बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
INSTALL APP

अफसर हैरान.. कई नाटे-कमजोर लड़कों को सिपाही बनवा चुका है अलीगढ़ का रैकेट

Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 28 Jan 2020 02:56 AM IST
विज्ञापन
पकड़े गए आरोपी।
पकड़े गए आरोपी। - फोटो : अमर उजाला, बरेली

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

ख़बर सुनें
अलीगगढ़ के मास्टर माइंड समेत दो गिरफ्तार, फर्जीवाड़े के जरिये भर्ती हुए सिपाहियों को चिह्नित करने के लिए जांच होगी
विज्ञापन

बरेली। सिपाही भर्ती में फर्जीवाड़े का खेल अलीगढ़ से चल रहा था। बरेली में पकड़े गए फर्जी अभ्यर्थियों से मिले इनपुट के आधार पर कैंट पुलिस ने रविवार कोआगरा की एसटीएफ की मदद से अलीगढ़ में छापा मारकर मास्टरमाइंड समेत दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में यह पता लगने के बाद पुलिस अफसर भी भौंचक रह गए कि यह रैकेट कई लड़कों की इसी तरह फर्जीवाड़ा करके भर्ती करा चुका है। एसएसपी ने बताया कि इस प्रकरण में गहन जांच कराई जा रही है। फर्जी अभ्यर्थियों को चिह्नित कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
छह जनवरी को पीएसी ग्राउंड में सिपाही भर्ती दौड़ के दौरान अलीगढ़ के थाना टप्पल के गांव गौरोला निवासी नवीन वैष्णव को गिरफ्तार किया गया था जो किसी अभ्यर्थी की जगह दौड़ने आया था। पुलिस और भर्ती बोर्ड के अधिकारियों को इस संबंध में आगरा की एसटीएफ से सूचना मिली थी। छानबीन में पता चला था कि नवीन अपने ही गांव के जितेंद्र की जगह दौड़ लगाने यहां पहुंचा था। उसके पास जितेंद्र के अंगूठे का क्लोन भी मिला था। गौरोला गांव के ही धीरज शर्मा ने जितेंद्र से उसकी डील कराई थी। नवीन के मुताबिक धीरज शर्मा ही इस रैकेट का मास्टर माइंड है। नवीन को जेल भेजने के बाद आगरा एसटीएफ कैंट पुलिस के साथ जितेंद्र और धीरज की तलाश में जुटी थी। एसएसपी शैलेश पांडेय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि दोनों लोगों को 26 जनवरी की दोपहर कैंट के बीआई बाजार से गिरफ्तार कर लिया गया। प्रेसवार्ता के दौरान आगरा एसटीएफ के लोग भी मौजूद रहे। धीरज की एक स्कार्पियो भी पुलिस ने कब्जे में ली है। एसएसपी ने इस रैकेट का पर्दाफाश करने वाली पुलिस टीम को 50 हजार का इनाम देने की भी घोषणा की।


बरेली में ही कई लड़कों को कराया है भर्ती
पुलिस के मुताबिक धीरज बरेली के अलावा आगरा और दूसरे शहरों में भी पुलिस भर्ती में ऐसे अयोग्य अभ्यर्थियों को भर्ती करा चुका है जिनकी लंबाई या सीने की चौड़ाई थोड़ी-बहुत कम थी। एक अभ्यर्थी वह चार से पांच लाख रुपये लेता है। खुद जितेंद्र की लंबाई पुलिस भर्ती के मानक से चार सेमी कम यानी 164 सेमी ही थी। धीरज ने नवीन से उसकी ढाई लाख रुपये में सेटिंग कराई थी। बायोमीट्रिक परीक्षा कानपुर में होने के बाद नापजोख हुई तो नवीन ने लाइन में लगकर जितेंद्र की जगह अपनी नापजोख करा ली। धीरज ने दोनों के फोटो मिक्स करके इस तरह आवेदन पत्र पर लगाए थे कि भर्ती बोर्ड के अफसरों को फर्जीवाड़े की भनक तक नहीं लगी। एसटीएफ की पूछताछ में ऐसे कई और नाम आए हैं।

सिपाही भर्ती के दौरान नापजोख और दौड़ पूरी पारदर्शिता के साथ कराई जा रही है। धीरज जैसे शातिर इसमें सेंध लगाने की कोशिश कर रहे हैं। इनसे पूछताछ में कई क्लू मिले हैं। जरूरत होगी तो इन्हें रिमांड पर लेंगे। अगर और फर्जी अभ्यर्थी भर्ती होने की पुष्टि हुई तो उनका प्रशिक्षण खत्म कर गिरफ्तारी और रिपोर्ट कराई जाएगी। - शैलेश पांडेय, एसएसपी बरेली

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us