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चिन्मयानंद और छात्रा प्रकरण: सीजेएम कोर्ट में पेश हुए चिन्मयानंद, अगली तारीख 30 नवंबर

Bareily Bureauबरेली ब्यूरो Updated Tue, 19 Nov 2019 02:43 AM IST
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शाहजहांपुर। दुष्कर्म के आरोपी पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री चिन्मयानंद की सोमवार को कड़ी सुरक्षा के बीच सीजेएम कोर्ट में पेशी हुई। अदालत में उनके कुछ देर रुकने के बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई। आखिर में हस्ताक्षर करने के बाद चिन्मयानंद पुलिस अभिरक्षा में जेल लौट गए। मुकदमे की अगली तारीख 30 नवंबर तय की गई है। पेशी के दौरान कोर्ट ने विवेचक को केस डायरी चिन्मयानंद के अधिवक्ता ओम सिंह को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
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चिन्मयानंद को जिला कारागार से पूर्वाह्न लगभग 11:45 बजे कड़ी सुरक्षा में पुलिस की गाड़ी में कचहरी लाया गया। उन्हें जजी कचहरी के पीडब्ल्यूडी तिराहा गेट से सदर कोतवाली इंस्पेक्टर केपी सिंह पुलिस टीम के साथ सीजेएम कोर्ट तक ले गए। चिन्मयानंद की पेशी के दौरान अदालती प्रक्रिया पूरी करके उनके हस्ताक्षर कराए गए। इसके बाद पेशी की अगली तारीख 30 नवंबर तय कर दी गई। इस दौरान चिन्मयानंद के वकील ओम सिंह ने कोर्ट को बताया कि उन्हें अभी तक विवेचक की ओर से सीडी (केस डायरीे) उपलब्ध नहीं कराई गई है, लिहाजा उन्हें इसकी कॉपी दिलाई जाए। इस पर न्यायाधीश ने विवेचक को केस डायरी की कॉपी जल्द से जल्द उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया। अदालती कार्यवाही के तत्काल बाद चिन्मयानंद को जेल लौटा दिया गया। पेशी के दौरान महिला वकील पूजा भी मौजूद थीं। चिन्मयानंद को एसआईटी ने 20 सितंबर एलएलएम की छात्रा से दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार कर सीजेएम कोर्ट में पेश किया था। तभी से चिन्मयानंद जेल में हैं। वहीं उनकी जमानत पर फैसला इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुरक्षित है।
चिन्मयानंद के वकील पहले हासिल कर चुके हैं चार्जशीट
शाहजहांपुर। चिन्मयानंद के वकील ओम सिंह ने बताया कि नियमानुसार चार्जशीट दाखिल करने के दौरान विवेचक को केस डायरी की कॉपी आरोपी पक्ष को देना चाहिए। चिन्मयानंद व छात्रा प्रकरण में चार्जशीट दाखिल करने के दिन विवेचक ने चार्जशीट में 47 सौ पेज होने की बात कहते हुए बाद में देने को कहा था, जो अभी तक उपलब्ध नहीं कराई गई। ओम सिंह ने नकल सवाल डालने के बाद चार्जशीट हासिल कर ली थी। चूंकि केस डायरी में एफआईआर, विवेचना और आरोप पत्र तीनों होते हैं। इसलिए सोमवार को चिन्मयानंद की पेशी के दौरान उनके वकील ओम सिंह ने मौखिक तौर पर कोर्ट से केस डायरी उपलब्ध कराने को कहा था, जिस पर कोर्ट ने विवेचक को केस डायरी उपलब्ध कराने का मौखिक आदेश दिया।
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