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सावन के सोमवार पर कराएं शिव का सहस्राचन, मिलेगी समस्त आकस्मिक परेशानियों से मुक्ति
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सावन के सोमवार पर कराएं शिव का सहस्राचन, मिलेगी समस्त आकस्मिक परेशानियों से मुक्ति

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चिह्नित माफिया के खिलाफ चलेगा अभियान, निरस्त कराई जाएगी जमानत

कानपुर में हुई मुठभेड़ में आठ पुलिसकर्मियों के शहीद होने के बाद प्रदेश भर में माफिया के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इसी के तहत रविवार को एडीजी ने जोन में चिह्नित माफिया के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। कहा कि जमानत निरस्त कराने के साथ ही उनके शस्त्र लाइसेंस निरस्त कराने के साथ ही अपराधियों पर अन्य कार्रवाई भी की जाए।

गूगल मीट के तहत आयोजित समीक्षा बैठक में एडीजी जोन प्रेमप्रकाश ने मातहतों को इस संबंध मं दिशा निर्देश दिए। कहा कि अगले तीन दिनों तक विशेष अभियान चलाया जाए। उन्होंने प्रत्येक थानों के टॉप 10 अपराधियों की स्थिति के बारे में जानकारी ली। साथ ही हिस्ट्रीशीटर, माफिया, सक्रिय गिरोहों  पर कार्रवाई के निर्देश दिए।

पुरस्कार घोषित अपराधियों के लिए टीम बनाकर उनकी गिरफ्तारी को कहा गया। साथ ही कहा कि अभियान के दौरान हुई कार्रवाई की रिपोर्ट तीन दिन के बाद उन्हें प्रेषित की जाए। वेबिनार में दोनों रेंज के आईजी, सभी आठ जनपदों के एसएसपी व एसपी, सीओ व थानेदार शामिल हुए।
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सफारी सवार बदमाशों ने विजमा यादव को जान से मारने की दी धमकी

कैंट के अशोक नगर में रहने वाली पूर्व विधायक विजमा यादव को जान से मारने की धमकी दी गई। सफारी सवार बदमाशों ने रात में घर के पास पहुंचकर उनके कर्मचारी को मारा-पीटा और विधायक को जान से मारने की धमकी दी। पुलिस का कहना है कि मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है। 

पूर्व विधायक विजमा यादव वर्तमान में कैंट के अशोक नगर स्थित हेस्टिंगस रोड पर परिवार समेत रहती हैं। उनके पति विधायक जवाहर पंडित की गोली मारकर हत्या की गई थी, जिसमें हाल ही में करवरिया बंधुओं को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। विजमा ने पुलिस को बताया कि दो जुलाई की रात 10.30 बजे उनका घरेलू कर्मचारी अमित यादव कुछ सामान लेने बाहर गया था।

लौटते वक्त जैसे ही घर  के पास पहुंचा, पहले से मौजूद सफारी सवार चार बदमाशों ने उसे रोक लिया। गालीगलौज करते हुए उन्होंने पहले उनके बेटे और फिर खुद उनके बारे में पूछा। कर्मचारी ने गाली देने से मना किया तो पिस्टल निकाल ली और फिर उसे पीटा। इसके बाद बदमाश सफारी लेकर निकल भागे। घर पहुंचकर कर्मचारी ने प्रकरण की जानकारी दी। जिसके बाद उन्होंने थाने पहुंचकर तहरीर दी।

पूर्व विधायक का यह भी कहना है कि घटना सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हुई है। फुटेज उन्होंने पुलिस को सौंपी है। कैंट इंस्पेटक्टर चंद्रभान सिंह ने बताया कि अज्ञात में मामला दर्ज कर जांच की जा रही है। जांच मेें पता चला है कि सफारी भगवतपुर निवासी एक व्यक्ति की है जिसमेें घटना के वक्त उसका बेटा अपने साथियों संग बैठा था। जांच पड़ताल की जा रही है।
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गुरु पूर्णिमा: गुरु दरबारों में दूरी बनाकर भक्तों ने लगाई हाजिरी

UPPSC NEWS: पीसीएस-2018 का इंटरव्यू 26 दिनों में होगा पूरा, 25 अगस्त से पहले आ सकता है अंतिम चयन परिणाम

पीसीएस-2018 का साक्षात्कार 26 दिनों में पूरा होगा। इंटरव्यू 13 जुलाई से सात अगस्त तक आयोजित किया जाएगा। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने सोमवार को साक्षात्कार का विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया। साथ ही इंटरव्यू लेटर भी आयोग की वेबसाइट पर अपलोड कर दिए गए हैं।

इंटरव्यू का कार्यक्रम जारी होने के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि अगर कोई बड़ी बाधा नहीं आई तो पीसीएस-2018 का अंतिम चयन परिणाम 25 अगस्त से शुरू होने जा रही पीसीएस-2019 की मुख्य परीक्षा से पहले जारी हो जाएगा और इससे पीसीएस-2019 के अभ्यर्थियों के लिए चयन के अवसर बढ़ जाएंगे।
इंटरव्यू की अवधि 26 दिनों की होगी, लेकिन इंटरव्यू 23 दिन ही होगा।

13 जुलाई से 31 जुलाई तक प्रतिदिन इंटरव्यू होना है। एक से तीन अगस्त तक इंटरव्यू नहीं होगा और इसके बाद चार से सात अगस्त तक इंटरव्यू का आयोजन किया जाएगा। यानी रविवार के साप्ताहिक अवकाश पर भी साक्षात्कार का आयोजन होगा। इस दौरान रविवार के दो साप्ताहिक अवकाश पड़ेंगे। पीसीएस के 984 पदों पर भर्ती के लिए 2669 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार में शामिल होना है।

यूपीपीएससी ने जिस तरह से साक्षात्कार का कार्यक्रम निर्धारित किया है, उससे यह स्पष्ट है कि आयोग 25 अगस्त से पहले पीसीएस-2018 का अंतिम चयन परिणाम जारी करने की तैयारी में है। 

साक्षात्कार का कार्यक्रम काफी व्यस्त है। साक्षात्कार प्रतिदिन दो सत्रों सुबह नौ बजे और दोपहर 12 बजे से आयोजित किया जाएगा। साक्षात्कार में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को आयोग की वेबसाइट पर ऑनलाइन फॉर्म सेट भरना है और इसे डाउनलोड करके प्रिंट निकालना है। अभ्यर्थियों को आवेदन की हार्डकॉपी के साथ अन्य अभिलेख भी इंटरव्यू में साथ ले जाने होंगे।

फॉर्म कैसे भरा जाए और कौन से अभिलेख साथ ले जाने हैं, इसकी विस्तृत जानकारी आयोग की वेबसाइट पर दी गई है। अभ्यर्थियों को इंटरव्यू वाले दिन पहले सत्र में सुबह नौ बजे और दूसरे सत्र में दोपहर 12 बजे आयोग परिसर स्थित यमुना भवन में पहुंचना है।

बीस अभ्यर्थियों को ई-मेल पर भेजे गए इंटरव्यू लेटर

कोर्ट में दाखिल याचिका खुशबू बंसल बनाम स्टेट ऑफ यूपी व अन्य में पारित निर्णय के परिप्रेक्ष्य में 20 अभ्यर्थियों को ऑनलाइन प्रक्रिया में शामिल नहीं किया गया है। इंटरव्यू लेटर, आवेदनपत्र, प्रमाणीकरण पत्रक, देशनापत्रक, अंकतालिका विवरण व अधिमान्यता प्रमाणपत्र इन अभ्यर्थियों के रजिस्टर्ड ई-मेल पर प्रेषित किए गए हैं। इनको भरकर समस्त अभिलेखों के साथ अभ्यर्थियों को निर्धारित तिथि पर साक्षात्कार के लिए उपस्थित होना है। किसी वजह से इस प्रक्रिया में अगर कोई दिक्कत आती है, तब इन अभ्यर्थियों को निर्धारित तिथि पर साक्षात्कार के लिए उपस्थित होने के लिए कहा गया है।
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होलागढ़ सामूहिक हत्याकांड:  होमगार्ड की पत्नी व बेटी से भी घंटों पूछताछ, मोबाइल की खोज में खाली करा दिया तालाब

होलागढ़ में एक ही परिवार के चार लोगों की हत्या के मामले में पुलिस तीसरे दिन भी खाली हाथ ही रही। शक के आधार पर हिरासत में लिए गए पड़ोस के गांव में रहने वाले होमगार्ड के बेटे समेत दो लोगों के साथ ही पुलिस ने रविवार को उसकी बेटी व पत्नी से भी पूछताछ की। लेकिन कोई खास जानकारी नहीं मिल सकी। उधर, तालाब का पानी निकलवाने के बाद भी मृतक वैद्य का मोबाइल नहीं बरामद हो सका। 

एक दिन पहले वैद्य के मोबाइल से कॉल करने की जानकारी मिलने पर पुलिस ने पड़ोस के लालपूरा गांव में रहने वाले होमगार्ड के बेटे व उसके एक रिश्तेदार को हिरासत में ले लिया था। दोनों से रात भर पूछताछ हुई लेकिन वह यही कहते रहे कि मोबाइल उन्हें पड़ा मिला। पूछताछ में यह बात भी सामने आई कि वैद्य का मोबाइल होमगार्ड की बेटी ने पाया था जिसके बाद पुलिस ने उससे भी पूछताछ की।

इसके अलावा होमगार्ड की पत्नी से भी मोबाइल के बाबत जानकारी हासिल करने की कोशिश की गई। हालांकि उनसे कोई खास जानकारी नहीं मिल सकी। यह भी बात आई कि मोबाइल लालपूरा गांव में रहने वाले ही पान की फेरी लगाने वाले एक व्यक्ति के घर के पास पड़ा मिला। जिसके बाद पुलिस ने उससे भी घंटों पूछताछ की। हालांकि दिन भर की मशक्कत के बाद भी पुलिस को कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी।  

खाली कराया गया तालाब, नहीं हुआ फायदा

इस मामले में एक खास बात यह रही कि होमगार्ड के बेटे के बताए गए स्थान पर घंटों छानबीन के बाद भी मृतक वैद्य का मोबाइल नहीं मिल सका। सूत्रों के मुताबिक, हिरासत में लिए गए होमगार्ड के बेटे ने पूछताछ में बताया था कि यह जानकारी मिलने के बाद कि मोबाइल वैद्य का है, उसने इसे पास ही स्थित तालाब में फेंक दिया था। जिस पर पुलिस ने रविवार को पंपिंग सेट के माध्यम से पानी निकलवाकर तालाब खाली कराया। लेकिन इसके बावजूद मोबाइल का कुछ अता-पता नहीं चला। 

सर्विलांस पर कई करीबियों के नंबर

सूत्रों के मुताबिक, हत्यारों के बारे में तीन दिन बाद भी कोई ठोस सुराग हासिल न कर पाने वाली पुलिस ने मृतकों के कई करीबियों के नंबर सर्विलांस पर लगवाए हैं। इसमें मृतक वैध के जानने वालों से लेकर बेटे-बेटियों के संपर्क में आने वालों के भी नंबर शामिल हैं। वैद्य के बेटे प्रिंस के दोस्तों के बारे में जानकारी जुटाने के साथ ही पुलिस की नजर दोनों बेटियों के परिचितों पर भी है। दरअसल अन्य बिंदुओं के साथ ही इस पर भी जांच की जा रही है कि बेटे या बेटियों से जुड़ी कोई रंजिश या विवाद तो इस वारदात का कारण नहीं बनी। 

जख्मी महिला की हालत बनी हुई है स्थिर

वारदात में गंभीर रूप से घायल मृतक वैद्य की पत्नी रचना पांडेय की हालत स्थित बनी हुई है। उसका इलाज एसआरएन अस्पताल में चल रहा है जहां उसे आईसीयू में रखा गया है। हमलावरों ने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ उस पर धारदार हथियार से हमला किया था जिसमें उसके गले व चेहरे पर गंभीर जख्म हुआ था। जिसके बाद डॉक्टरों ने दो दिन में उसके दो ऑपरेशन भी किए थे।
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अपने घर और ई-सुविधा केंद्रों से भी मुकदमा बहस कर सकेंगे वकील

कोविड 19 संक्रमण का प्रसार रोकने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मुकदमों की वीडियो कांफ्रेंसिंग से सुनवाई के लिए नई व्यवस्था लागू की है। यह उन सभी वकीलों और वादकारियों के लिए है, जो वीडियो कांफ्रेंसिंग से अपना मुकदमा बहस करना चाहते हैं। नई व्यवस्था 13 जुलाई से लागू होगी। 

वीडियो कांफ्रेंसिंग से मुकदमा बहस करने के लिए हाईकोर्ट के गेट संख्या-3ए, 3बी, 5 के अलावा हाईकोर्ट मैदान के पवेलियन में केबिन बनाए गए हैं। यह केबिन हाईकोर्ट के इंटरनेट के जरिए जुड़े होंगे, लिहाजा यहां से मुकदमा बहस करने में नेटवर्क की समस्या नहीं आएगी। इनके जरिए 30 कांफ्रेंसिंग सेशन एकसाथ हो सकेंगे। हर कोर्ट के लिए टाइम स्लॉट अलग से दिया जाएगा। हर केबिन के बाहर अलग-अलग कोर्ट के लिए निर्धारित टाइम स्लॉट दिया रहेगा। इसे अलग से हाईकोर्ट की वेबसाइट पर भी प्रकाशित किया जाएगा। 

ई-सेवा केंद्रों से भी सुनवाई की सुविधा

हाईकोर्ट ने पहली बार वीडियो कांफ्रेंसिंग से मुकदमों की सुनवाई के लिए ई-सेवा केंद्रों की सुविधा शुरू की है। शहर विभिन्न हिस्सों में स्थित ऐसे आठ ई-सेवा केंद्रों की सूची दी गई है, जहां वकील हाईकोर्ट आए बिना अपने घर के नजदीक स्थित ई-सेवा केंद्र से वीडियो कांफ्रेंसिंग से मुकदमे में बहस कर सकेंगे। इसे ‘ऑफसाइट’ सुविधा का नाम दिया गया है। इसके अलावा वकील पहले ही अपने घर या ऑफिस से मोबाइल फोन, लैपटॉप या डेस्क टॉप के जरिए भी वीडियो कांफ्रेंसिंग की सुविधा ले सकेंगे। 

पहले से देनी होगी सहमति

अधिवक्ता अपना मुकदमा ऑनसाइट (हाईकोर्ट गेट पर बने केबिन) या ऑफसाइट (ई-सेवा केंद्र) से करना चाहते हैं। इसका विकल्प उनको सुनवाई के एक दिन पहले ही दिन में एक बजे तक  हाईकोर्ट की वेबसाइट पर देना होगा। ऐसा नहीं करने पर उनके मुकदमे में उस दिन सुनवाई नहीं हो सकेगी और मुकदमे में कोई दूसरी डेट दे दी जाएगी। वकीलों को केबिन में हेड सेट भी प्रदान किए जाएंगे, मगर अपेक्षा की गई है कि अधिवक्ता खुद का हेड सेट लेकर आएं। वीडियो कांफ्रेंसिंग से अच्छी सुनवाई के लिए वकीलों को अपने फोन या कंप्यूटर में गूगल क्रोम डाउनलोड करने की सलाह दी गई है।
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एलटी ग्रेड चयनितों की 31 तक शुरू होगी काउंसलिंग

ऑनलाइन
एलटी ग्रेड के चयनित अभ्यर्थियों की काउंसलिंग 31 जुलाई तक शुरू करा दी जाएगी। चयन के बावजूद नियुक्ति मिलने में हो रही देरी से नाराज एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों को यह आश्वासन अपर शिक्षा निदेशक माध्यमिक शिक्षा (राजकीय) अंजना गोयल ने दिया है। अभ्यर्थी सोमवार को माध्यमिक शिक्षा निदेशालय में धरना-प्रदर्शन करने पहुंचे थे।

निदेशालय में इन दिनों एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती के चयनित अभ्यर्थियों के अभिलेखों की सत्यापन प्रक्रिया चल रही है। इसके बाद 13 विषयों में चयनित 4244 अभ्यर्थियों को काउंसलिंग कराकर नियुक्तिपत्र जारी किया जाना है। अभ्यर्थी लगातार मांग कर रहे हैं कि अन्य शिक्षक भर्तियों की तरह इसमें भी काउंसलिंग कराकर नियुक्ति दी जाए और इसके साथ ही अभिलेखों का सत्यापन कराया जाए, लेकिन निदेशालय इसके लिए तैयार नहीं है।

वह अच्छी तरह से जांच-परख करने के बाद ही अभ्यर्थियों को नियुक्ति देना चाहता है। सत्यापन में वक्त लगने के कारण अभ्यर्थियों का सब्र टूट रहा है। नतीजा कि सोमवार को एलटी समर्थक मोर्चा के संयोजक विक्की खान के नेतृत्व में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी धरना-प्रदर्शन करने माध्यमिक शिक्षा निदेशालय पहुंच गए।

संयोजक विक्की खान का कहना है कि अपर शिक्षा निदेशक माध्यमिक अंजना गोयल के साथ हुई वार्ता के दौरान यह आश्वासन मिला है कि 31 जुलाई तक काउंसलिंग शुरू करा दी जाएगी और अभ्यर्थियों से विद्यालयों का विकल्प भरवाने के बाद उन्हें नियुक्तिपत्र जारी कर दिया जाएगा।

उधर, एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती के तहत पेपर लीक मामले में फंसे हिंदी एवं सामाजिक विज्ञान विषय का रिजल्ट जारी कराने को लेकर भी एलटी समर्थक मोर्चा ने प्रयास तेज कर दिए हैं। विक्की खान के मुताबिक प्रशासन के अफसरों ने बताया है कि मामले में चार्जशीट दाखिल होने के बाद आयोग के अध्यक्ष रिजल्ट पर निर्णय लेंगे। इस मामले में एलटी समर्थक मोर्चा का प्रतिनिधिमंडल 10 जुलाई को वाराणसी के एसएसपी से मिलकर चार्जशीट शीघ्र दाखिल किए जाने की मांग करेगा।
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एसएसपी आगरा को अवमानना नोटिस, आदेश के बावजूद सिपाही भर्ती के अभ्यर्थी को नियुक्ति न देने का मामला

आदेश की अवहेलना करने पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आगरा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बबलू कुमार को अवमानना का नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने उनको चार सप्ताह में स्पष्टीकरण देने के लिए कहा है कि क्यों न आदेश की अवहेलना पर उनके विरुद्ध अवमानना की कार्यवाही प्रारंभ की जाए। एसएसपी पर आरोप है कि हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद उन्होंने सिपाही भर्ती के अभ्यर्थी को नियुक्ति नहीं दी। इस मामले में अभ्यर्थी नवल किशोर ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल की है। याचिका पर न्यायमूर्ति एमसी त्रिपाठी ने सुनवाई की। 

याची का कहना है कि वह पुलिस भर्ती में चयनित हुआ और प्रशिक्षण के दौरान उसे यह कहकर हटा दिया गया कि उसकी लंबाई मानक के अनुरूप नहीं है। इसके खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई।  कोर्ट ने याचिका मंजूर करते हुए कहा कि जब शारीरिक दक्षता परीक्षा व मेडिकल में सफल घोषित किया गया है  तो उसकी दुबारा जांच कर अयोग्य घोषित करने का अधिकार भर्ती बोर्ड को नहीं है।

कोर्ट ने एसएसपी आगरा को याची को ज्वाइन कराने का आदेश दिया है, जिसका पालन नहीं किया गया। सरकारी अधिवक्ता का कहना था कि एकल पीठ के आदेश के खिलाफ विशेष अपील दाखिल की गई है। किंतु अपील पर अंतरिम आदेश नहीं है। कोर्ट ने कहा कि  मात्र अपील लंबित होने के आधार पर अदालत के आदेश की अवहेलना नही की जा सकती है। कोर्ट ने इसे प्रथम दृष्टया अवमानना का मामला मानते हुए एसएसपी को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
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सप्ताह में पांच नहीं, छह दिन खुलेगा डीआरएम ऑफिस

एक रेलकर्मी के कोरोना पॉजिटिव होने के बाद शुक्रवार से बंद डीआरएम ऑफिस सोमवार को खुल गया। हालांकि सोमवार को यहां आधा स्टाफ ही आया। यह भी तय हुआ कि यहां कर्मचारीरोस्टर के हिसाब से सप्ताह में तीन-तीन काम करेंगे। ऐेसे में अब डीआरएम ऑफिस में पांच की बजाय सप्ताह में छह दिन काम होगा। 

डीआरएम ऑफिस स्थित सीनियर डीएसएसी कार्यालय में आरपीएफ कर्मी और उसके पूर्व कंट्रोल रूम में तैनात एक रेलकर्मी के कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद से वहां काम करने वाले तमाम कर्मचारी सहमे हुए हैं।अनलॉक होने के बाद पिछले माह से ही यहां सभी कर्मचारी काम करने के लिए आ रहे थे, लेकिन कोरोना पॉजिटिव के दो मामले सामने आने के बाद यहां डीआरएम अमिताभ ने निर्देश जारी कर दिए हैं कि सभी कर्मचारी ऑफिस न आए। जो कर्मचारी घर से काम कर सकते हैं वह घर से ही करें।उनके इस निर्देश के बाद कामर्शियल विभाग में कार्यरत 87 में से 44 कर्मचारी अब सोमवार, बुधवार, शुक्रवार एवं 43 कर्मचारी मंगलवार, बृहस्पतिवार एवं शनिवार को यहां कार्य केंरेंगे।यही शेड्यूल सभी विभागों में जारी हुआ है।

यानी कीअगली सूचना तक यहां रोस्टर के हिसाब से ही कर्मचारी काम करेंगे।  मंडलके पीआरओ सुनील कुमार गुप्ता ने बताया कि अगली सूचना तक पांच की बजाय सप्ताह मेंछह दिन यहां काम होगा। बता दें कि डीआरएम ऑफिस में कार्यरत कर्मचारियों की संख्याएक हजार के आसपास है। वहीं एनसीआर मुख्यालय में भी काम के हिसाब से ही कर्मचारीबुलाए जा रहे हैं। सीपीआरओ अजीत कुमार सिंह ने बताया कि बहुत से कर्मचारी वर्क टूहोम भी कार्य कर रहे हैं।
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इविवि: एमएचआरडी के निर्देश पर ही होगा परीक्षा और प्रमोशन पर निर्णय

इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के स्नातक एवं परास्नातक के छात्र-छात्राओं को बिना परीक्षा प्रमोट किया जाएगा या उन्हें परीक्षा देनी होगी, यह केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) से दिशा-निर्देश जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

हालांकि इविवि प्रशासन ने वार्षिक परीक्षाओं को लेकर एक प्रस्तावित कार्यक्रम बना रखा है, लेकिन इसे अंतिम रूप देने से पहले इविवि प्रशासन को मंत्रालय से गाइडलाइन जारी होने का इंतजार है।

पिछले दिनों हुई इविवि परीक्षा समिति की बैठक में तय हुआ था कि 15 अगस्त तक हालात नहीं सुधरे तो स्नातक अंतिम वर्ष एवं परास्नातक अंतिम सेमेस्टर के छात्र-छत्राओं को पिछले दो वर्ष की परीक्षाओं में मिले अंकों के औसत के आधार पर उत्तीर्ण कर दिया जाएगा। वहीं, प्रथम वर्ष के विद्यार्थी द्वितीय वर्ष और द्वितीय वर्ष के विद्यार्थी तृतीय वर्ष की कक्षाएं अटेंड कर सकेंगे।

भविष्य में हालात सुधरने पर उन्हें पिछली कक्षा की परीक्षा देनी होगी। इविवि प्रशासन ने यह प्रस्तावित कार्यक्रम तो बना लिया है लेकिन इसे अंतिम रूप नहीं दिया है। विश्वविद्यालय प्रशासन को अब मंत्रालय की गाइडलाइन का इंतजार है। मंत्रालय इसी सप्ताह गाइडलाइन जारी कर सकता है, जिसमें स्पष्ट किया जाएगा कि परीक्षा होगी या फिर बिना परीक्षा के ही छात्रों को प्रमोट कर दिया जाएगा।

अगर बिना परीक्षा प्रमोट किए जाने का निर्णय लिया जाता है तो मंत्रालय उसका फार्मूला भी तय करेगा और अगर परीक्षा कराए जाने पर निर्णय होता है तो मंत्रालय ही बताएगा कि परीक्षा कब आयोजित की जाएगी और इसका प्रारूप क्या होगा। इविवि के परीक्षा नियंत्रक प्रो. रामेंद्र कुमार सिंह का कहना है कि एमएचआरडी की गाइडलाइन का इंतजार किया जा रहा है। एमएचआडी के जो भी निर्देश होंगे, उन पर अमल किया जाएगा।
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अशासकीय महाविद्यालयों को जल्द मिलेंगे असिस्टेंट प्रोफेसर, 3900 पदों पर भर्ती के लिए मिली अनुमति

प्रदेश के अशासकीय महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के रिक्त पदों पर भर्ती का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए राहत वाली खबर है। उच्च शिक्षा निदेशालय को असिस्टेंट प्रोफेसर के रिक्त पड़े 3900 पदों पर भर्ती शुरू करने की शासन से मौखिक अनुमति मिल गई है। रिक्त पदों की समीक्षा के बाद निदेशालय जल्द ही उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग (यूपीएचईएससी) को भर्ती के लिए पदों का अधियाचन भेजेगा।

असिस्टेंट प्रोफेसर के रिक्त पदों पर भर्ती के लिए आयोग ने चार साल पहले पिछला विज्ञापन जारी किया था, जिसकी भर्ती प्रक्रिया अब जाकर पूरी हुई है। इसके बाद कोई नया विज्ञापन नहीं आया। डेढ़ साल पहले निदेशालय ने असिस्टेंट प्रोफेसर के रिक्त 534 पदों पर भर्ती के लिए आयोग को अधियाचन भेजा था लेकिन आयोग की ओर से विज्ञापन जारी किए जाने से पहले ही निदेशालय ने अधियाचन वापस ले लिया था। उस वक्त निदेशालय की ओर से बताया गया था कि आरक्षण की नए सिरे से समीक्षा के बाद अधियाचन दोबारा भेजा जाएगा। समीक्षा के दौरान ही ईडब्ल्यूएस आरक्षण व्यवस्था लागू कर दी गई, सो समीक्षा में अधिक वक्त लग गया। 

यह कार्य पूरा होते ही शासन से निर्देश आए गए कि सभी रिक्त पदों का सत्यापन करा लिया जाए। इसके लिए सभी जिलों में जिला स्तरीय कमेटियों का गठन कर दिया गया। सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद निदेशालय ने असिस्टेंट प्रोफेसर के रिक्त पड़े 3900 पदों पर भर्ती के लिए शासन को प्रस्ताव भेज दिया। काफी समय तक प्रस्ताव शासन में अटका रहा।

इसके लिए निदेशालय ने शासन को दो बार रिमाइंड भी भेजे। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. वंदना शर्मा ने बताया कि असिस्टेंट प्रोफेसर के रिक्त पदों पर भर्ती के लिए शासन से मौखिक मंजूरी मिली गई है। शासन की ओर से कहा गया है कि अगर इससे पूर्व भर्ती के लिए अनुमति नहीं मांगी गई है तो इस बार भी निदेशालय अपने स्तर से भर्ती के लिए अधियाचन भेज दें। डॉ. वंदना शर्मा का कहना है कि रिक्त पदों की समीक्षा के बाद जल्द ही अधियाचन यूपीएचईएससी को भेज दिया जाएगा और इसके बाद यूपीएचईएससी भर्ती के लिए विज्ञापन जारी करेगा।
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नैनी की बंद इकाइयां खुलें तो हजारों को प्रयागराज में ही मिल जाए रोजगार

नैनी औद्योगिक क्षेत्र की वर्षों से बंद पड़ी औद्योगिक इकाइयों को खोले जाने की मांग को लेकर राष्ट्रीय हिंदू संगठन ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। संगठन से जुड़े लोगों का कहना था कि अगर यह इकाइयां खुल गई तो प्रयागराज ही नहीं आसपास के जिले के भी हजारों की संख्या में कामगारों को यहां रोजगार मिल जाएगा।

ऐसे में प्रवासी कामगारों को किसी दूसरे राज्य में रोजगार के लिए जाना नहीं पड़ेगा। कामगारों को प्रयागराज में ही रोजगार उपलब्ध हो जाएगा। राष्ट्रीय हिंदू संगठन के राष्ट्रीय संयोजक ओमप्रकाश दुबे के नेतृत्व में सामाजिक दूरी के साथ कलेक्ट्रेट में पहुंचे संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं ने यहां मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन अपर जिलाधिकारी को सौंपा। हिंदू संगठन यहां जिलाधिकारी को ज्ञापन देना चाह रहा था लेकिन बाद में उन्हें अपर जिलाधिकारी को ही ज्ञापन देना पड़ा। कहा गया कि सरकार नैनी में बंद पड़ी औद्योगिक इकाइयों को जल्द से जल्द चालू करवाएं।

इस संबंध में संगठन की ओर से लगातार मुहिम भी चलाई जा रही है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सत्यम दुबे सत्या ने कहा कि अब इस मुहिम को गांव-गांव में ले जाकर लोगों को जोड़ते हुए एक बड़ा आंदोलन का स्वरूप दिया जाएगा । इस दौरान श्यामल तिवारी, अर्पित शुक्ला, मनीष सिंह राणा , जितेंद्र मिश्र , काला यादव, आशीष वर्मा , राणा सिंह , दुर्गेश शुक्ला, अरुण भट्ट ,सौरव श्रीवास्तव ,प्रांजल यादव ,विनय आदि मौजूद रहे ।
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