विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
ढाई साल बाद शनि बदलेंगे अपनी राशि , कुदृष्टि से बचने के लिए शनि शिंगणापुर मंदिर में कराएं तेल अभिषेक : 14-दिसंबर-2019
Astrology Services

ढाई साल बाद शनि बदलेंगे अपनी राशि , कुदृष्टि से बचने के लिए शनि शिंगणापुर मंदिर में कराएं तेल अभिषेक : 14-दिसंबर-2019

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

From nearby cities

अनोखा विरोध: कलक्ट्रेट के बाहर 25 रुपये प्रति किलो बेचा प्याज, खरीदारों की उमड़ी भीड़

वरिष्ठ कांग्रेसजन संघर्ष समिति के लोगों ने कलक्ट्रेट के गेट पर महंगाई के विरोध प्याज की सेल लगाई।

10 दिसंबर 2019

विज्ञापन
विज्ञापन

बरेली

मंगलवार, 10 दिसंबर 2019

कैडेट्स ने हाथ धोने के प्रति किया जागरूक

टूटी सड़कें भूल जाइए.. स्मार्ट रोड पर चलने को कदम बढ़ाइए

बरेली। फिलहाल भले ही टूटी सड़कें शहरवासियों की मुसीबत बनी हुई हैं लेकिन स्मार्ट सिटी बन रहे शहर में जल्द ही स्मार्ट सड़कें नजर आएंगी जिनके निर्माण के साथ रोड पार्किंग, साइकिल ट्रैक, फुटपाथ, स्ट्रीट लाइट और दोनों ओर वाल पेंटिंग जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। नगर निगम ने इसके लिए सर्वे शुरू करा दिया है। जल्द ही डीपीआर बनाकर अलीगढ़ यूनिवर्सिटी को तकनीकी परीक्षण के लिए भेज दी जाएगी। वहां से ग्रीन सिग्नल मिलते ही इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू करा दिया जाएगा।
नगर आयुक्त सैमुअल पॉल एन ने बताया कि स्मार्ट सिटी बरेली में स्मार्ट सड़क बनाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। स्मार्ट सड़कों के निर्माण पर कुल 400 करोड़ का खर्च आएगा। शहर के 25 किलोमीटर क्षेत्र में ये सड़कें बनेंगी। योजना के तहत शहर के गांधी उद्यान से चौपुुला तक करीब तीन किलोमीटर लंबी मॉडल सड़क बनाई जाएगी। इसके साथ ही रोड पार्किंग, साइकिल पथ, पैदल पथ, सड़कों के दोनों ओर पेंटिंग, रोड साइड लाइटिंग, ग्रीन बेल्ड, इंडीकेटर, ट्रैफिक सिग्नल आदि सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इस मॉडल सड़क की सफलता के बाद कार्य योजना को आगे बढ़ाया जाएगा और शेष 22 किलोमीटर की स्मार्ट सड़क का निर्माण तेज कर दिया जाएगा।
पैदल चलने वालों के लिए ग्रीन फुटपाथ का निर्माण
गांधी उद्यान से चौपुला तक बनने वाली मॉडल सड़क के साथ में फुटपाथ पर हरियाली पर भी विशेष फोकस रहेगा। छायादार पेड़ पौधों के नीचे ही साइकिल ट्रैक भी बनाया जाएगा। करीब तीन किलोमीटर तक बनने वाले इस साइकिल ट्रैक पर लोग सुबह के वक्त साइकिल भी चला सकेंगे। साथ ही स्मार्ट ट्वायलेट का निर्माण व सड़क किनारे ग्रीन एरिया में बैठने के लिए बेच आदि की सुविधा भी रहेगी। नाली की निकासी, पानी की सप्लाई लाइन, बिजली के तार जैसे तमाम चीजें भी जमीन के तीन मीटर अंदर तक विकसित की जाएंगी।

बार-बार नहीं खोदनी पड़ेंगी स्मार्ट सड़कें
स्मार्ट सड़कों के निर्माण में सड़क किनारे तीन मीटर गहरी एक लंबी सुरंग होगी, जिससे होकर पानी के पाइप, बिजली के तार और सीवर लाइन व नाली के पानी की निकासी आदि की व्यवस्था होगी। इससे इन व्यवस्था को ठीक करने के लिए बार-बार सड़क खोदने की जरूरत नहीं होगी।

स्मार्ट सिटी प्रोजेेक्ट के तहत इन स्मार्ट सड़काें का निर्माण किया जाना है। स्मार्ट सिटी मिशन में बरेली चौथे फेस में पड़ता है। तीसरे फेस तक के शहरों में स्मार्ट सड़कें बन भी चुकी हैं। इसके तहत सर्वे कार्य तेज हो गया है। अलीगढ़ विश्वविद्यालय को तकनीकी क्लीयरेंस के लिए जल्द ही डीपीआर बनाकर भेजा जाएगा। क्लीयरेंस मिलते ही शासन से मंजूरी ली जाएगी, जिसके बाद सड़कों का निर्माण शुरू कर दिया जाएगा।
- सैमुअल पॉल एन, नगर आयुक्त, नगर निगम, बरेली
... और पढ़ें

कंपोजिट ग्रांट का हिसाब न देने पर प्रधानाध्यपक से जवाब तलब

बरेली। कंपोजिट ग्रांट के दुरु पयोग पर कई स्कूलों के प्रधानाध्यापकों पर गाज गिरने के बाद भी स्थिति में सुधार होता दिखाई नहीं दे रहा है। डीएम नितीश कुमार की चेतावनी के बाद बीएसए ने सोमवार को स्कूलों का निरीक्षण किया। खामियां मिलने पर नाराजगी जताते हुए व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए। बीएसए तनुजा त्रिपाठी ने बिथरी ब्लॉक के प्राथमिक स्कूल परसौना में कंपोजिट ग्रांट का हिसाब न मिलने पर नाराजगी जताते हुए प्रधानाध्यापक महबूब हुसैन से स्पष्टीकरण मांगा। फिर प्राथमिक स्कूल परातासपुर, प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूल नरियावल का निरीक्षण किया। यहां साफ सफाई का अभाव था। मिड-डे मील मीनू के हिसाब से नहीं बनता मिला। बीएसए ने व्यवस्था दुरुस्त करने और साफ -सफाई के निर्देश दिए। ... और पढ़ें

ससुराल वालों ने घर से निकाला तो बाहर से ताला डाला और बैठ गई धरने पर

आजमनगर में 24 घंटे से ससुराल के बाहर सर्दी में भी डटी युवती का हौसला बढ़ाने के लिए जुटी भीड़
फरवरी में किया था प्रेम विवाह, दहेज के लिए परेशान करने का आरोप
युवती बोली- पुलिस ने फरियाद नहीं सुनी तो किया धरना देने का फैसला

बरेली। किया तो था प्रेम विवाह लेकिन दहेज को बहाना बनाकर घरवालों ने इतना उकसाया कि पति ने ही पत्नी पर जुल्म शुरू कर दिया। उत्पीड़न का लंबा सिलसिला चलने के बाद नौबत बढ़ते-बढ़ते यहां तक पहुंच गई कि ससुराल वालों ने आखिरकार उसे घर से ही निकाल दिया। पीड़ित विवाहिता पहले पुलिस के पास पहुंची लेकिन जब वहां से भी मदद नहीं मिली तो खुद ही मोर्चा संभालने दोबारा ससुराल पहुंच गई। ससुराल वालों ने उसे देखकर दरवाजा अंदर से बंद किया तो उसने भी बाहर से ताला डाल दिया और सर्दी की परवाह किए बगैर धरने पर बैठ गई।
कुतुबखाना में रहने वाली चांदनी कुरैशी के मुताबिक उनका आजमनगर में रहने वाला पति रेडीमेड गारमेंट का कारोबारी है जिसने फरवरी में उनके साथ प्रेम विवाह किया था। पति के घरवालों ने पहले इस शादी का विरोध किया था लेकिन बाद में सहमति दे दी थी। चांदनी का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद ससुराल वालों ने दहेज के बहाने उनके पति को उकसाना शुरू कर दिया। पति ने भी झांसे में आकर उनके साथ उन्हें प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। उन्होंने तमाम ज्यादती के बाद भी कोई जवाब नहीं दिया और सबकुछ सहन करती रहीं लेकिन फिर भी ससुराल वालों ने छह दिसंबर को उन्हें घर से निकाल दिया गया।
चांदनी का कहना है कि ससुराल से निकाले जाने के बाद पहले तो वह अपने मायके चली गईं लेकिन अपनी गृहस्थी बचाने के लिए रविवार को दोबारा ससुराल लौटीं। मगर ससुराल वालों ने उन्हें घर में नहीं घुसने दिया और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। उन्होंने कोतवाली में शिकायत की लेकिन पुलिस ने भी ध्यान नहीं दिया। मजबूरन रविवार शाम को ही उन्होंने ससुराल के दरवाजे पर बाहर से ताला डाल दिया और अपनी मां के साथ वहीं धरने पर बैठ गई। लोगों ने चांदनी को सर्दी में ससुराल के बाहर बैठा देखा तो इकट्ठे होकर उनका हौसला बढ़ाना शुरू कर दिया। चांदनी ने बताया कि पूरे मोहल्ले के लोग भी उनके साथ हैं और वह कार्रवाई न होने तक ऐसे ही ससुराल के बाहर धरने पर बैठी रहेंगी।
... और पढ़ें
ससुराल वालों ने घर से निकाला तो बाहर से ताला डाला और बैठ गई धरने पर ससुराल वालों ने घर से निकाला तो बाहर से ताला डाला और बैठ गई धरने पर

महिला अस्पताल से वॉर्न बेबी फोल्ड पहुंची सीता

बरेली। सिटी श्मशान भूमि में जमीन के नीचे मटके में दबी मिली नवजात बच्ची ‘सीता’ सोमवार को वॉर्न बेबी फोल्ड में शिफ्ट हो गई। सोमवार क ो बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) की टीम महिला अस्पताल पहुंची। सीता को डिस्चार्ज कराने की कागजी कार्रवाई पूरी की और फिर उसे एंबुलेंस की मदद से शिफ्ट किया।
पिछले दिनों निजी अस्पताल में भर्ती सीता के स्वस्थ होने के बाद उसे महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। करीब हफ्ते भर तक अस्पताल में भर्ती रखने के बाद फिट होने पर महिला सीएमएस ने मरीजों के बीच में स्वस्थ बच्ची को रखने से उसके संक्रमित होने का अंदेशा जताया था। साथ ही, सीडब्ल्यूसी को पत्र लिखकर उसे अन्य कहीं शिफ्ट करने को लिखा था। इस पर सीडब्ल्यूसी ने फिटनेस सर्टिफिकेट मांगा था, जिसके मिलने के बाद शिफ्ट किए जाने की प्रक्रिया शुरू हुई। सोमवार को सीडब्ल्यूसी की टीम महिला अस्पताल पहुंची और सीएमएस डॉ. अलका सक्सेना से संपर्क कर सारी प्रक्रिया पूरी की और फिर एंबुलेस की मदद से उसे अपने साथ ले गए। इसके बाद देर शाम उसे वॉर्न बेटी फोल्ड में रखा गया।
... और पढ़ें

होलसेल की इन घनी मंडियों में धूप नहीं पहुंचती तो फायर ब्रिगेड कैसे पहुंचेगी

बड़ा बाजार, श्यामगंज, पुराना शहर के इलाकों में आग लगी तो होगी मुश्किल
शहर में घनी आबादी वाले कई इलाकों में हैं बड़े गोदाम और बाजार

बरेली। दिल्ली के रानी झांसी मंडी रोड स्थित न्यू अनाज मंडी में हुए भीषण अग्निकांड ने लोगों को अंदर तक हिला दिया है। संकरे रास्ते की वजह से इस हादसे में फंसकर 43 लोगों ने अपनी जान गंवा दी। हालात अपने शहर के भी जुदा नहीं हैं। शहर में घनी आबादी वाले तमाम इलाकों में बड़े गोदाम और बाजार हैं, जहां दमकल गाड़ियों का पहुंचने की तो बात ही छोड़िए.. दिन में धूप तक नहीं पहुंच पाती है। अमर उजाला की टीम ने सोमवार को जब इन इलाकों का जायजा लिया तो हालात भगवान भरोसे नजर आए। पूर्व में यहां आग लगने की तमाम घटनाएं भी हो चुकी हैं, लेकिन हालात आज भी जस के तस हैं।
शास्त्री मार्केट : यहां तो पैदल निकलना भी मुश्किल
घनी आबादी वाले कुतुबखाना इलाके में शास्त्री मार्केट है। यह दवाओं की थोक बिक्री का सबसे बड़ा मार्केट है। यहां दवाओं की सैकड़ों दुकानें हैं, जो पतली तंग गलियों के बीच हैं। बमुश्किल छह-सात फुट चौड़ी गलियों के दोनों ओर व्यापारियों और दुकानों के कर्मचारियों की बाइकें, स्कूटी आदि खड़ी रहती हैं। इस वजह से यहां पैदल निकलना भी मुश्किल होता है। हालांकि व्यापारियों ने दुकानों पर अग्निशमन के लिए छोटे सिलिंडर रखे हैं लेकिन कोई बड़ा हादसा हुआ तो उसकी कल्पना ही भयावह है।

कटरा मानराय : खतरे के बीच करोड़ों का कारोबार
शास्त्री मार्केट से कुछ दूरी पर स्थित कटरा मानराय कपड़ों का थोक बाजार है। बड़ी-बड़ी दुकानों में करोड़ों रुपये का माल जमा है, लेकिन हालात यहां भी शास्त्री मार्केट जैसे ही हैं। गलियां यहां भी तंग हैं और आग बुझाने के इंतजाम भी नहीं हैं। अन्य बाजारों की तरह ही तंग गलियों में सड़क के दोनों ओर खड़े वाहन रास्ते को और भी ज्यादा संकरा कर देते हैं। ऐसे में कोई हादसा होने पर यहां भी फायर ब्रिगेड की गाड़ियों का पहुंचना मुश्किल है।

श्यामगंज बाजार : सिर्फ 400 लीटर वाली गाड़ी ही पहुंचेगी
श्यामगंज पुल के दोनों ओर किराना का बड़ा बाजार है लेकिन पुल बनने के बाद यहां फायर ब्रिगेड पहुंचने का रास्ता ही बंद हो गया है। किराना मंडी में कोई हादसा होने की स्थिति में बड़े दमकल वाहन सिर्फ कुतुबखाना बांसमंडी की ओर से घूमकर ही आ सकते हैं। इसके अलावा पुल के नीचे का रास्ता इतना संकरा हो गया है कि यहां सिर्फ 400 लीटर पानी वाली छोटी गाड़ी ही पहुंच सकती है।

तंग गली मतलब संवेदनशील एरिया लेकिन सूची का पता नहीं
अग्निशमन विभाग भी भगवान भरोसे चल रहा है। शहर की तंग गलियों वाले इलाकों को विभाग संवेदनशील क्षेत्र तो मानता है लेकिन विभाग के पास इनकी कोई सूची उपलब्ध नहीं है। ऐसे में ट्रांसफर होकर आने वाले नए स्टाफ को इस पर हर बार मशक्कत करनी होती है। हालांकि जो पुरना स्टाफ है, वह पुराना शहर, श्यामगंज, कुतुबखाना, बड़ा बाजार के साथ ही उसके आसपास के इलाके, गंगापुर, माधोबाड़ी आदि को तंग गलियाें के चलते संवेदनशील मानता है। तंग गलियों की वजह से यहां तक फायर ब्रिगेड का पहुंचना ही मुश्किल है। लंबा चक्कर काटकर अगर पहुंचती भी हैं, तब तक काफी नुकसान हो चुका होता है।

पूर्व में हुई घटनाएं
जनवरी 2019 : कटरा मानराय में प्रमोद टेक्सटाइल क्लॉथ शॉप में रात 11 बजे आग लगी थी। घनी आबादी वाले इलाके में इस घटना के दौरान फायर ब्रिगेड की गाड़ी गली संकरी होने के चलते सौ मीटर दूर ही फंस गई।
दिसंबर 2018 : कुतुबखाना स्थित रहमानी मार्केट में आग लगने के बाद फायर ब्रिगेड की गाड़ी तो पहुंच गई लेकिन घटनास्थल तक पानी पहुंचाने के लिए दमकल कर्मियों को खासी मशक्कत करनी पड़ी।
अक्तूबर 2017 : शास्त्री मार्केट की मनिहारन गली में जूतों के शोरूम में भीषण आग लगी थी। आग लगने की सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड तंग रास्तों के चलते अटक गई। बमुश्किल मौके पर पानी पहुंचाया जा सका।

45 लाख की आबादी पर सिर्फ 20 दमकल वाहन आधे-अधूरे स्टाफ के भरोसे चल रहा दमकल विभाग
बरेली। आग की घटनाओं को काबू करने की जिम्मेदारी उठाने वाला अग्निशमन विभाग भी भगवान भरोसे ही चल रहा है। जिले की 45 लाख से ज्यादा आबादी के लिए देहात क्षेत्र की पांच तहसीलों में एक-एक और शहर में दो फायर स्टेशन हैं लेकिन यहां स्टाफ निर्धारित पदों के सापेक्ष आधा भी नहीं है। लंबे समय से विभाग में तमाम पद रिक्त चल रहे हैं। पूरे जिले में अगर कहीं भी आग की कोई बड़ी घटना होती है तो फायर ब्रिगेड की गाड़ियां एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन तक दौड़ती हैं। इसमें काफी समय बर्बाद होता है। स्टाफ की स्थिति भी बहुत अच्छी नहीं है। 45 लाख की आबादी पर जहां छोटी-बड़ी सिर्फ 20 गाड़ियां हैं और स्टाफ भी काफी कम है। ऐसे में इन इंतजामों के भरोसे आग से सुरक्षा के दावे बेमानी हैं।

स्टाफ
पद : निर्धारण : तैनाती
एफएसओ : 07 : 00
एफएसएसओ : 09 : 02
लीडिंग फायरमैन : 19 : 14
चालक 31 : 14
फायरमैन : 136 : 58
सफाईकर्मी : 07 : 01
मौजूद संसाधन
बड़ी गाड़ी : 11
छोटी वाउजर : 01, 7000 लीटर क्षमता
वाटर टेंडर टाइप डी : 04
छोटी वाटर टेंडर टाइप थ्री : 01
हाई प्रेशर वाटर टेंडर : 01
बुलेट मोटर साइकिल : 02

शहर की तंग गलियां और जाम आग बुझाने में हमेशा बाधक बनता है। सूचना मिलने के बावजूद कई बार फायर ब्रिगेड को मौके पर पहुंचने में काफी समय लग जाता है। स्टाफ की भी कमी है। हालांकि भर्ती चल रही है, उम्मीद है कि उसके बाद कुछ फोर्स मिल जाएगा। - रवीश चंद्र, प्रभारी एफएसओ
... और पढ़ें

प्रेमी ने दुष्कर्म किया, छत से फेंका.. पंचायत ने करा दिया समझौता

पंचायत ने किशोरी की अस्मत की कीमत लगाकर कर दिया मामला रफा-दफा

नवाबगंज। निकाह का झांसा देकर दुष्कर्म करने और छत से फेंकने के मामले में पंचायत ने अस्मत की कीमत 1.75 लाख लगाकर समझौता करा दिया। बताया जा रहा है कि समझौते का पत्र भी थाने भेज दिया गया है, ताकि दर्ज मुकदमा खारिज कर दिया जाए। हालांकि पुलिस समझौते से इंकार कर रही है।
एक गांव का मजदूर कस्बे के नजदीक किराये के मकान में रह रहा है। आरोप है कि गांव का एक विवाहित युवक उसकी नाबालिग पुत्री से निकाह का झांसा देकर छह माह से दुष्कर्म कर रहा था। किशोरी ने युवक से निकाह का दबाव बनाया तो वह बहाने बनाकर टरकाने लगा। आरोप है कि 11 नवंबर को युवक ने किशोरी को घर बात करने के बहाने बुलाया। किशोरी ने आने से मना किया तो उसे बदनाम करने की धमकी देने लगा। इस पर किशोरी युवक के घर पहुंची तो युवक ने अपने एक साथी की मदद से दुष्कर्म किया। इसके बाद उसे छत से फेंक दिया। इससे किशोरी के दोनों पैर टूट गए। परिवार वालों ने किशोरी को महानगर के एक अस्पताल में भर्ती कराया। बाद में किशोरी के पिता ने थाना नवाबगंज में मुकदमा दर्ज कराया। इधर, मुकदमा दर्ज होने के बाद युवक समझौते का दबाव बनाने में जुट गया। शनिवार को गांव में पंचायत बैठी तो किशोरी को ही दोषी ठहरा दिया गया। समझौते में युवक को 1.75 लाख देने का फरमान सुनाया गया। इसके बाद पीड़ित को रकम देकर मामले को खत्म कर दिया गया। इंस्पेक्टर गौरव सिंह ने बताया कि पंचायत करने का मामला संज्ञान में नहीं है। न ही उन्हें कोई समझौता पत्र मिला है। मुकदमा दर्ज कर किशोरी का बयान कोर्ट में कराया जा चुका है। पुलिस अपनी कार्रवाई कर रही है।
... और पढ़ें

तीन अति कुपोषित भाई-बहन एनआरसी में भर्ती

girl

माता-पिता बोले- पिछले छह सालों से गांव में योजनाओं की जानकारी देने कोई नहीं पहुंचा

बरेली। करोड़ों के बजट से अतिकुपोषित बच्चों की सेहत सुधारने के बड़े बड़े दावे किए जा रहे हैं। साल दर साल कागजों में अतिकुपोषित बच्चों की संख्या तेजी से तो घटती जा रही है, लेकिन असल तस्वीर उसके उलट है। सोमवार को अतिकुपोषित तीन बच्चों को साथ लेकर जिला अस्पताल स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र पहुंचे एक दंपती ने बताया कि पिछले छह सालों में उनके गांव योजनाओं की जानकारी देने आशा या आंगनबाड़ी वर्कर नहीं पहुंची। कोई पोस्टर या पंफलेट तक गांव में नहीं लगाया गया। बच्चों की हालत गंभीर देख उन्हें एनआरसी रेफर किया गया है।
सोमवार को सीएचसी बहेड़ी से रेफर मंडनपुर के रहने वाले इम्तियाज अपने तीनों अतिकुपोषित बच्चे आशिया (4), निखत (2), हसन (1) को लेकर एनआरसी पर पहुंचे थे। यह पहली बार हुआ है कि एनआरसी पर एक ही परिवार के सभी अतिकुपोषित बच्चे भर्ती हुए हों। इम्तियाज ने बताया कि गांव मंडनपुर में सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने अभी तक कोई नहीं पहुंचा है। आंगनबाड़ी हों या आशा वर्कर, गांव में कभी आती ही नहीं हैं। गरीबी के चलते वह मां और बच्चों का पूरा पोषण भी नहीं दे पा रहे थे। बताया कि लंबे समय से बच्चों की तबियत खराब चल रही थी। उल्टी, दस्त, स्क्रेबीज समेत बेहोशी जैसी छाने लगी थी। गांव के एक मेडिकल स्टोर से दवाएं देते रहे, लेकिन पिछले करीब दस दिन से तबियत ज्यादा खराब हुई तो सीएचसी पहुंचे। वहां पर जांच के बाद डॉक्टर ने सभी बच्चों को अतिकुपोषित बताकर एनआरसी रेफर कर दिया। यहां डॉ. रोजी जैदी ने अतिकुपोषित बच्चे के मानकों की जांच के बाद सभी को भर्ती कर उपचार मुहैया शुरू कर दिया है।
... और पढ़ें

145 साल पुरानी बिल्डिंग नई से बेहतर, तोड़ने पर लगाई रोक

तहसील भवन निर्माण में घपला

पैक्सफेड के निर्माण पर सवाल उठने के बाद एसडीएम का सख्त फैसला
3.40 करोड़ से बनी नई बिल्डिंग के निर्माण में मिलीं गंभीर गड़बड़ियां

बरेली। निर्माण के कामों में किस हद तक लूट मची है, सरकारी इमारतें ही एक के बाद एक इसकी मिसाल बनती जा रही हैं। नया उदाहरण सदर तहसील की 3.4 करोड़ से बनी नई बिल्डिंग है जिसे 145 साल पुरानी बिल्डिंग से भी खराब हालत में पाया गया है। अफसरों ने प्लानिंग की थी कि पुरानी बिल्डिंग को तोड़कर नई बिल्डिंग का एक्सटेंशन करा दिया जाए लेकिन नई बिल्डिंग के हैंडओवर होने से पहले ही टूटना शुरू होने जाने के बाद एसडीएम ने यह प्लानिंग रद्द कर दी है।
शासन ने 2014-15 में तहसील सदर के पुराने भवन को तोड़कर नई बिल्डिंग बनाने के लिए 3.40 करोड़ रुपये मंजूर किए थे। निर्माणदायी संस्था पैक्सफेड ने काफी हद तक काम भी पूरा कर लिया है। नई बिल्डिंग को अभी पैक्सफेड ने हैंडओवर नहीं किया है लेकिन वहां तहसीलदार, एसडीएम के दफ्तर और न्यायालय शिफ्ट करने के साथ दूसरे कार्यालय भी स्थापित कर दिए गए हैं। अभी पुरानी बिल्डिंग का कुछ हिस्सा बाकी है। पहले वहां दो करोड़ से पार्किंग, कैंटीन, हवालात और बैरक बनाया जाना स्वीकृत था, लेकिन दिक्कत यह आ गई है कि नई बिल्डिंग की क्वालिटी अच्छी न होने से वह अभी से क्षतिग्रस्त होने लगी है। एसडीएम सदर ने भी माना है कि 145 साल पुरानी बिल्डिंग की क्वालिटी नई से कहीं बेहतर है। लिहाजा उसे तोड़ने पर रोक लगाते हुए उसकी मरम्मत कराने का फैसला लिया गया है।

नई बिल्डिंग के लिए दूसरी जगह दी जाएगी जमीन
पैक्सफेड ने 1.70 करोड़ के अतिरिक्त बजट की मांग करते हुए इस प्रोजेक्ट का रिवाइज एस्टीमेट शासन को भेजा है। तहसील के अधिकारियों का कहना है कि पुरानी बिल्डिंग से छेड़छाड़ किए बगैर संशोधित बजट से नई बिल्डिंग बनाने के लिए तहसील परिसर में दूसरी जगह भूमि दी जाएगी। इसमें किसी तरह की गड़बड़ी न हो, इसके लिए उस पर खास नजर रखी जाएगी।

बहेेड़ी तहसील भवन के निर्माण में भी सामने आया घपला
बहेड़ी तहसील भवन के निर्माण में भी गंभीर गड़बड़ी सामने आ चुकी है। 20 नवंबर को जिले के नोडल अफसर प्रमुख सचिव नवनीत सहगल ने निरीक्षण के दौरान करोड़ों की लागत से बने बहेड़ी तहसील भवन के निर्माण में घपला पकड़ा था। उनके निर्देश पर डीएम नितीश कुमार इस प्रकरण की जांच करा रहे हैं।

सदर तहसील की पुरानी बिल्डिंग की स्थिति अभी बहुत अच्छी है, इसलिए इसे तोड़ा नहीं जाएगा। नई बिल्डिंग के लिए तहसील परिसर में ही दूसरी जगह भूमि देने का फैसला लिया है। - ईशान प्रताप सिंह, एसडीएम सदर
... और पढ़ें

घर में काम कर रहे मजदूर ने बच्ची से की छेड़छाड़

सीबीगंज। घर में काम कर रहे मजदूर ने नहाने जा रही 10 वर्षीय बच्ची से छेड़छाड़ की। उसके शोर मचाने पर परिजन आए तो आरोपी भाग निकला। बच्ची की मां ने आरोपी के खिलाफ छेड़छाड़ और पाक्सो एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई है।
थाने पहुंची बच्ची की मां ने बताया कि उनके घर में मरम्मत का कार्य चल रहा है। उनकी 10 वर्षीय बेटी पड़ोस में अपने ताऊ के घर नहाने जा रही थी। इसी बीच मौका पाकर घर में काम कर रहा बिबियापुर निवासी मजदूर इब्राहिम बच्ची के साथ छेड़खानी करने लगा। बच्ची ने शोर मचाया तो घर में मौजूद अन्य परिजन वहां पहुंच गए, तभी इब्राहिम भाग गया। मां की तहरीर पर सीबीगंज पुलिस ने इब्राहिम के खिलाफ छेड़छाड़ और पाक्सो एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
... और पढ़ें

महिला अस्पताल में दिखा कोई दलाल तो गार्ड की खैर नहीं

बरेली। जिला महिला अस्पताल में दलालों की बढ़ती सक्रियता पर सोमवार को सीएमएस डॉ. अलका सक्सेना ने स्टाफ से कड़ी नाराजगी जताते हुए गार्डों को नोटिस जारी किया है। उन्होंने कहा कि दलालों के प्रवेश पर प्रतिबंध के बावजूद वे अस्पताल परिसर में आकर गरीब महिलाओं को गुमराह कर रहे हैं। संभावना जताई कि महिला अस्पताल के गार्ड भी इसमें शामिल हो सकते हैं। लिहाजा नोटिस जारी कर उनसे जवाब तलब किया है। संतोषजनक जवाब न देने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
शनिवार को और इससे पहले भी कई बार जिला महिला अस्पताल में फर्जी आशा और दलाल महिला मरीजों को अस्पताल की बदहाली का झांसा देकर उन्हें निजी अस्पतालों में भेज दिया। इसकी जानकारी होने पर सीएमओ को भी पत्र लिखा गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। लिहाजा, दलालों की सक्रियता बरकरार है। अब इस मामले में सीएमएस ने गार्डों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। उन्हें कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। सीएमएस की ओर से दलालों को चिह्नित करने के लिए पांच सदस्यीय टीम भी बना दी है।
... और पढ़ें

आईवीआरआई ओवरब्रिज- दिल्ली से चार सौ टन उठाने वाली क्रेन आएगी, ट्रैक के ऊपर गार्डर रखवाएगी

बरेली। प्रमुख सचिव से लेकर प्रभारी मंत्री तक जोर जरूर लगाया जा रहा है लेकिन फिर भी आईवीआरआई ओवरब्रिज का निर्माण जल्द पूरा होने के आसार नहीं हैं। अब इसमें ट्रैफिक डायवर्जन की अनुमति और ट्रेनों का ब्लॉक लेने के साथ दिल्ली से चार सौ टन वजन उठाने वाली क्रेन मंगाने के झंझट जैसे कई और भी अड़ंगे लग गए हैं। रेलवे के अफसर यह भी नहीं बता पा रहे हैं कि क्रेन कब तक आएगी।
प्रमुख सचिव नवनीत सहगल जिले के नोडल अफसर के अफसर के तौर पर जब जिले के भ्रमण पर आए थे तो आईवीआरआई ओवरब्रिज के निरीक्षण के दौरान उसका निर्माण पूरा न होने पर रेलवे अफसरों से बातचीत में नाराजगी भी जता गए थे। रेलवे अफसरों ने उन्हें जल्द निर्माण पूरा करने का भरोसा दिलाया था। इसके बाद पांच दिसंबर को रेलवे के इंजीनियरिंग अनुभाग ने ट्रैक के ऊपर गार्डर रखने के लिए 10 से 12 दिसंबर के बीच ट्रैफिक डायवर्ट करने और इज्जतनगर से पीलीभीत, लालकुआं के बीच ब्लॉक की अनुमति के लिए संबंधित अधिकारियों को पत्र भी लिख दिया लेकिन क्रेन उपलब्ध न होने की वजह से यह अनुमति नहीं मिली।
दरअसल इज्जतनगर रेल मंडल के इंजीनियरिंग अनुभाग के पास चार सौ टन वजन उठाने वाली क्रेन नहीं है और इसे दिल्ली रेलवे के इंजीनियरिंग अनुभाग से मंगाया जाना है। क्रेन कब आएगी, यह निर्माण अनुभाग के अधिकारियों को भी नहीं पता है। निर्माण अनुभाग क्रेन के लिए दिल्ली रेलवे को पत्र लिख चुका है। बता दें कि आईवीआरआई ओवरब्रिज के ऊपरी हिस्से का निर्माण करीब डेढ़ साल से रुका है। दो साल पहले लागत बढ़ने पर ठेकेदार काम छोड़कर चला गया था। इसके बाद रेलवे के निर्माण विभाग ने खुद गार्डर डालने की योजना बनाई लेकिन इसमें लंबा समय लग गया। अब क्रेन के इंतजार में काम रुका हुआ है।
गार्डर कब तक रखे जाएंगे, यह पता नहीं है। दिल्ली से क्रेन मंगाई गई है। उसके आने पर ही ट्रेनों को ब्लॉक देकर काम शुरू कराया जाएगा। - राजेंद्र सिंह, पीआरओ इज्जतनगर रेल मंडल
... और पढ़ें

प्रेमी संग जाने पर अड़ी विवाहिता, पिता-पति ने नाता तोड़ा

बिथरी चैनपुर। प्रेमी के संग गई विवाहिता को पुलिस ने पकड़ लिया तो पति और पिता ने उससे नाता तोड़ लिया। पूरे दिन थाने में पंचायत चलती रही। विवाहिता प्रेमी संग जाने पर अड़ी रही। अब इस मामले में विवाहिता के बयान के बाद निर्णय लिया जाएगा।
बिथरी क्षेत्र निवासी युवती की शादी लगभग छह माह पूर्व सितारगंज में हुई थी। एक माह पूर्व वह मायके आई थी। यहां से अगले दिन ही गांव के ही प्रेमी के साथ चली गई। सोमवार को पुलिस ने विवाहिता को पकड़ लिया तो उसने थाने में हंगामा शुरू कर दिया। प्रेमी के साथ जाने की जिद पर अड़ गई। पुलिस उसे पति या पिता के सुपुर्द करना चाहती थी, लेकिन उन्होंने साथ ले जाने से इनकार कर दिया। इस पर पुलिस ने विवाहिता को बरेली भेज दिया है। मंगलवार को कोर्ट में बयान के बाद कोई निर्णय लिया जाएगा।
... और पढ़ें
अपने शहर की सभी खबर पढ़ने के लिए amarujala.com पर जाएं

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
Election