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उत्तर प्रदेश में कोरोना के 15 नए मरीज मिले, तीन हुए ठीक, 96 पहुंची कुल संख्या

नोवेल कोराना वायरस के प्रकोप के बीच सोमवार को एक अच्छी खबर आई। पहले से अस्पतालों में भर्ती तीन पॉजिटिव मरीज पूरी तरह से स्वस्थ होने के कारण डिस्चार्ज कर दिए गए। इनमें से दो नोएडा और एक आगरा का मरीज है।

31 मार्च 2020

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प्रयागराज

मंगलवार, 31 मार्च 2020

#LadengeCoronaSe: प्रयागराज में रोडवेज बस अड्डे पर सोशल डिस्टेंसिंग धड़ाम, ठसाठस गईं बसें

लॉकडाउन के दौरान संक्रमण से बचने के लिए लागू की गई सोशल डिस्टेंसिंग व्यवस्था रविवार को सिविल लाइंस बस अड्डे पर धड़ाम हो गई। यहां न सिर्फ हजारों यात्री जुटे, बल्कि तिल रखने की भी जगह न होने वाली बस में ठसाठस भरकर गंतव्यों के लिए रवाना भी हुए। इस दौरान फोर्स मौजूद रही लेकिन वह भी भीड़ को नियंत्रित कर पाने में नाकाम रही। 

रविवार को प्रदेश सरकार की ओर से दिल्ली में फंसे उप्र के लोगों को लाए जाने के लिए बसें चलाए जाने का निर्णय लिया गया था। जिसके बाद यूपी सड़क परिवहन निगम के तमाम डिपों से लोगों को लाने के लिए बसें दिल्ली भेजी गईं। दिल्ली से हजारों यात्रियों को लेकर बसें अलग-अलग शहरों के लिए रात में ही रवाना हो गईं। इसी क्रम में भोर में चार बजे के करीब शहर में भी बसों के आने का सिलसिला शुरू हो गया।
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प्रयागराज जंक्शन समेत एनसीआर के सभी बुकिंग में सहायता के लिए जारी किए हेल्पलाइन नंबर

देश में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के लिए उत्तर मध्य रेलवे ने पार्सल बुकिंग शुरू कर दी है। इस दौरान प्रतिबंधित वस्तुओं को छोड़कर प्रयागराज जंक्शन, कानपुर सेंट्रल समेत सभी रेलवे स्टेशनों से दवा, मेडिकेयर उपकरण, खाद्य पदार्थ और अन्य सभी वस्तुओं के पार्सल की बुकिंग  होगी।

उत्तर मध्य रेलवे के सभी पार्सल कार्यालयों में बुकिंग स्वीकार की जाएगी। रेलवे बुक किए गए सामान को उपलब्ध लोकोमोटिव, वीपी, एसएलआर आदि का उपयोग करते हुए विशेष पार्सल ट्रेनों में विभिन्न गंतव्यों तक पहुंचाया जाएगा। बुकिंग में किसी भी कठिनाई या सहायता के लिए उत्तर मध्य रेलवे के 3 मंडलों के हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं।

आगरा मंडल का 9760537860, झांसी मंडल का 9794831208, 0510-2446066 एवं प्रयागराज मंडल का नंबर 9794837343 ,9794837285 है। एनसीआर के सीपीआरओ अजीत कुमार सिंह ने बताया कि कोरोना महामारी के विरुद्ध इस लड़ाई में रेलवे अस्पताल और सभी रेलवे चिकित्सा कर्मी पहले से ही अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

अब चिकित्सीय योग्यता रखने वाले अन्य रेलवे कर्मचारी जो विभिन्न विभागों( चिकित्सा विभाग के अतिरिक्त) में काम कर रहे हैं, वे भी आवश्यकता की स्थिति में चिकित्सा सेवाएं प्रदान करेंगे। उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय और साथ ही आगरा, झांसी और प्रयागराज डिवीजनों द्वारा ऐसे रेल कर्मचारियों का एक डेटाबेस बनाया जा रहा है।

इस आपदा की स्थिति में सर्वोत्तम संभव लॉजिस्टिक सहायता प्रदान करने के लिए रेलवे मंत्रालय ने यह तय किया है कि वह लॉकडाउन की अवधि के दौरान कोई शुल्क नहीं लेगा। उधर आरपीएफ और जीआरपी की ओर से रविवार को 1000 खाने के पैकेट का वितरण प्रयागराज जंक्शन एवं अन्य इलाकों में किया गया ।
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CoronaVirus: प्रयागराज में अब बाहर से आई भीड़ के क्वारंटीन की चुनौती

दिल्ली से आए हजारों लोग प्रयागराज में में ही फंसे, छह स्थानों क्वारंटीन सेंटर बनाए गए

लाकडाउन के दौरान अलीगढ़ से निकला मजदूरों का दल रीवा की ओर जाते हुए। लाकडाउन के दौरान अलीगढ़ से निकला मजदूरों का दल रीवा की ओर जाते हुए।

एफआईआर पर भड़कीं ऋचा, पुलिस के कहने पर छात्रों को सूचना देने का किया दावा

सिविल बस अड्डे पर रविवार सुबह हजारों छात्रों की भीड़ इकट्ठा होने के मामले में पुलिस ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ की पूर्व अध्यक्ष एवं सपा नेता ऋचा सिंह समेत चार छात्र नेताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है लेकिन, ऋचा का दावा है कि पुलिस के कहने पर ही उन्होंने छात्रों को सोशल मीडिया के माध्यम से सूचना भेजी थी कि रविवार सुबह सिविल लाइंस बस अड्डे से कुछ शहरों के लिए बसें चलाई जाएंगी। ऋचा ने इस बाबत पुलिस महानिदेशक को पत्र भी भेजा है।

ऋचा ने डीजीपी को लिखे पत्र में कहा है कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय में 36 हजार विद्यार्थी हैं और इनमें से 12 हजार छात्राएं हैं। लॉक डाउन के कारण बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं प्रयागराज में फंसे हैं और घर वापसी का कोई साधन नहीं है। ऋचा ने पत्र के माध्यम से डीजीपी को बताया है कि 28-29 की मध्यरात्रि को उनके पास पुलिस के एक अधिकारी का फोन आया और उन्होंने  बताया कि सुबह चार से सात बजे के बीच सिविल लाइंस बस अड्डे से लखनऊ, रायबरेली, वाराणसी, गाजीपुर, आजमगढ़ के लिए कुछ बसें चलाई जाएंगी। वह अपने स्तर से छात्रों को सूचित कर दें। 

ऋचा का कहना है कि उस वक्त काफी राहत हो चुकी थी, सो उन्होंने छात्रों तक सूचना पहुंचाने के लिए फेसबुक का सहारा लिया और यह सूचना फेसबुक पर पोस्ट कर दी, लेकिन अगले ही दिन पुलिस ने उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। डीजीपी को लिखे गए पत्र में उस मोबाइल नंबर की जानकारी भी दी गई है, जिस नंबर से ऋचा के पास फोन आया था। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष का कहना है कि पुलिस ने धाराएं भी ऐसी लगाई हैं, जो हास्यास्पद हैं। उसमें एक धारा ऐसी है, जिसके तहत कंप्यूटर से डाटा चुराना या डाटा से छेड़छाड़ का मामला बनता है, जबकि उन्होंने ऐसा कुछ किया ही नहीं। ऋचा ने डीजीपी से मांग की है कि वह अपने स्तर से इस मामले कोक देखें और उचित कार्रवाई करें।
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लॉकडाउन में खूंखार हुए कुत्ते, लोगों को बना रहे शिकार

लॉकडाउन के दौरान खाना न मिलने से भूख से बेहाल हुए कुते खूंखार हो गए हैं। जरूरत पर घर से बाहर निकले लोगों को ऐसे आवारा कुते दौड़ाकर काट रहे हैं। वहीं जिन लोगों को आवारा कुतों ने काटा है, उनके लिए एंटी रैबीज इंजेक्शन का न मिलना भी बड़ी मुसीबत बनी हुई है। होटल रेस्टोरेंट आदि बंद होने से कुतों को खाना नहीं मिल रहा है नतीजा सामने है।

गलियों में झुंड में घूम रहे कुते हमलावर होकर लोगों को काट रहे हैं। नगर निगम क्षेत्र में आवारा कुतों की संख्या 5000 से अधिक आंकी गई है। गायों को चारा खिलाने और उन्हें सुरक्षित रखने के प्रयास में नगर निगम का पशुधन विभाग, आवारा कुतों को इंजेक्शन लगवाने और उनको हटाने के  प्रति लापरवाह बना हुआ है।

जानकारों का मानना है कि भूख से कुते हमलावर हुए हैं। यदि इन्हें खाना खिलाया जाए तो वे शांत हो सकते हैं। बैरहना की नीरू सलोरी के चंदू और राजरूपपुर के राजेश सिंह के साथ करेलाबाग के इरशाद अली को कुतों ने तब काटा जब वह अस्पताल ही जा रहे थे। ऐसे लोगों ने निजी अस्पतालों में एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाया है। 

आठ दिन में दोगुने हुए कुते काटने के मामले  

बेली और काल्विन अस्पतालों में एंटी रेबीज इंजेक्शन लगाने की नि:शुल्क व्यवस्था है। 22 मार्च को जनता कर्फ्यू और उसके बाद लॉक डाउन यानी तकरीबन आठ दिनों के दौरान कुते काटने की घटनाएं दोगुनी हो गई है। अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों की संख्या से इसकी पुष्टि होती है।

अस्पताल सूत्रों के मुताबिक पहले सौ से डेढ़ सौ लोग आते थे, अब कुता काटने का इंजेक्शन लगवाने के लिए 300 से अधिक लोग पहुंचते हैं।अस्पतालों में अब इसकी मांग करने वाले 300 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि इंजेक्शन की कमी नहीं है जबकि लोगों को इंजेक्शन नहीं लगाए जा रहे हैं। ओपीडी बंद होने की बात कहकर लोगों को लौटाया जा रहा है। बेली अस्पताल की प्रमुख अधीक्षक सुषमा श्रीवास्तव का कहना है कि कुते काटे जाने के मामले बढ़े हैं। 

खाना खिलाएं तभी होंगे शांत

आवारा कुतों को खाना खिलाए जाने के बारे में मुख्य सचिव ने निर्देश जारी किए हैं। इसके बाद भी नगर निगम और अन्य किसी विभाग ने इसकी पहल नहीं की है। वहीं कई स्वयंसेवी संस्थाओं ने आवारा कुतों को खाना खिलाने का काम शुरू किया है। इस संबंध में सोशल मीडिया में कई तस्वीरें भी वायरल की गई हैं। पशुपालकों का मानना है कि भूखे कुतों को खाना खिलाएंगे तभी वे शांत होंगे।
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बंद के दौरान कर्मचारियों को देना होगा वेतन, डीएम ने सभी कंपनियों और प्रतिष्ठानों को जारी किया आदेश

लॉकडाउन की वजह से आवश्यक सेवाओं को छोड़कर अन्य कपंनियां तथा व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद हैं लेकिन इन संस्थानों में कार्यरत सभी कर्मचारियों को बंदी के दौरान का भी वेतन मिलेगा। डीएम भानु चंद्र गोस्वामी ऐसे सभी प्रतिष्ठानों में कार्यरत कर्मचारियों को सवेतन अवकाश देने का आदेश जारी किया है। उन्होंने यह आदेश भी जारी किया है कोरोना वायरस के संदिग्ध या प्रभावित कर्मचारियों को 28 दिनों का सवेतन अवकाश दिया जाए।

हालांकि, ठीक होने के बाद कर्मचारी को इसका मेडिकल सर्टिफिकेट उपलब्ध कराना होगा। तभी अवकाश और वेतन मान्य होगा। डीएम ने आदेश दिया है इसका उल्लंघन करने वाले नियोक्ता के लिऐ एक साल की सजा या अर्थदंड या दोनों का प्रावधान है। उन्हाेंने यह आदेश दिया है कि सभी को वेतन तीन अप्रैल तक जारी कर दिया जाए। डीएम का कहना है कि किसी के साथ अन्याय होता है तो कर्मचारी कंट्रोल रूम के नंबर 0532-2266098 और 0532-2266099 पर शिकायत कर सकते हैं।
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होम डिलेवरी के लिए 19 दुकानें चिह्ति, लंबी होगी सूची

बेकरी तथा अन्य आवश्यक वस्तुओं की होम डिलेवरी की कवायद तेज कर दी गई है। इसके लिए शहर के अलग-अलग हिस्से में 19 दुकानें चिह्ति की गई हैं। इनमें ज्यादातर बेकरी, रेस्टोरेंट हैं। इनके मोबाइल नंबर भी जारी किए गए हैं। एडीएम सिटी ने बताया कि होम डिलेवरी वाली दुकानों की संख्या और बढ़ेगी। उनका कहना है कि इन दुकानों से सिर्फ होम डिलेवरी की सुविधा होगी। दुकान से बिक्री नहीं की जाएगी।

सुबह सात से रात 11 बजे तक अनिवार्य रूप से खुलेंगी दुकानें

किराना, सब्जी और फल की दुकानें सुबह सात से रात 11 बजे तक अवश्य रूप से खुलेंगी। लोग अपनी सुविधानुसान किसी भी समय आवश्यक वस्तुओं की खरीदारी कर सकें तथा दुकानों पर एक समय में भीड़ न जुटने पाए इसे सुनिश्चित करने के लिए डीएम ने यह आदेश जारी किया है। उन्होंने यह निर्देश भी दिया है कि जहां तक संभव हो सके होम डिलेवरी की जाए।

थोक एवं फुटकर दाम निर्धारित

खाद्य पदार्थों की कालाबाजारी पर नियंत्रण के लिए प्रशासन ने राशन तथा अन्य आवश्यक वस्तुआें के थोक एवं फुटकर भाव निर्धारित कर दिए हैं। दुकानदारों तथा ठेलिया वालों को वस्तुओं की रेट लिस्ट भी लगानी है। एडीएम आपूर्ति की ओर से आदेश जारी किया गया है लॉकडाउन के दौरान निर्धारित मूल्य पर भी खाद्य वस्तुओं की बिक्री की जाएगी।
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कमेटी की ओर से निर्धारित मूल्य 
वस्तु        थोक (प्रति किग्रा)            फुटकर
उरद            100                 110 
अरहर दाल         82                 85
मसूर दाल         60                 65 
चना दाल         56                 62
बेसन             65                 70 
आटा            28                 30
मैदा-सूजी         32                 36
गेहूं            21.22             22.24
चावल सामान्य    22                 25
छोला चना        65                 70
नमक            10                 14
राजमा            90                 100 
सरसों तेल        100                 110 
रिफाइंड तेल        100                 110 
हल्दी पिसी         150                 160 
सूखा मिर्च        200                210 
गुड़            38                40
चीनी            38                40 
आलू            16                20 
प्याज            18                22 
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सरकार से मदद मांगने पर कौंसिल अध्यक्ष की निंदा, बोले अध्यक्ष ने वकीलों की गरिमा को ठेस पहुंचाई

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प्रयागराज। कोरोना संक्रमण से बचाव के चलते किए गए लॉक डाउन से पैदा हुए हालात में बार कौंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष द्वारा वकीलों के लिए सरकार से 50 करोड़ रुपये की मांग करने की अधिवक्ता समाज ने कड़ी निंदा की है। वकील काउंसिल अध्यक्ष हरिशंकर सिंह की ओर से की गई इस मांग से काफी नाराज हैं।

उनका मानना है कि ऐसे कठिन समय में सरकार से सहायता राशि मांग कर उन्होंने अधिवक्ताओं की छवि को धूमिल किया है । वकीलों का मानना है कि ऐसे समय में जब समाज के सभी संगठन और लोग व्यक्तिगत रूप से सरकार को कोरोना से लड़ने के लिए आर्थिक मदद दे रहे हैं, वकीलों द्वारा खुद के लिए मदद की मांग करना निंदनीय है तथा इससे अधिवक्ताओं की छवि को काफी नुकसान होगा। 

अधिवक्ता मंच के अध्यक्ष रामअवतार वर्मा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर कहा है कि बार काउंसिल अध्यक्ष द्वारा 50 करोड़ रुपये की मांग करना उचित नहीं है। उनका कहना है कि अब तक किसी भी वकील ने बार काउंसिल से मदद नहीं मांगी है। जिन वकीलों के नाम पर कौंसिल अध्यक्ष इतनी बड़ी रकम सरकार से मांग रहे हैं दरअसल उन वकीलों को ऐसी किसी मदद की दरकार नहीं है । यदि कोई अधिवक्ता वास्तव में लॉकडाउन की वजह से परेशानी में है तो प्रदेश के बाकी अधिवक्ता उनकी मदद करने और उनका ख्याल रखने में सक्षम हैं।

उनका कहना है कि तमाम सारे अधिवक्ता संगठन जरूरतमंद वकीलों की मदद कर रहे हैं। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने एक रिलीफ फंड भी गठित किया है, इसी प्रकार से अन्य संगठन भी मदद कर रहे हैं। पत्र में कहा गया है कि अधिवक्ता समाज का जिम्मेदार नागरिक है। आम अधिवक्ता व्यक्तिगत रूप से सरकार के रिलीफ फंड में योगदान कर रहा है। बार काउंसिल के पूर्व चेयरमैन अमरेंद्र नाथ सिंह ने भी गत दिनों बार काउंसिल ऑफ इंडिया को पत्र लिखकर एक रिलीफ फंड बनाने की मांग की थी। उनका कहना है कि अधिवक्ताओं की ओर से सरकार को भी ऐसे समय पर मदद दी जानी चाहिए।
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व्यापारियों के लिए कोरोना बीमा कवर का हो प्रावधान, डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा ने व्यापारियों से की वीडियो कांफ्रेंसिंग

डिप्टी सीएम डा. दिनेश शर्मा ने सोमवार को प्रदेश 28 जिलों के प्रमुख व्यापारिक संगठन के पदाधिकारियों से वार्ता की। वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से उन्होंने लॉक डाउन के दौरान व्यापारियों को आ रही समस्याओं पर चर्चा करने के साथ उनसे सुझाव भी मांगे। इस दौरान व्यापारियों ने अन्य क्षेत्र की भांति कोरोना को लेकर बीमा कवर का प्रावधान करने को कहा।

प्रयागराज से कैट प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र गोयल ने डिप्टी सीएम से वार्ता की। डिप्टी सीएम ने व्यापारियों से बातचीत का वीडियो अपने ट्विटर हैंडल पर ट्वीट भी किया है। डिप्टी सीएम से कहा गया कि कल केंद्र सरकार के समक्ष बीच रास्ते पर खड़े नॉनसेंशियल कमोडिटी के ट्रकों को लेकर अवगत कराया गया। इस पर केंद्र ने आदेश जारी किया कि सभी राज्य इन ट्रकों को उनके गंतव्य तक जाने की छूट दें लेकिन, प्रदेश सरकार ने अभी तक कोई आर्डर जारी नहीं किया। इस पर तुरंत एडवाइजारी जारी की जाए।

साथ ही बंद पड़ी उद्योग इकाइयों एवं दुकानों के कामर्शियल बिजली बिल को पिछले तीन माह के औसत के आधार पर भेजने की बात पर व्यापारियों ने कहा कि जब दुकानें बंद पड़ी हैं तो बिल से फिक्स चार्ज को समाप्त किया जाए। रीडिंग के हिसाब से ही भुगतान लिया जाए। यह भी कहा गया कि 30 जून तक ई वे बिल के माल के निर्बाध परिचालन को ना रोका जाए। व्यापारियों की सारी बात सुनने के बाद डिप्टी सीएम ने उन्हें आश्वस्त किया कि वह संबंधित विभागों से बात कर जल्द ही उचित दिशा निर्देश जारी करवाएंगे।
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भूख से बेहाल मासूमों को लेकर पैदल पकड़ी घर की डगर

पंद्रह दिनों के लिए शहर, गांव वेंटिलेटर पर, मुंबई दिल्ली से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे गांव, ग्रामीण परेशान

एनसीआर बनाएगा 30 आइसोलेशन कोच

कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए उतर मध्य रेलवे प्रशासन ने 30 आइसोलेशन कोच बनाने का निर्णय लिया है। यह काम एनसीआर प्रशासन ने शुरू भी कर दिया है। उत्तर रेलवे के दिल्ली कोचिंग डिपो की तर्ज पर ही एनसीआर इन कोचों का निर्माण कर रहा है। इसके अलावा एनसीआर प्रशासन ने सेनिटाइजर और मास्क बनाने का काम भी तेज कर दिया है।

एनसीआर के कोचिंग डिपो में ही आइसोलेशन कोच बनाने का काम शुरू किया गया है। स्लीपर कोच को मॉडीफाई कर इन कोचों का निर्माण कार्य चल रहा है। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे और उत्तर रेलवे द्वारा बनाए गए प्रोटोटाइप कोच की डिजाइन के अनुरूप ही एनसीआर ने आइसोलेशन कोच का निर्माण शुरू किया है। इसके अलावा इनहाउस मास्क और सेनिटाइजर बनाने का काम भी रेलवे ने तेज कर दिया है। एनसीआर के कोचिंग डिपो और अन्य इकाइयों द्वारा दस हजार फेस मास्क का उत्पादन अब तक किया जा चुका है।

कोचिंग डिपो एवं केंद्रीय चिकित्सालय द्वारा अब तक दो हजार लीटर सेनिटाइजर तैयार किया जा चुका है। उधर रेलवे ने आपातकालीन स्थिति के मद्देनजर अस्थायी रूप से सेवानिवृत्त रेलवे मेडिकल प्रैक्टिशनर या खुले बाजार से डाक्टर और पैरामेडिक कर्मचारियों को रखने के लिए अधिकृत किया है।  

लॉक डाउन में फंसे 750 मजदूर की देखभाल रेलवे के जिम्मे

लॉक डाउन के दौरान विभिन्न स्थानों पर फंसे तकरीबन 750 संविदा मजदूर की देखरेख एनसीआर के तीन मंडल प्रयागराज, आगरा एवं झांसी मंडल द्वारा की जा रही है। इसके अलावा एनसीआर के विभिन्न स्टेशनों पर आरपीएफ की ओर से नियमित रूप से एक हजार से अधिक जरूरतमंद लोगों को भोजन उपलब्ध करवाया जा रहा है।
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ई-मेल से अर्ज़ी भेज हाइकोर्ट से लगाई गुहार, रामपुर के युवक की अर्जी पर सुनवाई 14 को

कोरोना संक्रमण के कारण बंद चल रहे इलाहाबाद हाईकोर्ट ने टेक्नोलॉजी का बेहतर इस्तेमाल करते हुए आवश्यक न्यायिक प्रक्रिया को जारी रखा है। कोर्ट ने लॉक डाउन  के दौरान ई-मेल से भेजी गई अर्ज़ी पर मुख्य न्यायाधीश गोविन्द माथुर  ने ने संज्ञान लिया तथा प्रदेश सरकार को ईमेल से ही नोटिस भेजा गया । और सरकार की ओर से अपर शासकीय अधिवक्ता अली मुर्तज़ा ने ईमेल से ही कोर्ट में जवाब दाखिल किया। 

 रामपुर के आरिफ  482 सी आर पी सी  के तहत  अपने पिता अब्दुल जलील के माध्यम से हाई कोर्ट में अर्ज़ी दाखिल की थी। अपर शासकीय अधिवक्ता  अली मुर्तज़ा ने एसएसपी रामपुर की ओर से हलफनामा दाखिल कर बताया कि लॉक डाउन के दौरान पुलिस याची के खिलाफ कोई भी उत्पीड़नात्मक कार्रवाई नहीं करेगी।
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