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विवाह संबंधी दोषों को दूर करने के लिए शिवरात्रि पर मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग में कराएं रुद्राभिषेक : 21-फरवरी-2020
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विवाह संबंधी दोषों को दूर करने के लिए शिवरात्रि पर मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग में कराएं रुद्राभिषेक : 21-फरवरी-2020

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जानें कौन हैं श्री रामजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपालदास

राम मंदिर आंदोलन के अहम किरदार रहे अयोध्या के श्री रामजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपालदास को राम मंदिर निर्माण के लिए बनाए गए 'श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र' ट्रस्ट का अध्यक्ष बनाया गया है। जानें, उनके बारे में:

19 फरवरी 2020

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बरेली

बुधवार, 19 फरवरी 2020

भगवान भरोसे पकवान, महीने भर रहें सावधान

महाशिवरात्रि समेत होली और अन्य आयोजनों में खपाया जाएगा सिंथेटिक दूध

बरेली। अध्यात्म में ‘अमृत’ और वैज्ञानिक शोधों में संपूर्ण पौष्टिक आहार का दर्जा हासिल करने वाले ‘दूध’ को मिलावटखोर ‘जहरीला’ बना रहे हैं। दो दिन बाद मनाई जाने वाली महाशिवरात्रि और आगे आने वाले होली के त्यौहार पर सिंथेटिक दूध की खपत के लिए मिलावटखोर सक्रिय हो गए हैं। लोगों की सेहत दांव पर लगाकर मुनाफा कमाने वालों के खिलाफ जिम्मेदार भी जानबूझकर बेखबर बने हैं। लिहाजा, दूध से बने पकवान और उनकी सेहत भगवान भरोसे है। विशेषज्ञों ने महाशिवरात्रि पर सिंथेटिक दूध से शिव का दुग्धाभिषेक समेत शहरवासियों को घटिया पकवानों से सतर्क रहने का सुझाव दिया है।
जानकारों के मुताबिक जिले में दूध के नाम पर जहर बेचा जा रहा है। मोटा मुनाफा कमाने के चक्कर में सिंथेटिक दूध का कारोबार जोरशोर से चल रहा है। मुनाफाखोर आम दिनों में भी रोजाना 50 हजार लीटर सिंथेटिक दूध बाजार में खपाकर लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं। तमाम जानकारी के बावजूद प्रशासन मौन है। जिन के ऊपर निगरानी की जिम्मेदारी है वे सिर्फ रस्म अदायगी कर पल्ला झाड़ लेते हैं। बताया जाता है कि जिले में प्रतिदिन करीब दो लाख लीटर दूध की खपत है। जबकि उपलब्धता 90 हजार लीटर है। इसमें गांव से आने वाला और पैक्ड दूध करीब 50 हजार लीटर है। फिर भी सवाल उठता है, शहर में करीब 60 हजार लीटर दूध कहां से आ रहा है। दुग्ध उत्पादन संघ के आंकड़ों के अनुसार, दो साल पूर्व शहर में करीब 406 डेयरियां थीं, लेकिन इनमें करीब सौ डेयरियां बंद हो गई। अब महज 327 डेयरियां ही बची हैं। साफ है कि दस लाख से अधिक की आबादी वाले इस शहर के लिए महज 403 डेयरियों का दूध काफी नहीं है। जिले में सिंथेटिक दूध का कारोबार फलफूल रहा है। खानापूर्ति के लिए पिछले आठ महीने में करीब एक दर्जन दूध के सैंपल लिए, लेकिन अधिकारियों के पास ऐसा कोई आंकड़ा नहीं जिसमें सिंथेटिक दूध पाए जाने की पुष्टि हुई हो।

यहां हैं मिलावटीखोरी के बड़े अड्डे

नकटिया नरियावल, करगैना, लाल फाटक, भमौरा, आंवला, रामगंगा की कटरी, भोजीपुरा, धनेटा, बिनावर, तिरकुनियां, मीरगंज, धनेटा फाटक, सीबीगंज, बिथरी चैनपुर, फरीदपुर के आसपास के गांवों और तिलहर से सिंथेटिक दूध बड़ी मात्रा में बरेली लाया जा रहा है। इसमें एफएसडीए की भी मिलीभगत की संभावना जताई जा रही हैै। बताया जाता है कि करीब 60 हजार लीटर सिंथेटिक दूध यहां से ही खपाया जा रहा है।

ऐसे बनता है सिथेंटिक दूध

सिंथेटिक दूध बनाने में केमिकल्स का प्रयोग किया जाता है। साथ ही सफेदा पेंट, यूरिया, डिटरजेंट, कॉस्टिक सोडा, शेम्पू का प्रयोग होता है। इन सबको मिलाकर कढ़ाई में खौलाया जाता है। इसके बाद दूध में चिकनाई दिखाने के लिए ऊपर से रिफाइंड डाला जाता है। खौलने के बाद यह दूध देखने में असल जैसा लगता है। बताते हैं कि सिंथेटिक दूध का धंधा इसलिए बढ़ रहा है क्योंकि इसमें मोटा मुनाफा है। सैकड़ों लीटर के हिसाब से यह दूध बनाया जाता है। लिहाजा इसकी कीमत महज चार से पांच रुपये प्रति लीटर आती है। जबकि बाजार में इसे आसानी 35 से 40 रुपये लीटर तक बेच दिया जाता है।

गंभीर बीमार बना रहा सिंथेटिक दूध

जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. वागीश वैश्य के मुताबिक सिंथेटिक दूध सीधे आंतों पर असर करता है। दो-चार साल इसका सेवन करने से कैंसर का खतरा मंडराने लगता है। चूंकि छोटे बच्चे नियमित दूध का सेवन करते हैं। सिंथेटिक दूध पीने पर उन्हें कैंसर होने की सबसे ज्यादा संभावना रहती है। इसके अलावा इसके पीने से पाचन शक्ति कमजोर होना, फूड प्वॉयजनिंग का खतरा, शरीर का विकास रुक जाना, पीलिया समेत किडनी और अन्य बीमारियां भी होने की आशंका रहती है।

2006 में लागू हुआ था एक्ट

विभिन्न खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए सरकार ने एफएसएसएआई (भारतीय खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम एक्ट 2006) लागू किया था। इसमें विभिन्न उत्पादों में गंभीर मिलावट पाए जाने पर सजा व जुर्माना दोनों का प्रावधान है। मानक अधिनियम के अनुसार दूध में फैट कम करना भी नियमों का उल्लंघन है। गाय के दूध का फैट 3.5, भैंस के दूध में 5.00 और मिक्स्ड दूध में 4.5 फैट की मात्र निर्धारित की है।
भैंस की कीमतें बढ़ने के साथ चारा भी महंगा हो चुका है। पशुओं के कटान से भी दूध का उत्पादन घटा है। मिलावटखोर सिंथेटिक दूध बना रहे हैं। डेयरियों पर ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन से दूध निकाला जाता है। जिसका सेवन घातक है। - लल्लू सिंह यादव, जिलाध्यक्ष, दुग्ध

उत्पादन संघ

विभाग की ओर से मिलावटखोरों पर लगातार शिकंजा कसा जा रहा है। दूधियों से सैंपल भरे जा रहे हैं। पिछले दिनों कई सैंपल में मिलावटी की पुष्टि होेने पर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई भी की गई। शहर में दूध की कोई कमी नहीं है। - धर्मराज मिश्रा, अभिहित अधिकारी, एफएसडीए
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भाई ने ही गला काटकर की थी आसमां की हत्या

आरोपी कय्यूम की गिरफ्तारी के बाद बारादरी पुलिस ने किया दावा

बरेली। हजियापुर के आसमां हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया। बकौल पुलिस, भाई ने ही पैतृक मकान छिन जाने के डर से आसमां की गला काटकर हत्या की थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। उसने अपना अपराध भी स्वीकार कर लिया है।
बारादरी क्षेत्र के हजियापुर निवासी सब्जी विक्रेता शमीम की पत्नी 35 वर्षीय आसमां की 12 फरवरी को दिनदहाड़े गला काटकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने शक के आधार पर पहले शमीम और फिर मोहल्ले के ही कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। परिवार के लोगों से पूछताछ के दौरान ही पुलिस को आसमां और उसके भाई कय्यूम अहमद उर्फ पप्पू के बीच पैतृक संपत्ति को लेकर चल रहे विवाद की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने पप्पू को हिरासत में ले लिया। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ करने पर पप्पू ने आसमां की हत्या करने की बात कबूली। बताया, उसकी मां ने दो शादियां की थीं। वह और उसका भाई हनीफ पहले पिता की संतान हैं। पिता की मौत के बाद मां ने दूसरी शादी अच्छन से कर ली थी। आसमां, रेशमा और नजमा अच्छन से पैदा हुईं। कय्यूम और उसका भाई हनीफ अपने परिवार के साथ अच्छन के घर में ही रह रहे हैं।
आसमां ने शमीम से प्रेम विवाह किया था। विवाह के बाद आसमां ससुराल चली गई, लेकिन वह कय्यूम और हनीफ से अपने पिता अच्छन का मकान खाली करने का दबाव बनाती रही। इससे कय्यूम परेशान रहने लगा और आसमां को रास्ते से हटाने की सोचने लगा। घटना वाले दिन वह इलाके में ही एक लकड़ी के कारखाने में काम कर रहा था, तभी आसमां को ठिकाने लगाने का फैसला करके उसके घर पहुंच गया। अंदर पहुंचा तो आसमां कारचोबी का काम कर रही थी। दबे पांव जाकर कय्यूम ने उसे दबोच लिया और छुरी से उसका गला काट दिया। इसके बाद आसमां को फोल्डिंग बेड पर डालकर वापस कारखाने आ गया।
घर खाली न करने पर मारे जाने का था डर
कय्यूम उर्फ पप्पू ने बताया कि आसमां मकान खाली न करने पर अक्सर उसे धमकाती थी। उसे डर था कि मकान न खाली न करने पर आसमां उसकी हत्या करा सकती है। घटना के बाद से उसका भाई हनीफ भी लापता है। उसका अब तक कोई पता नहीं चला है।
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विष योग शनि-चंद्र की करें आराधना तो मिलेगा लाभ

117 सालों बाद शिवरात्रि पर बन रहा दुर्लभ संयोग

बरेली। निराकार से साकार स्वरूप की साधना के लिए मनाई जाने वाली महाशिवरात्रि अबकी बार जातकों के लिए बेहद शुभ फलदायी रहेगी। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक 117 सालों बाद बन रहे दुर्लभ संयोग के चलते विधि विधान से पूजन करने वाले जातकों की मनोकामनाएं पूरी होंगी। इस दिन शनि और चंद्रदेव की आराधना करने से सभी दोषों से मुक्ति मिल जाएगी।
ज्योतिषाचार्य डॉ. सौरभ शंखधार के मुताबिक, फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी 21 फरवरी यानी शुक्रवार को महाशिवरात्रि मनाई जाएगी। करीब 117 सालों बाद गुरु इस दिन अपनी राशि धनु में विराजित हैं। इससे पहले यह योग 25 फरवरी 1903 को बना था। वहीं, शनि अपनी राशि मकर में और शुक्र ग्रह अपनी उच्च राशि मीन में विराजमान हैें। 28 साल पहले दो मार्च 1992 को शनि और चंद्र की युति से विष योग भी इस दिन बना था। इसबार भी ऐसा ही है और इस योग में आराधना करने से शनि और चंद्र दोष से मुक्ति मिलने की बात शास्त्रों में कही गई है। साथ ही, बुधादित्य और काल सर्प योग भी बन रहे हैं। बताया कि जिसकी जन्म कुंडली में काल सर्प योग और विष योग हो तो उनकी शांति के लिए यह सबसे बेहतर अवसर है। 21 फरवरी की शाम 5.22 बजे तक त्रयोदशी तिथि रहेगी, उसके बाद चतुर्दशी तिथि शुरू हो जाएगी। देर रात चतुर्दशी तिथि शुरू होगी। इसलिए उदयातिथि का मान होने के कारण महाशिवरात्रि 21 फरवरी को मनाई जाएगी। ब्यूरो
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केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार के खिलाफ चुनाव याचिका खारिज

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने केंद्रीय राज्य मंत्री(स्वतंत्र प्रभार) श्रम एवं रोजगार व बरेली के भाजपा सांसद संतोष गंगवार के खिलाफ चुनाव याचिका खारिज कर दी है। बरेली से लोकसभा चुनाव 2019 में निर्दलीय उम्मीदवार राकेश अग्रवाल ने गंगवार पर चुनाव में धांधली का आरोप लगाते हुए उनके निर्वाचन को चुनौती दी थी। कोर्ट ने कहा कि याचिका में कोई ऐसा तथ्य प्रस्तुत नहीं किया गया है जिससे यह साबित होता हो कि संतोष गंगवार ने चुनाव जीतने के लिए अनुचित साधनों का प्रयोग किया था। याचिका तथ्यहीन होने के आधार पर खारिज कर दी गई ।

 याचिका पर न्यायमूर्ति नाहिद आरा मुनीस ने सुनवाई की। याचिका पर प्रारंभिक आपत्ति करते हुए अधिवक्ता सुबोध कुमार और उदित चंद्रा ने कहा कि चुनाव याचिका में लगाए गए आरोप स्पष्ट होने चाहिए तथा याचिका  दोष रहित होनी चाहिए।

चुनाव याचिका की सुनवाई वैधनिक प्रक्रिया के तहत की जाती है, यह सामान्य नियमों और समानता के आधार पर नहीं सुनी जा सकती है। याचिका में आरोप लगाया गया था कि संतोष गंगवार ने चुनाव जीतने के लिए  कांग्रेस के प्रत्याशी को एक करोड़ रुपए रिश्वत दी । तथा अन्य मुस्लिम उम्मीदवारों को भी भारी धनराशि दी गई । उन्होंने वोटरों को प्रभावित करने के लिए भी अनुचित साधनों का प्रयोग किया। वोटरों को खाना और शराब जैसी चीजें परोसी गई । 

कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद कहा कि याची द्वारा लगाए गए आरोपों में कोई तथ्यात्मक बल नहीं है। इसमें विशेष रूप से स्पष्ट नहीं किया जा सका है कि उन्होंने किससे और कैसे रिश्वत दी, इसी प्रकार से अनुचित साधनों के मामले में भी कोई स्पष्ट साक्ष्य नहीं दिया जा सका। कोर्ट ने कहा कि आरोपों को साबित करने का भार याची पर होता है।

वह ऐसे नहीं कर सका। याची ने नियमानुसार चुनाव याचिका में दाखिल की जाने वाली प्रतिभूति की धनराशि भी जमा नहीं की है।  याचिका तथ्यहीन होने की आरंभिक आपत्ति को स्वीकार करते हुए कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। लोक सभा चुनाव 18 से 23 मई 2019 को हुआ था। जिसमें बरेली लोक सभा सीट से संतोष गंगवार ने चुनाव जीता था। 
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संतोष गंगवार संतोष गंगवार

बरेली: जंंक्शन पर थूका गुटखा तो ढीली करनी पड़ी जेब

प्लेटफॉर्म पर थूकना एक यात्री को मंहगा पड़ गया। प्लेटफॉर्म पर पोंछा लगा रहे सफाईकर्मी ने थूकने पर आपत्ति की तो यात्री उससे भिड़ गया। इस पर सफाईकर्मी ने उसे साथियों की मदद से पकड़कर जीआरपी के हवाले कर दिया। हालांकि, रेलवे मजिस्ट्रेट ने जुर्माना अदा करने पर उसे रिहा कर दिया।

बदायूं का दातागंज निवासी इंतजार अली सोमवार रात चंडीगढ़ जाने के लिए जंक्शन पहुंचा। वह टिकट लेकर प्लेटफॉर्म नंबर एक पर खड़ा हो गया। इसी बीच उसने गुटखा खाकर वही थूक दिया। प्लेटफॉर्म पर कुछ समय पहले ही पोंछा लगाया गया था। यह देखकर सफाईकर्मी ने आपत्ति की तो वह मारपीट पर उतारू हो गया।

इसके बाद सफाईकर्मी ने अपने साथियों की मदद से उसे जीआरपी के हवाले कर दिया। जीआरपी इंस्पेक्टर कृष्ण अवतार ने बताया कि इंतजार को रेलवे मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जहां जुर्माना वसूलने के बाद उसे छोड़ दिया गया है।
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बदायूं: अनियंत्रित होकर पलटा ट्रैक्टर, दो की मौत एक घायल

बदायूं जिले के उघैती में बुधवार सुबह एक ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर पलट गई, जिससे ट्रैक्टर सवार दो लोगों की मौत हो गई। वहीं एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल शख्स को जिला अस्पताल पर भर्ती कराया गया है। 

कोतवाली सहसवान के गांव बेबहलपुर निवासी नफीस अपने साथी नासिर और अफजल के साथ उघैती थाना क्षेत्र के दम्मीनगर गांव में लकड़ी काटने के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली में बैठकर जा रहा था। सुबह करीब साढ़े पांच बजे कस्बा खितौरा के पास पहुंचे। तभी अचानक ट्रैक्टर-ट्राली अनियंत्रित होकर पलट गई। 

इसके नीचे दबने से नफीस और अफजल की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि साथी नासिर घायल हो गया। नासिर को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जानकारी पाकर पुलिस मौके पर पहुंच गई।
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फेरों के बाद विदाई से पहले दूल्हे की खुल गई पोल, दुल्हन बोली-मैं इसके साथ...

उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर से हैरान करने वाली खबर सामने आई है। रविवार रात द्वारचार से लेकर भांवरों तक सब कुछ सामान्य चलता रहा। बरात विदा होने से पहले कलेवा के दौरान जो कुछ हुआ, उसने नई नवेली दुल्हन के रोंगटे खड़े कर दिए। कलेवा में बैठे दूल्हे को अचानक मिर्गी का दौरा पड़ गया। इसके बाद दुल्हन ने ससुराल जाने से मना करते हुए रिश्ता तोड़ दिया। 

बेटी के फैसले को सुनकर दुल्हन के परिजन ने दूल्हे और उसके पिता सहित बरातियों को बंधक बना लिया। फिर पंचायत बैठी। मामला थाने पहुंचने पर दूल्हे के पिता को खर्च के डेढ़ लाख रुपये देने पड़े और फिर बरात बिना दुल्हन के ही लौट गई।

खुदागंज क्षेत्र निवासी व्यक्ति के तीन बेटे हैं। इनमें बड़े बेटे और छोटे बेटे की शादी हो चुकी है। मिर्गी का दौरा आने की वजह से दूसरे नंबर के बेटे की शादी में अड़चन आ रही थी। 

एक वर्ष पहले एक रिश्तेदार ने मिर्जापुर क्षेत्र के एक गांव में लड़की पक्ष से बातकर रिश्ता तय करने को बातचीत शुरू कर दी। दोनों पक्षों के बीच रिश्ता पक्का होने के बाद बरात की तारीख भी निश्चित हो गई। रविवार रात गाजे-बाजे के साथ बरात मिर्जापुर क्षेत्र के गांव में पहुंची। द्वारचार की रस्म पूरी होने के साथ ही बरातियों की जमकर आवभगत हुई।
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कलेवा में दूल्हे को पड़ा मिर्गी का दौरा, दुल्हन ने तोड़ा रिश्ता

सांकेतिक तस्वीर
रविवार रात द्वारचार से लेकर भांवरों तक सब कुछ सामान्य चलता रहा। बरात विदा होने से पहले कलेवा के दौरान जो कुछ हुआ, उसने नई नवेली दुल्हन के रोंगटे खड़े कर दिए। कलेवा में बैठे दूल्हे को अचानक मिर्गी का दौरा पड़ गया। इसके बाद दुल्हन ने ससुराल जाने से मना करते हुए रिश्ता तोड़ दिया। बेटी के फैसले को सुनकर दुल्हन के परिजन ने दूल्हे और उसके पिता सहित बरातियों को बंधक बना लिया। फिर पंचायत बैठी। मामला थाने पहुंचने पर दूल्हे के पिता को खर्च के डेढ़ लाख रुपये देने पड़े और फिर बरात बिना दुल्हन के ही लौट गई।

खुदागंज क्षेत्र निवासी व्यक्ति के तीन बेटे हैं। इनमें बड़े बेटे और छोटे बेटे की शादी हो चुकी है। मिर्गी का दौरा आने की वजह से दूसरे नंबर के बेटे की शादी में अड़चन आ रही थी। एक वर्ष पहले एक रिश्तेदार ने मिर्जापुर क्षेत्र के एक गांव में लड़की पक्ष से बातकर रिश्ता तय करने को बातचीत शुरू कर दी। दोनों पक्षों के बीच रिश्ता पक्का होने के बाद बरात की तारीख भी निश्चित हो गई। रविवार रात गाजे-बाजे के साथ बरात मिर्जापुर क्षेत्र के गांव में पहुंची। द्वारचार की रस्म पूरी होने के साथ ही बरातियों की जमकर आवभगत हुई।

मंगल गीतों के बीच तड़के चार बजे भांवरें पड़ गईं। सोमवार सुबह विदाई से पहले कलेवा की रस्म शुरू हुुई। तभी दूल्हा अचानक कलेवा के पलंग पर ही बेहोश होकर गिर पड़ा। इसी बीच बरातियों में कानाफूसी शुरू हो गई कि मिर्गी का दौरा पड़ने की वजह से इसकी शादी नहीं हो सकी थी। शादी करवाने वाले ने लड़की पक्ष से यह बात छिपाकर रिश्ता तय करा दिया। पोल खुलने पर दुल्हन ने दूल्हे के साथ जाने से मना कर दिया।

इस पर दुल्हन के माता पिता ने बरात के स्वागत सत्कार और दहेज में दी गई तीन लाख की रकम की मांग करते हुए दूल्हा और उसके पिता को बंधक बना लिया। वर-वधू पक्ष में चली पंचायत के बाद मामला थाने पहुंच गया। पुलिस ने दूल्हे के पिता से डेढ़ लाख रुपये बतौर बरात खर्च दुल्हन के पिता को दिलवाकर मामला निपटाया। फिर दूल्हा और बराती बिना दुल्हन के लौट गए।
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महाशिवरात्रि पर श्यामगंज से शुरू होगी नाथ नगरी परिक्रमा

यूपी बोर्ड परीक्षा 2020: संस्कृत ने उलझाया और बी कॉपी ने छुड़वाए कई सवाल

पहले दिन हिंदी विषय की हुई परीक्षा, संस्कृत में काफी देर तक उलझे रहे छात्र और छूट गई परीक्षा
चेकिंग में प्रतिबंधित सामान लेकर पहुंचे छात्रों को मिली हिदायत, दुपट्टे भी बाहर उतरवा लिए गए

बरेली। यूपी बोर्ड परीक्षा का ‘महाकुंभ’ मंगलवार से शुरू हो गया। परीक्षा को सकुशल और नकलविहीन संपन्न कराने को लेकर कंट्रोल रूम से प्रत्येक केंद्र की निगरानी की जाती रही। केंद्र के अंदर सीसीटीवी और बाहर पुलिसकर्मियों की मौजूदगी के चलते परीक्षा को नकलविहीन बनाने में प्रशासन पूरी तौर से सफल रहा। दो पालियों में संपन्न हुई परीक्षा में कोई नकलची नहीं पकड़ा गया। परीक्षा में संस्कृत के प्रश्नों को हल करने और बी कॉपी पर जानकारियां भरने में परीक्षार्थियों का काफी समय बरबाद हुआ, जिससे कई छात्र पूरा प्रश्नपत्र हल करने से भी चूक गए।
पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था के बीच पहले दिन जिला कारागार समेत 132 केंद्रों पर हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के हिंदी विषय की परीक्षा हुई। सुबह आठ बजे से परीक्षा शुरू होनी थी, लेकिन सात बजे से ही छात्र केंद्रों पर पहुंचना शुरू हो गए थे। परीक्षार्थियों को ठंड में अधिक देर बाहर खड़े न होना पड़े, इसलिए उनकी सघन चेकिंग कर केंद्र में प्रवेश दे दिया गया। कई छात्र प्रतिबंध मोबाइल, बैग, डिजिटल घड़ी, जूते, मोजे पहनकर केंद्रों पर पहुंचे थे। प्रतिबंधित सभी सामान केंद्र के बाहर या उनके परिजनों को सौंप दिया गया। ऐसे में कई छात्रों को नंगे पांव ही परीक्षा देनी पड़ी। कई छात्र बिना ड्रेस के पहुंचे थे, उन्हें आगे की परीक्षाओं में ड्रेस में आने को कहा गया। परीक्षा के दौरान उन पर कंट्रोल रूम के जरिए सीसीटीवी से निगरानी रखी गई। परीक्षा से इतर किसी गतिविधि पर तत्काल कंट्रोल रूम से परीक्षा कक्ष में संपर्क कर हिदायत भी दी जाती रही।
बरेली इंटर कॉलेज केंद्र से परीक्षा देकर बाहर निकले हाईस्कूल के छात्र सुधांशु, सचिन, तौसीफ, सारोज और इंटर के इमरान, मनोज कुमार, अवधेश आदि ने बताया कि हिंदी के सवाल काफी आसान रहे, लेकिन संस्कृत के सवाल काफी कठिन थे। हालांकि, संस्कृत के सवाल कम थे, लेकिन इन पर समय अधिक लगने से कइयों के आते हुए सवाल भी छूट गए। फिर भी अच्छे अंकों से पास होने की उम्मीद बरकार है।

बी कॉपी मांगना पड़ गया भारी

छात्रों ने बताया कि अबकी बार बी कॉपी (उत्तरपुस्तिका) के प्रत्येक पन्ने पर ए कॉपी की तरह ही सारी जानकारियां भरनी थीं, लेकिन पहली कॉपी पर जानकारियां भरने के लिए शुरुआत के पांच मिनट मिलते हैं, लेकिन यह स्थिति बी कॉपी लेने के बाद नहीं रहती। इसलिए ए कॉपी पर ही सारे सवालों के जवाब लिखने वालों को राहत रही, जिन्होंने बी कॉपी मांगी उन्हें 15 मिनट का वक्त लगा, जिसके चलते सवाल छोड़ने पड़े या जल्दबाजी में उन्हें लिखना पड़ा इसलिए उसे सही ढंग से हल भी नहीं कर पाने का मलाल चेहरे पर झलकता रहा।

पर्चे और कॉपियों की रही कमी

परीक्षार्थियों ने बताया कि प्रश्नपत्र के कटे-फटे होने या उसमें प्रिंटिंग संबंधित कोई खामी होने पर बदलने के निर्देश थे। ऐसे में कइयों ने पेपर खोले तो यह खामियां देख उन्हें पर्चा बदलना पड़ा, जिसके चलते पेपर कम पड़ गए। कइयों को प्रिंटिंग की समस्या के बाद भी उसी पेपर से सवाल हर करने को विवश होना पड़ा। इसके अलावा ज्यादातर छात्रों ने बी कॉपियां भी लीं। कॉपियां भरपूर होने के बाद भी उन्हें लॉकर से निकालने और उसके वितरण आदि में भी देरी लगी। कई शिक्षक कॉपी की कमी बताकर दौड़ भाग से बचते रहे।

17 प्रधानाचार्यों को नोटिस जारी

शासन, प्रशासन और डीआईओएस के सख्त निर्देश के बावजूद जिले में 17 कॉलेजों के प्रधानाचार्यों ने स्कूल के 58 शिक्षकों को रिलीव नहीं किया। लिहाजा, केंद्रों पर शिक्षकों की कमी हो गई। सुबह परीक्षा शुरू होने के काफी देर तक जब शिक्षक नहीं पहुंचे तो केंद्र व्यवस्थापकों ने तत्काल कंट्रोल रूम को सूचना दी। ऐसे में कक्ष निरीक्षकोें की तैनाती के बाबत अतिरिक्त कक्ष निरीक्षकों को ड्यूटी लगाई गई, देरी से सूचना मिलने की वजह से वह भी केंद्र पर देर से पहुंचे। इस मामले में डीआईओएस डॉ. अमरकांत सिंह ने सभी प्रधानाचार्यों को नोटिस देकर जवाब तलब किया है। साथ ही संतोषजनक जवाब न मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी दी।

गांव में रही कनेक्टिविटी की समस्या

आखिरकार जैसी संभावना जताई जा रही थी ठीक वैसे ही परीक्षा के दिन कई ग्रामीण इलाकों में बने केेंद्रों पर कनेक्टिविटी फेल हो गई। बताते हैं कि कंट्रोल रूम से कॉल कर वहां पर कनेक्टिविटी संबंधी जानकारी मांगी गई। साथ ही पास के अन्य केंद्रों पर भी स्थिति आंकी गई। हर जगह नेटवर्क समस्या होने से परीक्षा को नकलविहीन बनाने की मंशा पर सेंध लगते देख अफसरों ने अन्य रूटर, नेटवर्क या अन्य खामियों को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए। साथ ही परीक्षा की शासन स्तर से रैंडमली मुआयना होेने के चलते पोल खुलने का डर भी अफसरों में रहा।

ऑक्सीजन सिलिंडर लेकर पहुंची छात्रा

तेज बुखार, नजला, खांसी-जुकाम, चोट आदि से पीड़ित होने के बाद तमाम छात्र-छात्राएं पढ़ाई और परीक्षा देने से किनारा कर लेते हैं। वहीं, फे फड़ों की बीमारी से ग्रसित मोहल्ला शाहबाद निवासी हाईस्कूल की छात्रा साफिया जावेद ऑक्सीजन सिलिंडर साथ लेकर परीक्षा देने पहुंची। साफिया के पिता सरवर जावेद ने बताया कि बेटी की तबियत काफी दिनों से खराब चल रही है। उन्होंने और अन्य परिजनों ने उसे परीक्षा देने से मना कर दिया था, लेकिन साल भर तक डटकर पढ़ाई करने वाली सोफिया अपनी मेहनत को बरबाद नहीं करना चाहती थी। उसकी जिद के आगे वह भी हार गए। डॉक्टरों से बात की तो वह भी हैरत में पड़ गए। पहले तो मना कर दिया ,लेकिन जब पेरेंट्स नहीं माने तो उन्होंने ऑक्सीजन सिलिंडर साथ ले जाने का सुझाव दिया। लिहाजा, मंगलवार को जीजीआईसी में बने केंद्र पर पेरेंट्स के साथ साफिया ऑक्सीजन सिलिंडर लेकर पहुंची। उसके ड्रिप आदि भी लगे हुए थे। छात्रा ने बताया कि परीक्षा अच्छे से गई और संस्कृत के सवाल भी उसने आसानी से हल कर लिए।

श्यामगंज में लगा भीषण जाम

सीवर लाइन डालने के लिए सड़क के एक भाग में हुई खुदाई के चलते सड़क संकरी हो गई है। ऐसे में आजाद इंटर कॉलेज, श्यामगंज में सुबह 11 बजे और शाम पांच बजे परीक्षा खत्म होने के बाद काफी तादाद में छात्र बाहर निकले तो वहां पर भीषण जाम लग गया। परीक्षार्थियों को लेने पहुंचे उनके परिजनों, दुकानदारों, खरीदारों, राहगीरों, ढेले, खोमचे वालों के वाहन भी सड़कों पर खड़े रहे। घंटे भर तक की कड़ी मशक्कत के बाद जाम कुछ हल्का हुआ। बता दें कि कई स्कूलों के पास पार्किंग नहीं है। इसलिए परीक्षा देने पहुंचे छात्र या उनके परिजनों के वाहन सड़कों पर जाम की वजह बन रहे हैं।

4159 ने छोड़ी परीक्षा

सुबह की पाली में 51054 परीक्षार्थी पंजीकृत थे, इसमें 46895 उपस्थित और 4159 अनुपस्थित (3016 बालक और 1143 बालिका) रहे।
व्यवस्था तार-तार: कॉपियां कंधे पर

उठाकर संकलन केंद्र लाई गईं

बरेली। परीक्षा तो सकुशल संपन्न हुई, लेकिन उत्तर पुस्तिकाओं को कड़ी सुरक्षा के बीच जीआईसी संकलन केंद्र तक पहुंचाने की व्यवस्था तार-तार हो गई। तमाम केंद्रों के कर्मचारी और शिक्षक उत्तर पुस्तिकाओं को बाइक, रिक्शा, ऑटो व अन्य साधनों के जरिए केंद्र तक पहुंचाते दिखाई दिए। इस दौरान पुलिसकर्मी नदारद रहे।
शासनादेश के तहत उत्तर पुस्तिकाओं को कड़ी सुरक्षा घेरे के बीच संकलन केंद्र तक पहुंचाया जाना चाहिए था। इस संबंध में पिछले दिनों केंद्र व्यवस्थापकों की बैठक में एसएसपी, एसपी सिटी, एसपी रूरल आदि ने परीक्षा के शुरू से आखिर तक व्यवस्था में अहम भूमिका निभाने का बढ़ चढ़कर दावा किया था, जिसकी हकीकत परीक्षा खत्म होने के बाद ही दिखाई दी। मामले पर डीआईओएस डॉ. अमरकांत सिंह ने उत्तर पुस्तिकाओं को बगैर सुरक्षा घेरे के संकलन केंद्र तक पहुंचाने पर नाराजगी जताई। साथ ही पुलिस की व्यवस्था पर सवालिया निशान लगाते हुए मामले को उच्चाधिकारियों से अवगत कराने को कहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस को ही यह व्यवस्था संभालनी थी। अगर, ऐसा नहीं है तो संबंधित केंद्रों पर लगे पुलिसकर्मियों के खिलाफ नियमानुसार पुलिस विभाग के उच्चाधिकारियों को कार्रवाई की जानी चाहिए। बताया कि भमौरा के संकलन केंद्र पर ऐसा ही मामला संज्ञान में आने के बाद तत्काल उन्होंने एसपी रूरल को सूचना दी। इसके बाद वहां व्यवस्था सुधरी। ब्यूरो

इस बात के निर्देश पहले से ही हैं कि उत्तर पुस्तिकाएं पुलिस की मौजूदगी में परीक्षा केंद्र से संकलन केंद्र तक पहुंचाई जाएंगी। मंगलवार को पहले दिन किसी केंद्र से इस तरह की शिकायत नहीं आई कि पुलिस ने सहयोग नहीं दिया हो। बुधवार को इस पर और नजर रखी जाएगी। स्टाफ का दोष मिला तो कार्रवाई की जाएगी।
- रवींद्र कुमार, एसपी सिटी
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बरेलीः बिलपुर स्टेशन के पास मालगाड़ी से टकराया नील गायों का झुंड

आधा घंटा रेल मार्ग रहा प्रभावित, कई एक्सप्रेस ट्रेनें रहीं लेट

कुछ दिन पहले जननायक एक्सप्रेस भी नील गायों को बचाने की वजह से पलटने से बच गई थी
बरेली/फतेहगंज पूर्वी। बिलपुर स्टेशन के पास तेज गति से जा रही मालगाड़ी से नील गायों को झुंड टकरा गया। दो गायों की इंजन से कटकर मौत हो गई। गायों के मांस के लोथड़े इंजन के वेक्यूम पाइप में फंस गए, जिससे पाइप फट गया। ड्राइवर ने दूसरा वेक्यूम पाइप लगाकर ट्रेन को आगे बढ़ाया। इस दौरान करीब आधा घंटे डाउन लाइन (मुरादाबाद से लखनऊ) पर रेल यातायात बाधित रहा। इस दौरान मालगाड़ी के पीछे आ रहीं करीब आधा दर्जन ट्रेनों को पीछे के स्टेशनों पर रोक दिया गया।
बरेली से शाहजहांपुर की ओर जा रही डाउन स्पेशल मालगाड़ी शाम करीब साढे़ चार बजे बिलपुर से तेज गति से गुजर रही थी। ट्रेन हुलास नगरा रेल क्रॉसिंग के करीब पहुंचने ही वाली थी कि अचानक तेजी से करीब 50 नील गायों का झुंड दौड़ता हुआ पटरी को पार करने लगा। ट्रेन के इंजन की चपेट में आने से दो नील गायों की मौके पर ही मौत हो गई। एक गाय के अवशेष के उछलने से इंजन का वेक्यूम पाइप फट गया, जिससे ट्रेन का इंजन झटके से बंद हो गया। मालगाड़ी तेज आवाज के साथ झटके से रुकने से बड़ा हादसा टल गया। चालक ने फटे वेक्यूम पाइप को निकालकर दूसरा पाइप को लगाया। पंद्रह मिनट तक चली मरम्मत के बाद ही ट्रेन को शाहजहांपुर की ओर बढ़ाया जा सका। करीब आधा घंटे तक डाउन लाइन का रेल यातायात बाधित रहा। मालगाड़ी के पीछे आ रही टीएसएच मालगाड़ी, अकालतख्त एक्सप्रेस, दुर्गियाना, काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस, श्रमजीवी एक्सप्रेस को टिसुआ, पितांबरपुर और जंक्शन पर रोका गया। गौरतलब है कि नील गायों का झुंड आने से जननायक एक्सप्रेस पलटने से बच गई थी।
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बरेली जंक्शन पर हेल्थ एटीएम लगने की तैयारी शुरू

32 तरह ही जांचें करा सकेंगे यात्री और रेल कर्मचारी

बरेली। बरेली जंक्शन पर हेल्थ एटीएम लगाने की तैयारी शुरू हो गई है। हेल्थ एटीएम महीने के अंत तक शुरू होने से यात्री डायबिटीज, ब्लड प्रेशर समेत करीब 32 तरह की जांचें करा सकेंगे। इसकी रिपोर्ट भी यात्री के मोबाइल और ई-मेल पर सीधे पहुंचा दी जाएगी। चेकअप के लिए यात्रियों से 50 और रेल कर्मियों से 20 रुपये वसूले जाएंगे।
रेलवे मुरादाबाद डिवीजन के 30 स्टेशनों पर हेल्थ एटीएम लगाएगा। बरेली जंक्शन के प्लेटफार्म एक पर स्टेशन मास्टर आफिस के पास हेल्थ एटीएम लगाने की तैयारी शुरू हो गई है। हेल्थ एटीएम का लाभ यात्रियों के अलावा रेल कर्मचारी भी ले सकेंगे। यहां 50 रुपये में 32 तरह की जांचें कराई जा सकेंगी। जांचों की रिपोर्ट के लिए घंटों इंतजार भी नहीं करना पड़ेगा। एटीएम बूथ पर भरे जाने वाले चेकअप फार्म में यात्री को मोबाइल नंबर के अलावा ई-मेल आईडी भी लिखानी होगी। जांच रिपोर्ट की डिटेल यात्री के मोबाइल और ई-मेल पर भेज दी जाएगी।
एटीएम का लाभ केवल रेल यात्रियों और रेल कर्मियों को ही दिया जाएगा। बाहरी व्यक्ति इसका लाभ नहीं उठा सकेंगे। ध्यान रहे, प्लेटफार्म टिकट लेने वाले को यह सुविधा नहीं मिलेगी, जबकि रेल कर्मचारी अपना आईकार्ड दिखाकर यह सुविधा पा सकेंगे। हेल्थ चेकअप में यात्रियों से 50 और रेल कर्मियों से 20 रुपये वसूले जाएंगे। मुरादाबाद डिवीजन के शाहजहांपुर, रोजा, देहरादून, हरिद्वार, मुरादाबाद समेत 32 स्टेशनों पर निजी कंपनी हेल्थ एटीएम लगाएगी। जंक्शन के स्टेशन अधीक्षक सत्यवीर सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य संबंधी किसी भी प्रकार की परेशानी में यह सुविधा काफी कारगर सिद्ध होगी।
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कंफर्म बर्थ चाहिए तो अभी से करा लें टिकट रिजर्व

बरेली। होली पर अगर आप कहीं बाहर जाने का प्लान बना रहे हैं तो अभी से रेल टिकट रिजर्व करा लें अन्यथा होली के दिन करीब आते-आते वेटिंग लिस्ट बढ़ जाएगी और आप कंफर्म बर्थ के साथ यात्रा नहीं कर पाएंगे। हालांकि होली स्पेशल ट्रेनें ऐसे में थोड़ी राहत दे सकती हैं। यात्रियों का कहना है कि बशर्ते होली स्पेशल ट्रेनें समय पर चलें।
होली पर भीड़भाड़ से बचने के लिए लोगों ने तीन महीने पहले ही रिजर्वेशन कराना शुरू कर दिया है। अभी होली को बीस दिन हैं, अभी से रिजर्वेशन कराया जाए तो कफर्म बर्थ मिलेगी। आठ और नौ मार्च को बरेली दिल्ली की ओर जाने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस में 86, आला हजरत एक्सप्रेस में 28, फैजाबाद एक्सप्रेस में 81, काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस में 81 और लखनऊ मेल में 17 आरएसी चल रही है, जबकि श्रमजीवी एक्सप्रेस में 89 बर्थ उपलब्ध हैं। इसके अलावा दिल्ली जाने वाली महामना, जैसलमेर, सत्याग्रह, शहीद एक्सप्रेस में भी वेटिंग कम ही है। दूसरी ओर लखनऊ की ओर जाने वाली हावड़ा काठगोदाम बाघ एक्सप्रेस में 101, पंजाब मेल में 71, किसान एक्सप्रेस में 70, फैजाबाद एक्सप्रेस में 209 और लखनऊ मेल में 65 वेटिंग चल रही है। हालांकि एक मार्च से सियालदह एक्सप्रेस, जनता एक्सप्रेस, हरिहरनाथ एक्सप्रेस, बरेली वाराणसी एक्सप्रेस समेत एक दर्जन से अधिक ट्रेनों का संचालन भी शुरू हो जाएगा, जिससे यात्रियों को राहत मिलेगी। दूसरी ओर होली पर रेलवे ने स्पेशल ट्रेनों का संचालन भी शुरू किया है, लेकिन इनका किराया ज्यादा होने और समय का पता न होने के कारण खाली ही जाती हैं। यात्रियों का कहना है कि अगर होली स्पेशन ट्रेनें समय से चलाई जाएं तभी फायदा संभव है।
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