डीसीबी चेयरमैन और भाजपा नेता को कोर्ट ने दिए पेश होने के निर्देश

Bareily Bureauबरेली ब्यूरो Updated Tue, 19 Nov 2019 02:43 AM IST
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शाहजहांपुर। पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री चिन्मयानंद से सवा करोड़ रुपये मांगे जाने का भाजपा के पूर्व महामंत्री व जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन धर्मेंद्र प्रताप सिंह उर्फ डीपीएस राठौर और भाजपा नेता अजीत सिंह पर आरोप है। एसआईटी अपनी चार्जशीट में दोनों का नाम शामिल कर चुकी है। सीजेएम कोर्ट ने दोनों आरोपियों के खिलाफ समन जारी कर 19 नवंबर को पेश होने का आदेश दिया है। डीसीबी चेयरमैन और भाजपा नेता के खिलाफ जारी समन चार दिन पहले सदर कोतवाली और रामचंद्र मिशन पुलिस को रिसीव करा दिए गए थे। वहीं पुलिस का कहना है कि आरोपी के घर न मिलने की वजह से तामील नहीं कराए जा सके।
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एसआईटी की चार्जशीट में चिन्मयानंद दुष्कर्म के आरोप में दोषी हैं, जबकि एलएलएम की छात्रा और उसके तीनों दोस्त, संजय, सचिन और विक्रम पांच करोड़ की फिरौती चिन्मयानंद से मांगने के मामले में दोषी हैं। एसआईटी ने अपनी चार्जशीट में डीसीबी चेयरमैन डीपीएस राठौर और अजीत सिंह को भी आरोपी बनाया है। इन पर चिन्मयानंद की छात्रा ने बनाई अश्लील वीडियो दिखाकर सवा करोड़ रुपये मांगने का आरोप है। दरअसल चौक कोतवाली पुलिस ने राजस्थान के दौसा में जिस दिन छात्रा और उसके दोस्त को पकड़ा था उस दिन डीपीएस राठौर और अजीत सिंह भी वहीं मौजूद थे। एसआईटी इस मामले में चिन्मयानंद, छात्रा, उसके तीनों दोस्तों, डीसीबी चेयरमैन डीपीएस राठौर और अजीत सिंह के खिलाफ चार्जशीट छह नवंबर को सीजेएम कोर्ट में दाखिल कर चुकी है। हालांकि एसआईटी ने डीपीएस राठौर और अजीत सिंह को गिरफ्तार नहीं किया था।
चार्जशीट का अवलोकन करने के बाद सीजेएम कोर्ट ने डीसीबी चेयरमैन डीपीएस राठौर और भाजपा नेता अजीत सिंह के खिलाफ समन जारी किया है। कोर्ट ने 14 नवंबर को समन पुलिस को रिसीव भी करा दिया था। डीसीबी चेयरमैन डीपीएस राठौर सदर कोतवाली क्षेत्र में सेठ इंक्लेब कॉलोनी में रहते हैं, इसलिए उनके खिलाफ जारी समन को सदर पुलिस को सीरियल नंबर 310 पर रिसीव कराया गया। वहीं अजीत सिंह थाना रामचंद्र मिशन क्षेत्र के गांव रौसरकोठी के रहने वाले हैं, इसलिए उनके खिलाफ जारी समन थाना रामचंद्र मिशन पुलिस को सीरियल नंबर 309 पर रिसीव कराया गया। कोर्ट ने दोनों नेताओं को 19 नवंबर को पेश होने का आदेश दिया है। उधर, थाना रामचंद्र मिशन इंस्पेक्टर संजय सिंह ने बताया कि अजीत सिंह घर पर नहीं मिले। वहीं सदर इंस्पेक्टर किरनपाल सिंह ने बताया कि डीसीबी चेयरमैन धर्मेंद्र प्रताप सिंह घर पर नहीं मिले।
कोर्ट में हाजिर न होने पर जारी हो सकत है वारंट
सेंट्रल बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एजाज हसन खां ने बताया कि कोर्ट में चार्जशीट दाखिल होने के बाद किसी मामले में आरोपी को कोर्ट पहले समन जारी कर तलब करती है। इसके बाद जमानती वारंट जारी कर एक बार फिर कोर्ट में हाजिर होने का मौका दिया जाता है, ताकि वह अपना पक्ष कोर्ट में रख सके। इसके बाद भी यदि आरोपी कोर्ट में नहीं आता है तो उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी होता है। जिसमें पुलिस को अधिकार होता है कि वह आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करेगी। पूर्व अध्यक्ष ने बताया चूंकि चिन्मयानंद से जुड़ा मामला मीडिया में भी सुर्खियों में हैं और समन की बात आरोपियों तक पहुंच भी गई होगी। इस आधार पर कोर्ट सीधे तौर पर भी गैर जमानती वारंट जारी कर सकती है।
छात्रा और उसके दोस्तों की पेशी आज
चिन्मयानंद से पांच करोड़ की फिरौती मांगे जाने के मामले में आरोपी छात्रा और उसके दोस्तों संजय, सचिन, विक्रम की 19 नवंबर को सीजेएम कोर्ट में पेशी होगी है। एसआईटी इन चारों के खिलाफ भी चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।
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