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Coronavirus Lockdown in UP Live Updates: 15 जिलों के हॉटस्पॉट आज रात 12 बजे से होंगे सील, जानिए उनके नाम

यूपी में लॉकडाउन की अवधि बढ़ाए जाने की अटकलों के बीच प्रदेश सरकार ने कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे को देखते हुए प्रदेश के 15 जिलों को रात 12 बजे से सील करने का निर्णय लिया है।

8 अप्रैल 2020

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बरेली

बुधवार, 8 अप्रैल 2020

भाले-तलवार लेकर हमला करने आई थी भीड़, लगेगी एनएसए

पुलिस ने कहा- एफआईआर में एनएसए लगाने का पर्याप्त आधार
चौकी पर हमला कर माहौल बिगाड़ा और दहशत फैलाई

बरेली। प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप उपद्रव करने वाले करमपुर चौधरी के लोगों पर पुलिस एनएसए लगाने पर गंभीरता से विचार कर रही है। पुलिस का कहना है कि एफआईआर में आरोपियों पर एनएसए लगाने का पर्याप्त आधार है। भाला-तलवार और लाठी-डंडों से लैस भीड़ ने जिस तरह पुलिस चौकी पर आकर बवाल किया गया, उससे लोक व्यवस्था ध्वस्त होने के साथ जनता में दहशत फैल सकती थी।
इस मामले में बैरियर वन चौकी प्रभारी दिनेश कुमार की ओर से 43 लोगों को नामजद किया गया है जबकि 200 लोग अज्ञात बताए गए हैं। एफआईआर के मुताबिक चौकी प्रभारी दरोगा सरिता चौधरी के साथ राशन वितरण करा रहे थे। तभी सिपाहियों ने बताया कि काफी भीड़ चौकी पर हमला करने की योजना बनाकर गांव से आई है। वह पहुंचे तो ग्राम प्रधान का पति तसव्वुर दो-ढाई सौ लोगों भीड़ के साथ चौकी पर था। तमाम लोगों के हाथों में भाला, तलवार, डंडों के साथ ईंट-पत्थर भी थे। उन्होंने भीड़ का इरादा भांपते ही कई थानों की पुलिस बुला ली। भीड़ में शामिल लोगों को समझाने की कोशिश की मगर उन्होंने और ज्यादा हंगामा शुरू कर दिया। भीड़ को हमलावर होते देख दहशत फैली तो लॉक डाउन में सब्जी और दवा खरीदने निकले लोग उल्टे पांव भाग निकले। उनके जूते-चप्पल तक मौके पर रह गए।
एफआईआर में उल्लेख किया गया है कि भीड़ के हंगामे की वजह से लॉकडाउन के उल्लंघन के साथ राजमार्ग भी अवरुद्ध हुआ और लोक व्यवस्था भंग हुई। कई लोगों को मौके पर गिरफ्तार कर लिया गया। काफी फोर्स लगाकर स्थिति संभाली गई।

सिपाहियों ने अफसरों को बताई कहानी

चारों सिपाहियों अंकित कुमार, राजीव, संजय और मनोज से डीआईजी व एसएसपी समेत कई अफसरों ने पूछताछ की। उन्होंने बताया कि वह लोग लॉक डाउन का पालन कराने के लिए गश्ती ड्यूटी पर थे। करमपुर चौधरी में ताहिर खां के मकान के सामने समूह में बैठे लोगों से उन्होंने घर जाने को कहा तो अधिकांश तो जाने लगे लेकिन कश्मीर खां ने गालियां देते हुए पुलिस पर गलत टिप्पणी की। उन्होंने उसे बाइक पर बैठाने की कोशिश की तो गांव वालों ने इकट्ठे होकर उसे छुड़ा लिया और उनसे हाथापाई करने लगे। भीड़ बढ़ती देख वे लोग भागकर चौकी पहुंचे तो हथियारं से लैस भीड़ भी पीछे-पीछे चौकी पर आ गई।
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सरकार तीन माह तक नियोक्ता और कर्मियों का खुद जमा करेगी ईपीएफ

75 प्रतिशत अथवा तीन माह के वेतन के बराबर धनराशि निकाल भी सकेंगे कर्मचारी

बरेली। कोरोना वायरस आपदा से बचने के लिए लागू लॉकडाउन से उद्योग और कारोबार प्रभावित हुए हैं। इससे विभिन्न प्रतिष्ठानों में कार्यरत कर्मचारी भी अछूते नहीं हैं। इसलिए केंद्र सरकार अप्रैल से जून यानी तीन माह तक ईपीएफ धनराशि खुद जमा करेगी। यहां खास यह है कि ईपीएफ खाते से 75 प्रतिशत अथवा तीन माह के वेतन के बराबर धनराशि निकाली भी जा सकता है।
केंद्रीय श्रम व रोजगार मंत्रालय ने ‘महामारी अग्रिम सुविधा’ शुरू की है। इसके तहत ईपीएफ सदस्य अपने खाते से 75 प्रतिशत तक अथवा तीन माह के मूल वेतन, महंगाई भत्ते में जो भी कम हो, निकाल सकते हैं। इस संबंध में भविष्य निधि संगठन ने आदेश जारी कर दिए हैं। इस योजना से लॉकडाउन मेें प्रभावित हुए हजारों कर्मचारियों को फायदा मिलेगा।
लॉकडाउन में हजारों उद्योग, धंधे और प्रतिष्ठान प्रभावित हुए हैं, जिससे कारोबारी और उद्यमियों पर आर्थिक बोझ आ गया है। कारखानों और संस्थानों में कार्यरत कर्मियों की ईपीएफ किश्त जमा होना मुश्किल हो गया है। सरकार ऐसे प्रतिष्ठानों, जिसमें सौ अथवा इससे कम कर्मचारी हों और 90 प्रतिशत कर्मी 15 हजार रुपये से कम पाते हों, उनकी विशेष मदद करेगी। इसके तहत सरकार इन प्रतिष्ठानों का अगले तीन माह तक कर्मचारी और नियोक्ता का ईपीएफ अंश (12-12 प्रतिशत) खुद जमा करेगी। इससे उद्योग और उद्यमियों की बड़ी समस्या का समाधान होगा।

लॉकडाउन से औद्योगिक समेत सभी क्षेत्रों में कार्यरत लाखों स्टाफ और श्रमिक प्रभावित हुए हैं। सौ से कम स्टाफ वाले प्रतिष्ठानों का ईपीएफ अंश राशि तीन माह तक सरकार वहन करेगी। आर्थिक समस्या से परेशान कर्मी तीन माह का वेतन ईपीएफ खाते से निकाल सकेंगे।

- संतोष गंगवार, केंद्रीय श्रममंत्री
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लाखों की हैसियत वालों ने भी सरकार के आगे फैलाया हाथ

.. तो अब दो साल जेल की रोटी खाने को तैयार रहें मुन्नालाल और जाबिर

मुन्नालाल की इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान और जाबिर की परचून की, फिर भी कंट्रोल रूम को बताया घर में अन्न का दाना नहीं
प्रशासन ने जारी किए नोटिस, सही जवाब नहीं दिया तो जाएंगे जेल

बरेली। ऐसी विपदा की घड़ी में भी इंसानियत को शर्मसार करने की एक के बाद एक मिसाल सामने आ रही है जब हजारों गरीबों के घरों का चूल्हा जलना तक मुश्किल है। सरकारी राशन हड़पने के लिए खाते-पीते परिवारों के लोग भी गरीबों की तरह हाथ फैला रहे हैं। प्रशासन की जांच में कई ऐसे मामले पकड़े जाने के बाद गरीबों के हिस्से का राशन हड़पने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है।
पहला मामला तब सामने आया जब म्यूड़ी खुर्द गांव के मुन्ना लाल तहसील के कंट्रोल रूम में अपने घर में अन्न का एक भी दाना न होने की सूचना देते हुए मुफ्त राशन की मांग की। तहसील की ओर से मदद करने से पहले जब मुन्नालाल के बारे में जांच कराई गई तो पता चला कि उसके पिता छेदालाल रिटायर्ड सरकारी शिक्षक हैं जिन्हें हर महीने 30 हजार रुपये से ज्यादा पेंशन मिलती है। खुद मुन्ना लाल की भुता में इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान है जिससे उसकी अच्छी-खासी आय होती है। इसी तरह म्यूड़ी खुर्द कलां के ही जाबिर की ओर से मुख्यमंत्री के सहायता पोर्टल के जरिये प्रशासन के कंट्रोल रूम में सूचना पहुंची थी जिसमें उसने घर में राशन न होने की बात कहते हुए मदद मांगी थी। तहसीलदार सदर आशुतोष गुप्ता ने जांच कराई तो पता चला कि जाबिर भी रईस शख्स है और गांव में उसका दोमंजिला मकान है। वह खुद परचून की दुकान चलाता है इसलिए घर में राशन की कोई कमी नहीं है।
ऐसे कई और मामले सामने आए तो प्रशासन ने इसे जमाखोरी की कोशिश मानते हुए गंभीरता से लिया। इन मामलों में तहसीलदार सदर की ओर से कई लोगों को नोटिस जारी कर सात दिन के अंदर जवाब मांगा है और उन्हें आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी दी है।

बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी राशन और खाना मांग रहे हैं जो आर्थिक तौर से मजबूत है और उन्हें मदद की कोई जरूरत नहीं है। सरकार की ओर से मदद सिर्फ गरीबों और जरूरतमंदों को दी जानी है। गलत सूचना देने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। -आशुतोष गुप्ता, तहसीलदार सदर

एसडीएम की चेतावनी, यह अवसरवादी रवैया दो साल के लिए जेल पहुंचा देगा

एसडीएम सदर ईशान प्रताप सिंह ने बताया कि तहसील सदर के कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन पर लगातार ऐसे लोगों के फोन आ रहे हैं जो सरकारी सहायता के लिए पात्र नहीं हैं। उन्होंने कहा कि देश इस समय महामारी की गंभीर चुनौती से जूझ रहा है लिहाजा ऐसा अवसरवादी रवैया दिखाना शर्मनाक है। इससे सीमित संसाधनों पर अनावश्यक बोझ पड़ेगा और जरूरतमंद सरकारी मदद से वंचित रह जाएंगे। शासन की प्राथमिकता भुखमरी से जूझ रहे लोगों की तात्कालिक मदद देना है। एसडीएम ने कहा है कि ऐसे लोगों पर प्रशासन सख्त कार्रवाई करेगा और उन्हें इसके लिए दो साल तक की कैद हो सकती है।
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रसोई में राशन, फ्रिज में फल.. फिर मांगा मुफ्त का राशन

रसोई में राशन, फ्रिज में फल.. फिर मांगा मुफ्त का राशन
एसडीएम ने रसोई का वीडियो बनाया तो रोने लगा फूड कंपनी का डिलीवरी ब्वॉय
गरीबी के नाम पर सरकार के आगे मुफ्त के राशन के लिए हाथ फैला रहे अपात्र
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। लॉकडाउन में गरीबी के नाम पर अपात्र मुफ्त राशन के लिए सरकार के आगे हाथ फैलाने से बाज नहीं आ रहे। मंगलवार को एसडीएम सदर ने हरूनगला में एक ऐसे व्यक्ति को पकड़ा, जिसके घर की रसोई में आटा-चावल भरा था। फ्रिज में फल भी रखे थे। एसडीएम ने जब रसोई का वीडियो बनाया तो फूड सप्लाई करने वाली कंपनी का डिलीवरी ब्वॉय रोने लगा। एसडीएम ने उसे दोबारा ऐसी हरकत करने पर जेल भेजने की चेतावनी दी।
एसडीएम सदर ने इससे पहले भी दो मामले पकड़े थे। एक व्यक्ति के पिता को 30 हजार पेंशन मिली है और दूसरे के पास दोमंजिला मकान है। फिर भी उन्होंने मुफ्त का खाना खाने के लिए कंट्रोल रूम में गलत सूचना दर्ज कराई थी। इन दोनों पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। बुधवार को प्रशासन के कंट्रोल रूम में हरूनगला में ग्रीन पार्क के पीछे कुसुमनगर के एक व्यक्ति ने सूचना दी कि उसके घर का सारा राशन खत्म हो गया है। एसडीएम सदर ईशान प्रताप सिंह लेखपाल संजीव सिंह के साथ संबंधित व्यक्ति के घर में अचानक पहुंचे। रसोई में जाकर देखा तो पूरा कनस्तर आटे से भरा था। चावल, चीनी, दालों के साथ फ्रिज में फल भी रखे थे। यह देखकर एसडीएम भड़क उठे और रसोई का वीडियो बनाते हुए हड़काना शुरू कर दिया। इस पर युवक रोने लगा और बताया कि वह फूड सप्लाई करने वाली कंपनी में डिलीवरी ब्वॉय है। एसडीएम ने दोबारा ऐसी हरकत करने पर कानूनी कार्रवाई की चेेतावनी दी।
ग्रामीणों ने सीएम पोर्टल पर राशन न मिलने की गलत शिकायत भेजी
सदर तहसील के कलारी गांव के नौ लोगों ने सीएम पोर्टल पर शिकायत की थी कि उनके घर में राशन नहीं है। एसडीएम ने जब इसकी जांच कराई तो पता चला कि इन सभी लोगों को कोटे की दुकान से कई दिन पहले ही राशन मिल चुका है। एसडीएम ने गलत शिकायत करने वालों की जमकर फटकार लगा दी।
‘महामारी में जरूरतमंद और गरीबों को अनाज-भोजन देने की जिम्मेेदारी सरकार की है, लेकिन इसकी आड़ में लोग अनुचित तरीके से फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं। इनसे सख्ती से निपटा जा रहा है।’
- ईशान प्रताप सिंह, एसडीएम सदर
22 बीघा खेती होने के बावजूद बोला...घर में नहीं अनाज का एक दाना
बरेली। नवाबगंज के खांईखेड़ा के रहने वाले सलीम नाम के एक शख्स ने अधिकारियों को सूचना दी कि उनके घर में अनाज का एक दाना भी नहीं है। राशन देने के लिए जब अधिकारियों ने उसके घर में कर्मचारियों की टीम भेजकर चेक कराया तो पता चला कि उसके पास 22 बीघा खेती है। टीम ने जब सलीम से पूछताछ की तो वह बगले झांकने लगा। लेखपाल ने सलीम को मुफ्त में सरकारी राशन देने के लिए अपात्र बताते हुए इसकी रिपोर्ट दे दी है। इसके अलावा भी कंट्रोल रूम में इस तरह की तमाम शिकायतें आ रही है।
लॉक डाउन: करीब दो लाख लोगों को बांटा मुफ्त राशन
बरेली। लॉक डाउन के बाद कोटे की दुकानों पर पहली अप्रैल से अब तक 199464 राशन कार्डों पर मुफ्त राशन बांटा गया है। डीएम नितीश कुमार ने बताया कि आठ अप्रैल तक जिले में 670764 राशन कार्डों पर राशन बांटा गया है। इसमें 199464 राशन कार्डों पर मुफ्त राशन दिया गया है। इसमें ब्लॉक आलमपुर जाफराबाद में 34188, बहेड़ी में 36848, भदपुरा में 27115, भोजीपुरा में 30839, भुता में 36050, बिथरी चैनपुर में 35011, फरीदपुर में 29115, फतेहगंज पश्चिमी में 28040, क्यारा में 19643, मझगवां में 39917, मीरगंज में 26645, नवाबगंज में 43948, रामनगर में 25766, रिछा में 29195, शेरगढ़ में 37293 और शहरी क्षेत्र में 191151 लोग शामिल हैं। डीएम ने बताया कि नोडल अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि कोई भी पात्र राशन पाने से से वंचित न रहे।
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बरेलीः निजामुद्दीन से लौटे शख्स पर कोरोना संदिग्ध होने का शक, कराई गई जांच, पूरा परिवार क्वारंटीन

मंगलवार को बरेली में निजामुद्दीन से लौटे शख्स को कोरोना संक्रमित होने के शक में जिला अस्पताल लाकर जांच कराई गई। युवक को आइसोलेशन सेंटर में रखा गया है।

परिवार के 11 लोग घर में ही क्वारन्टीन कर दिए गए हैं। बांस मंडी इलाका निवासी जुबैर 17 मार्च को निजामुद्दीन गया था। वहां से उसी दिन अजमेर शरीफ दरगाह गया था और 20 मार्च को घर आ गया। 

तब से वह घर पर ही था, निजामुद्दीन के टावर में उसकी लोकेशन मिलने के बाद पुलिस ने स्वास्थ्य विभाग की टीम को उसका नाम पता सौंप दिया था। स्वास्थ्य टीम ने पुलिस की मदद से उसे जिला अस्पताल लाकर सैंपल कराया।

शक में उसे आइसोलेशन में रखा गया है। उसकी माँ, चार भाई, एक भाभी और भाई के पांच बच्चों को घर में क्वारन्टीन किया है।
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पूरा बरेली नहीं केवल हॉटस्पॉट सुभाष नगर होगा सील

बरेली। शहर का केवल सुभाष नगर क्षेत्र सील किया जाएगा हालांकि सुभाष नगर में एक परिवार के 6 लोगों के कोरोना से संक्रमित मिलने पर यह पूरा इलाका 29 मार्च से सील है। डीएम नितीश कुमार का कहना है कि हॉटस्पॉट सुभाष नगर में लॉकडाउन को पूरी शक्ति के साथ लागू कराया जाएगा। हालांकि शहर के दूसरे हिस्सों में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति यथावत रहेगी इसमें कोई बदलाव नहीं है। उन्होंने बताया कि पूरे जिले को सील करने की सूचना गलत है। प्रमुख सचिव गृह अवनीश अवस्थी की वीडियो कांफ्रेंसिंग में इस स्थिति को लेकर स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इसमें डीएम नीतीश कुमार और कमिश्नर रणवीर प्रसाद भी मौजूद थे ... और पढ़ें

बरेली: जिला सील होने की गलत खबर सुन दुकानों में उमड़ी भीड़, खरीदारी करने पहुंचे लोग

कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने 15 जिलों के कोरोना वायरस हॉटस्पॉट को सील करने के आदेश दिए हैं। आदेश के अनुसार बरेली जिले के सुभाष नगर इलाके को भी सील किया जाएगा। यहां एक ही परिवार के छह सदस्यों को संक्रमित पाए जाने के बाद से खतरा बढ़ गया है। 
 

हालांकि परिवार में संक्रमण की पुष्टि होने के बाद 29 मार्च से ही यह पूरा इलाका सील है। डीएम नीतीश कुमार का कहना है कि सुभाष नगर इलाके में पूरी सख्ती के साथ लॉकडाउन लागू किया जाएगा, लेकिन जिले के अन्य हिस्सों में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति यथावत रहेगी। उन इलाकों में कोई बदलाव नहीं किए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि पूरे जिले को सील करने की सूचना गलत है। प्रमुख सचिव गृह अवनीश अवस्थी की वीडियो कांफ्रेंसिंग में इस स्थिति को लेकर स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। बता दें कि आज प्रदेश के मुख्य सचिव राजेंद्र तिवारी ने घोषणा की है कि जिन जिलों में कोरोना पॉजिटिव मामलों की अधिक संख्या है उन जिलों के हॉटस्पॉट इलाकों को बुधवार रात 12 बजे से पूरी तरह सील कर दिया जाएगा।

इसे कई मीडिया चैनलों ने गलत तरीके से प्रसारित करते हुए जानकारी दी कि पूरे जिले को सील किया जा रहा है। खबर मिलते ही लोगों में अफरा-तफरी मच गई। कुछ ही देर में बाजारों में भीड़ उमड़ पड़ी। प्रशासन के लिए भी यह अप्रत्याशित स्थिति थी, लिहाजा काबू पाने में भी मुश्किल हुई।

बरेली के पुराना शहर और सिविल लाइंस के श्यामगंज जैसे प्रमुख किराना बाजारों में लोग राशन और सब्जियों की खरीदारी करने पहुंच गए। हालांकि बाद में जब पता चला कि पूरे जिले को नहीं, बल्कि केवल हॉटस्पॉट इलाकों को सील किया जा रहा है, तो लोगों ने थोड़ी राहत की सांस ली।
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करमपुर चौधरी में दंगे से निपटने का इंतजाम करके बैठी पुलिस

बाजारों में उमड़ी भीड़
बरेली। इज्जतनगर थाने के करमपुर चौधरी गांव के युवक को लॉकडाउन तोड़ने पर पीटने के मामले में सोमवार को बस्ती के लोगों ने चौकी घेर ली थी। पुलिस ने इन लोगों की जमकर पिटाई के बाद घरों में तोड़फोड़ कर 42 लोगों की गिरफ्तारी की थी। इन पर बलवे की रिपोर्ट दर्ज की गई। मंगलवार को प्रधान व उसके पति समेत 44 लोग जेल भेजे गए। गांव में हालात अब भी सामान्य नहीं हैं। गांव के अधिकांश रास्ते पर बैरियर लगाकर पुलिस ने मोर्चा बना लिया है। हर आने जाने वाले से पूछताछ की जा रही है। महिला पुलिस के साथ ही पीएसी भी दंगा निरोधक दस्ते के साथ तैनात है। गांव की मुस्लिम बस्ती के आधे से ज्यादा घरों में ताले पड़े हैं। कई जगह जानवर भूखे प्यासे बंधे हैं। करीब 80 फीसदी घरों से पुरुष गायब हो गए हैं। महिलाएं पुलिस पर घरों में तोड़फोड़ और निर्ममता का आरोप लगा रही हैं। प्रधान के घर में ताला पड़ा है। कुनबे की महिलाएं इस कदर सहमी हैं कि मुंह खोलने को तैयार नहीं हैं। विरोधी भी सामने आने से बच रहे हैं। ... और पढ़ें

पुलिस तमाशा देखती रही और फल मंडी में लोग भीड़ लगाए रहे

बरेली। देश में कोरोना से संक्रमण के केस लगातार बढ़ते जा रहे हैं। वहीं, सरकार की तमाम व्यवस्थाओं और लॉककडाउन के बीच लोग अब पहले से ज्यादा घरों से निकलने लगे हैं। बुधवार सुबह शहर के अधिकतर हिस्सों में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। मोहल्लों की अधिकतर दुकानें खुली दिखी। इन पर लोग भी पहले से ज्यादा खड़े दिखाई दिए। सामाजिक दूरी का कोई ध्यान नहीं रखा गया। कुछ यही स्थिति कुतुबखाना स्थित फल मंडी के पास भी देखने को मिली। शहर के कटरा चांद खां और मौर्या मंदिर वाली गली में अधिकतर आज तक दुकानें खुली रहीं। इसी तरह शेख नवादा, सैलानी, मीरा की पीठ आदि शहर के अंदरुनी इलाकों में भी दुकानें खुली दिखीं। इन दुकानों पर लोग भी पहले से ज्यादा दिखे। गौरतलब है कि लॉकडाउन के शुरुआती दिनों में इन क्षेत्रों में सुबह की ढील के वक्त भी कम संख्या में ही लोग दिखाई पड़ते थे। पर जैसे-जैसे लॉकडाउन की अवधि बढ़ती जा रही है, यहां पर नियमों को तोड़ने का क्रम शुरू हो गया है। पुलिस मंडी से बाहर खड़ी रही, अंदर नियम टूटते रहे : लॉककडाउन के बीच सुबह दी जा रही छूट के दौरान पुलिस भी निश्चित दिखाई देती है। बुधवार को सुबह 8:00 से 10:00 के बीच में क़ुतुबखाना के सामने स्थित फल मंडी में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। यहां तैनात पुलिस फलमंडी के बाहर खड़ी होकर तमाशा देखती रही जबकि काफी सकरी इस फल मंडी के अंदर लोग पास-पास खड़े होकर फल आदि खरीदते देखे गए। सामाजिक दूरी का कोई भी ख्याल नहीं रख रहा था। आम दिनों से ज्यादा लोग यहां मंडी के अंदर मौजूद थे। पुलिस को इससे कोई फर्क नहीं पड़ रहा था। वह मंडी के बाहर खड़ी होकर सड़क पर आने जाने वालों को मंडी गेट पर गाड़ियां खड़ी न करने की सलाह भर देती दिखाई दी।  सुबह 9:00 बजे से ही बैंक खुलने का इंतजार शुरू कोहड़ापीर थाने के पास सुबह करीब 20 से अधिक महिलाएं बैंक खुलने के इंतजार में सड़क के एक किनारे बैठे दिखाई दीं। वहीं थोड़ी दूर पर पुलिस भी तैनात दिखी। पर पुलिस ने इन महिलाओं से एक बार भी नहीं पूछा कि वह इतने पास खड़े होकर बैंक खुलने से पहले ही यहां भीड़ क्यों लगा रही हैं। एलन सब्जी मंडी में रहा सन्नाटा सुबह 9:00 बजे के आसपास एलन सब्जी मंडी में सन्नाटा पसरा दिखाई दिया । यहां मुख्य गेट पर ताला लगा था जबकि अंदर जाने के लिए एक छोटा सा गेट खुला हुआ था। अंदर भी एक-दो लोग ही दिखाई दिए जो मंडी की देखरेख के लिए तैनात थे।  शामत गंज किराना बाजार में भी रहा सन्नाटा उधर, शामतगंज स्थित फल मंडी और किराना मार्केट में भी सन्नाटा पसरा रहा।  चौराहे पर खड़ी पुलिस आने-जाने वालों को रोकती और टोकती दिखाई दी। सेटेलाइट पर भी पसरा रहा सन्नाटा शहर के बाहरी इलाकों हाईवे ऑनलाइन बाईपास पर भी सन्नाटा पसरा रहा सेटेलाइट पर सुबह के वक्त केवल पुलिस दिखाई दी। इस चौराहे से होकर जाने वाली लोगों की संख्या भी नगण्य रही।   ... और पढ़ें

सोशल मीडिया पर सीबीएसई की बोर्ड परीक्षा का नोटिस फर्जी, बोर्ड हुआ सख्त

बरेली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने सोशल मीडिया पर सीबीएसई एग्जाम से जुड़ी फर्जी या गलत न्यूज देने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपना लिया है। सीबीएसई ने एक अधिसूचना जारी कर कहा है कि सीबीएसई बोर्ड एग्जाम, मूल्यांकन, पास क्राइटिरिया को लेकर सोशल मीडिया में फेक न्यूज चल रही हैं। इससे विधार्थी और उनके अभिभावक को गलत जानकारी मिल रही है। कहा कि बोर्ड की ओर कोई जानकारी दी जाएगी तो उसे स्कूल को भी बताया जाएगा। वहां से आपको मेल आएगा उस पर भरोसा करें। सीबीएसई सचिव अनुराग त्रिपाठी ने कहा कि बोर्ड ने फर्जी खबरों को लेकर सख्त एक्शन लिया है और इन ग्रुप, व्यक्ति और लिंक पर आईटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई है। सीबीएसई ने कहा है कि बोर्ड की किसी भी जानकारी के लिए लोग और मीडिया ऐसे फर्जी अफवाहों पर विश्वास न करें और बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर घोषणाएं ही चेक करें।  आपको बता दें कि कोरोना वायरस के कहर के चलते सीबीएसई ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाएं स्थगित कर दी थीं। कुछ दिन पहले भी सोशल मीडिया पर सीबीएसई का फर्जी नोटिस वायरल हो रहा था। सीबीएसई की पीआरओ ने कहा था कि सोशल मीडिया पर 22 अप्रैल से शुरू होने वाली परीक्षाओं का नोटिस फर्जी है।  ... और पढ़ें

कॉलोनियों में 'तालाबंदी', बाहरियों का प्रवेश बंद

बरेली। कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते पीएम ने पूरे देश में लॉकडाउन कर रखा है। तो इसी तर्ज पर शहर की तमाम रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन ने भी अपनी कॉलोनियों में 'तालाबंदी' कर दी है। ग्रीन पार्क, ग्रेटर ग्रीन पार्क, गोल्डन ग्रीन पार्क, पवन विहार, सनसिटी विस्तार, सिल्वर एस्टेट, महानगर, नॉर्थ सिटी, नॉर्थ सिटी एक्सटेंशन, रामवाटिका समेत शहर की अन्य कॉलोनियों में गेट पर ताले जड़ दिए गए हैं। कॉलोनी के निवासियों को ही आवागमन की अनुमति है। इसके अलावा सब्जी एवं फल विक्रेताओं से गेट के बाहर ही सामान लेकर वापस कर दिया जा रहा है। मॉडल टाउन के लोग गेट पर खड़े होकर सिर्फ जरूरतमंद लोगों को ही प्रवेश दे रहे हैं। इसके अलावा अन्य आने जाने वालों को भी पहचान के बाद ही एंट्री दी जा रही है। ... और पढ़ें

बरेली में सुभाषनगर का मामलाः बहन की रिपोर्ट निगेटिव... भाई अब भी पॉजिटिव

बरेली। कोरोना संक्रमित सुभाषनगर के परिवार की एक युवती की कोरोना जांच में रिपोर्ट निगेटिव आई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद युवती को परिवार से अलग दूसरे वार्ड में क्वारंटीन किया गया है। जबकि उसके भाई की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। अस्वास्थ्य विभाग के अफसरों के मुताबिक, ये रिपोर्ट दूसरी बार लिए गए सैंपल की थी। एक बार और सैंपल लखनऊ भेजा जाएगा। निगेटिव रिपोर्ट आने पर उसे घर भेजा जाएगा।
सुभाषनगर में रहने वाले एक कोरोना संक्रमित परिवार के छह सदस्यों को जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में रखकर उनका इलाज चल रहा है। करीब तीन दिन पहले परिवार के सभी सदस्यों का सैंपल जांच के लिए भेजा गया था। मंगलवार आई रिपोर्ट में संक्रमित युवक की बहन की जांच रिपोर्ट निगेटिव मिलने पर स्वास्थ्य विभाग ने राहत की सांस ली है। है। जबकि इसके साथ ही आई उसके भाई की रिपोर्ट पॉजीटिव आई है। ऐसे में परिवार के एक सदस्य की रिपोर्ट निगेटिव आने पर परिवार में सभी के ठीक होने की उम्मीद जगी है। स्वास्थ्य विभाग को उन्होंने बेहतर इलाज करने पर आभार जताया है।
दूसरी ओर, बिथरी में बने कोरोना एल-1 वार्ड में मंगलवार को बदायूं के कोरोना संक्त्रस्मित युवक के बाद अब शाहजहांपुर के संक्त्रस्मित को शिफ्ट किया गया है। देर शाम भर्ती करने के साथ ही, उसका इलाज शुरू कर दिया गया है।

17 सौ से ज्यादा घरों की स्क्रीनिंग, 17 सैंपल लिए

बरेली। सुभाषनगर में कोरोना संक्रमित मिलने के बाद चल रही सक्रीनिंग में मंगलवार को 17 सौ से ज्यादा घरों की जांच की गई। टीम को एक संदिग्ध युवक समेत कई लोगों को होम क्वारंटीन किया गया। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी रिपोर्ट के मुताबिक टीम ने दो मरीजों को संदिग्ध मानते हुए उनका सैंपल लेने की संस्तुति की थी। देर शाम तक चली स्क्रीनिंग के बाद 17 सैंपल लिए गए। वहीं, सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में मंगलवार को 67 लोगों की सक्रीनिंग में से 15 लोगों को होम क्वारंटीन का निर्देश दिया गया। जानकारी के मुताबिक 106 सैंपल जांच के लिए लखनऊ भेजे गए इसमें से अब तक 36 सैंपल की रिपोर्ट आनी बाकी है।
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पार्सल स्पेशल ट्रेन से टकराया जानवरों का झुंड, पलटने से बची

फतेहगंज पूर्वी। तेज गति से आ रही पार्सल स्पेशल ट्रेन से बिलपुर में जंगली जानवरों का झुंड टकरा गया। इंजन से कटे जानवरों के अवशेष दूर तक तक रेल पटरियों पर बिखर गए। लोको पायलट ने इमरजेंसी ब्रेक लगाया। इसी दौरान वैक्यूम पाइप लीक होने से ट्रेन में तेज झटके लगे। हालांकि ट्रेन पलटने से बच गई।
बिलपुर रेलवे स्टेशन के होम सिगनल के पास सुबह करीब दस बजे बरेली से शाहजहांपुर की ओर जा रही तेज गति से दरभंगा स्पेशल गुजर रही थी। अचानक खेतों की ओर जंगली जानवरों का झुंड दौड़ता ट्रैक पार करने लगा। लोको पायलट ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोकना चाहा, मगर तब तक जानवरों का झुंट इंजन से टरका चुका था। टक्कर से कई जानवर बुरी तरह से जख्मी हो गये। कुछ जानवरों के अवशेष पटरियों पर बिखर गए। जानवरों की हड्डियों के वैक्यूम पाइप में फंसने से इंजन झटके लेते हुए बंद हो गया जिससे ट्रेन पलटने से बाल-बाल बच गई। इंजन का काऊकैचर भी खराब हो गया। लोको पायलट किसी तरह ट्रेन को शाहजहांपुर लेकर आया। इससे लखनऊ की ओर जाने वाली कई गुड्स ट्रेनों को टिसुआ, पीतांबरपुर, रसुईया और बरेली कैंट स्टेशनों पर रोका गया। संवाद
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