दस हजार से ज्यादा ऑटो, ई रिक्शा चालकों के सामने रोजी-रोटी का संकट

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज Updated Sat, 16 May 2020 02:52 PM IST
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rickshaw - फोटो : twitter

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पिछले 56 दिन से शहर में विक्रम, ऑटो एवं ई रिक्शा का संचालन बंद होने की वजह से इस पेशे से जुड़े 10 हजार से ज्यादा लोगों के सामने रोजी-रोटी का संकट गहरा गया है । हर रोज कमाने खाने वाले यह सभी चालक लॉक डाउन से परेशान है। यूं तो सरकार की ओर से इसमें से तमाम लोगों को एक हजार की सहायता राशि मुहैया कराई गई लेकिन माह भर के लिए राशि पर्याप्त नहीं है।
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इलाहाबाद टेंपो, विक्रम, टेक्सी वेलफेयर एसोसिएशन लगातार मांग कर रहा है कि इन चालकों को सरकार आर्थिक पैकेज दे। इस संबंध में प्रशासनिक अधिकारियों से भी मुलाकात की गई। अब शासन से कहा गया है की भरण पोषण के लिए प्रति चालक सरकार पांच हजार माह मुहैया कराए। पीएम मोदी के आह्वान पर 22 मार्च को लगे जनता कर्फ्यू के दिन से ही शहर में विक्रम, ऑटो ,ई रिक्शा आदि का संचालन बंद है।
शहर में ई रिक्शा चालकों की संख्या जहां सात हजार के आसपास है, वही विक्रम और ऑटो की संख्या 3000 से ज्यादा है। 56 दिन का समय गुजर चुका है और पब्लिक ट्रांसपोर्ट के यह सभी वाहन का शहर में संचालन बंद है। ऑटो आदि का संचालन बंद होने की वजह से इस पेशे पर जीविकोपार्जन चलाने वाले लोग अब काफी परेशान है।
खुल्दाबाद में रहने वाले ई-रिक्शा संचालक महेंद्र यादव ने बताया की ईरिक्शा चलाकर वह हर रोज 600 से ₹700 कमा लेते थे। इससे किसी तरह परिवार का गुजारा हो जाता था लेकिन अब लॉक डाउन की वजह से परिवार का पेट पालना भी मुश्किल हो गया है। रामबाग के विक्रम चलाने वाले श्यामू ने बताया की लॉक डाउन लगने के बाद से ही वह घर पर हैं। 7 लोगों का परिवार है।

सरकार की ओर से ₹1000 की सहायता राशि उपलब्ध कराई गई ,लेकिन महंगाई के इस दौर में एक हजार रुपए से महीने का खर्चा चलाना असंभव है। इलाहाबाद टेंपो विक्रम टेक्सी वेलफेयर एसोसिएशन के उपाध्यक्ष रघुनाथ द्विवेदी ने बताया कि ऑटो, विक्रम एवं ई रिक्शा चालक को सरकार राहत दे। इनसे दिए जाने वाला तिमाही टैक्स और लॉक डाउन अवधि का इंश्योरेंस फीस माफ की जाए।

उन्होंने बताया कि संगठन की ओर से लॉक डॉन अवधि में तमाम ई रिक्शा, विक्रम संचालकों के परिवार को कच्चा राशन मुहैया कराया गया है। लेकिन संगठन के पास भी आय के ज्यादा स्रोत नहीं है। ऐसे में जिला प्रशासन और सरकार से मांग है कि ई रिक्शा ऑटो और विक्रम संचालकों की सरकार आर्थिक मदद करें।

' सरकार की ओर से ₹1000 की मदद की गई थी लेकिन उसका लाभ अधिकांश लोगों को कागजी कार्यवाही पूरी ना करने की वजह से नहीं मिल सका। सरकार से मांग है कि ई रिक्शा विक्रम और ऑटो संचालकों को पांच ₹5000 माह की आर्थिक सहायता दी जाए ' विनोद चंद्र दुबे, अध्यक्ष ,इलाहाबाद टेंपो, विक्रम, टेक्सी वेलफेयर एसोसिएशन
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