ग्रामीण की हत्या पर बवाल, लगाया जाम

अमर उजाला ब्यूरो/बांदा Updated Sun, 31 Dec 2017 11:03 PM IST
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नरैनी-करतल मार्ग पर जाम लगाए परिजन व ग्रामीण।
नरैनी-करतल मार्ग पर जाम लगाए परिजन व ग्रामीण। - फोटो : अमर उजाला

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नरैनी (बांदा)। खनिज विभाग के चेकपोस्ट से बालू लदे वाहनों को निकलवाने के काम में चालकों व बालू कारोबारियों की मदद करने वाले 45 वर्षीय व्यक्ति की हत्या कर दी गई। शव खेत में पड़ा मिला। सिर और चेहरे पर चोटें थीं। परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस को शव नहीं उठाने दिया और नरैनी-करतल मध्य प्रदेश रोड पर धरना देकर जाम लगा दिया। परिजनों का आरोप है कि एसडीएम और बालू कारोबारी ने हत्या की है। बालू कारोबारी ही उसे साथ ले गया था। उन पर रिपोर्ट दर्ज की जाए। बालू कारोबारी और उसकी कार का चालक पुलिस हिरासत में हैं। पुलिस अधिकारियों के इस आश्वासन पर रात 8 बजे धरना समाप्त हो गया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी। धरना खत्म होने पर पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस ने एसडीएम को आरोपी बनाने वाली तहरीर नहीं ली है।
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करतल रोड पर खनिज बैरियर से चंद कदम दूर खेत में रविवार को सुबह नरैनी कोतवाली क्षेत्र के गोरेपुरवा गांव निवासी मोहम्मद अफसार (45) पुत्र बशारत का शव पड़ा मिला। सिर में चोट के निशान और चेहरे का दायां जबड़ा टूटा था। खबर फैलते ही परिजनों और ग्रामीणों का भारी हुजूम जमा हो गया। पुलिस भी आ गई। मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने चंद कदम दूर नरैनी-करतल मुख्य मार्ग पर जाम लगा दिया। एसडीएम और पुलिस के खिलाफ नारे लगाए। उनकी मांग थी कि एसडीएम के विरुद्ध हत्या की रिपोर्ट दर्ज की जाए। मृतक के पुत्र खालिद ने बताया कि शनिवार को रात करीब 9 बजे उसके पिता के फोन पर किसी का फोन आया। कुछ देर बाद रात करीब 10 बजे नरैनी कोतवाली क्षेत्र के मुकेरा गांव का अंशुल त्रिवेदी पुत्र जुुगुल किशोर कार लेकर घर आया और अफसार को अपने साथ बैठा ले गया। ग्रामीणों के मुताबिक अफसार रात में बालू की गाड़ियां पास कराने का काम करता था। पता चला है कि अफसार खनिज चेकपोस्ट पर था तभी देर रात एसडीएम और क्षेत्राधिकारी तथा कोतवाली पुलिस ने संयुक्त रूप से एक साथ छापा मारा। वहां भगदड़ मच गई। एसडीएम और पुलिस ने अंशुल त्रिवेदी और उसके कार चालक को पकड़ लिया। कार भी अपने कब्जे में ले ली। इसी बीच अफसार लापता हो गया। सुबह उसका घायल अवस्था में शव मिला। परिजनों का आरोप है कि एसडीएम और पुलिस ने पीट कर उसे मारा है।
उत्तेजित परिजनों ने पुलिस को शव नहीं उठाने दिया। कोतवाली प्रभारी पंकज पांडेय भी भारी फोर्स के साथ उपस्थित थे। परिजनों की मांग थी कि डीएम-एसपी मौके पर आएं और एसडीएम के विरुद्ध हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराएं, तभी जाम खुलेगा और शव पुलिस को सौंपा जाएगा। शाम करीब 4:30 बजे मुख्यालय से एडीएम गंगाराम गुप्ता भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने परिजनों को समझाने की कोशिश की लेकिन बात नहीं बनी। इस बीच तनाव के मद्देनजर करतल, कालिंजर, बबेरू, गिरवां, खुरहंड, अतर्रा, बदौसा आदि थानों की पुलिस भी बुला ली गई। देर शाम पुलिस अधिकारियों के आश्वासन पर धरना खत्म हो गया। उधर, रविवार को छुट्टी पर रहे एसडीएम सीएल सोनकर ने फोन पर बताया कि खनिज बैरियर वह अकेले नहीं गए थे। उनके साथ पुलिस क्षेत्राधिकारी और पुलिस भी थी। उन्होंने किसी के साथ मारपीट नहीं की। एसडीएम ने कहा कि उन पर आरोप लगाने वाले बालू माफिया हैं और उनके खिलाफ साजिश कर रहे हैं। जांच में असलियत सामने आ जाएगी।
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