महात्मा गांधी ने 1920 में बरेली आकर जहां सभा की.. वह जुबली पार्क गायब

अमर उजाला नेटवर्क, बरेली Updated Fri, 13 Mar 2020 03:38 AM IST
विज्ञापन
जुबली पार्क का पूरा नक्शा ही बदल चुका है
जुबली पार्क का पूरा नक्शा ही बदल चुका है - फोटो : अमर उजाला

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें

अगर आप स्वतंत्रता संग्राम सेनानी प्रताप चंद्र आजाद की किताब ‘जैसा मैंने देखा’ पढ़ेंगे तो पता चलेगा कि 1920 में जब आजादी की जंग धीरे-धीरे निर्णायक रुख ले रही थी, तब असहयोग आंदोलन के दौरान महात्मा गांधी बरेली आए थे। यहां उनकी सभा जुबली पार्क में हुई थी जिसका विस्तार उस समय करीब 75 बीघा क्षेत्रफल में था। इस जुबली पार्क का वजूद अब सिर्फ कागजों में रह गया है। हाल ही में इस जुबली पार्क की तलाश तो शुरू हुई है लेकिन जहां जुबली पार्क होना चाहिए था, वहां सरकारी-गैर सरकारी इमारतों के अलावा कुछ भी नहीं दिख रहा।

विज्ञापन

जुबली पार्क के बारे में शायद ज्यादातर लोगों को पता न हो इसलिए बता दें कि यह पार्क शहर के बीचोबीच उस इलाके में था जिसे सिविल लाइंस कहा जाता है। पांच हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्रफल में बने जुबली पार्क का अब नामोनिशान मिट चुका है। पार्क की सीमाओं में घिरी जमीन का लैंड यूज बदले बगैर ही उस पर संजय कम्युनिटी हॉल, एलन क्लब, फायर ब्रिगेड और मेयर आवास समेत न जाने कितनी सरकारी इमारतों का निर्माण हो गया।
इन्हीं सरकारी इमारतों के बीच कई निजी इमारतें भी हैं जो पुराने दस्तावेजों के आधार पर यह सवाल खड़ा करती हैं कि वे जायज हैं या नाजायज। हाल ही में प्रशासन ने जांच शुरू कराई तो पता चला कि जुबली पार्क का पूरा नक्शा ही बदल चुका है। पार्क का कहीं अता-पता ही नहीं है।
कमिश्नर रणवीर प्रसाद के निर्देश पर नजूल भूमि पर बने जुबली पार्क की कलक्ट्रेट में दबी फाइल को तो निकाल लिया गया। इस रिकार्ड में जुबली पार्क के नाम से पांच हेक्टेयर भूमि दर्ज है। कमिश्नर ने खेवट देखने के बाद एसडीएम सदर ईशान प्रताप सिंह से इस बारे में रिपोर्ट मांगी थी।

तहसील प्रशासन की प्रारंभिक जांच में पता चला कि सरकारी रिकार्ड में जुबली पार्क के नाम से गाटा नंबर 81 पर 3.743 हेक्टयर भूमि दर्ज है लेकिन मौके पर संजय कम्प्युनिटी हॉल, एलन क्लब, अग्निशमन विभाग के दफ्तर के साथ मेयर आवास, नगर निगम के सामने रोड के दूसरी ओर दुकानें, सीतापुर नेत्र चिकित्सालय के पीछे के हिस्से में दुकानें और दूसरे निर्माण हैं। गाटा नंबर 82 पर 0.923 हेक्टेयर भूमि है। हालांकि संजय कम्प्युनिटी हाल के पास पुरानी तालाब अब भी है लेकिन मौके पर इसका कितना क्षेत्रफल है, यह साफ नहीं हो सका है।
 

विज्ञापन
आगे पढ़ें

राजस्व टीम बताएगी मौके पर क्या जायज क्या नाजायज

विज्ञापन

Trending Video

विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X
  • Downloads

Follow Us