमद, तत्कालीन विधायक खालिद अजीम उर्फ अशरफ सहित तमाम आरोपी बनाए गए थे। हत्याकांड के अहम गवाह उमेश पाल के अपहरण का आरोप भी इन्हीं अभियुक्तों पर है।

इस मुकदमे में एक मार्च 2006 को गवाह उमेश पाल का बयान अपर सेशन जज कक्ष संख्या-14 इलाहाबाद के समक्ष दर्ज हुआ था। उमेश ने घटना का समर्थन नहीं किया तो अदालत ने उसे पक्ष द्रोही घोषित कर दिया। लेकिन, बाद में उमेश पाल ने एक रिपोर्ट धूमनगंज थाने में दर्ज करा दी थी कि उसे अपहरण करके ले जाया गया था कि वह इस मामले में गवाही न दें।

उमेश पाल को अपहरण कर ले जाने के मामले में आशिक़ मल्ली व दिनेश पासी को भी अभियुक्त बनाया गया है। दोनों की ओर से अपने बचाव के लिए साक्षी पेश किए जाने की कार्यवाही के दौरान उनकी ओर से एक अर्जी अदालत में दी गई, जिसमें कहा गया कि उन्हें अपनी ओर से बचाव साक्षी के रूप में सीबीआई के डिप्टी एसपी स्पेशल क्राइम नई दिल्ली को पेश किया जाना है। इसके लिए अनुमति जारी किए जाएं।

अभियुक्तों का दावा, सीबीआई ने दी है क्लीन चिट
अभियुक्तों की ओर से सीबीआई के विवेचक को तलब करने की मांग करते हुए दावा किया गया है कि सीबीआई जांच में उनका कहीं भी नाम नहीं आया है। सीबीआई के साक्ष्य से वह निर्दोष साबित हो सकते हैं। राजू पाल की पत्नी पूजा पाल के प्रार्थनापत्र पर राजूपाल हत्याकांड की सीबीआई जांच हुई थी। इसी जांच में सीबीआई ने उमेशपाल के अपहरण की भी जांच की है। जिसमें यह पाया गया है कि उमेश पाल को अपहरण करने के कारण पक्ष द्रोही नहीं घोषित किया गया है, बल्कि उसका दूसरा कारण है। इसलिए वह निर्दोष है और डिप्टी एसपी अमित कुमार की गवाही मामले में भी आवश्यक है।
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कांग्रेस के आठ पार्षद नगर निगम सदन से निलंबित

संविधान दिवस पर शपथग्रहण कार्यक्रम का बहिष्कार करने पर कार्रवाई
पांच बैठकों में शामिल होने पर रोक, शनिवार को करेंगे विरोध
प्रयागराज। संविधान दिवस पर शपथ ग्रहण कार्यक्रम का बहिष्कार करने वाले कांग्रेस के आठ पार्षदों को सदन से निलंबित कर दिया गया है। सदन अध्यक्ष महापौर के निर्देश पर सभी कांग्रेसी पार्षद निगम सदन की पांच बैठकों में शामिल होने पर रोक रहेगी। कांग्रेस पार्षदों ने इसे तुगलकी फरमान बताया है। शनिवार को होने वाली सदन की बैठक में इसका विरोध करने का निर्णय लिया गया है।
नगर निगम सदन में 26 नवंबर को संविधान की शपथ दिलाने के लिए बैठक बुलाई गई थी। कांग्रेस पार्षद दल के नेता मुकुंद तिवारी ने महिला सम्मान और पर्यावरण संरक्षण की बात उठाई, फिर महिला पार्षद कक्ष को कार्यकारिणी उपाध्यक्ष कक्ष बनाए जाने का विरोध किया था। इन बातों को संविधान के विपरीत बताते हुए उन्होंने अन्य पार्षदों के साथ सदन की बैठक का बहिष्कार कर बाहर चले गए थे।
महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी ने इस कृत्य को संविधान का अपमान करारा देते हुए कांग्रेस के पार्षद मुकुंद तिवारी, मुमताज अंसारी, रंजन कुमार प्रजापति, अशोक कुमार सिंह, अल्पना निषाद, तसलीमउद्दीन, मीरा देवी, जिया उबैद को सदन की पांच बैठकों के लिए निलंबित कर दिया। इस कार्रवाई को कांग्रेस नेता परवेज अंसारी ने उत्पीड़न करार दिया है। उन्होंने कहाकि सात दिसंबर को दोबारा शेष सदस्यों को शपथ दिलाने को बैठक बुलाना न्यायोचित नहीं हैं। उन्होंने पार्टी की बैठक में इस मुद्दे को उठाने की बात कही है।
कांग्रेस पार्षद दल में बिखराव
सदन की बैठक का बहिष्कार करने के मुद्दे पर कांग्रेस पार्षद दल में बिखराव की स्थिति है। पिछली बैठक से ठीक पहले पार्षद दल के नेता मुकुंद तिवारी का महापौर से मिलना कांग्रेसी पार्षदों को अखर रहा है। सदन बहिष्कार के दौरान पार्षद एक साथ बाहर नहीं निकले। बहिष्कार के बाद कुछ पार्षदों को आंबेडकर प्रतिमा स्थल पर धरना भी दिया, जिसमें कांग्रेसी पार्षद एकजुट नहीं रहे। अब सभी एक दूसरे पर दोषारोपण कर रहे हैं।
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पथरी का ऑपरेशन कराने गया और किडनी गायब हो गई, जमकर हंगामा

मोती लाल नेहरू मंडलीय चिकित्सालय (कॉल्विन) में पथरी के ऑपरेशन के दौरन किडनी निकाले जाने के आरोप पर जमकर हंगामा हुआ। पीड़ित के पिता ने आरोपी डॉक्टर प्रेम मोहन गुप्ता के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कराई है। वहीं इस घटना से नाराज लोगों ने शाहगंज थाने का घेराव किया। कॉल्विन के मुख्य चिकित्साधीक्षक (एसआईसी) ने हंगामा करने वालों के खिलाफ भी केस दर्ज कराया है।

तहरीर के मुताबिक गुलाबबाड़ी अटाला निवासी मथुरा प्रसाद ने 16 अक्तूबर 2019 को कॉल्विन अस्पताल में सर्जन डॉ. प्रेम मोहन गुप्ता से अपने बेटे हरिकेश अहिरवार (25) का परीक्षण कराया। जांच के बाद बताया गया कि हरिकेश के पेट मे पथरी है। हरिकेश को अस्पताल में भर्ती कर 17 अक्तूबर को डॉ. प्रेम मोहन ने उसका ऑपरेशन कर पथरी निकाली।

मथुरा प्रसाद का आरोप है कि उनके पुत्र को ऑपरेशन के बाद भी आराम नहीं मिला। उसके घाव से लगातार मवाद आ रहा था। इस शिकायत पर डॉक्टर ने उनका अल्ट्रासाउंड कराया। बताया कि दाहिनी किडनी में पथरी के कुछ कण मौजूद हैं। इस बीच धनतेरस के दिन 25 अक्तूबर को लगातार छुट्टी होने की बात बताकर हरिकेश को डिस्चार्ज कर दिया गया।

घर जाकर हरिकेश की तबीयत और बिगड़ गई तो परिजन उसे फिर कॉल्विन ले आए। वहां से मामला गंभीर बताकर उसे एसआरएन अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। दो दिसंबर को एसआरएन अस्पताल में सर्जन डॉ. शबी अहमद ने हरिकेश का परीक्षण किया। जांच रिपोर्ट देखकर डॉक्टर ने बताया कि हरिकेश की एक किडनी नहीं है, जिस पर पीड़ित के परिजन डॉक्टर पर किडनी निकालने का आरोप लगाने लगे। आक्रोशित परिजन कई लोगों के साथ नारेबाजी करते हुए शाहगंज थाने पहुंचे और डॉ. प्रेम मोहन गुप्ता के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने को तहरीर दी। सूचना पर वहां एसीएम तृतीय सुनील कुमार पहुंचे।

सीएमओ, एसआईसी ने गठित की जांच टीम
पथरी के ऑपरेशन के दौरान मरीज की किडनी निकालने के आरोप की जांच करने के लिए सीएमओ ने विशेषज्ञों की जांच टीम गठित की है। सीएमओ मेजर डॉ. जीएस बाजपेयी ने बताया कि पीड़ित या पुलिस के पत्र के आधार पर जांच कराई जाएगी। वहीं एसआईसी कॉल्विन डॉ. वीके सिंह ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की है। टीम में डॉ. वीके सिंह, डॉ. एसएन चतुर्वेदी और डॉ. राजेश कुमार को शामिल किया गया है।

कॉल्विन अस्पताल में हंगामा
थाना घेराव करने के दौरान ही कुछ लोग कॉल्विन अस्पताल पहुंच गए। एसआईसी दफ्तर के सामने जुटे लोग नारेबाजी कर अरोपी डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे। एसआईसी कॉल्विन डॉ. वीके सिंह ने पुलिस को हंगामे की सूचना देकर सुरक्षा मांगी। थोड़ी ही देर बाद पुलिस वहां पहुंची तो हंगामा कर रहे लोग वहां से चले गए। कुछ लोगों को पुलिस ने बल प्रयोग कर हटाया। इस बीच हरिकेश की गंभीरता को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे एसआरएन अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। 

Kidney theft case during operation

एसआरएन से कैथरेटर लगवाकर हरिकेश पहुंचा घर
दोपहर करीब तीन बजे पीड़ित हरिकेश को एसआरएन अस्पताल के ट्रामा सेंटर ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उसकी ड्रेसिंग की और पेशाब रुकने की शिकायत पर कैथरेटर लगाया। डॉक्टरों ने उसे भर्ती किए जाने की सलाह दी लेकिन वह परिजनों के साथ शाहगंज थाने जाने की बात कहकर घर पहुंच गया।

शाम को बिगड़ी हालत, इलाज कराने पहुंचा कॉल्विन
डॉक्टर पर किडनी निकालने का आरोप लगाकर एफआईआर दर्ज कराने वाले हरिकेश की परेशानी बढ़ी तो कुछ लोग उसे लेकर रात करीब नौ बजे कॉल्विन अस्पताल की इमरजेंसी में ले गए। वहां तैनात डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उसे एसआएन अस्पताल रेफर किया है।

एसीएम ने एसपी सिटी बृजेश श्रीवास्तव को मामले की गंभीरता से अवगत कराया। पुलिस ने हरिकेश को सीएमओ दफ्तर भेजा, जहां हरिकेश और उनके परिवारीजनों ने कॉल्विन में किडनी निकालने का आरोप तो लगाया लेकिन लिखित शिकायत नहीं की। देर शाम एसपी के निर्देश पर पुलिस ने आरोपी डॉ. प्रेम मोहन गुप्ता के खिलाफ धारा 337 और 338 ( किसी की जान खतरे में डालना) तथा मानव अंग प्रत्यारोपण अधिनियम 1994 की धारा 18 के तहत मुकदमा पंजीकृत कर लिया। 
 
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हाईकोर्ट ने पूछा पीड़िता की दिल्ली में दर्ज प्राथमिकी पर क्या जांच की

जांच एजेंसी को पूरक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश, 11 दिसंबर को होगी सुनवाई


प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चिन्मयानंद पर एलएलएम छात्रा के यौन उत्पीड़न व दुराचार के आरोपों की जांच कर रही एसआईटी से पूछा कि पीड़िता की दिल्ली के लोदी थाने में दर्ज एफआईआर पर उसने क्या जांच की है। जांच की है या नहीं और यदि की गई है तो किस प्रकार से। इस मामले पर एसआईटी को पूरक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया गया है। चिन्मयानंद पर पीड़िता ने आरोप लगाया है कि उन्होंने नहाते समय उसका वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया और कई बार दुष्कर्म किया।


पूर्व की सुनवाई में कोर्ट ने एसआईटी को संशोधित हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया था। एसआईटी ने हलफनामा दाखिल किया। इस पर कोर्ट ने पीड़िता के वकील से जवाबी हलफनामा मांगा है। याचिका की सुनवाई 11 दिसंबर को होगी। सुप्रीमकोर्ट के निर्देश पर इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा तथा न्यायमूर्ति वीके श्रीवास्तव की खंडपीठ एसआईटी जांच की मॉनिटरिंग कर रही है। इसको लेकर कोर्ट ने एसआईटी से जांच की प्रगति रिपोर्ट मांगी थी। याचिका पर पीड़िता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्त रवि किरण जैन और चिन्मयानंद की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता दिलीप कुमार, शासकीय अधिवक्ता एसके पाल ने पक्ष रखा।
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