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सावन के सोमवार पर कराएं शिव का सहस्राचन, मिलेगी समस्त आकस्मिक परेशानियों से मुक्ति
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सावन के सोमवार पर कराएं शिव का सहस्राचन, मिलेगी समस्त आकस्मिक परेशानियों से मुक्ति

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सप्ताह में पांच नहीं, छह दिन खुलेगा डीआरएम ऑफिस

एक रेलकर्मी के कोरोना पॉजिटिव होने के बाद शुक्रवार से बंद डीआरएम ऑफिस सोमवार को खुल गया। हालांकि सोमवार को यहां आधा स्टाफ ही आया। यह भी तय हुआ कि यहां कर्मचारीरोस्टर के हिसाब से सप्ताह में तीन-तीन काम करेंगे। ऐेसे में अब डीआरएम ऑफिस में पांच की बजाय सप्ताह में छह दिन काम होगा। 

डीआरएम ऑफिस स्थित सीनियर डीएसएसी कार्यालय में आरपीएफ कर्मी और उसके पूर्व कंट्रोल रूम में तैनात एक रेलकर्मी के कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद से वहां काम करने वाले तमाम कर्मचारी सहमे हुए हैं।अनलॉक होने के बाद पिछले माह से ही यहां सभी कर्मचारी काम करने के लिए आ रहे थे, लेकिन कोरोना पॉजिटिव के दो मामले सामने आने के बाद यहां डीआरएम अमिताभ ने निर्देश जारी कर दिए हैं कि सभी कर्मचारी ऑफिस न आए। जो कर्मचारी घर से काम कर सकते हैं वह घर से ही करें।उनके इस निर्देश के बाद कामर्शियल विभाग में कार्यरत 87 में से 44 कर्मचारी अब सोमवार, बुधवार, शुक्रवार एवं 43 कर्मचारी मंगलवार, बृहस्पतिवार एवं शनिवार को यहां कार्य केंरेंगे।यही शेड्यूल सभी विभागों में जारी हुआ है।

यानी कीअगली सूचना तक यहां रोस्टर के हिसाब से ही कर्मचारी काम करेंगे।  मंडलके पीआरओ सुनील कुमार गुप्ता ने बताया कि अगली सूचना तक पांच की बजाय सप्ताह मेंछह दिन यहां काम होगा। बता दें कि डीआरएम ऑफिस में कार्यरत कर्मचारियों की संख्याएक हजार के आसपास है। वहीं एनसीआर मुख्यालय में भी काम के हिसाब से ही कर्मचारीबुलाए जा रहे हैं। सीपीआरओ अजीत कुमार सिंह ने बताया कि बहुत से कर्मचारी वर्क टूहोम भी कार्य कर रहे हैं।
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अशासकीय महाविद्यालयों को जल्द मिलेंगे असिस्टेंट प्रोफेसर, 3900 पदों पर भर्ती के लिए मिली अनुमति

प्रदेश के अशासकीय महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के रिक्त पदों पर भर्ती का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए राहत वाली खबर है। उच्च शिक्षा निदेशालय को असिस्टेंट प्रोफेसर के रिक्त पड़े 3900 पदों पर भर्ती शुरू करने की शासन से मौखिक अनुमति मिल गई है। रिक्त पदों की समीक्षा के बाद निदेशालय जल्द ही उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग (यूपीएचईएससी) को भर्ती के लिए पदों का अधियाचन भेजेगा।

असिस्टेंट प्रोफेसर के रिक्त पदों पर भर्ती के लिए आयोग ने चार साल पहले पिछला विज्ञापन जारी किया था, जिसकी भर्ती प्रक्रिया अब जाकर पूरी हुई है। इसके बाद कोई नया विज्ञापन नहीं आया। डेढ़ साल पहले निदेशालय ने असिस्टेंट प्रोफेसर के रिक्त 534 पदों पर भर्ती के लिए आयोग को अधियाचन भेजा था लेकिन आयोग की ओर से विज्ञापन जारी किए जाने से पहले ही निदेशालय ने अधियाचन वापस ले लिया था। उस वक्त निदेशालय की ओर से बताया गया था कि आरक्षण की नए सिरे से समीक्षा के बाद अधियाचन दोबारा भेजा जाएगा। समीक्षा के दौरान ही ईडब्ल्यूएस आरक्षण व्यवस्था लागू कर दी गई, सो समीक्षा में अधिक वक्त लग गया। 

यह कार्य पूरा होते ही शासन से निर्देश आए गए कि सभी रिक्त पदों का सत्यापन करा लिया जाए। इसके लिए सभी जिलों में जिला स्तरीय कमेटियों का गठन कर दिया गया। सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद निदेशालय ने असिस्टेंट प्रोफेसर के रिक्त पड़े 3900 पदों पर भर्ती के लिए शासन को प्रस्ताव भेज दिया। काफी समय तक प्रस्ताव शासन में अटका रहा।

इसके लिए निदेशालय ने शासन को दो बार रिमाइंड भी भेजे। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. वंदना शर्मा ने बताया कि असिस्टेंट प्रोफेसर के रिक्त पदों पर भर्ती के लिए शासन से मौखिक मंजूरी मिली गई है। शासन की ओर से कहा गया है कि अगर इससे पूर्व भर्ती के लिए अनुमति नहीं मांगी गई है तो इस बार भी निदेशालय अपने स्तर से भर्ती के लिए अधियाचन भेज दें। डॉ. वंदना शर्मा का कहना है कि रिक्त पदों की समीक्षा के बाद जल्द ही अधियाचन यूपीएचईएससी को भेज दिया जाएगा और इसके बाद यूपीएचईएससी भर्ती के लिए विज्ञापन जारी करेगा।
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नैनी की बंद इकाइयां खुलें तो हजारों को प्रयागराज में ही मिल जाए रोजगार

नैनी औद्योगिक क्षेत्र की वर्षों से बंद पड़ी औद्योगिक इकाइयों को खोले जाने की मांग को लेकर राष्ट्रीय हिंदू संगठन ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। संगठन से जुड़े लोगों का कहना था कि अगर यह इकाइयां खुल गई तो प्रयागराज ही नहीं आसपास के जिले के भी हजारों की संख्या में कामगारों को यहां रोजगार मिल जाएगा।

ऐसे में प्रवासी कामगारों को किसी दूसरे राज्य में रोजगार के लिए जाना नहीं पड़ेगा। कामगारों को प्रयागराज में ही रोजगार उपलब्ध हो जाएगा। राष्ट्रीय हिंदू संगठन के राष्ट्रीय संयोजक ओमप्रकाश दुबे के नेतृत्व में सामाजिक दूरी के साथ कलेक्ट्रेट में पहुंचे संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं ने यहां मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन अपर जिलाधिकारी को सौंपा। हिंदू संगठन यहां जिलाधिकारी को ज्ञापन देना चाह रहा था लेकिन बाद में उन्हें अपर जिलाधिकारी को ही ज्ञापन देना पड़ा। कहा गया कि सरकार नैनी में बंद पड़ी औद्योगिक इकाइयों को जल्द से जल्द चालू करवाएं।

इस संबंध में संगठन की ओर से लगातार मुहिम भी चलाई जा रही है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सत्यम दुबे सत्या ने कहा कि अब इस मुहिम को गांव-गांव में ले जाकर लोगों को जोड़ते हुए एक बड़ा आंदोलन का स्वरूप दिया जाएगा । इस दौरान श्यामल तिवारी, अर्पित शुक्ला, मनीष सिंह राणा , जितेंद्र मिश्र , काला यादव, आशीष वर्मा , राणा सिंह , दुर्गेश शुक्ला, अरुण भट्ट ,सौरव श्रीवास्तव ,प्रांजल यादव ,विनय आदि मौजूद रहे ।
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Prayagraj Corona Update: प्रयागराज में ग्रीस नागरिक, एक डॉक्टर, तीन बालिकाओं समेत 23 नए कोरोना मरीज मिले

prayagraj news: कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद प्रयागराज के सिविल लाइंस का एल्गिन रोड सील कर दिया गया। prayagraj news: कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद प्रयागराज के सिविल लाइंस का एल्गिन रोड सील कर दिया गया।

कस्टडी रिमांड के लिए अशरफ न्यायालय में पेश

धूमनगंज पुलिस ने कस्टडी रिमांड के लिए सोमवार को अशरफ को न्यायालय में पेश किया। अशरफ के नाम रिवाल्वर का लाइसेंस था। लाइसेंस निरस्त होने के बाद भी अशरफ ने शस्त्र नहीं जमा किया है। शस्त्र बरामदगी के लिए पुलिस ने कस्टडी रिमांड की एप्लीकेशन दी थी। अदालत में सुनवाई के बाद 8 जुलाई को अगली तारीख लगाई गई है।

अतीक परिवार के पास नौ लाइसेंसी असलहे थे। अधिकारियों ने सभी असलहों के लाइसेंस निरस्त कर दिए थे। पांच असलहों को जमा कर दिया गया था जबकि चार अभी तक जमा नहीं है। इन चार असलहों में से एक रिवाल्वर अशरफ का है। फरार होने के बाद से उसके रिवाल्वर का कुछ पता नहीं चला था। शुक्रवार को जब वह पकड़ा गया तो भी उसने रिवाल्वर के बारे में कुछ नहीं बताया।

उसका कहना था कि जब वह फरार हुआ। वह अपने साथ कोई असलहा लेकर नहीं गया था। धूमनगंज पुलिस ने रिवाल्वर की बरामदगी के लिए  पुलिस कस्टडी रिमांड की अर्जी दी थी। सोमवार की दोपहर अशरफ को न्यायालय में पेश किया गया। हालांकि अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई 8 जुलाई तक के लिए मुल्तवी कर दी। इंस्पेक्टर धूमनगंज शमशेर बहादुर सिंह ने बताया अशरफ को कस्टडी रिमांड पर लेकर रिवाल्वर बरामद कराया जाएगा। उसने रिवाल्वर अगर कहीं छुपा कर रखा है या किसी को दे दिया है  तो उसके खिलाफ भी पुलिस कार्रवाई करेगी।

अशरफ के रिश्तेदारों की निगरानी के लिए लगाई गई पुलिस टीम

अशरफ के ससुराल वालों तथा उसके करीबी रिश्तेदारों की निगरानी के लिए पुलिस ने एक विशेष टीम लगाई है। टीम इस बात की भी जांच करेगी कि उसके रिश्तेदारों और करीबियों ने अतीक और अशरफ का नाम लेकर कितनी संपत्ति बनाई है। उनके खिलाफ अब तक दर्ज मुकदमों के बारे में भी अधिकारियों ने पूरी पत्रावली तलब की है। 
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हर उम्र पर हावी कोरोना, संक्रमण की जद में आने वाले युवाओं में 17 से 39 वर्ष की उम्र तक वाले शामिल

जिले में तेजी से फैल रहे कोरोना संक्रमण ने इस मिथक को ध्वस्त कर दिया है कि यह वायरस बुजुर्गों को ही अपना शिकार बनाता है। सोमवार को सामने आए मामलों में ज्यादातर युवा अथवा बच्चे हैं। 

स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक संक्रमण की जद में पहले ही आ चुके लोगों के सात पारिवारिक सदस्यों की रिपोर्ट सोमवार को पॉजिटिव आई है। इसमें दायराशाह अजमल, नखास कोहना के 36 वर्षीय युवक की 10 वर्षीय बेटी, पालकी गेस्ट हाउस इलाके के पास रहने वाले व्यक्ति की 17 वर्षीय बेटी, झलवा के मित्र नगर के व्यक्ति के 67 वर्षीय पिता, 32 वर्षीय भाई और तीन वर्षीय बेटी शामिल है। झलवा के इस परिवार से अब तक कुल पांच लोग पॉजिटिव हो चुके हैं। 

इसके साथ ही म्योर रोड और सुल्तानपुर भावा के दो युवक, बादशाही मंडी का 58 वर्षीय व्यक्ति, राजापुर उंचवागढ़ी का 39 वर्षीय युवक संक्रमित मिले हैं। इस युवक की बेटी पहले से ही पॉजिटिव है। इसी तरह नया पुरवा का 25 वर्षीय युवक, टैगोर टाउन की 24 वर्षीय युवती, खुशाल पर्वत का 33 वर्षीय युवक, कुशवाहा नगर शिवकुटी का 28 वर्षीय युवक पॉजिटिव आए हैं। सभी को एल-1 हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। 

बालिका गृह की छह बालिकाएं संक्रमित

बालिका गृह की तीन और बालिकाओं में कोरोना के संक्रमण मिले हैं। इससे पॉजिटिव आने वालों की संख्या बढ़कर छह हो गई है। इसके पहले तीन दिन पूर्व दो और एक दिन पहले एक बालिका की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। बालिका गृह में बालिकाओं के पॉजिटिव आने से व्यवस्था के जिम्मेदार लोगों पर तमाम सवाल खड़े हो गए हैं। आखिर बालिका गृह तक संक्रमण पहुंचा कैसे। जबकि अभी तक बालिका गृह का कोई कर्मचारी, अधिकारी संक्रमण के दायरे में नहीं आया है। स्वास्थ्य विभाग के अफसर कहते हैं कि एक बालिका के संक्रमित होने से दूसरी बालिकाएं चपेट में आ गईं लेकिन प्राइमरी सोर्स के बारे में जानकारी नहीं है।
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अपर निदेशक स्वास्थ्य का घर खंगाला, 17 लाख की चोरी

prayagraj news
पुलिस के रात्रि गश्त के दावों की पोल खोलते हुए बेखौफ चोरों ने धूमनगंज के प्रीतमनगर में सनसनीखेज वारदात की। यहां रहने वाले अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ. विंदु प्रकाश सिंह के घर से 15 लाख के गहने समेत 17 लाख का माल उड़ा दिया। खास बात यह कि घटना पुलिस चौकी से 100 मीटर की दूरी पर हुई। धूमनगंज पुलिस मुकदमा लिखकर जांच में जुटी रही लेकिन देर रात तक बदमाशों का कुछ पता नहीं चल सका था। 

डॉ. विन्दु प्रकाश पुत्र राम मनोहर सिंह प्रीतमनगर स्थित एमआईजी कॉलोनी में परिवार समेत रहते हैं। वह स्वास्थ्य विभाग में अपर निदेशक मलेरिया व टीबी के पद पर कार्यरत हैं और वर्तमान में उनकी  तैनाती लखनऊ में है। उनकी पत्नी का ऑपरेशन हुआ है और वह लखनऊ में हैं। 15 जून को वह परिवार समेत प्रीतम नगर स्थित घर में ताला बंद कर लखनऊ चले गए। सोमवार को वह परिवार समेत लौटे तो घर के मुख्य दरवाजे का ताला टूटा मिला। यह देखकर उनके होश उड़ गए। 

भीतर जाने पर देखा कि आलमारी के लॉकर टूटे हुए हैं और उसमें रखे गहने व नगदी समेत अन्य सामान गायब हैं। मिलान करने पर पता चला कि चोर करीब 300 ग्राम सोने व 500 ग्राम चांदी के जेवर के अलावा 1.75 लाख रुपये नगद उठा ले गए हैं। चोरी गए गहनों की कीमत करीब 15.30 लाख रुपये है और इस तरह चोरों ने 17 लाख रुपये का माल घर से उड़ा दिया है।

सूचना पर पुलिस पहुंची और जांच पड़ताल के बाद लौट गई। खास बात यह रही कि घटना नीवा चौकी से 100 मीटर की दूूूरी पर हुई और पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लग सकी। यह हाल तब है जब रात्रि कर्फ्यू के दौरान पुलिस को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल धूमनगंज इंस्पेक्टर शमशेर बहादुर ने बताया कि अज्ञात में रिपोर्ट दर्ज कर चोरों की तलाश की जा रही है।
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कोरोना पॉजिटिव मिलने से 20 जुलाई तक बंद रहेगा प्रयागराज का जिला न्यायालय 

जिला न्यायालय 20 जुलाई तक बंद रहेगा। कटरा क्षेत्र में एक महिला के कोरो ना पॉजिटिव पाए जाने के कारण सीएमओ की रिपोर्ट के आधार पर जिला प्रशासन ने न्यायालय बंद किए जाने का निर्णय लिया है। इसके पहले सीएमओ की रिपोर्ट के आधार पर ही जिला न्यायालय 12 जून से ही बंद कर दिया गया था। 

जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष हर सागर मिश्रा मंत्री और राकेश दुबे ने बताया कि तीन जुलाई को न्यायालय खुलना था लेकिन एसएसपी कार्यालय में कोरोना पॉजिटिव केस आने के कारण छह जुलाई तक के लिए न्यायालय बंद किए जाने का निर्णय जिला और न्यायालय प्रशासन ने लिया था।

सोमवार को जिला न्यायालय प्रशासन को सीएमओ की रिपोर्ट प्राप्त हुई है, जिसमें कटरा के बख्तियारी मोहल्ले में एक महिला के कोरोना से संक्रमित होने के बाद वह क्षेत्र हॉटस्पॉट घोषित कर दिया गया है। जिसके कारण जिला न्यायालय परिसर भी हॉटस्पॉट की परिधि में आ गया है। इस आधार पर जिला न्यायालय को 20 जून तक के लिए बंद करने का निर्णय लिया गया है। 

कोरोना संक्रमण में लॉकडाउन के कारण 23 मार्च से ही जिला न्यायालय बंद कर दिया गया था। बीच में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जमानत प्रार्थना पत्रों की सुनवाई की गई थी।बाद में आठ जून को कुछ अदालतों में कामकाज शुरू हुआ था लेकिन हॉटस्पॉट की परिधि में आ जाने के कारण जिला जज ने न्यायालय को 12 जून से बंद कर दिया था।
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होलागढ़ सामूहिक हत्याकांड:  होमगार्ड की पत्नी व बेटी से भी घंटों पूछताछ, मोबाइल की खोज में खाली करा दिया तालाब

होलागढ़ में एक ही परिवार के चार लोगों की हत्या के मामले में पुलिस तीसरे दिन भी खाली हाथ ही रही। शक के आधार पर हिरासत में लिए गए पड़ोस के गांव में रहने वाले होमगार्ड के बेटे समेत दो लोगों के साथ ही पुलिस ने रविवार को उसकी बेटी व पत्नी से भी पूछताछ की। लेकिन कोई खास जानकारी नहीं मिल सकी। उधर, तालाब का पानी निकलवाने के बाद भी मृतक वैद्य का मोबाइल नहीं बरामद हो सका। 

एक दिन पहले वैद्य के मोबाइल से कॉल करने की जानकारी मिलने पर पुलिस ने पड़ोस के लालपूरा गांव में रहने वाले होमगार्ड के बेटे व उसके एक रिश्तेदार को हिरासत में ले लिया था। दोनों से रात भर पूछताछ हुई लेकिन वह यही कहते रहे कि मोबाइल उन्हें पड़ा मिला। पूछताछ में यह बात भी सामने आई कि वैद्य का मोबाइल होमगार्ड की बेटी ने पाया था जिसके बाद पुलिस ने उससे भी पूछताछ की।

इसके अलावा होमगार्ड की पत्नी से भी मोबाइल के बाबत जानकारी हासिल करने की कोशिश की गई। हालांकि उनसे कोई खास जानकारी नहीं मिल सकी। यह भी बात आई कि मोबाइल लालपूरा गांव में रहने वाले ही पान की फेरी लगाने वाले एक व्यक्ति के घर के पास पड़ा मिला। जिसके बाद पुलिस ने उससे भी घंटों पूछताछ की। हालांकि दिन भर की मशक्कत के बाद भी पुलिस को कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी।  

खाली कराया गया तालाब, नहीं हुआ फायदा

इस मामले में एक खास बात यह रही कि होमगार्ड के बेटे के बताए गए स्थान पर घंटों छानबीन के बाद भी मृतक वैद्य का मोबाइल नहीं मिल सका। सूत्रों के मुताबिक, हिरासत में लिए गए होमगार्ड के बेटे ने पूछताछ में बताया था कि यह जानकारी मिलने के बाद कि मोबाइल वैद्य का है, उसने इसे पास ही स्थित तालाब में फेंक दिया था। जिस पर पुलिस ने रविवार को पंपिंग सेट के माध्यम से पानी निकलवाकर तालाब खाली कराया। लेकिन इसके बावजूद मोबाइल का कुछ अता-पता नहीं चला। 

सर्विलांस पर कई करीबियों के नंबर

सूत्रों के मुताबिक, हत्यारों के बारे में तीन दिन बाद भी कोई ठोस सुराग हासिल न कर पाने वाली पुलिस ने मृतकों के कई करीबियों के नंबर सर्विलांस पर लगवाए हैं। इसमें मृतक वैध के जानने वालों से लेकर बेटे-बेटियों के संपर्क में आने वालों के भी नंबर शामिल हैं। वैद्य के बेटे प्रिंस के दोस्तों के बारे में जानकारी जुटाने के साथ ही पुलिस की नजर दोनों बेटियों के परिचितों पर भी है। दरअसल अन्य बिंदुओं के साथ ही इस पर भी जांच की जा रही है कि बेटे या बेटियों से जुड़ी कोई रंजिश या विवाद तो इस वारदात का कारण नहीं बनी। 

जख्मी महिला की हालत बनी हुई है स्थिर

वारदात में गंभीर रूप से घायल मृतक वैद्य की पत्नी रचना पांडेय की हालत स्थित बनी हुई है। उसका इलाज एसआरएन अस्पताल में चल रहा है जहां उसे आईसीयू में रखा गया है। हमलावरों ने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ उस पर धारदार हथियार से हमला किया था जिसमें उसके गले व चेहरे पर गंभीर जख्म हुआ था। जिसके बाद डॉक्टरों ने दो दिन में उसके दो ऑपरेशन भी किए थे।
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UPPSC NEWS: पीसीएस-2018 का इंटरव्यू 26 दिनों में होगा पूरा, 25 अगस्त से पहले आ सकता है अंतिम चयन परिणाम

पीसीएस-2018 का साक्षात्कार 26 दिनों में पूरा होगा। इंटरव्यू 13 जुलाई से सात अगस्त तक आयोजित किया जाएगा। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने सोमवार को साक्षात्कार का विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया। साथ ही इंटरव्यू लेटर भी आयोग की वेबसाइट पर अपलोड कर दिए गए हैं।

इंटरव्यू का कार्यक्रम जारी होने के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि अगर कोई बड़ी बाधा नहीं आई तो पीसीएस-2018 का अंतिम चयन परिणाम 25 अगस्त से शुरू होने जा रही पीसीएस-2019 की मुख्य परीक्षा से पहले जारी हो जाएगा और इससे पीसीएस-2019 के अभ्यर्थियों के लिए चयन के अवसर बढ़ जाएंगे।
इंटरव्यू की अवधि 26 दिनों की होगी, लेकिन इंटरव्यू 23 दिन ही होगा।

13 जुलाई से 31 जुलाई तक प्रतिदिन इंटरव्यू होना है। एक से तीन अगस्त तक इंटरव्यू नहीं होगा और इसके बाद चार से सात अगस्त तक इंटरव्यू का आयोजन किया जाएगा। यानी रविवार के साप्ताहिक अवकाश पर भी साक्षात्कार का आयोजन होगा। इस दौरान रविवार के दो साप्ताहिक अवकाश पड़ेंगे। पीसीएस के 984 पदों पर भर्ती के लिए 2669 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार में शामिल होना है।

यूपीपीएससी ने जिस तरह से साक्षात्कार का कार्यक्रम निर्धारित किया है, उससे यह स्पष्ट है कि आयोग 25 अगस्त से पहले पीसीएस-2018 का अंतिम चयन परिणाम जारी करने की तैयारी में है। 

साक्षात्कार का कार्यक्रम काफी व्यस्त है। साक्षात्कार प्रतिदिन दो सत्रों सुबह नौ बजे और दोपहर 12 बजे से आयोजित किया जाएगा। साक्षात्कार में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को आयोग की वेबसाइट पर ऑनलाइन फॉर्म सेट भरना है और इसे डाउनलोड करके प्रिंट निकालना है। अभ्यर्थियों को आवेदन की हार्डकॉपी के साथ अन्य अभिलेख भी इंटरव्यू में साथ ले जाने होंगे।

फॉर्म कैसे भरा जाए और कौन से अभिलेख साथ ले जाने हैं, इसकी विस्तृत जानकारी आयोग की वेबसाइट पर दी गई है। अभ्यर्थियों को इंटरव्यू वाले दिन पहले सत्र में सुबह नौ बजे और दूसरे सत्र में दोपहर 12 बजे आयोग परिसर स्थित यमुना भवन में पहुंचना है।

बीस अभ्यर्थियों को ई-मेल पर भेजे गए इंटरव्यू लेटर

कोर्ट में दाखिल याचिका खुशबू बंसल बनाम स्टेट ऑफ यूपी व अन्य में पारित निर्णय के परिप्रेक्ष्य में 20 अभ्यर्थियों को ऑनलाइन प्रक्रिया में शामिल नहीं किया गया है। इंटरव्यू लेटर, आवेदनपत्र, प्रमाणीकरण पत्रक, देशनापत्रक, अंकतालिका विवरण व अधिमान्यता प्रमाणपत्र इन अभ्यर्थियों के रजिस्टर्ड ई-मेल पर प्रेषित किए गए हैं। इनको भरकर समस्त अभिलेखों के साथ अभ्यर्थियों को निर्धारित तिथि पर साक्षात्कार के लिए उपस्थित होना है। किसी वजह से इस प्रक्रिया में अगर कोई दिक्कत आती है, तब इन अभ्यर्थियों को निर्धारित तिथि पर साक्षात्कार के लिए उपस्थित होने के लिए कहा गया है।
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sawan 2020: सावन में पार्थिव शिवलिंग पूजन से पूरी होती है हर मनोकामना

तुलसीदासजी ने लिखा, 'लिंग थापि बिधिवत करि पूजा। सिव समान प्रिय मोहि न दूजा।। ' अर्थात शिवलिंग की स्थापना कर विधिवत उसका पूजन किया और बोले शिवजी के समान मुझे अन्य कोई प्रिय नहीं है।

भगवान शिव के प्रिय श्रावण मास में पार्थिव शिवलिंग पूजन का पुराणों में विशेष महत्व बताया गया गया है। अनेक विष्णु पुराण, शिव महापुराण सहित अनेक पुराणों और ग्रंथों में इस बात का उल्लेख है कि पार्थिव शिवलिंग की विधि-विधान से पूजा कर हर मनोकामना पूरी का जा सकती है। 

भगवान शंकर की पूजा के लिए तो पूरा साल शुभ है लेकिन श्रावण मास में इसका महत्व कुछ अधिक ही बढ़ जाता है। सावन में पूजा करने से भगवान शिव जल्द प्रसन्न होते हैं। शिव महापुराण सहित अनेक वेद और पुराणों में भगवान शिव को प्रसन्न करने की तमाम विधियां बताई गई हैं, जिसमें जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, भस्म आरती आदि। इसी के सात पार्थिव शिवलिंग पूजन का विशेष महत्व बताया गया है।

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